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Published / 2025-08-11 18:10:57
सेंसेक्स 350 अंक चढ़कर 80,220 के स्तर पर पहुंचा

सप्ताह की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान पर, रुपया भी मजबूत

एबीएन बिजनेस डेस्क। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी सोमवार, 11 जुलाई को शेयर बाजार हरे निशान पर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स 350 अंक चढ़कर 80,220 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में भी 102 अंक की तेजी रही, ये 24,470 के ऊपर है। एसबीआई, एनटीपीसी और ट्रेंट के शेयर्स 1% चढ़े हैं। आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और बजाज फिनसर्व में मामूली गिरावट है।

ग्लोबल मार्केट में तेजी

  • एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी 0.16% चढ़कर 3,215 पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई आज बंद है। 
  • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.21% ऊपर 24,911 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.51% चढ़कर 3,653 पर कारोबार कर रहा है। 
  • 8 अगस्त को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.47% चढ़कर 44,175 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक कंपोजिट 0.98% ऊपर 21,450 पर और एस एंड पी 500 0.78% ऊपर 6,389 पर बंद हुए।

रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे मजबूत

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में आठ पैसे बढ़कर 87.50 पर पहुंच गया। अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी के चलते निवेशक रूस और अमेरिका के बीच आगामी वार्ता से संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि भारतीय रुपया सोमवार को मामूली बढ़त के साथ खुला। 

इसके अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.25 से 87.80 के दायरे में रहने की उम्मीद है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.56 पर खुला और 87.50 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.58 पर स्थिर बंद हुआ था।

Published / 2025-08-01 20:58:09
बीएसएनएल का एक रुपये का प्लान सबको दे रहा कड़ी टक्कर

एबीएन बिजनेस डेस्क। BSNL ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आजादी का प्लान नाम से मात्र 1 रुपए में एक नया प्लान लॉन्च कर दिया है। इस प्लान की खास बात ये है कि बहुत ही कम कीमत में लॉन्च हुआ ये प्लान आपको डेटा, कॉलिंग और एसएमएस सभी सुविधाएं देगा। लिमिटेड टाइम ऑफर वाला ये प्लान जियो, एयरटेल और Vi जैसी कंपनियों को कड़ी चुनौती दे सकता है।

Published / 2025-08-01 20:35:58
विदेशी निवेशकों ने भारत से मुंह मोड़ा

बाजार से निकाले ₹27,000 करोड़

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं विदेशी निवेशक। बीते 9 कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक ने करीब ₹27,000 करोड़ की बिकवाली की है। सिर्फ गुरुवार को ही उन्होंने ₹5,600 करोड़ का कैश निकाला। इस बिकवाली का सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर साफ दिखा।

क्यों बिक रहे हैं विदेशी निवेशक?

कमजोर Q1 रिजल्ट

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। खासकर IT और बैंकिंग सेक्टर में गिरावट दिखी। IT इंडेक्स एक महीने में 10% टूटा है और टॉप 9 प्राइवेट बैंकों की ग्रोथ सिर्फ 2.7% रही।

डॉलर में मजबूती

इस हफ्ते डॉलर इंडेक्स 2.5% बढ़कर 100 के पार चला गया है। मजबूत डॉलर का मतलब है कि निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका या मजबूत करेंसी वाले देशों में शिफ्ट हो रहे हैं।

अमेरिकी टैरिफ और ट्रंप फैक्टर

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति को लेकर आशंका बनी हुई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA के मुताबिक, ट्रंप के रुख से भारत का सुरक्षित निवेश वाला टैग खतरे में पड़ सकता है।

विदेशी निवेशक की रणनीति में बदलाव
FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में 90% तक शॉर्ट पोजिशन ले रखी है, जो जनवरी के बाद का रिकॉर्ड स्तर है।

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं

मार्केट एक्सपर्ट सुनील सुब्रमण्यम का कहना है कि FII को न तो ट्रेड डील का फायदा दिख रहा है, न ही फिलहाल भारत का वैल्यूएशन उन्हें आकर्षक लग रहा है। वहीं, चीन की GDP ग्रोथ और वहां के लो वैल्यूएशन ने उन्हें आकर्षित किया है। हालांकि, DII के पास पर्याप्त कैश है, और यह गिरावट उनके लिए खरीदारी का मौका बन सकती है।

Published / 2025-07-28 19:29:37
जानें शेयर बाजार के क्रैश होने के प्रमुख कारण

  • 5 बड़े कारण जिसकी वजह से Stock Market हुआ क्रैश

एबीएन बिजनेस डेस्क। सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता और गहरा गई है। सेंसेक्स 572 अंक लुढ़ककर 80,891 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 156 अंक गिरकर 24,680 के स्तर पर बंद हुआ।

 केवल तीन कारोबारी सत्रों में ही 13 लाख करोड़ रुपए से अधिक की निवेशकों की संपत्ति स्वाहा हो चुकी है। बाजार में भारी गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। आइए जानते हैं वे 5 बड़े कारण, जिन्होंने बाजार को हिला कर रख दिया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली 

शुक्रवार को एफआईआई ने ₹1,980 करोड़ की भारी बिकवाली की। पूरे पिछले सप्ताह में यह आंकड़ा ₹13,552 करोड़ तक पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस लगातार बिकवाली से बाजार में भरोसे की कमी आई है।

कोटक महिंद्रा बैंक का कमजोर प्रदर्शन

बैंक के शेयर में करीब 7% की गिरावट आई। Q1FY26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹4,472 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,448 करोड़ था। हालांकि, पिछली बार के मुनाफे में जनरल इंश्योरेंस यूनिट की बिक्री से आई ₹3,000 करोड़ की एकबारगी आय भी शामिल थी। साथ ही, बैंक ने अपने रिटेल कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो में कमजोरी की बात भी मानी है।

कमजोर ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल रहा। जापान का निक्केई, कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इसका सीधा असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.29% चढ़कर 68.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए ये वृद्धि महंगाई और आयात लागत दोनों को बढ़ाती है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है।

IT शेयरों पर दबाव

TCS, विप्रो, HCL टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज IT शेयरों में भारी गिरावट आई। खासतौर से TCS द्वारा अपने 2% ग्लोबल वर्कफोर्स की संभावित छंटनी की खबर ने पूरे सेक्टर में नकारात्मक माहौल बना दिया।

Published / 2025-07-28 18:47:35
जानें शेयर बाजार के क्रैश होने के प्रमुख कारण

  • 5 बड़े कारण जिसकी वजह से Stock Market हुआ क्रैश

एबीएन बिजनेस डेस्क। सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता और गहरा गई है। सेंसेक्स 572 अंक लुढ़ककर 80,891 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 156 अंक गिरकर 24,680 के स्तर पर बंद हुआ।

 केवल तीन कारोबारी सत्रों में ही 13 लाख करोड़ रुपए से अधिक की निवेशकों की संपत्ति स्वाहा हो चुकी है। बाजार में भारी गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। आइए जानते हैं वे 5 बड़े कारण, जिन्होंने बाजार को हिला कर रख दिया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली 

शुक्रवार को एफआईआई ने ₹1,980 करोड़ की भारी बिकवाली की। पूरे पिछले सप्ताह में यह आंकड़ा ₹13,552 करोड़ तक पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस लगातार बिकवाली से बाजार में भरोसे की कमी आई है।

कोटक महिंद्रा बैंक का कमजोर प्रदर्शन

बैंक के शेयर में करीब 7% की गिरावट आई। Q1FY26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹4,472 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,448 करोड़ था। हालांकि, पिछली बार के मुनाफे में जनरल इंश्योरेंस यूनिट की बिक्री से आई ₹3,000 करोड़ की एकबारगी आय भी शामिल थी। साथ ही, बैंक ने अपने रिटेल कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो में कमजोरी की बात भी मानी है।

कमजोर ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल रहा। जापान का निक्केई, कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इसका सीधा असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.29% चढ़कर 68.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए ये वृद्धि महंगाई और आयात लागत दोनों को बढ़ाती है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है।

IT शेयरों पर दबाव

TCS, विप्रो, HCL टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज IT शेयरों में भारी गिरावट आई। खासतौर से TCS द्वारा अपने 2% ग्लोबल वर्कफोर्स की संभावित छंटनी की खबर ने पूरे सेक्टर में नकारात्मक माहौल बना दिया।

Published / 2025-07-25 23:30:06
शेयर बाजार के लिए ब्लैक फ्राईडे बना 25 जुलाई

  • सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त गिरावट, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। ब्लैक फ्राइडे के रूप में याद किया जाने वाला दिन निवेशकों के लिए भारी नुकसान लेकर आया। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 721 अंक गिरकर 81,463.09 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी 225.10 अंक गिरकर 24,837 के स्तर पर बंद हुआ। 

निवेशकों का 7 लाख करोड़ का नुकसान
निवेशकों की दौलत सिर्फ दो दिनों में ?7 लाख करोड़ से अधिक घट गई है, क्योंकि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 23 जुलाई के 460.35 लाख करोड़ से घटकर लगभग 453 लाख करोड़ रह गया है। 

बाजार में गिरावट की वजह

  1. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। जबकि अमेरिका जापान, वियतनाम और फिलीपींस जैसे एशियाई देशों के साथ समझौते कर चुका है, भारत के साथ इसे लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
  2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली : जुलाई में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 28,528 करोड़ की निकासी की है। सिर्फ पिछले चार दिनों में ही उन्होंने 11,572 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार पर जबरदस्त दबाव बना है।
  3. पहली तिमाही के कमजोर नतीजे : आईटी और फाइनेंस सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में कंपनियों के पहली तिमाही के प्रदर्शन ने बाजार की उम्मीदों को निराश किया है। मैनेजमेंट की सतर्क टिप्पणियों ने निवेशकों की धारणा और कमजोर कर दी है।
  4. ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंता : विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार खासकर स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों का वैल्यूएशन अब बहुत ज्यादा हो गया है, जिसे मौजूदा कमाई के हिसाब से सही ठहराना मुश्किल है। इससे गिरावट की आशंका और बढ़ गई है।
  5. तकनीकी कमजोरी के संकेत : निफ्टी 50 का 25,000 के नीचे फिसलना तकनीकी रूप से और गिरावट की ओर इशारा करता है। एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि लगातार दो दिन तक बने मंदी के पैटर्न बाजार में कमजोरी को दर्शाते हैं।

Published / 2025-07-19 19:04:58
झारखंड को जीएसटी से करोड़ों का नुकसान

2030 तक इतना हो सकता है घाटा 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड को जीएसटी से अब तक 16,408 करोड़ का नुकसान हुआ है। ऐसे में 2030 तक घाटा और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। दरअसल, वाणिज्य कर विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार को जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक 16,408.78 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। 2030 तक करीब 61,677 करोड़ रुपये तक नुकसान पहुंच सकता है। 

विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 में राजस्व नुकसान 8136.05 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। बता दें कि पहले झारखंड से बाहर भेजे जाने वाले माल पर सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी) लगता था, जो राज्य के खाते में जाता था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद इस टैक्स की वसूली बंद हो गयी। अब किसी भी उत्पाद पर टैक्स तभी मिलता है, जब उसकी खपत झारखंड के भीतर हो। इस वजह से राज्य के खजाने को बड़ा झटका लगा है।

Published / 2025-07-09 21:14:24
कम कीमत पर मिलेगा हीरो का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर

एबीएन बिजनेस डेस्क। स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ब्रांड Vida ने हाल ही में अपने स्कूटर लाइनअप में विस्तार करते हुए अपनी नई Vida VX2 इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च किया है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को सिर्फ 59,490 रुपये की बेहद कम शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया था। 

अब, ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी ने सीमित समय के लिए एक नई शुरुआती कीमत की पेशकश की घोषणा की है, जिसके तहत Vida VX2 मॉडल की शुरुआती कीमत महज 44,990 रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) हो गई है। 

बता दें कि लॉन्च के समय, Vida VX2 Go वेरिएंट को बैटरी-एज-सब्स्क्रिप्शन (Baas) के साथ 59,490 रुपये और इसके BaaS के बिना 99,490 रुपये की कीमत पर उतारा गया था। वहीं Vida VX2 Plus के बैटरी-एज-सब्स्क्रिप्शन वेरिएंट की कीमत 64,990 रुपये और बिना इसके 1.10 लाख रुपये रखी गई थी।

लेकिन अब, कंपनी ने सीमित अवधि के लिए इनकी कीमत में कटौती कर दी है। ऐसे में Vida VX2 Go के बैटरी-एज-सब्स्क्रिप्शन वेरिएंट की कीमत कम होकर 44,990 रुपये और बिना BaaS के 84,990 रुपये हो गई है, जबकि VX2 Plus के BaaS वेरिएंट की कीमत 57,990 रुपये और BaaS के बिना 99,990 रुपये हो गई है। 

खास बात यह है कि इतनी कम कीमतों के साथ, Hero का लक्ष्य तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करना है। बता दें कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में हाल के दिनों में काफी तेजी देखी गई है। 

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