एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन (7 अक्टूबर) काला सोमवार साबित हुआ। बाजार में लगातार 6 कारोबारी सत्रों में भारी गिरावट आयी है। पिठले छह दिनों में निवेशकों के 25 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं। आज के कारोबार में बीएस सेंसेक्स 638 अंक गिरकर 81,050 तो वहीं एनएसई निफ्टी 24,795 के लेवल पर बंद हुआ। बाजार में आयी आज की गिरावट के कारण निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
27 सितंबर, 2024 को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 477.93 लाख करोड़ रुपये था जो आज (7 अक्टूबर) घटकर 451.99 लाख करोड़ रुपये रह गया है। आज के कारोबारी सत्र में निवशकों के 8.90 लाख करोड़ डूब गये हैं।
विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से नकदी निकालकर चीन के मार्केट में लगा रहे हैं। अपनी इकॉनमी में जान फूंकने के लिए चीन ने हाल में एक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने भारतीय इक्विटी में अपना इनवेस्टमेंट घटाकर चीन में निवेश बढ़ा दिया है। सीएलएसए ने कहा कि यह भारत के ओवरवेट को 20% से घटाकर 10% करके चीन को 5% ओवरवेट कर रहा है।
विदेशी फर्म का कहना है कि तीन वजहों से भारतीय इक्विटी पर असर हो रहा है। इसमें तेल की कीमत, आईपीओ बूम और खुदरा निवेशकों की भूख शामिल है। फर्म के विश्लेषकों ने कहा कि भारत के चीन से 210% बेहतर प्रदर्शन के बाद रिलेटिव वैल्यूएशन बढ़ा हुआ है। फिर भी भारत में स्केलेबल ईएम ग्रोथ बहुत अधिक है।
चीन के शेयरों में उभरते बाजारों से लिक्विडिटी को खत्म कर रही है। विदेशी निवेशक चीनी इक्विटी में निवेश करने के लिए लाइन में लगे हैं। करीब 2-3 साल के खराब प्रदर्शन के बाद चीन के शेयर बाजारों में तेजी लौट आयी है। पिछले हफ्ते निफ्टी में 4.5% की गिरावट आयी। इस दौरान एफआईआई ने भारत में 40,500 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। हालांकि सभी ग्लोबल इनवेस्टर्स चीन नहीं जा रही हैं। इनवेस्को, जेपी मॉर्गन, एचएसबीसी और नोमुरा को चीन सरकार के वादों पर संदेह है।
हॉन्ग कॉन्ग और चीन के लिए इनवेस्को के मुख्य निवेश अधिकारी रेमंड मा ने कहा कि शॉर्ट टर्म में चीन के बाजार आकर्षक लग सकते हैं लेकिन अंत में लोग बुनियादी बातों पर वापस लौटेंगे। इस रैली के कारण कुछ स्टॉक जरूरत से अधिक मूल्यवान हो गए हैं। उनकी वैल्यूएशन उनके इनकम परफॉरमेंस से मेल नहीं खाती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तीसरे विश्व युद्ध की आहट से आज (3 अक्टूबर) भारतीय शेयर बाजार सहम गया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ईरान-इजराइल के बमों से भड़की आग से निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गये। आज सेंसेक्स में 2.10% की गिरावट दर्ज की गयी, जिसमें यह 1,769.77 अंक टूटकर 82,497 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 2.12% गिरकर 25,250 पर बंद हुआ।
इस बिकवाली से मार्केट के बड़े दिग्गज अंबानी-अडानी से लेकर टाटा तक सबके लाखों करोड़ स्वाहा हो गये। बाजार में जारी बिकवाली के चलते अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3.95% की गिरावट आयी, जिसके बाद कंपनी का शेयर 2,813.95 पर चला गया। वहीं हाल टाटा ग्रुप की कंपनियों के साथ भी रहा। टीसीएस के शेयर में 1.29% की गिरावट देखी गयी, जिसके बाद शेयर 4,232 रुपये पर कारोबार बंद किया।
ईरान में चाबहार पोर्ट को मैनज कर रही भारत की लार्ज कैप कंपनी अडानी पोर्ट के शेयर में भी 2.82% की गिरावट देखी गयी, जिसके बाद वह 1,426 पर कारोबार बंद किया। बाजार में जारी इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण इजरायल और ईरान के बीच जंग का ऐलान हो जाना है। बता दें कि इजराइल और हिजबुल्ला के बीच जारी जंग में ईरान की एंट्री ने जियो-पॉलिटिकल टेंशन को और बढ़ा दिया है।
दरअसल, ईरान ने इजराइल पर जबरदस्त पलटवार करते हुए 1 अक्टूबर की रात में एक के बाद एक 150 से अधिक मिसाइलें दाग दी। हमले के बाद इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले के बुरे परिणाम भुगतने होंगे। फिर इजराइल के तरफ से जवाबी हमले शुरू कर दिये गये। इसने न सिर्फ भारतीय बाजार को घूटने पर लाया बल्कि अमेरिकी बाजार में भी बिकवाली ला दी।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजारों में आज 30 सितंबर को जोरदार गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1035 अंक लुढ़ककर 84,535 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी भी करीब 293 अंक टूटकर 25,885 के स्तर पर आ गया। जिसके चलते निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक गिरावट बैंकिंग ऑटो और एनर्जी शेयरों में देखने को मिली।
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 3 लाख करोड़ रुपए घटकर 475.27 लाख करोड़ रुपए पर आ गया यानि निवेशकों को 3 लाख करोड़ का घाटा हुआ। शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई पर लिस्टेड टॉप-30 लार्जकैप कंपनियों में से 23 कंपनियों के शेयर खबर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। सबसे ज्यादा ICICI बैंक शेयर टूटा था और ये 1.80 फीसदी की गिरावट के साथ 1283 रुपए पर पहुंच गया था। इसके अलावा एक्सिस बैंक शेयर में 1.63 फीसदी की गिरावट आई और ये 1251.40 रुपए पर आ गया।
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर (रिलायंस शेयर) भी 1.81 फीसदी गिरकर 2997 रुपए पर कारोबार कर रहा था। तो वहीं टाटा मोटर्स का शेयर 1.20 फीसदी टूटकर 980 रुपए पर आ गया। एशियाई बाजारों में कमजोरी ने घरेलू शेयर बाजार पर दबाव डाला है।
जापान के निक्केई-225 इंडेक्स में 5% से अधिक की गिरावट देखी गयी, जिसका कारण लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनावों में शिगेरू इशिबा की जीत मानी जा रही है, जिन्हें जापान का अगला प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा, कोरियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गयी। अमेरिका में नैस्डैक इंडेक्स और S&P 500 भी नुकसान के साथ बंद हुए, जबकि डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ।
एबीएन बिजनेस डेस्क। रांची की सब्जी मंडियों में हरी सब्जियों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। वहीं, आलू, प्याज और टमाटर के अलावा अदरक व लहसुन भी महंगे हो गये हैं। सबसे ज्यादा भाव धनिया पत्ता के बढ़े हैं। यह सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 400 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
किसानों और व्यापारियों का कहना है कि बीते दिनों हुई भारी बारिश की वजह से सब्जियों के भाव में बढ़ोतरी हुई है। छठ पूजा के बाद ही सब्जियां सस्ती हो सकती हैं। इधर, महंगाई से परेशान लोग अब पाव के हिसाब से खरीदारी करने लगे हैं। राजधानी की सब्जी मंडियों में इक्का-दुक्का को छोड़ ज्यादातर सब्जियां 40 रुपये प्रति किलो या इससे अधिक में बिक रही हैं।
बंदगोभी, बैंगन व कद्दू 40-40 रुपये प्रति किलो, जबकि गाजर, परवल व करेला 50-50 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। अन्य सब्जियों में बोदी 60 रुपये, झींगा 60 रुपये, फूलगोभी 70 रुपये और बिंस व मूली 80-80 रुपये किलो मिल रहे हैं। वहीं, टमाटर भी 60 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। केवल भिंडी और कच्चा पपीता 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं।
आमतौर पर हरी सब्जियां महंगी होने पर लोग आलू से काम चलाते हैं, लेकिन इन दिनों लाल और सफेद आलू भी 40 से 35 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रहे हैं। प्याज 60 रुपये प्रति किलो हो गया है। उधर, सब्जियों का स्वाद बढ़ानेवाला लहसुन और अदरक भी महंगे हो गया हैं। लहसुन 360 रुपये, जबकि अदरक 200 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। मंगलवार (24 सितंबर) को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चौथे कारोबारी दिन आल टाइम हाई बनाया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 85,112 और निफ्टी ने 25,993 का स्तर छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 14 अंक गिरकर 84,914 जबकि निफ्टी 1.35 अंक की बढ़त के साथ 25,940 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं भारतीय मेटल सेक्टर के शेयर्स में शानदार तेजी देखने को मिली। बीएसई मेटल इंडेक्स 2.78 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ।
दरअसल चीन के सेंट्रल बैंक पीपल्स बैंक आफ चाइना के द्वारा ब्याज दर कटौती करने के बाद से भारतीय मेटल शेयर्स में 6% की तेजी आई है। नाल्को का शेयर 6.16 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है इस वजह से शेयर ने 191.40 रुपए के लेवल पर पहुंच गया वहीं टाटा स्टील का शेयर 4.29 फीसदी की तेजी के साथ 160.55 रुपए के लेवल पर पहुंच गया।
एनएमडीसी का शेयर 3.90 फीसदी की तेजी के साथ 223.95 रुपए के लेवल पर पहुंच गया और सेल कंपनी का शेयर 3.20 फीसदी की तेजी के साथ 133.85 रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। इसके अलावा खरह स्टील, जिंदल स्टील, वेदांता, हिंडाल्को और हिंदुस्तान कॉपर जैसे शेयर्स में भी तेजी देखने को मिली है।
दरअसल, मंगलवार के दिन चीन के सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने कहा है कि वह उधार लेने की लागत को कम करने की योजना बना रहे हैं साथ ही चीन की अर्थव्यवस्था में और अधिक लिक्विडिटी बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। गवर्नर ने ऐलान किया है कि 7 दिन के रिवर्स रेपो रेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 1.50% कर दिया गया है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। जुलाई में मोबाइल सेवा शुल्क में वृद्धि का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिससे देशभर में प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहकों की संख्या में गिरावट आयी। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने जुलाई 2024 में मोबाइल सेवा शुल्क में 10-27% की वृद्धि की, जिससे ग्राहकों की संख्या में गिरावट आयी।
बीएसएनएल ने जुलाई में 29.4 लाख नये मोबाइल ग्राहक जोड़े, जिससे यह एकमात्र कंपनी बनी जिसने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
जुलाई 2024 में भारत में कुल दूरसंचार ग्राहक आधार घटकर 120.51 करोड़ रह गया, जो जून 2024 में 120.56 करोड़ था।
पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र, राजस्थान, मुंबई, कोलकाता, तमिलनाडु, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य सर्किलों में मोबाइल ग्राहक आधार में गिरावट दर्ज की गई।
फिक्स्ड लाइन खंड में बीएसएनएल ने 1.34 लाख ग्राहक खो दिये, जो इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा था।
देश में ब्रॉडबैंड ग्राहक आधार जुलाई में बढ़कर 94.61 करोड़ हो गया, जहां शीर्ष पांच कंपनियों का योगदान 98.42% है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। नीतिगत ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती करने का फैसला भारतीय शेयर बाजार के लिए बहार लेकर आया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। शुक्रवार को सेंसेक्स पहली बार 84500 के स्तर के पार पहुंचा। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी भी छलांग मारकर 25,790 के करीब पहुंच गया।
आखिरकार सेंसेक्स 1,359.51 (1.63%) अंक चढ़कर 84,544.31 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 375.16 (1.48%) अंकों की मजबूती के साथ 25,790.95 के स्तर पर क्लोजिंग हुई।
टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और पूर्व मंत्री एवं विधायक सी पी सिंह ने आज यहां प्रतीक ऑटोमोबाइल्स में एसयूवी की थार रॉक्स मॉडल का आधिकारिक लॉन्च किया।
केंद्रीय मंत्री श्री सेठ और पूर्व झारखंड मंत्री श्री सिंह ने इस अवसर पर महिंद्रा ऐंड महिंद्रा कंपनी की थार रॉक्स मॉडल की विशेषता की चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों और और पथरीले रास्तों पर चलने के लिए यह एक बेहतर वाहन है।
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