एबीएन बिजनेस डेस्क। स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपनी ऑल-न्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी की घोषणा की है। नये युग की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने यूजर के जुड़ाव, उपभोक्ताओं को कंपनी की योजनाओं में शामिल करने और डिजिटाइज़ेशन की ओर बढ़ते हुए कई डिजिटल गतिविधियों की शुरुआत की है। इससे बिक्री में काफी उछाल आया है और कंपनी अपने ग्राहकों या प्रशंसकों के ज्यादा नजदीक पहुंची।
स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रैंड डायरेक्टर पेट्र जेनेबा ने कहा कि लगातार बदलते डिजिटल फलक, प्लेटफॉर्म और मीडियम को देखते हुए उपभोक्ताओं के अनुभव और उनके सफर को यादगार बनाने के लिए नये तरीकों को अमल में लाना बहुत जरूरी हो गया है। हमारी डिजिटल रणनीति यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन की गयी है कि हमारे प्रोडक्ट्स और सर्विसेस उपभोक्ताओं और फैंस तक उनके पसंदीदा रूप में पहुंचे।
अभी तक कंपनी को नेम योर स्कोडा कैंपेन के तहत अपनी जल्द ही लॉन्च होने वाली ऑल-न्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी के लिए 1,50,000 एंट्रीज या नामों के सुझाव मिले हैं। हाल ही मे कंपनी का 24 घंटे का डिजिटल कैंपेन समाप्त हुआ, जिसमें कंपनी ने भारत में अपने कार्यकाल के 24 वर्ष पूरा करने का जश्न मनाते हुए एक दिन या 24 घंटे में 709 स्कोडा कारों की बुकिंग की।
हमने स्कोडा गियर हेड्स कम्युनिटी के माध्यम से स्कोडावर्स इंडिया एनएफटी को और विस्तार दिया है। इसके साथ हम बड़े और विविधता से भरपूर मार्केट में ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए निरंतर नयी पहल कर रहे हैं और नयी रणनीति को अपना रहे हैं।
इस कैंपेन से यूजर्स, उपभोक्ताओं और स्कोडा के फैंस कंपनी से अपना जुड़ाव और कंपनी की नयी पहल में शामिल होने में कामयाब हुए हैं। इस कैंपेन के तहत उपभोक्ताओं को स्कोडा ऑटो इंडिया की नयी कॉम्पैक्ट एसयूवी के लिए नये नाम का सुझाव दिया। कंपनी की नयी कॉम्पैक्ट एसयूवी 2025 में भारत की सड़कों पर दौड़ेगी।
इस कैंपेन के नतीजे के तौर पर कंपनी को अभी तक अपनी नयी कॉम्पैक्ट एसयूवी के लिए 1,50,000 से ज्यादा नाम मिले हैं, जिसमें से 21 हजार बिल्कुल नये और अनोखे नाम है। ये एंट्रीज स्कोडा के अपनी सभी एसयूवी के नाम "के" से शुरू करने और बीच में एक या दो अक्षरों के साथ "क्यू" पर खत्म करने की परंपरा की कसौटी पर खरी उतरी हैं।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने देश में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने का जश्न भी मनाया। कंपनी की शुरुआत भारत में दिसंबर 1999 में हुई है। इस महत्वपूर्ण अवसर का उत्सव मनाने के लिए कंपनी ने 24 मार्च 2024 को 24 घंटे के लिए ऑफर्स की एक सीरीज लॉन्च की। यह ऑफर विशेष रूप से डिजिटल प्लटफॉर्म पर दिये गये। इस पहल के तहत 24 घंटे की अवधि में 709 कारों की बुकिंग की गयी।
कंपनी के स्कोडा को सभी तक पहुंचाने के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए इस नई पहल न ग्राहकों को अपने पसंदीदा स्कोडा ब्रैंड से जुड़ने का एक और अवसर दिया है। कंपनी ने वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से 5 स्टार रेटिंग वाली कारों के बेड़े को सभी तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है।
यह देश भर में अपनी तरह का अनोखा सदस्यता कार्यक्रम है। इसका लक्ष्य नयी-नयी कारों के शौकीन लोगों का समुदाय विकसित करना है। इस मेंबरशिप प्रोग्राम से प्रीमियम मर्चेंडाइज की ओर से एक वेलकम किट के अलावा सदस्यों को स्कोडा के इसी इवेंट्स में वीआईपी की तरह ट्रीट किया जाता है। उपभोक्ताओं को कारों और सर्विस प्रोडक्ट्स की खरीद पर विशेष लाभ होते हैं। उन्हें नयी कारों की लॉन्चिंग और उनके नयी फीचर्स पर अंदरूनी अपडेट्स मिलते रहते हैं।
इसके साथ ही उपभोक्ताओं को इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स और अपनी तरह कारों के शौकीन दूसरे व्यक्तियों से ऑनलाइन और व्यक्तिगत रूप से विशेष रूप से मिलने का मौका मिलता है। सभी सदस्य पॉलीगॉन की ब्लॉकचेन पर बनाये जाते हैं और स्कोडावर्स इंडिया प्लेटफॉर्म पर शानदार एनएफटी (नॉन फंजिबल टोकन) के तौर पर इसे एक्सेस किया जा सकता है।
कंपनी की ओर से पूरी तरह से डिजिटल पहल के इस संग्रह की बदौलत 2022 सबसे बड़ा साल रहा। कंपनी ने 2022 और 2023 के बीच 1 लाख से ज्यादा कारों की बिक्री की। इस नयी पहल ने दुनिया भर में सबसे पहले भारत में 2025 में पहले छमाही में लॉन्च होने वाली स्कोडा की ऑल-न्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी के लिए नयी उत्सुकता पैदा कर दी। इस नई एसयूवी का निर्माण कुशाक एसयूवी और स्लाविया सेडान की तरह MQB-A0-IN प्लेटफॉर्म पर किया गया है। MQB-A0-IN को भारत और चेक रिपब्लिक की टीमों ने भारत के लिए विकसित किया है।
इसमें तरह-तरह के फीचर्स, सुरक्षा, गतिशीलता के साथ स्थानीयकरण, कम रखरखाव की लागत और परेशानी से मुक्त स्वामित्व के अनुभव के लिए विकसित किया गया है। कुशाक एसयूवी भारत और दुनिया में जुलाई 2021 में लॉन्च की गयी और स्लाविया सेडान मार्च 22 में लॉन्च की गयी।
स्कोडा ऑटो इंडिया के डिजिटाइज़ेशन की शुरुआत कुछ सालों पहले हुई। कंपनी ने भारत में सबसे पहले डिजिटाइज़ेशन की कवायद के तहत अपने सभी शोरूम को पूरी तरह डिजिटाइज किया। इंटरएक्टिव टेबल बनाये गये। बेहतरीन अनुभव प्रदान किये गये और भारत में इंडस्ट्री का पहला डिजिटल कार इंफॉर्मेशन स्टैंड बनाया गया। इन डिजिटल जुड़ाव से उपभोक्ताओं का कारों को चुनने और खरीदने का अनुभव और बेहतर हो गया।
2023 में स्कोडा ऑटो इंडिया ने फोन ऐप बेस्ड सिस्टम सर्विस कैम की शुरुआत की। इससे उपभोक्ता अपनी सर्विस के लिए गयी कारों की निगरानी कर सकते हैं। उसमें किये जाने वाले काम को रिजेक्ट कर सकते हैं और अप्रूव कर सकते हैं। इस डिजिटल ऐप को लॉन्च करने का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं के लिए स्वामित्व के अनुभव को और बेहतरीन बनाना है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। देश में सोना पहली बार 70 हजारी हो गया। इंदौर सर्राफा बाजार में शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 70,000 रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को वायदा सोना एमसीएक्स पर 67,870 के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था। इंदौर के साथ जयपुर, दिल्ली-मुंबई, चैन्नई जैसे शहरों में भी हाजिर सोना 70,000 रुपए की दहलीज पर है।
शादियों के सीजन में सोने की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने गोल्ड ज्वैलरी खरीदने वालों के साथ ज्वैलर्स की भी परेशानी बढ़ा दी है। ज्वैलर्स को बिक्री घटने की आशंका सता रही है। सोने की मांग आम तौर पर मार्च में मजबूत रहती है, क्योंकि ज्वैलर्स शादी के मौसम के लिए स्टॉक कर लेते हैं। लेकिन अभी सोने की ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक पुराने आभूषणों को बदलकर नए गहने ले रहे है। इस ट्रेंड के कारण ज्वैलर्स ने बैंकों से सोना खरीदना कम कर दिया है। गोल्ड लोन की मांग भी बढ़ी है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय परिवारों ने 5300 टन सोना गिरवी रखकर बैंकों से लोन लिया है। देश में गोल्ड लोन का बाजार 15 लाख करोड़ रुपए का है।
अमरीकी फेडरल रिजर्व ने 2024 में तीन बार रेट कटौती के संकेत दिए, जिससे डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है, इससे गोल्ड की कीमतें बढ़ रही हैं। चीन सहित दुनियाभर के सेंट्रल बैंक जमकर सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे कीमतों को बूस्ट मिला है। चीन में फिजिकल गोल्ड की डिमांड खूब बढ़ी, भारत में भी शादियों के कारण मांग मजबूत है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। अमूल दूध पीता है इंडिया… नहीं-नहीं अब ये गाना सिर्फ इंडिया वाले ही नहीं, बल्कि अमेरिका वाले भी गुनगुनाखायेंगे, क्योंकि अब अमूल ब्रांड का दूध अमेरिका भी मजे से पीयेगा।
इसी के साथ अमूल ब्रांड की मालिक गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने एक नया इतिहास भी रच दिया है। अमेरिका में किसी भारतीय डेयरी ब्रांड की ये पहली एंट्री है। भारत में रोजाना लाखों लीटर ताजे दूध (फ्रेश मिल्क) की सप्लाई करने वाला अमूल ब्रांड अब अमेरिका में भी अपना जलवा दिखायेगा। अमूल ब्रांड यहां फ्रेश मिल्क सेगमेंट में काम करेगा।
अमेरिका में अमूल ब्रांड का दूध बेचने के लिए गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) ने अमेरिका की 108 साल पुरानी डेयरी मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन से डील की है। इस बारे में जीसीएमएमएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने को-ऑपरेटिव की एनुअल मीटिंग में ऐलान किया। ये पहली बार है जब अमूल ब्रांड की फ्रेश मिल्क रेंज को भारत से बाहर अमेरिका जैसे मार्केट में लॉन्च किया जा रहा है। अमेरिका में भारतीय मूल के समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है।
अमूल मिल्क को अमेरिका में एक गैलन (3.8 लीटर) और आधा गैलन (1.9 लीटर) की पैकेजिंग में बेचेगा। अमेरिका में 6% फैट वाला अमूल गोल्ड ब्रांड, 4.5% फैट वाला अमूल शक्ति ब्रांड, 3% फैट वाला अमूल ताजा और 2% फैट अमूल स्लिम ब्रांड ही सेल किया जायेगा। इन ब्रांड्स को अभी ईस्ट कोस्ट और मिड-वेस्ट मार्केट में बेचा जायेगा।
अमूल भारत में भी घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम है। ये भारत के सुपर ब्रांड्स में से एक है। इतना ही नहीं भारत में श्वेत क्रांति लाने में अमूल का बड़ा योगदान है। इसकी सफलता ने ही भारत में डेयरी को-ऑपरेटिव को बड़े पैमाने पर फैलाया और इसी के चलते नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की भी नींव पड़ी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरे देश में होली को लेकर उत्साह का माहौल बन गया है। इसके लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस से लेकर मॉल और बाजार सजे हुए हैं। पूरे देश में मनाए जाने वाले इस त्योहार से व्यापार को भी काफी फायदा होने वाला है।
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष होली के त्योहारी सीजन में देश भर के व्यापार में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है जिसके कारण देश भर में 50 हजार करोड़ से ज्यादा के व्यापार का अनुमान है। अकेले दिल्ली में ही यह 5 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है।
पिछले वर्षों की तरह चीनी सामान का न केवल कारोबारियों ने बल्कि आम लोगों ने भी पूर्ण बहिष्कार किया। होली से जुड़े सामान का देश में आयात लगभग 10 हजार करोड़ का होता है जो इस बार बिल्कुल नगण्य रहा है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि इस बार होली की त्यौहारी बिक्री में चीन का बने हुए सामान का व्यापारियों एवं ग्राहकों ने बहिष्कार किया है।
इस बार केवल भारत में ही निर्मित हर्बल रंग एवं गुलाल, पिचकारी, ग़ुब्बारे, चंदन, पूजा सामग्री, परिधान सहित अन्य सामानों की जमकर बिक्री हो रही है वहीं मिठाइयां, ड्राई फ्रूट, गिफ्ट आइटम्स, फूल एवं फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी प्रोडक्ट, कंज्यूमर ड्युरेबल्स सहित अन्य अनेकों उत्पादों की भी जबरदस्त मांग बाजारों में दिखाई दे रही है।
खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष दिल्ली सहित देश भर में भर में बड़े पैमाने पर होली समारोहों का आयोजन हो रहा है जिसके चलते बैंक्वेट हाल, फार्म हाउस, होटलों, रेस्टोरेंट एवं सार्वजनिक पार्कों में होली समारोहों आयोजनों का तांता लगा हुआ है और इस सेक्टर ने दो वर्ष के बाद अच्छा व्यापार के दिन देखे हैं।
पिचकारी से लेकर इनकी डिमांड
खंडेलवाल ने बताया कि इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आये हैं। प्रेशर वाली पिचकारी 100 रुपये से 350 रुपये तक की उपलब्ध है। टैंक के रूप में पिचकारी 100 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में उपलब्ध है। इसके अलावा फैंसी पाइप की भी बाजार में धूम मची है। बच्चे स्पाइडर मैन, छोटा भीम आदि को बच्चे खूब पसंद कर रहे है वहीं गुलाल के स्प्रे की मांग बेहद हो रही है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। इनकम टैक्स के आफिस में शनिवार और रविवार को छुट्टी होती है लेकिन इस महीने के आखिर में इनकम टैक्स दफ्तरों में कोई छुट्टी नहीं रहेगी। दरअसल, इनकम टैक्स विभाग के पास बहुत सारी लंबित शिकायतें और काम पड़े हैं, जिनको करने के लिए देशभर के सभी आयकर कार्यालय 29, 30 और 31 मार्च, 2024 को खुले रहेंगे।
यह निर्देश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119 के तहत प्रदत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्रशासनिक सुविधा के लिए जारी किया गया है।
मार्च के आखिरी हफ्ते में लंबा वीकेंड है। सरकारी दफ्तर और बैंक बंद रहेंगे लेकिन आपको बता दें कि इनकम टैक्स आॅफिस और आयकर सेवा केंद्र छुट्टी के बावजूद खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए ताकि लोग बिना किसी देरी के आराम से अपना आयकर रिटर्न भर सकें।
इस बार 29 मार्च 2024 को गुड फ्राइडे है। 30 मार्च को शनिवार और 31 मार्च को रविवार है। वहीं दूसरी तरफ 31 मार्च 2024 को चालू वित्त वर्ष 2023-24 का आखिरी दिन है, इस वजह से आयकर विभाग ने लॉन्ग वीकेंड को कैंसिल करने का फैसला लिया है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। देश में इस साल सरसों का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है। इसकी वजह इस साल सरसों की बोआई ज्यादा होने का अनुमान है। इसके साथ ही इस साल मौसम भी सरसों की फसल के अनुकूल रहा है। इससे भी सरसों का उत्पादन बढ़ने को बल मिला है।
तिलहन उद्योग के कारोबारी संगठन सेंट्रल आगेर्नाइजेशन फॉर आॅयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआइटी) के चेयरमैन सुरेश नागपाल ने बताया कि सीओओआइटी ने इस साल 123 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया है, जो अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है। साथ ही यह पिछले साल के 113 लाख टन सरसों उत्पादन से करीब 9 फीसदी ज्यादा है।
राजस्थान में सबसे ज्यादा 53 लाख टन उत्पादन हो सकता है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 18 लाख टन, मध्य प्रदेश में 16 लाख टन, पश्चिम बंगाल में 6 लाख टन, गुजरात में 5 लाख टन और पूर्वी भारत व अन्य में 13 लाख टन सरसों का उत्पादन होने का अनुमान है।
नागपाल कहते हैं कि इस साल सरसों की बोआई ज्यादा हुई है। हालांकि बोआई इतनी ज्यादा नहीं हुई जितना ज्यादा उत्पादन बढ़ने का अनुमान है। उत्पादन ज्यादा बढ़ने की असल वजह इस साल मौसम इस फसल के अनुकूल रहना है।
इस साल ढाई महीने अच्छी सर्दी पड़ी। जिससे फसल पकने में मदद मिली। इस साल इस फसल पर मौसम की मार भी नहीं पड़ी। आईग्रेन इंडिया में कमोडिटी विश्लेषक राहुल चौहान ने बताया कि इस साल उत्तर प्रदेश में रकबा बढ़ने और अनुकूल मौसम के कारण सरसों का उत्पादन ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। इस राज्य में मध्य प्रदेश से भी ज्यादा उत्पादन हो सकता है।
इस साल उत्तर प्रदेश में पिछले साल के 14 लाख टन की तुलना में 18 लाख टन, जबकि मध्य प्रदेश में पिछले साल के 16 लाख टन के बराबर ही उत्पादन होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बेमौसम बारिश से थोड़ा नुकसान होने की भी खबर है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गयी। बुधवार के कारोबारी सेशन के दौरान बीएसई सेंसेक्स बुधवार 1,100 अंक टूटकर 73,000 के स्तर से नीचे आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 22,000 से नीचे आ गया।
हालांकि उसके बाद बाजार में थोड़ी खरीदारी दिखी। आखिरकार, बुधवार को सेंसेक्स 906.07 (1.22%) अंकों की गिरावट के साथ 72,761.89 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 338.00 (1.51%) अंक फिसलकर 21,997.70 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के स्मॉलकैप इंडेक्स का हाल सबसे खराब रहा। दिसंबर 2022 के बाद से स्मॉलकैप शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 5% तक फिसल गया। मिडकैप शेयरों में 3% की कटौती दर्ज की गयी।
माइक्रोकैप और एसएमई स्टॉक इंडेक्स लगभग 5% तक फिसले। बुधवार के कारोबारी सेशन के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध सभी शेयरों का बाजार पूंजीकरण 12 लाख करोड़ रुपये घटकर 374 लाख करोड़ रुपये रह गया।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारत में टू-व्हीलर खरीदने वालों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान लाने के लिए बजाज आटो जल्द ही अपनी पहली सीएनजी मोटरसाइकल लॉन्च करने की तैयारियों में लगी है। खबर आती रहती हैं कि इस साल बजाज सीएनजी बाइक को लॉन्च किया जा सकता है, क्योंकि समय-समय पर इसकी टेस्टिंग की तस्वीरें दिख जाती हैं।
ऐसे में आपके मन में चल रहा होगा कि बजाज की सीएनजी बाइक में सिलिंडर का सेटअप कैसे किया जायेगा और पेट्रोल से सीएनजी में स्विच किस तरह किया जायेगा? साथ ही इसकी कीमत कितनी हो सकती है? आज हम आपको इन सारे सवालों के जवाब बताने वाले हैं।
सबसे पहले तो ये बता दें कि सीएनजी बाइक में भी कार की तरह की सीएनजी सिलिंडर लगे होंगे और ये साइज में कॉम्पैक्ट होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बजाज की आगामी सीएनजी बाइक में सीट के बीचे सिलिंडर सेटअप दिखेगा और इसके साइज में सीएनजी वाल्व दिया जा सकता है, जिससे कि इसे समय-समय पर रीफ्यूल कराया जा सकेगा।
इसमें पेट्रोल स्टोर करने के लिए फ्यूल टैंक भी होगा, जिसका इस्तेमाल इमरजेंसी में हो सकेगा। यानी कार में जिस तरह से पेट्रोल और सीएनजी का सेटअप होता है, उसी तरह बाइक में भी सेटअप लगा होगा और इसे स्विचगियर के पास लगे ब्लू स्विच से पेट्रोल और सीएनजी मोड में स्विच किया जा सकेगा।
अब आपको बजाज की आगामी सीएनजी बाइक के संभावित लुक और फीचर्स के बारे में बतायें तो इसमें नकल गार्ड से लैस हैंडलबार दिखेगा। साथ ही हिल एंड टो गियर शिफ्टर, फ्रंट में लेग गार्ड और रियर में साड़ी गार्ड, अपस्वेप्ट एग्जॉस्ट, बड़ा सा टायर हगर और मिड सेट फूटपेग्स दिखेंगे।
इस सीएनजी बाइक में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, फ्रंट में टेलिस्कोपिक सस्पेंशन और रियर में मोनोशॉक अब्जॉर्बर देखने को मिलेंगे। बाद बाकी इसके फ्रंट में डिस्क और रियर में ड्रम ब्रेकिंग सेटअप दिखेंगे। बता दें कि बजाज आटो अपनी पहली सीएनजी कार को 100 या 110 सीसी सेगमेंट में उतार सकती है, जो कि रेगुलर पेट्रोल मॉडल के मुकाबले पावर में कमतर होगा।
माना जा रहा है कि बजाज की सीएनजी मोटरसाइकल को एक लाख रुपये तक की कीमत में लॉन्च किया जा सकता है, ताकि यह अपने टारगेट कस्टमर की जरूरतों को पूरी कर सके। हालांकि, आने वाले समय में ही कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद इस सीएनजी बाइक के बारे में पुख्ता जानकारी मिल पायेगी।
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