एबीएन बिजनेस डेस्क। लगातार 4 दिन की तेजी ने शेयर बाजार निवेशकों को काफी राहत दी है। निवेशकों ने इस दौरान 17.37 लाख करोड़ रुपए की कमाई कर डाली है।
अगर बात बाजार की करें तो करीब 3.50 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं। शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। ये कोई फ्लूक या यूं कहें कि तुक्का नहीं है। शेयर बाजार अब असली रंग में दिखाई देने लगा है।
जिसने पूरी दुनिया को खासकर विदेशी निवेशकों को साफ संकेत दिया है कि वो गिरेगा, लेकि उठेगा, उसके बाद लड़ेगा, लेकिन किसी के सामने झुकेगा नहीं। फिर चाहे विदेशी निवेशकों की निकासी हो, या फिर ट्रंप का टैरिफ, या जियो पॉलिटिकल टेंशन और रुपए में आयी गिरावट ही क्यों ना हो। बीते चार दिनों में शेयर बाजार ने अपने आपको एक मजबूत और बड़े दिल वाला मार्केट साबित किया है।
वैसे इस तेजी के पीछे शेयर बाजार को मिले वो चार यार भी हैं, जिनकी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी को बढ़त बनाने में कमदद मिली। अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेड ने दो रेट कट के संकेत दिये। उसके बाद आईटी स्टॉक्स ने शेयर बाजार को रीबाउंड कराने में मदद की। डॉलर में गिरावट भी शेयर बाजार को हाशिये उठाकर सेंट्रल प्वाइंट लेकर आया।
अंत में विदेशी बाजारों की तेजी ने भारत के बाजार को भरोसा और वो फ्यूल देने का काम किया जिससे गुमसुम निवेशकों में एक बार फिर जान आयी। अगर बात गुरुवार की करें तो सेंसेक्स में 899 अंकों की तेजी देखने को मिली। जबकि बीते 4 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स में करीब 3.50 फीसदी का इजाफा देखने को मिला।
वहीं दूसरी ओर निफ्टी 283 अंकों की शानदार तेजी के साथ बंद हुआ। चार दिनों में करीब 800 अंकों की तेजी देखने को मिली। इन चार दिनों में शेयर बाजार निवेशकों को 17.37 लाख करोड़ रुपए का फायदा भी हुआ। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह की तेजी देखने को मिली है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। चीन की ओर खपत बढ़ाने के लिए नए उपायों की घोषणा के बाद सोमवार को एशियाई बाजारों में सकारात्मक दिखी।
मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते बैंकिंग, वित्तीय और ऑटो शेयर बढ़त के साथ कारोबार शुरू हुआ। प्रमुख भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को बढ़त के साथ खुले।
सुबह 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 374 अंक या 0.51% बढ़कर 74,203 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 119 अंक या 0.53% बढ़कर 22,517 पर कारोबार करता दिखा।
एबीएन बिजनेस डेस्क। इस महीने शेयर बाजार में दो बार ऐसा मौका आयेगा जब लगातार तीन दिन तक कोई कारोबार नहीं होगा। बीएसई और एनएसई की वेबसाइट पर दी गयी जानकारी के मुताबिक, इस हफ्ते और महीने के अंत में ऐसी स्थिति बनेगी जब निवेशकों को ट्रेडिंग का मौका नहीं मिलेगा।
पहली बार 14 से 16 मार्च
इस दौरान इक्विटी, डेरिवेटिव, रछइ, करेंसी और कमोडिटी सभी सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी।
मार्च के बाद अप्रैल में भी शेयर बाजार तीन अलग-अलग दिन बंद रहेगा। बीएसई और एनएसई की वेबसाइट के अनुसार, अप्रैल में दो बार ऐसा मौका आयेगा जब बाजार लगातार तीन दिनों तक बंद रहेगा।
एबीएन बिजनेस डेस्क। लगातार दो कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी की। गुरुवार को सेंसेक्स 609.86 अंक या 0.83% की तेजी के साथ 74,340.09 पर बंद हुआ। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 207.40 अंक या 0.93% की बढ़त लेकर 22,544.70 पर क्लोज हुआ। बुधवार और गुरुवार को बाजार में आई तेजी से निवेशकों को 12 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ।
बुधवार और गुरुवार को आई तेजी से निवेशकों की संपत्ति करीब 12 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप गुरुवार को 397,12,330 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। जबकि मंगलवार को बाजार होने के बाद यह 385,59,355 करोड़ रुपए था। इस तरह से निवेशकों की संपत्ति पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में 11,52,975 करोड़ रुपए बढ़ गयी।
एबीएन बिजनेस डेस्क। इंडियन स्टॉक मार्केट अब गिरावट का नया रिकॉर्ड बनाने पर तुला है। बीएसई सेंसेक्स 28 साल में अपनी सबसे बड़ी गिरावट देख चुका है। अब 35 साल पहले शुरू हुए एनएसई निफ्टी ने 29 साल की सबसे बड़ी गिरावट का नया रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि एक नजर में ये 35 साल के इतिहास में भी उसकी लगातार सबसे बड़ी गिरावट है।
मंगलवार को बाजार जब बंद हुआ तो निफ्टी ने भी स्नैपचैट की तरह 10 दिन की एक स्ट्रीक क्रिएट कर ली, लेकिन ये स्ट्रीक लगातार 10 दिन तक इंडेक्स के गिरने से जुड़ी है। मंगलवार को निफ्टी लगातार दसवें दिन गिरकर बंद हुआ।
इससे पहले निफ्टी में लगातार इतनी बड़ी गिरावट जनवरी 1996 में देखी गयी थी। तब 28 दिसंबर 1995 से 10 जनवरी 1996 तक लगातार 10 दिन निफ्टी गिरकर बंद हुआ था। हालांकि ये निफ्टी की आफिशियल लॉन्चिंग से पहले हुआ था। निफ्टी की आधिकारिक शुरुआत 22 अप्रैल 1996 को हुई थी।
बीते साल सितंबर में निफ्टी ने अपने पिछले पीक लेवल यानी 26,277 अंक को छुआ था। अगर तब से तुलना करके देखें तो अब तक निफ्टी में 15.4 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। मंगलवार को निफ्टी 22,082.65 अंक पर बंद हुआ है।
वहीं बीएसई सेंसेक्स भी अब तक 16.2 प्रतिशत गिर चुका है। इतना ही नहीं कोविड के चलते 2020 में मार्केट में आयी गिरावट के बाद ये अब तक की सबसे बड़ी गिरावट भी है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। पिछले साल सितंबर में खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले का असर अब भी जारी है। फरवरी 2025 में खाद्य तेल का आयात चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है।
मौजूदा साल में खाने के तेल की कीमतें 3 से 11 रुपये तक बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आयात शुल्क में बढ़ोतरी के चलते तेल की आपूर्ति में कमी आयी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोया आयल और सूरजमुखी तेल के आयात में तेज गिरावट आयी, जिससे कुल खाद्य तेल आयात फरवरी में 12% घटकर 8.84 लाख टन पर आ गया, जो फरवरी 2021 के बाद सबसे कम है। पाम आॅयल का आयात जनवरी में 14 साल के निचले स्तर पर था लेकिन फरवरी में यह 36% बढ़कर 3.74 लाख टन हो गया।
हालांकि, सोया तेल और सूरजमुखी तेल का आयात भारी गिरावट के साथ 8 महीने और 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। टाटा संस के एग्जूक्टिव चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आज यहां कहा कि जमशेदपुर टाटा समूह के लिए बहुत पवित्र स्थान है। यहीं से उठ कर समूह ने अपनी वैश्विक पहचान बनायी है। जमशेदपुर और यहां के लोग हमारे परिवार का हिस्सा हैं। जमशेदपुर के लिए टाटा समूह का बड़ा प्लान है। यद्यपि उन्होंने इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी। चेयरमैन ने आगे कहा कि टाटा समूह आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सेमी कंडक्टर सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। समूह इस दिशा में कदम उठा रहा है।
चंद्रशेखरन टाटा स्टील वर्क्स में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील का भविष्य उज्ज्वल है। देश में स्टील की खपत बढ़ती रहेगी। यद्यपि चीन समेत अन्य भू-राजनीतिक चुनौतियों से समूह को दो-चार होना पड़ रहा है। डंपिंग भी यह एक समस्या है। यह सब जारी रहेगी, इसलिए हमें सक्षम बनना होगा। इस पर कारपोरेट एवं सरकार दोनों स्तर से मिल कर काम करना होगा।
सरकार से नीति एवं ड्यूटी आदि के मामले में हमें सरकार की मदद चाहिए। टेक्नोलोजी एडपसन में इम्पलाई और यूनियन को मदद करनी होगी। क्षमता, लागत प्रबंधन, सक्षम परिचालन की दिशा में काम करना है। परिचालन में एआई का हमें प्रयोग करना होगा। इलेक्ट्रिक फर्नेस, हाइड्रोजन के उपयोग से हमें उत्पादन पर ध्यान देना होगा। अपने कर्मचारियों और सरकार के साथ मिल कर इन चुनौतियों से अवश्य पार होंगे।
हमारे पूर्व चेयरमैन का इंतकाल चार माह पूर्व ही हुआ है। रतन टाटा के बिना यह पहला संस्थापक दिवस है। हम समाज और बिजनेस की तरक्की की कामना करते हैं। टाटा स्टील ट्रांसफॉरमेशन को लेकर संकल्पित है। हम बहुत कुछ कर रहे हैं। जहां तक टैरिफ की बात है तो यह चलते रहेगा।
टाटा स्टील इंडिया पर कोई खास असर नहीं होगा क्योंकि हम अमेरिका को सीमित निर्यात करते हैं। किन्तु हमें याद रखना है कि हम अपने घरेलू बाजार में भी प्राइस तय नहीं कर सकते, बाजार तय कर रहा है। इसलिए कॉस्ट इफेक्वि बनना होगा।
एक अन्य सवाल पर कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ सांइस में मेडिकल कॉलेज ला रहे हैं जहां भारतीय बीमारियों पर रिसर्च होगा। इसके अलावा सेमी कंडक्टर चिप पर विशेष निवेश हो रहा है क्योंकि चिप्स हर उद्योग के लिए अब बेहद मायने रखता है। 6 जी के लिए देशी प्रौद्योगिकी हम विकसित कर रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर/ रांची। टाटा स्टील के संस्थापक जेएन टाटा की जयंती पर टाटा स्टील कंपनी परिसर में टाटा संस के चेयरमैन समेत कई अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने मीडिया से कहा कि टाटा स्टील निरंतर आगे बढ़ रहा है और कई क्षेत्र में हम निवेश कर रहे हैं। टाटा स्टील अक टेक्नोलोजी से जुड़ रहा है, इसके जरिये रोजगार के काफी अवसर मिलेंगे।
2 जनवरी 1919 में भारत के दूसरे वायसराय चेम्सफोर्ड अपनी टीम के साथ कालीमाटी स्टेशन उतरकर टाटा इस्पात कारखाना देखने साकची आये थे। उस समय टाटा स्टील का नाम टाटा कंपनी हुआ करता था। वायसराय चेम्सफोर्ड ने उस समय अपने संबोधन में कहा था कि मैं इस कंपनी से प्रभावित हूं और आज से साकची की पहचान संस्थापक जमशेदजी टाटा के नाम से होगी।
2 जनवरी 1919 को साकची का नाम बदलकर जमशेदपुर रखा गया और कालीमाटी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर टाटानगर रेलवे स्टेशन रखा गया। वहीं संस्थापक को श्रद्धांजलि देने के बाद टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मीडिया को बताया कि टाटा स्टील निरंतर आगे बढ़ रहा है, चुनौतियां हैं लेकिन हम अपनी कार्य क्षमता यूनियन कर्मचारी सबके साथ मिलकर उसका सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि टाटा कई क्षेत्र में निवेश कर रहा है। आज विश्व बाजार के वर्तमान हालात में पॉलिसी में सरकार की मदद चाहिए। उन्होंने बताया कि अक टेक्नोलॉजी से टाटा स्टील जुड़ रहा है। एआई टेक्नोलोजी से जॉब के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा चेयरमैन ने कई संभावित हालात की जानकारी लोगों से साझा की।
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