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Published / 2021-12-25 17:57:42
चीन, ड्रैगन ने दबा रखा है विश्व का आधा अनाज, इसलिए दुनिया भर में बढ़ी महंगाई

एबीएन डेस्क। दुनिया की कुल आबादी में चीन का हिस्सा 20 फीसदी से भी कम है, लेकिन उसने अपने भंडारों में मक्के और दूसरे अनाजों के दुनिया की कुल पैदावार का लगभग आधा हिस्सा जमा कर रखा है। इसकी वजह से बाकी दुनिया को इन अनाजों की महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। चीन का सबसे बड़ा अनाज भंडार बंदरगाह शहर दालियान में है। इसका संचालन चीन की प्रमुख सरकार कंपनी कॉफको करती है। इस भंडार में देश-विदेश से खरीदे गए बीन्स और अनाज को रखा जाता है। यहां से रेल और जल मार्गों के जरिए अनाज पूरे चीन में भेजा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय इस भंडार में अनाज की जितनी मात्रा है, उतनी पहले कभी नहीं थी। ये बात इस भंडार के प्रमुख चिन युयुन ने पिछले महीने स्वीकार की थी। चिन ने कहा था- इस समय भंडार में इतना गेहूं है, जिससे डेढ़ साल तक की मांग पूरी की जा सकती है। देश में खाद्य सामग्रियों की सप्लाई की कोई समस्या नहीं है। अमेरिका कृषि विभाग का अनुमान है कि 2022 की पहली छमाही में दुनिया के कुल मक्का भंडार का 69 फीसदी हिस्सा चीन में होगा। इसी तरह 60 प्रतिशत चावल और 51 प्रतिशत गेहूं चीन के भंडारों में मौजूद रहेगा। इस अनुमान के मुताबिक दस साल पहले चीन के भंडारों में जितना अनाज था, आज वह उससे 20 प्रतिशत ज्यादा है। चीन ने 2020 में 98.1 बिलियन डॉलर की खाद्य सामग्रियों का आयात किया। इसमें पेय सामग्रियां शामिल नहीं हैं। एक दशक पहले की तुलना में पिछले साल चीन ने अनाज का चार गुना अधिक आयात किया। चीन के कस्टम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी से सितंबर के बीच चीन ने खाद्य सामग्रियों का 2016 के बाद का सबसे ज्यादा आयात किया। बीते पांच वर्षों में चीन ने सोयाबीन, मक्का और गेहूं का दो से लेकर 12 गुना तक ज्यादा आयात किया है। उसने ये खरीदारी अमेरिका, ब्राजील और दूसरे अनाज निर्यातक देशों से की है। चीन के बीफ, पोर्क, डेयरी और फल आयात में दो से लेकर पांच गुना तक बढ़ोतरी हुई है। इस बीच बाकी दुनिया में खाद्य पदार्थों की कीमत तेजी से चढ़ी है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के आंकड़ों के मुताबिक बीते नवंबर में खाद्य मूल्य सूचकांक एक साल पहले की तुलना में 30 प्रतिशत ऊपर था। जापान के नेशनल रिसोर्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष अकियो शिबाता ने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- चीन की जमाखोरी भी बढ़ती खाद्य महंगाई का एक कारण है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन अधिक मात्रा में अनाज और दूसरी खाद्य सामग्रियों का इसलिए आयात कर रहा है, क्योंकि वहां उपभोग की बढ़ती मांग के मुताबिक पैदावार नहीं हो रही है। देश में आर्थिक विकास के साथ पोर्क और दूसरे पशु खाद्यों की मांग बढ़ी है। चीन के उपभोक्ता अब अच्छी क्वालिटी के विदेशी खाद्यों की मांग भी कर रहे हैँ। इस बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खाद्य सुरक्षा को खास महत्त्व देने की नीति अपनाई है। इन सब कारणों ने चीन ने खाद्य आयात असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।

Published / 2021-12-24 03:55:43
सरकार ने दिया टेलिकॉम कंपनियों को निर्देश, दो साल तक रखो कॉल के रिकॉर्ड

एबीएन डेस्क। केंद्र सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए फोन कंपनियों से दो साल का कॉल रिकॉर्ड रखने को कहा है। दरअसल, इसके पीछे सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है। बता दें कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक बदलाव करते हुए दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ-साथ अन्य सभी दूरसंचार लाइसेंसधारियों को कम से कम दो साल के लिए कॉल रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए कहा है, इससे पहले एक साल का रिकाॅर्ड रखा जाता था। 21 दिसंबर को एक अधिसूचना के माध्यम से, दूरसंचार विभाग ने कहा है कि सभी कॉल विवरण रिकॉर्ड, एक्सचेंज विवरण रिकॉर्ड, और नेटवर्क पर एक्सचेंज संचार का IP विवरण का रिकॉर्ड 2 साल के लिए रखा जाना चाहिए। अधिसूचना में कहा गया है कि इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को 2 साल की अवधि के लिए सामान्य IP विवरण रिकॉर्ड के अलावा इंटरनेट टेलीफोनी डिटेल भी सेव करके रखनी होगी। इससे संबंधित एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा इसलिया आदेश दिया गया है क्योंकि उन्हें एक साल बाद भी डेटा की आवश्यकता रहती है क्योंकि कई मामलों में जांच पूरी होने में समय अधिक लगता है।

Published / 2021-12-20 13:56:33
एलन मस्क बनाएंगे इतिहास, 85 हजार करोड़ टैक्स चुकाने वाले होंगे अमेरिका के पहले शख्स

एबीएन डेस्क। दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बार वो टैक्स देने की वजह से चर्चा में हैं। एलन मस्क ने ट्विटर पर कहा है कि वे इस साल करीब करीब 11 बिलियन डॉलर (करीब 85 हजार करोड़ रुपए) टैक्स चुकाएंगे। अगर ऐसा होता है तो यह अमेरिका के इतिहास में पहली बार होगा, जब कोई इतनी बड़ी रकम टैक्स के रूप में चुकाएगा। अमेरिकी की रेवेन्यू सर्विस को मिलेगा सबसे ज्यादा टैक्स : मस्क ने कहा कि वो इस साल अमेरिका के इतिहास में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले शख्स बनेंगे। उन्होंने ट्विटर पर वारेन को जवाब देते हुए लिखा- अगर आपने 2 सैकेंड के लिए अपनी आंखें खोली, तो आपको एहसास होगा कि मैं इस साल इतिहास में किसी भी अमेरिकी से ज्यादा टैक्स चुकाऊंगा। अगर हिसाब लगाया जाए तो 85 हजार करोड़ रुपए उनकी कमाई का एक छोटा सा हिस्सा है। एलन मस्क नेटवर्थ के मामले में इस वक्त दुनिया में सबसे आगे चल रहे हैं। 255 बिलियन डॉलर के साथ वो टॉप पर है। इस साल इन आंकड़ों में 55 बिलियन का इजाफा हुआ है।

Published / 2021-12-20 11:39:47
सोने के दाम में गिरावट, चांदी भी हुई सस्ती

नई दिल्ली। रुपये की मजबूती के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोना 142 रुपये की गिरावट के साथ 47,480 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। पिछले कारोबार में सोना 47,622 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी 615 रुपये की गिरावट के साथ 60,280 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले कारोबार में 60,895 रुपये प्रति किलोग्राम थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा, रुपये की मजबूती के कारण दिल्ली में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत में 142 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली बढ़त के साथ 1,799 डॉलर प्रति औंस और चांदी सपाट होकर 22.30 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी।

Published / 2021-12-18 13:52:27
नहीं हो रही डिलीवरी, नई गाड़ी खरीदने के लिए लाइन में 7 लाख लोग

एबीएन डेस्क। कोरोना महामारी की मार के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर ने तेजी से वापसी की है। गाड़ियों की मांग में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। आलम ये है कि ऑटो सेक्टर गाड़ियों की बढ़ती डिमांड को पूरा नहीं कर रहा है और लोगों को नई गाड़ी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अभी देश के 7 लाख लोग अपनी कार की डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं। अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन 7 लाख लोगों ने गाड़ी खरीदने के लिए बुकिंग कराई हुई है लेकिन अभी तक कार की डिलीवरी नहीं मिली है। ऐसा नहीं है कि ये लोग किसी खास गाड़ी की डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं, बल्कि हर प्रकार की गाड़ियों की वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा के एक-एक लाख लोग कार डिलीवरी की वेटिंग लिस्ट में है। किआ मोटर्स के 75 हजार ग्राहक वेटिंग लिस्ट में हैं। कंपनियां कार डिलीवर नहीं कर पा रही हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर इन दिनों सेमीकंडक्टर चिप की कमी से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि सेमीकंडक्टर चिप की कमी की वजह से दुनियाभर की 170 इंडस्ट्रीज परेशान हैं। इनमें से एक ऑटो सेक्टर भी है। 150 लाख करोड़ का नुकसान : सेमीकंडक्टर चिप की भारी कमी के कारण इस साल ऑटो इंडस्ट्री को करीब 150 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। जापान की कंपनी टोयोटा को भी चिप की कमी के कारण नुकसान हो रहा है।

Published / 2021-12-17 11:05:08
चीन को लगेगा झटका , ई-वाहनों के लिए देश में ही बनेगी लिथियम आयन बैटरी

एबीएन डेस्क। भारत में जल्द ही लिथियम आयन बैटरी का निर्माण शुरू किया जाएगा। इससे देश में न केवल ई वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा बल्कि देश में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि आयात निर्भरता घटाने के लिए विभिन्न देशों के साथ लिथियम पर करार किए जा रहे हैं। क्या कहा नीति आयोग? : कांत ने कहा, पब्लिक सेक्टर की कंपनी बिदेश इंडिया लिमिटेड अर्जेंटिना, चिली, ऑस्ट्रेलिया और बोलिविया में लिथियम और कोबाल्ट की खादानों के लिए लगातार बातचीत कर रही है। ये वो देश हैं जहां लिथियम का भंडार है। इसके साथ ही अर्बन माइनिंग पर भी काम चल रहा हो जहां रिसाइकिलिंग के जरिए लिथियम का उत्पादन किया जा सके। इससे आयात को घटाने में मदद मिलेगी। अमिताभ कान्त ने आगे बताया कि ई-व्हीकल इंडस्ट्री के लिए काम कर रही संसदीय समिति भी देश में लिथियम आयन बैटरी के उत्पादन पर जोर दे रही है। समिति ने कहा है कि वर्ष 2030 तक देश में ई- व्हीकल मार्केट 206 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस टारगेट तक पहुंचना तभी संभव है जब देश में ही लिथियम बैटरी के उत्पादन में वृद्धि होगी। सरकार लिथियम आयन बैटरी के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन राशि (PLI) की घोषणा भी कर चुकी है। इसके लिए लगभग 43 हजार करोड़ रुपए को मंजूरी मिली है। ई-व्हीकल मार्केट में अगले 5 सालों में करीब 94 हजार करोड़ रुपए का निवेश की संभावनाएं जताई गई हैं। चीन को लगेगा झटका : अभी देश में लिथियम बैटरी व सेल की एक भी उत्पादन इकाई नहीं है और 100 फीसदी जरूरत आयात के जरिए पूरी होती है, जिसमें सबसे ज्यादा हिस्सा चीन से आता है। इतना ही नहीं दुनियाभर में बनने वाली एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) का 90 फीसदी उत्पादन भी चीन ही करता है।

Published / 2021-12-15 03:40:40
असम की चाय ने नीलामी में तोड़ा खुद का रिकॉर्ड, 99,999 रुपए में बिकी एक किलो

एबीएन डेस्क। असम की खास किस्म की चाय ने नीलामी का नया रिकॉर्ड बनाया है। मनोहारी गोल्ड टी 99,999 रुपए प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड कीमत पर बिकी है। गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (GTAC) के सचिव प्रियनुज दत्ता ने कहा कि मनोहारी चाय बागान ने अपनी ‘मनोहारी गोल्ड’ किस्म का एक किलोग्राम सौरभ टी ट्रेडर्स को बेचा। यह देश में चाय की बिक्री और खरीद में अब तक की सबसे ऊंची नीलामी कीमत है। मनोहरी टी एस्टेट के मालिक राजन लोहिया ने कहा, हम इस प्रकार की प्रीमियम क्वालिटी वाली स्पेशल चाय के लिए खास उपभोक्ताओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों द्वारा मांग के आधार पर चाय का निर्माण करते हैं। क्या है चाय की खासियत? मनोहरी गोल्ड टी की खासियत यह है कि ये पत्तियों से नहीं बल्कि छोटी कलियों से तैयारी की जाती है, इसलिए इसकी कीमत ज्यादा है और स्वाद भी काफी अच्छा होता है। चमकीले पीले रंग की लीकर का स्वाद सुखद होता है और इसे कई हेल्थ बेनिफिट्स के लिए जाना जाता है। असम चाय अपने स्वादिष्ट स्वाद, मजबूत और चमकीले रंग के लिए जानी जाती है। मनोहारी गोल्ड चाय अपने नाम के साथ मेल खाती है। यह चाय की पत्तियां पीसे जाने पर एक सुनहरा रंग देती हैं। ऑक्सीडेशन के कारण, इसकी प्रक्रिया के दौरान हरे रंग से भूरापन में रंग बदल जाता है और सूखने पर, कलियां सुनहरी हो जाती हैं और फिर उन्हें काले पत्तों से अलग किया जाता है। एक महीने में ही टूट गया रिकॉर्ड मनोहरी गोल्ड टी जुलाई 2019 में जीटीएसी नीलामी में 50,000 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकी थी, जो उस समय की उच्चतम नीलामी कीमत थी। हालांकि, रिकॉर्ड एक महीने के भीतर टूट गया, जब अरुणाचल प्रदेश के डोनी पोलो टी एस्टेट द्वारा निर्मित ‘गोल्डन नेडल्स टी’ और असम के डिकॉन टी एस्टेट की ‘गोल्डन बटरफ्लाई टी’ अलग-अलग नीलामियों में 75,000 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकी। इतना ही नहीं साल 2018 में, यही चाय इसी प्लांटेशन में सबसे महंगी नीलाम हुई थी। मनोहरी टी स्टेट की इस चाय की कीमत 39,001 रुपए प्रति किलोग्राम लगाई गई। साल 2021 में यह चाय सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 99,999 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिकी। लोहिया के मुताबिक, 2018 में इस स्पेशन वैरायटी का उत्पादन शुरू करने के बाद से मनोहरी गोल्ड चाय की बहुत अधिक मांग है। यह दुनिया भर में लोकप्रिय हो गई है और हर साल नीलामी में रिकॉर्ड तोड़ रही है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों द्वारा ब्रांड की मांग की जाती है।

Published / 2021-12-12 15:01:41
मोटी कमाई के पीछे भागते वक्त निवेशक सावधान रहें : शक्तिकांत

एबीएन डेस्क। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रविवार को निवेशकों को आगाह किया कि वे मोटी कमाई के पीछे भागते वक्त सावधान रहें, क्योंकि उसमें बड़ी जोखिम रहती है। गर्वनर दास ने कहा कि निवेशकों या जमाकर्ताओं को स्वयं भी बहुत समझदार होने की आवश्यकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उच्च रिटर्न या उच्च ब्याज दरों से अक्सर उच्च जोखिम जुड़ी होती है। सिर्फ इसलिए कि एक बैंक ज्यादा ब्याज की पेशकश कर रहा है तो उसका पीछा करते हुए उसमें पैसा लगाने से पहले बहुत सावधान रहना चाहिए। रिजर्व बैंक के गवर्नर ने यह भी कहा कि ऐसे संस्थान भी हैं, जो उच्च रिटर्न दे रहे हैं और वे आर्थिक रूप से सक्षम भी हैं, लेकिन जमाकर्ताओं को हमेशा बहुत सतर्क रहना चाहिए। दिल्ली में आयोजित डिपॉजिटर्स फर्स्ट कार्यक्रम में गवर्नर दास ने कहा कि रिजर्व बैंक इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि बैंकिंग तंत्र मजबूत और लचीला बना रहना चाहिए, लेकिन यह साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हर हितधारक चाहे वह बैंकों का प्रबंधन हो, चाहे वह बैंकों का बोर्ड हो, चाहे वह बैंकों की विभिन्न समितियां हों, लेखा परीक्षा समिति, जोखिम प्रबंधन समिति या कोई अन्य नियामक प्राधिकरण हो, हम सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है। जमा बीमा राशि अंतिम विकल्प होना चाहिए : बैंकों या वित्तीय संस्थान के डूबने की दशा में जमाकर्ताओं को उनकी जमा के एवज में दी जाने वाली बीमा राशि को लेकर गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह राशि अंतिम विकल्प होना चाहिए। रिजर्व बैंक बैंकों नियामक दिशानिर्देशों को मजबूत कर निगरानी के तरीकों को सशक्त बना रहा है, ताकि बैंकों का कामकाज बहुत लचीले तरीके से आगे बढ़ सके। रिजर्व बैंक ने आम बजट की घोषणा के अनुसार किसी बैंक या वित्त संस्थान के संकटग्रस्त होने की दशा में बैंकों में जमा राशि का अधिकतम पांच लाख रुपये तक का भुगतान करने के लिए जमा बीमा नीति लागू की है। इसमें खाते में जमा राशि या अधिकतम पांच लाख रुपये की राशि बैंक के जमाकर्ता को लौटाने का प्रावधान है।

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