एबीएन बिजनेस डेस्क। भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़े आने और जून तिमाही का अर्निंग सीजन शुरू होने से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफावसूली की। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में आयी हालिया तेजी को देख इस तरह की मुनाफावसूली की उम्मीद की जा रही थी। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में आज खासतौर से तगड़ी गिरावट देखी गयी। सेंसेक्स में आज आयी कुल गिरावट का करीब 71 फीसदी योगदान सिर्फ इसी शेयर का था।
इसके अलावा फ्यूचर्स एंड आप्शंस (एफ एंड ओ) सेगमेंट के वॉल्यूम ग्रोथ पर लगाम लगाने की रएइक की कोशिशों के चलते भी बाजार में आज चिंता देखी गयी। वर्किंग कमेटी ने इस सेगमेंट में एंट्री को मुश्किल बनाने के लिए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लॉट साइज को मौजूदा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 20-30 लाख रुपये करने की सिफारिश की है। साथ ही वीकली आॅप्शंस की ट्रेडिंग को प्रति एक्सचेंज प्रति सप्ताह एक एक्सपायरी तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक इस साल ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता बढ़ गयी है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने जोर देकर कहा कि जब तक इस बात का अधिक भरोसा नहीं हो जाता कि महंगाई दर 2 प्रतिशत की ओर जा रही है, तब तक दरों में कटौती करना सही नहीं होगा।
बैंकिंग शेयर भी आज कारोबार के दौरान दबाव में थे, जिसने गिरावट में योगदान दिया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने एक दिन पहले कई बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के चीफ फाइनेंशियल आॅफिसर्स और आॅडिटर्स के साथ एक बैठक की थी। बैठक में कुछ बैंकों के लाखों खातों पर चिंता जतायी गयी थी, जिनका इस्तेमाल फ्रॉड वाले लेनदेन और लोन के एवरग्रीनिंग के लिए किया गया था।
जेरोम पॉवेल के बयान के बाद अमेरिकी स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ खुले। हालांकि एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। टोक्यो का निक्केई 225 इंडेक्स दिन के कारोबार में नये उच्च स्तर पर पहुंच गया, लेकिन दोपहर तक यह 0.1% गिरकर 41,536.10 पर आ गया। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.4% बढ़कर 17,587.16 पर पहुंच गया, जबकि शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.3% गिरकर 2,949.60 पर आ गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। जिले के आरोन मंडी में गेहूं अधिकतम में 2720 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका और चना अधिकतम में 6650 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। कृषि उपज मंडी आरोन से मिली जानकारी के अनुसार 08 जुलाई 2024 को मंडी में गेहूं अधिकतम में भाव 2720 और न्यूनतम में भाव 2560 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा।
चना के भाव के बारे में बात करें तो चना अधिकतम में 6650 और न्यूनतम में 6030 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। सरसों की बात करें तो सरसों का भाव अधिकतम में 5235 और न्यूनतम में 4700 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा।
मसूर का भाव अधिकतम में 6025 और न्यूनतम में 5930 और धनिया का भाव अधिकतम में 6795 और न्यूनतम में 6350 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। सोयाबीन के भाव के बारे में बात करें तो सोयाबीन का भाव अधिकतम में 4410 और न्यूनतम में 4200 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, अशोकनगर। सोमवार को कृषि उपज मंडी अशोकनगर में सुजाता गेहूं अधिकतम में 3746 रुपए प्रति कुंटल तक बिका। वहीं सोयाबीन की बात करे तो अधिकतम में 6230 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। मंडी से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को मंडी में 15656 क्विंटल की आवक रही। सुजाता गेहूं में मंडी में लगभग 4860 क्विंटल की आवक देखी गयी।
सुजाता गेहूं के भाव की बात करें तो न्यूनतम में भाव 2300 और अधिकतम में 3746 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। सोयाबीन की 6786 क्विंटल की आवक देखी गयी। सोयाबीन के भाव अधिकतम में 6230 और न्यूनतम में 2222 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। देशी चना का भाव अधिकतम में 6779 और न्यूनतम में 5840 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा।
सरसों काली का भाव अधिकतम में 5650 और न्यूनतम में 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। धना का अधिकतम में भाव 7050 और न्यूनतम में भाव 3250 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। बात करे मसूर का भाव अधिकतम में 6200 और न्यूनतम में भाव 3211 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा।
एबीएन बिजनेस डेस्क। स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी लौटी। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 391 अंक उछलकर नये रिकॉर्ड छलांग के साथ बंद हुआ। वाहन और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में लिवाली और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह से एनएसई निफ्टी भी नये शिखर पर पहुंच गया।
30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 391.26 अंक यानी 0.49 फीसदी चढ़कर अपने अब तक के उच्चतम स्तर 80,351.64 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 436.79 अंक की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 80,397.17 अंक तक गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 112.65 अंक यानी 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 24,433.20 अंक के नये शिखर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 123.05 अंक चढ़कर रिकॉर्ड 24,443.60 अंक तक चला गया था।
एबीएन बिजनेस डेस्क। इस साल जून में 42 लाख से ज्यादा नये डीमैट अकाउंट खुले। भारतीय बाजार में तेजी के बीच विदेशी निवेशकों की निरंतर खरीदारी इसके पीछे मुख्य वजह रही। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विस और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, जून में खोले गये डीमैट खातों की संख्या 42.4 लाख से अधिक रही। यह फरवरी 2024 के बाद से डीमैट अकाउंट ओपनिंग की उच्चतम दर है। मई महीने में 36 लाख और एक साल पहले यानि जून 2023 में 23.6 लाख डीमैट अकाउंट खुले थे।
यह चौथा अवसर है, जब नये डीमैट खातों की संख्या 40 लाख के पार गयी है। इससे पहले दिसंबर 2023, जनवरी 2024 और फरवरी 2024 में इसी तरह के माइलस्टोन हासिल किये गये थे। अब कुल डीमैट खातों की संख्या 16.2 करोड़ से अधिक हो गयी है। यह पिछले महीने की तुलना में 4.24 प्रतिशत और पिछले वर्ष की तुलना में 34.66 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषक दीपक जसानी ने कहा कि 40 लाख से अधिक नए निवेशकों में से सभी पूरी तरह से नये निवेशक नहीं हैं। कुछ लोग ब्रोकर के बीच शिफ्ट हो रहे हैं या अलग-अलग ब्रोकर के साथ कई खाते खोल रहे हैं। एक छोटा हिस्सा डुप्लिकेट या कई डीमैट खातों से जुड़ा हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार स्थिर हैं। यह स्थिरता निवेशकों को इक्विटी बाजारों में आने के लिए प्रोत्साहित करती है। साथ ही जैसे-जैसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग का सीजन नजदीक आता है, लोग इक्विटी में विविधता लाने पर विचार करते हैं। मजबूत रिटर्न और कोई करेक्शन न होने के साथ एक तेजी से बढ़ता व्यापक बाजार नए निवेशकों को आकर्षित करता है।
आगे खुल सकते हैं और ज्यादा खातेविश्लेषकों को आगे और अधिक डीमैट खातों के लिए गुंजाइश दिखाई दे रही है, जो विकास की संभावना को दर्शाता है। इसके अलावा ऐसे आईपीओ जिन्हें अच्छा सब्सक्रिप्शन मिला है, अक्सर प्रीमियम पर लिस्ट होते हैं। ये भी नये निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे नए डीमैट खाते खोलने में तेजी आ रही है।
एक्सिस सिक्योरिटीज के विश्लेषक राजेश पलविया का अनुमान है कि बजट के आसपास निफ्टी 25,000 तक पहुंच जायेगा और वर्ष के अंत तक यह 28,000 पर पहुंच सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक बाजारों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा, तब तक डीमैट खाते खोलने की गति धीमी होने के कोई संकेत नहीं दिखते हैं। साथ ही चुनाव के बाद सेंसेक्स 70,000 से 80,000 तक बढ़ गया है। कहीं बाजार की रैली से फायदा उठाने का मौका हाथ से निकल न जाये, यह सोचकर लोग बाजारों में निवेश करने और डीमैट खाते खोलने की ओर बढ़ रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुना। दिनांक 05/07/2024 को छबड़ा और बारां में लहसुन की बंपर आवक हुई है वहीं छीपाबडोद मे सोयाबीन की बंपरआवक देखी गयी है। किसान साथियों के लिए बारां, छीपाबड़ौद और छाबड़ा के ताजा भाव लेकर आये हैं। जानते हैं कौन सी फसल में तेजी आयी है और कौन सी में मंदी :-
बात करते हैं कृषि उपज मंडी समिति विशिष्ठ श्रेणी बारां (राजस्थान) की इस मंडी में लहसुन की बंपर आवक देखी गयी है। लगभग 2000 कुंटल की आवक रही। लहसुन उच्चतम में भाव 20600 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। वहीं निम्नतक भाव 7000 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा।
इसके बाद सोयाबीन की 1250 कुंटल की आवक रही। सोयाबीन उच्चतम में भाव 4480 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा और निम्नतम में 4100 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा गेहूं के भाव अधिकतम में 2645 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। वहीं निम्नतम में 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा।
गौण गल्ला मंडी छीपाबड़ौद की बात करें तो सोयाबीन की लगभग 500 कुंटल की आवक रही। अधिकतम में सोयाबीन का भाव 4560 और निम्नतम में भाव 3600 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। छबड़ा मंडी में लहसुन की लगभग 1600 कुंट ल की आवक रही है। अधिकतम में लहसुन का भाव 20400 और निम्नतम में भाव 5850 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा।
वहीं सोयाबीन की लगभग 500 कुंटल की आवक रही। अधिकतम में सोयाबीन का भाव 4536 और निम्नतम में भाव 4150 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। वहीं गेहूं की लगभग 425 कुंटल की आवक रही। गेहूं का अधिकतम भाव 2626 और न्यूनतम भाव 2467 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा।
एबीएन बिजनेस डेस्क। स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान तेजी रही और दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी नये शिखर पर पहुंच गये। लेकिन बाद में मुनाफावसूली से ये मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। शेयरों के अधिक भाव को लेकर चिंता के बीच चुनिंदा बैंकों और दूरसंचार कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार मामूली नुकसान में रहा।
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 34.74 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,441.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 379.68 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 79,855.87 अंक तक चला गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 18.10 अंक यानी 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,123.85 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 94.4 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ अबतक के उच्चतम स्तर 24,236.35 अंक तक चला गया था। सेंसेक्स के शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक और टाइटन प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील शामिल हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मिले-जुले रुख के बीच बाजार में हल्की गिरावट रही। ईसीबी (यूरोपीयन सेंट्रल बैंक) के नीतिगत दर में कटौती को लेकर सतर्क रुख के साथ वैश्विक स्तर पर रुख मिला-जुला रहा। हाल में अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में धीरे-धीरे हो रही वृद्धि बाजार रुख को प्रभावित कर रहा है।
नायर ने कहा कि निवेशक मानसून, आगामी बजट के साथ अमेरिका में होने वाले चुनाव पर नजर रखे हुए हैं। इन सबका वैश्विक स्तर पर आर्थिक प्रभाव हो सकता है। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तपसे ने कहा- नयी उम्मीद के साथ शुरूआती कारोबार में बाजार नये शिखर पर पहुंचा लेकिन उसे बरकरार नहीं रख पाया और नुकसान में आ गया। यूरोप में कमजोर रुख के साथ बैंक, दूरसंचार और वाहन शेयरों में मुनाफावसूली हुई।
मझोली कंपनियों के शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.57 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप सूचकांक मामूली 0.07 प्रतिशत चढ़ा। सूत्रों ने सोमवार को कहा कि देश का सकल जीएसटी (माल एवं सेवा कर) संग्रह जून में आठ प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपए रहा। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार के दौरान गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को लाभ में रहे थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 87.17 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 426.03 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 443.46 अंक की बढ़त के साथ अपने अबतक के उच्चतम स्तर 79,476.19 अंक पर और एनएसई निफ्टी 131.35 अंक की बढ़त के साथ नये शिखर 24,141.95 अंक पर बंद हुआ था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने दालों के बाद अब गेहूं पर भंडारण सीमा लगा दी है। यह सीमा तत्काल प्रभाव से लागू होगी। साथ ही यह अगले साल 31 मार्च तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने यह कदम गेहूं की जमाखोरी रोकने के साथ ही इसके दाम नियंत्रित करने के लिए उठाया है। केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को अरहर और चना पर भंडारण सीमा लगायी थी।
केंद्र सरकार द्वारा भंडारण सीमा लगाने की अधिसूचना आज जारी कर दी है। इसके मुताबिक थोक कारोबारी 3,000 टन गेहूं का भंडारण कर सकेगा। प्रत्येक खुदरा कारोबारी अपने रिटेल आउटलेट पर 10 टन गेहूं रख सकता है। बिग चेन रिटेलर को प्रत्येक आउटलेट पर 10 टन और उनके सभी डिपो पर 3,000 टन गेहूं का भंडारण करने की अनुमति दी गयी है।
प्रोसेसर यानी आटा मिल वाले वर्ष 2024-25 के बचे महीनों में अपनी स्थापित मासिक क्षमता के 70 फीसदी तक गेहूं का भंडारण कर सकते हैं। सरकार ने उन कारोबारियों को जिनके पास तय की गयी भंडारण सीमा से अधिक गेहूं का भंडारण है, 30 दिन का समय भंडारण को निर्धारित सीमा तक लाने के लिए दिया गया है।
केंद्र सरकार इससे पहले भी गेहूं के दाम नियंत्रित करने के लिए भंडारण सीमा लगा चुकी है। केंद्र सरकार ने पिछले विपणन वर्ष में कई बार भंडारण सीमा में संशोधन किया था। लेकिन नई फसल को देखते हुए इस साल 31 मार्च से गेहूं पर भंडारण सीमा को हटा लिया गया था।
इससे पहले इस साल 8 फरवरी को गेहूं पर भंडारण सीमा में संशोधन किया गया था। जिसके मुताबिक गेहूं के थोक कारोबारियों के लिए गेहूं की भंडारण सीमा 1,000 टन से घटाकर 500 टन, जबकि प्रत्येक खुदरा कारोबारी के आउटलेट पर 5 टन गेहूं रखने की सीमा को बरकरार रखा गया था।
हालांकि बड़ी श्रृंखला वाले खुदरा कारोबारियों के लिए प्रत्येक आउटलेट पर सीमा को 10 टन से घटाकर 5 टन और सभी डिपो पर भंडारण सीमा 1,000 टन से घटाकर 500 टन की गयी थी। आटा मिल मालिकों के लिए भंडारण सीमा अपनी स्थापित मासिक क्षमता के 70 फीसदी से घटाकर 60 फीसदी की गयी थी।
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