एबीएन बिजनेस डेस्क। सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है और अब भारत में सोना 1 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की बढ़ती मांग के चलते यह उछाल देखने को मिल रहा है।
इस हिसाब से 10 ग्राम सोने की कीमत ?1,14,300 तक पहुंच रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सोना खरीदने से पहले पूरा चार्ज और टैक्स समझना बेहद जरूरी है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार आज सुबह गिरावट के साथ खुले, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही हालात बदलने लगे। दोपहर बाद सेंसेक्स में 1,450 अंक से अधिक तेजी आयी और निफ्टी भी 23,800 अंक के पार पहुंच गया। वित्तीय शेयरों में खूब खरीदारी से शेयर बाजार में तेजी आयी।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1508 अंक बढ़कर 78,553 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 414 अंक बढ़कर 23,851 पर बंद हुआ। इस तेजी से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 418.98 लाख करोड़ रुपये हो गया।
एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप अब तक सोच रहे थे कि सोना महंगा हो गया है, तो रुकिए! असली झटका तो अभी बाकी है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगले कुछ सालों में गोल्ड की कीमतें ऐसे ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं, जिसकी कल्पना भी आम निवेशकों ने शायद न की हो। 10 ग्राम सोना 1 लाख नहीं, सीधे 2 लाख रुपए से भी ज्यादा का हो सकता है! आइए जानते हैं इस चौंकाने वाली भविष्यवाणी के पीछे की पूरी कहानी।
एक कमोडिटी विशेषज्ञ ने एक इंटरव्यू में कहा है कि अगले 5 सालों में गोल्ड की कीमतें $8000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। अगर मौजूदा एक्सचेंज रेट (85/$) के हिसाब से गणना करें, तो भारतीय बाजार में इसका मतलब है:
क्या है गोल्ड में इस तेजी की वजह विशेषज्ञों का मानना है कि
वर्तमान में थोड़ी बहुत गिरावट की संभावना जरूर बताई गई है—जैसे कि $2800-$2900 प्रति औंस का लेवल—लेकिन 2025 के मध्य तक यह $3500 और फिर 5 सालों में $8000 तक उछल सकता है।
यह खबर निवेशकों के लिए उत्साहित करने वाली जरूर है, लेकिन जरूरी है कि आप बिना सोचे-समझे पैसा न लगाएं। हर निवेश जोखिम के साथ आता है, और इसलिए फैसला लेने से पहले किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
एबीएन बिजनेस डेस्क। नये सत्र की शुरूआत महंगा होने वाली है, दरअसल,अब रसोई गैस का सिलिंडर भी महंगा होने वाला है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी उज्ज्वला और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए होगी। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी किए जाने का एलान किया।
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की वृद्धि होगी। 500 से यह 550 (पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए) हो जायेगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जायेगी।
एबीएन बिजनेस डेस्क। आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट आयी, जिससे लाखों निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गये। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, शुरुआती घंटों में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखी गयी।
सेंसेक्स 3,939.68 अंक गिरकर 71,425.01 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी में 1,160.8 अंक की गिरावट आयी और यह 21,743.65 अंक पर आ गया। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 30 पैसे गिरकर 85.74 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों के बीच अस्थिरता और चिंता का माहौल बना हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर भारी टैरिफ लगाए हैं, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ बढ़ा दिये हैं। इसमें चीन और कनाडा जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इस बढ़ते व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक तनाव बढ़ गया है और इसके परिणामस्वरूप महंगाई और मंदी का खतरा गहरा गया है। इस स्थिति ने दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट को जन्म दिया है।
गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों में आई अस्थिरता भी है, जहां दुनियाभर के प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में पिछले सप्ताह भारी गिरावट के बाद अब भारतीय बाजार में भी असर देखा गया है। इसके अलावा, घरेलू आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया। निवेशकों के बीच बढ़ती अस्थिरता और कमजोर आर्थिक संकेतकों ने बाजार में हड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में निवेशकों को धैर्य बनाए रखने और दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। short-term बाजार उतार-चढ़ाव को लेकर घबराने की बजाय निवेशकों को लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहिएइसके साथ ही ब्रोकरेज हाउस का निवेशकों को संदेश है कि वैश्विक बाजार की वर्तमान स्थिति और हमारी RMS नीति के तहत, कैश सेगमेंट में इंट्राडे ट्रेडिंग (लॉन्ग और शॉर्ट) अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। कृपया अपनी ट्रेडिंग योजनाओं को इसके अनुसार समायोजित करें।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार आज 4 अप्रैल को ब्लैक फ्राइडे देखने को मिला। सेंसेक्स-निफ्टी 1% से अधिक क्रैश हो गये। ग्लोबल ट्रेड वार शुरू होने की आशंका ने निवेशकों के मनोबल को गिरा दिया है। इसके चलते बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 930 अंक टूटकर 75,364 के स्तर और निफ्टी 345 अंक लुढ़ककर 22,904 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,009 अंक या 1.32 फीसदी टूटकर 75,286 के स्तर तक टूट गया। वहीं निफ्टी 375 अंक या 1.61 फीसदी लुढ़ककर 22,874 के स्तर पर पहुंच गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये घट गयी। फार्मा, आईटी और मेटल शेयरों में हाहाकार मचा।
डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गयी है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% और अन्य देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया है। इसके जवाब में कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25% टैरिफ लगाया, जबकि चीन ने सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 2,806 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने केवल 221 करोड़ की खरीदारी की।
एबीएन बिजनेस डेस्क। सोने की कीमतें एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी। बीते 12 महीनों में 50वीं बार सोने ने आल-टाइम हाई स्तर को छुआ है। यह पिछले 12 वर्षों में सोने की सबसे लंबी तेजी का दौर है और इसके इतिहास में तीसरा सबसे लंबा बुल रन माना जा रहा है। 1970 के दशक में महंगाई, सुस्त आर्थिक विकास और बेरोजगारी के कारण सोने में लगातार चार साल तक तेजी देखी गयी थी। इस साल अब तक सोने की कीमत 16% बढ़ चुकी है, जबकि पिछले एक साल में यह 39% का उछाल दिखा चुका है। यह लगातार तीसरे साल पॉजिटिव परफॉर्मेंस की ओर बढ़ रहा है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की दूसरी तिमाही तक सोना 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत दिसंबर 2025 तक $3,200 से $3,400 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सरार्फा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 1,100 रुपये बढ़कर 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के नये उच्च स्तर पर पहुंच गयी। पिछले सत्र में यह 91,050 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। यह 1,300 रुपए बढ़कर 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी, जो इसके अब तक के उच्चतम स्तर के करीब है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार को एक बार फिर से मंदी का पंच लगा है, जिसकी शुरुआत 25 मार्च को ही हो गयी थी। इस पंच की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को दो दिनों में करीब 6.40 लाख करोड़ रुपये डूब गये हैं। खास बात तो ये है कि मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मामूली तेजी के साथ बंद हुए थे। उसके बाद भी निवेशकों को 3.34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा था।
वहीं बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी गिरावट देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से निवेशकों को कारोबारी सत्र के दौरान करीब 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। शेयर बाजार में जिस मंदी के पंच की बात हो रही है, उसमें यूएस टैरिफ की अनिश्चितता, तेजी के बाद बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, हैविवेट शेयरों में गिरावट और डॉलर इंडेक्स में इजाफा है।
ये पांचों चीजें किसी भी सूरत में भारतीय शेयर बाजार के लिए ठीक नहीं है। इससे पहले सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार 7 कारोबारी दिनों में इजाफा देखने को मिला है। इस दौरान शेयर बाजार निवेशकों को 5.7 फीसदी का रिटर्न दिया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर बुधवार को शेयर बाजार के आंकड़े किस तरह के देखने को मिल रहे हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखने को मिल रही है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक संसेक्स दोपहर तीन बजे करीब 800 अंकों की गिरावट के साथ 77,237.24 अंकों पर कारोबार कर रहा है। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 77,229.77 अंकों के दिन के लोअर लेवल पर भी गया। वैसे सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 78,021.45 अंकों के साथ ओपन हुआ था और 78,167.87 अंकों के दिन के हाई पर ओपन हुआ था। खास बात तो से मंगलवार कों सेंसेक्स 33 अंकों की तेजी साथ बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।
आंकड़ों के अनुसार निफ्टी 205 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। दोपहर 3 बजे निफ्टी 23,463.65 अंकों पर देखने को मिला। खास बात तो ये है कि 23,700.95 अंकों पर ओपन हुआ था। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 23,451.70 अंकों दिन के लोअर लेवल पर भी गया। इससे पहले लगातार 7 कारोबारी दिनों में निफ्टी 5.7 फीसदी की तेज देखने को मिली है। इस दौरान निवेशकों को भी मोटा नुकसान हुआ है।
आंकड़ों को देखें तो बीएसई का मार्केट कैप निवेशकों की कमाई से जुड़ा हुआ होता है। एक दिन पहले बीएसई का मार्केट कैप 4,14,94,992.3 करोड़ रुपए था, जो बुधवार को कारोबारी सत्र के दौरान गिरकर 4,11,88,539.61 करोड़ रुपए हो गया। इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा साफ हो गये। वहीं दूसरी ओर 24 मार्च को बीएसई का मार्केट कैप 4,18,29,351.91 करोड़ रुपये था, जिसमें अब तक 6.40 लाख करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिलन चुकी है।
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