एबीएन बिजनेस डेस्क। अमूल दूध पीता है इंडिया… नहीं-नहीं अब ये गाना सिर्फ इंडिया वाले ही नहीं, बल्कि अमेरिका वाले भी गुनगुनाखायेंगे, क्योंकि अब अमूल ब्रांड का दूध अमेरिका भी मजे से पीयेगा।
इसी के साथ अमूल ब्रांड की मालिक गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने एक नया इतिहास भी रच दिया है। अमेरिका में किसी भारतीय डेयरी ब्रांड की ये पहली एंट्री है। भारत में रोजाना लाखों लीटर ताजे दूध (फ्रेश मिल्क) की सप्लाई करने वाला अमूल ब्रांड अब अमेरिका में भी अपना जलवा दिखायेगा। अमूल ब्रांड यहां फ्रेश मिल्क सेगमेंट में काम करेगा।
अमेरिका में अमूल ब्रांड का दूध बेचने के लिए गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) ने अमेरिका की 108 साल पुरानी डेयरी मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन से डील की है। इस बारे में जीसीएमएमएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने को-ऑपरेटिव की एनुअल मीटिंग में ऐलान किया। ये पहली बार है जब अमूल ब्रांड की फ्रेश मिल्क रेंज को भारत से बाहर अमेरिका जैसे मार्केट में लॉन्च किया जा रहा है। अमेरिका में भारतीय मूल के समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है।
अमूल मिल्क को अमेरिका में एक गैलन (3.8 लीटर) और आधा गैलन (1.9 लीटर) की पैकेजिंग में बेचेगा। अमेरिका में 6% फैट वाला अमूल गोल्ड ब्रांड, 4.5% फैट वाला अमूल शक्ति ब्रांड, 3% फैट वाला अमूल ताजा और 2% फैट अमूल स्लिम ब्रांड ही सेल किया जायेगा। इन ब्रांड्स को अभी ईस्ट कोस्ट और मिड-वेस्ट मार्केट में बेचा जायेगा।
अमूल भारत में भी घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम है। ये भारत के सुपर ब्रांड्स में से एक है। इतना ही नहीं भारत में श्वेत क्रांति लाने में अमूल का बड़ा योगदान है। इसकी सफलता ने ही भारत में डेयरी को-ऑपरेटिव को बड़े पैमाने पर फैलाया और इसी के चलते नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की भी नींव पड़ी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरे देश में होली को लेकर उत्साह का माहौल बन गया है। इसके लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस से लेकर मॉल और बाजार सजे हुए हैं। पूरे देश में मनाए जाने वाले इस त्योहार से व्यापार को भी काफी फायदा होने वाला है।
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष होली के त्योहारी सीजन में देश भर के व्यापार में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है जिसके कारण देश भर में 50 हजार करोड़ से ज्यादा के व्यापार का अनुमान है। अकेले दिल्ली में ही यह 5 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है।
पिछले वर्षों की तरह चीनी सामान का न केवल कारोबारियों ने बल्कि आम लोगों ने भी पूर्ण बहिष्कार किया। होली से जुड़े सामान का देश में आयात लगभग 10 हजार करोड़ का होता है जो इस बार बिल्कुल नगण्य रहा है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि इस बार होली की त्यौहारी बिक्री में चीन का बने हुए सामान का व्यापारियों एवं ग्राहकों ने बहिष्कार किया है।
इस बार केवल भारत में ही निर्मित हर्बल रंग एवं गुलाल, पिचकारी, ग़ुब्बारे, चंदन, पूजा सामग्री, परिधान सहित अन्य सामानों की जमकर बिक्री हो रही है वहीं मिठाइयां, ड्राई फ्रूट, गिफ्ट आइटम्स, फूल एवं फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी प्रोडक्ट, कंज्यूमर ड्युरेबल्स सहित अन्य अनेकों उत्पादों की भी जबरदस्त मांग बाजारों में दिखाई दे रही है।
खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष दिल्ली सहित देश भर में भर में बड़े पैमाने पर होली समारोहों का आयोजन हो रहा है जिसके चलते बैंक्वेट हाल, फार्म हाउस, होटलों, रेस्टोरेंट एवं सार्वजनिक पार्कों में होली समारोहों आयोजनों का तांता लगा हुआ है और इस सेक्टर ने दो वर्ष के बाद अच्छा व्यापार के दिन देखे हैं।
पिचकारी से लेकर इनकी डिमांड
खंडेलवाल ने बताया कि इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आये हैं। प्रेशर वाली पिचकारी 100 रुपये से 350 रुपये तक की उपलब्ध है। टैंक के रूप में पिचकारी 100 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में उपलब्ध है। इसके अलावा फैंसी पाइप की भी बाजार में धूम मची है। बच्चे स्पाइडर मैन, छोटा भीम आदि को बच्चे खूब पसंद कर रहे है वहीं गुलाल के स्प्रे की मांग बेहद हो रही है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। इनकम टैक्स के आफिस में शनिवार और रविवार को छुट्टी होती है लेकिन इस महीने के आखिर में इनकम टैक्स दफ्तरों में कोई छुट्टी नहीं रहेगी। दरअसल, इनकम टैक्स विभाग के पास बहुत सारी लंबित शिकायतें और काम पड़े हैं, जिनको करने के लिए देशभर के सभी आयकर कार्यालय 29, 30 और 31 मार्च, 2024 को खुले रहेंगे।
यह निर्देश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119 के तहत प्रदत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्रशासनिक सुविधा के लिए जारी किया गया है।
मार्च के आखिरी हफ्ते में लंबा वीकेंड है। सरकारी दफ्तर और बैंक बंद रहेंगे लेकिन आपको बता दें कि इनकम टैक्स आॅफिस और आयकर सेवा केंद्र छुट्टी के बावजूद खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए ताकि लोग बिना किसी देरी के आराम से अपना आयकर रिटर्न भर सकें।
इस बार 29 मार्च 2024 को गुड फ्राइडे है। 30 मार्च को शनिवार और 31 मार्च को रविवार है। वहीं दूसरी तरफ 31 मार्च 2024 को चालू वित्त वर्ष 2023-24 का आखिरी दिन है, इस वजह से आयकर विभाग ने लॉन्ग वीकेंड को कैंसिल करने का फैसला लिया है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। देश में इस साल सरसों का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है। इसकी वजह इस साल सरसों की बोआई ज्यादा होने का अनुमान है। इसके साथ ही इस साल मौसम भी सरसों की फसल के अनुकूल रहा है। इससे भी सरसों का उत्पादन बढ़ने को बल मिला है।
तिलहन उद्योग के कारोबारी संगठन सेंट्रल आगेर्नाइजेशन फॉर आॅयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआइटी) के चेयरमैन सुरेश नागपाल ने बताया कि सीओओआइटी ने इस साल 123 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया है, जो अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है। साथ ही यह पिछले साल के 113 लाख टन सरसों उत्पादन से करीब 9 फीसदी ज्यादा है।
राजस्थान में सबसे ज्यादा 53 लाख टन उत्पादन हो सकता है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 18 लाख टन, मध्य प्रदेश में 16 लाख टन, पश्चिम बंगाल में 6 लाख टन, गुजरात में 5 लाख टन और पूर्वी भारत व अन्य में 13 लाख टन सरसों का उत्पादन होने का अनुमान है।
नागपाल कहते हैं कि इस साल सरसों की बोआई ज्यादा हुई है। हालांकि बोआई इतनी ज्यादा नहीं हुई जितना ज्यादा उत्पादन बढ़ने का अनुमान है। उत्पादन ज्यादा बढ़ने की असल वजह इस साल मौसम इस फसल के अनुकूल रहना है।
इस साल ढाई महीने अच्छी सर्दी पड़ी। जिससे फसल पकने में मदद मिली। इस साल इस फसल पर मौसम की मार भी नहीं पड़ी। आईग्रेन इंडिया में कमोडिटी विश्लेषक राहुल चौहान ने बताया कि इस साल उत्तर प्रदेश में रकबा बढ़ने और अनुकूल मौसम के कारण सरसों का उत्पादन ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। इस राज्य में मध्य प्रदेश से भी ज्यादा उत्पादन हो सकता है।
इस साल उत्तर प्रदेश में पिछले साल के 14 लाख टन की तुलना में 18 लाख टन, जबकि मध्य प्रदेश में पिछले साल के 16 लाख टन के बराबर ही उत्पादन होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बेमौसम बारिश से थोड़ा नुकसान होने की भी खबर है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गयी। बुधवार के कारोबारी सेशन के दौरान बीएसई सेंसेक्स बुधवार 1,100 अंक टूटकर 73,000 के स्तर से नीचे आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 22,000 से नीचे आ गया।
हालांकि उसके बाद बाजार में थोड़ी खरीदारी दिखी। आखिरकार, बुधवार को सेंसेक्स 906.07 (1.22%) अंकों की गिरावट के साथ 72,761.89 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 338.00 (1.51%) अंक फिसलकर 21,997.70 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के स्मॉलकैप इंडेक्स का हाल सबसे खराब रहा। दिसंबर 2022 के बाद से स्मॉलकैप शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 5% तक फिसल गया। मिडकैप शेयरों में 3% की कटौती दर्ज की गयी।
माइक्रोकैप और एसएमई स्टॉक इंडेक्स लगभग 5% तक फिसले। बुधवार के कारोबारी सेशन के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध सभी शेयरों का बाजार पूंजीकरण 12 लाख करोड़ रुपये घटकर 374 लाख करोड़ रुपये रह गया।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारत में टू-व्हीलर खरीदने वालों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान लाने के लिए बजाज आटो जल्द ही अपनी पहली सीएनजी मोटरसाइकल लॉन्च करने की तैयारियों में लगी है। खबर आती रहती हैं कि इस साल बजाज सीएनजी बाइक को लॉन्च किया जा सकता है, क्योंकि समय-समय पर इसकी टेस्टिंग की तस्वीरें दिख जाती हैं।
ऐसे में आपके मन में चल रहा होगा कि बजाज की सीएनजी बाइक में सिलिंडर का सेटअप कैसे किया जायेगा और पेट्रोल से सीएनजी में स्विच किस तरह किया जायेगा? साथ ही इसकी कीमत कितनी हो सकती है? आज हम आपको इन सारे सवालों के जवाब बताने वाले हैं।
सबसे पहले तो ये बता दें कि सीएनजी बाइक में भी कार की तरह की सीएनजी सिलिंडर लगे होंगे और ये साइज में कॉम्पैक्ट होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बजाज की आगामी सीएनजी बाइक में सीट के बीचे सिलिंडर सेटअप दिखेगा और इसके साइज में सीएनजी वाल्व दिया जा सकता है, जिससे कि इसे समय-समय पर रीफ्यूल कराया जा सकेगा।
इसमें पेट्रोल स्टोर करने के लिए फ्यूल टैंक भी होगा, जिसका इस्तेमाल इमरजेंसी में हो सकेगा। यानी कार में जिस तरह से पेट्रोल और सीएनजी का सेटअप होता है, उसी तरह बाइक में भी सेटअप लगा होगा और इसे स्विचगियर के पास लगे ब्लू स्विच से पेट्रोल और सीएनजी मोड में स्विच किया जा सकेगा।
अब आपको बजाज की आगामी सीएनजी बाइक के संभावित लुक और फीचर्स के बारे में बतायें तो इसमें नकल गार्ड से लैस हैंडलबार दिखेगा। साथ ही हिल एंड टो गियर शिफ्टर, फ्रंट में लेग गार्ड और रियर में साड़ी गार्ड, अपस्वेप्ट एग्जॉस्ट, बड़ा सा टायर हगर और मिड सेट फूटपेग्स दिखेंगे।
इस सीएनजी बाइक में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, फ्रंट में टेलिस्कोपिक सस्पेंशन और रियर में मोनोशॉक अब्जॉर्बर देखने को मिलेंगे। बाद बाकी इसके फ्रंट में डिस्क और रियर में ड्रम ब्रेकिंग सेटअप दिखेंगे। बता दें कि बजाज आटो अपनी पहली सीएनजी कार को 100 या 110 सीसी सेगमेंट में उतार सकती है, जो कि रेगुलर पेट्रोल मॉडल के मुकाबले पावर में कमतर होगा।
माना जा रहा है कि बजाज की सीएनजी मोटरसाइकल को एक लाख रुपये तक की कीमत में लॉन्च किया जा सकता है, ताकि यह अपने टारगेट कस्टमर की जरूरतों को पूरी कर सके। हालांकि, आने वाले समय में ही कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद इस सीएनजी बाइक के बारे में पुख्ता जानकारी मिल पायेगी।
एबीएन बिजनेस डेस्क। मार्केट रेगुलेटर सेबी की चेयरमैन माधवी पुरी बुच ने आज यानी 11 मार्च को टी+0 सेटलमेंट सेटलमेंट को लेकर बड़ा ऐलान किया है। एक कार्क्रम में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 28 मार्च से ट्रेड साइकल सेटलमेंट आॅप्शनल तौर पर शुरू हो जायेगा। सेटलमेंट का मतलब सौदे का उसी दिन निपटारा यानी ट्रेड के दिन ही सेटलमेंट होता है।
गौरतलब है कि अभी भारत में सेटलमेंट लागू है। इसके तहत जब आप शेयर बाजार में कोई चीज खरीदते या बेचते हैं, तो सब कुछ कंपलीट होने में एक दिन का समय लगता है। यानी अगर आपने आज शेयर खरीदा या बेचा है तो उसका सेटलमेंट कल तक होगा। लेकिन जब सेटलमेंट लागू हो जायेगा तो सारा सेटलमेंट उसी ही दिन पूरा हो जायेगा।
माधवी पुरी बुच आज एम्फी के कार्क्रम में महिला फंड मैनेजरों को सम्मानित करने के लिए गईं थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि तत्काल निपटान ट्रेड साइकल भी 2025 तक पूरा हो जाएगा। इसके पूरा हो जाने के बाद से जैसे ही शेयरों की खरीदारी या बिक्री होगी, वैसे ही उसका सेटलमेंट भी हो जाएगा।
सेबी चेयरमैन माधवी पुरी ने इस दौरान यह भी कहा कि मार्केट रेगुलेटर की तेजी का सबसे बड़ा कारण क्रिप्टोकरेंसी जैसे विकल्पों के बढ़ने की वजह से है। बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी में सौदं का निपटान हर घंटे हो जाता है, जिससे निवेशक बिना रिस्क की परवाह किए उसकी ओर ज्यादा भागने लगे हैं। ऐसे में मार्केट रेगुलेटर पारदर्शिता के साथ भारतीय शेयर बाजारों को मजबूत और फास्ट करने में लगा हुआ है।
अभी तक पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में कम से कम ळ+2 सेटलमेंट साइकल को फॉलो किया जाता है। लेकिन एशिया के दो देश ऐसे हैं जो इससे भी फास्ट हो चुके है। और वे हैं भारत और चीन। चीन इस समय सेटलमेंट साइकल को फॉलो कर रहा है जबकि भारत। अगर भारत में सेटलमेंट साइकल लागू हो जाती है तो यह सिर्फ चीन के बराबर पहुंच जायेगा।
चेयरमैन बुच ने आज कहा कि भारत में सेटलमेंट साइकल 28 मार्च से आॅप्शनल तौर पर शुरू होगा। इसका मतलब यह है कि ट्रेडर्स यह चुन सकेंगे कि उन्हें किसके तहत सेटलमेंट करना है।
पिछले साल सेबी ने सेटलमेंट साइकल को लेकर एक एजवाइजरी जारी किया था। उस दौरान मार्केट रेगुलेटर ने कहा था कि सेटलमेंट की व्यवस्था अभी बाजार पूंजीकरण के लिहाज से टॉप 500 कंपनियों को ही उपलब्ध करायी जायेगी। 200 कंपनियां पहले इसका फायदा ले पायेंगी। उसके बाद उनसे ज्यादा एमकैप वाली 200 और अंत में सबसे ज्यादा एमकैप वाली 100 कंपनियां इसके दायरे में आयेंगी।
एबीएन बिजनेस डेस्क। सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लि. और तेल उत्पादक ओएनजीसी पेट्रो रसायन क्षेत्र में अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने के लिए ईथेन और अन्य हाइड्रोकार्बन के आयात को लेकर गुजरात के हजीरा में शेल के आयात टर्मिनल का उपयोग करने की संभावना तलाशेंगी। गेल ने पिछले साल मई में ईथेन मंगाने सहित ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में अवसरों का पता लगाने के लिए शेल एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे।
आधिकारिक बयान के अनुसार गेल, ऑयल एंड नैचुरल गैस-कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और शेल एनर्जी इंडिया (एसईआई) प्राइवेट लिमिटेड ने ईथेन और अन्य हाइड्रोकार्बन के आयात तथा हजीरा में शेल एनर्जी टर्मिनल के उपयोग के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास के अवसरों का पता लगाने को लेकर बृहस्पतिवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।
गेल और ओएनजीसी दोनों नियोजित पेट्रोरसायन संयंत्रों के लिए अमेरिका जैसे देशों से ईथेन के आयात की संभावना तलाश रही हैं। इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में प्लास्टिक से लेकर पेंट और चिपकने वाले सामानों की जरूरतों को पूरा करना है। गेल एक ईथेन क्रैकर बनाने पर विचार कर रही है जो प्लास्टिक जैसे उत्पादों के लिए आवश्यक एथिलीन का उत्पादन करेगा।
गेल ने बयान में कहा कि उसने पहले ऊर्जा सहयोग के विभिन्न पहलुओं में अवसरों की तलाश के लिए शेल एनर्जी इंडिया के साथ द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। इसमें हजीरा में मौजूदा एसईआई टर्मिनल में ईथेन आयात बुनियादी ढांचे के विकास पर एक प्रतिष्ठित परामर्श कंपनी ने व्यवहार्यता अध्ययन किया था। हाइड्रोकार्बन के आयात और प्रबंधन के लिए ओएनजीसी का गेल के साथ द्विपक्षीय समझौता है।
बयान में कहा गया है कि भारत में ईथेन की आवश्यकता उभरने और ईथेन बुनियादी ढांचे के प्रस्तावित विकास को देखते हुए ओएनजीसी, गेल और एसईआई ने गठजोड़ किया है। इस मौके पर गेल के निदेशक (कारोबार विकास) राजीव कुमार सिंघल ने कहा कि ईथेन भारत में एक पसंदीदा पेट्रोरसायन कच्चा माल बनकर उभरा है और इसकी आयात सुविधाओं के विकास में काफी तेजी आयी है।
ओएनजीसी समूह के महाप्रबंधक और पेट्रोरसायन मामलों के प्रमुख अशोक कुमार ने कहा कि ईथेन भारतीय पेट्रोरसायन उद्योग के लिए कच्चे माल के रूप में भविष्य का ईंधन है। भारत अच्छी पेट्रोरसायन क्षमताएं जोड़ रहा है और व्यावहारिक तथा किफायती ईथेन उपलब्ध कराना आगे की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
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