एबीएन बिजना डेस्क। लंबे समय से टाटा की जिस ईवी की चर्चा चल रही थी आखिर उसको लॉन्च कर ही दिया गया है। टाटा की हैचबैक टियागो का इलेक्ट्रिक एडिशन बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। इस गाड़ी की कीमत को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे। आखिर हुआ भी वही जिसकी चर्चा थी। टियागो को दस लाख रुपये के अंदर रखते हुए इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कॉस्ट 8.49 लाख रुपये ही रखी गई है। जानकारी के अनुसार एक चार्ज पर टियागो इलेक्ट्रिक 315 किमी चलेगी। वहीं इसकी बुकिंग 10 अगस्त से और डिलीवरी जनवरी 2023 से शुरू होगी। टिगोर ईवी के इंटीरियर्स को लेकर कंपनी ने कुछ बदलाव किये हैं। डैशबोर्ड को डुअल कलर में करने के साथ ही इसमें हरमन का इंफोटेनमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। साथ ही प्रीमियम लुक देने के लिए लेदर सीट कवर्स दिए गए हैं। ये अपर मॉडल में ही उपलब्ध होंगे। हालांकि टिगोर के बेसिक प्लेटफार्म से छेड़छाड़ नहीं की गई है। टाटा मोटर्स की अब दो इलेक्ट्रिक कार मार्केट में दस्तक दे चुकी हैं। इनमें पहले से सड़कों पर धूम मचा रही नेक्सॉन ईवी, जिसके दो वेरिएंट हैं। वहीं अब टाटा ने टिगोर को भी लॉन्च कर दिया है जो आने वाले साल की शुरुआत में सड़कों पर देखने को मिल जायेगी। टाटा की इन दो गाड़ियों के साथ ही ईवी मार्केट में भी कंपनी की बादशाहत कायम हो जायेगी। हालांकि सिट्रॉन की सी 3 ईवी भी गुरुवार को लॉन्च होने जा रही है और इसकी सीधी टक्कर टिगोर से होगी। क्या होगी खासियत : कंपनी ने इसमें फास्ट चार्जिंग फैसिलिटी दी है। कार में 26kWh लिथियम-आयन बैट्री पैक होगा। ये 1 घंटे में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जायेगी। फुल चार्ज पर कार करीब 300 किमी की रेंज देगी। इसमें जेड कनेक्ट होगा जो स्मार्टवॉच कनेक्टिविटी भी देगा।
एबीएन बिजनेस डेस्क। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि उनकी कंपनी अगले दशक में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश मुख्य रूप से नयी ऊर्जा और डेटा केंद्र सहित डिजिटल क्षेत्र में किया जायेगा। बता दें, गौतम अदाणी दुनिया के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि इस निवेश का 70 प्रतिशत हिस्सा ऊर्जा संक्रमण क्षेत्र में होगा। बंदरगाह से लेकर ऊर्जा कारोबार में शामिल समूह आने वाले दिनों में 45 गीगावाट हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता जोड़ेगा करेगा। इसके अलावा सौर पैनल, पवन टर्बाइन और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर बनाने के लिए तीन कारखानों को स्थापित किया जायेगा। सिंगापुर में आयोजित फोर्ब्स ग्लोबल सीइओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए अदाणी ने कहा एक समूह के रूप में, हम अगले दशक में 100 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी का निवेश करेंगे। हमने इस निवेश का 70 प्रतिशत ऊर्जा संक्रमण क्षेत्र के लिए तय किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मौजूदा 20 गीगावाट नवीकरणीय पोर्टफोलियो के अलावा, नये व्यवसाय को 45 गीगावाट हाइब्रिड नवीकरणीय बिजली उत्पादन द्वारा बढ़ाया जाएगा। यह उद्यम 100,000 हेक्टेयर भूमि में फैला हुआ है, जो सिंगापुर का 1.4 गुना क्षेत्र है। इससे तीन करोड़ टन ग्रीन हाइड्रोजन का व्यावसायीकरण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनका समूह तीन गीगा फैक्ट्रियों की स्थापना भी करेगा - (1) 10 गीगावॉट सिलिकॉन आधारित फोटोवोल्टिक मूल्य-श्रृंखला के लिए, रॉ सिलिकॉन से लेकर सोलर पैनल तक को एकीकृत करेगी। (2) 10 गीगावॉट की एकीकृत पवन टरबाइन विनिर्माण संयंत्र और (3) पांच गीगावॉट हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर फैक्टरी। उन्होंने कहा कि आज वे ग्रीन इलेक्ट्रॉन के सबसे कम खचीर्ले उत्पादक हैं और हम सबसे कम लागत में ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन भी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा, भारतीय डेटा सेंटर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यह क्षेत्र दुनिया के किसी भी अन्य उद्योग की तुलना में अधिक ऊर्जा की खपत करता है और इसलिए ग्रीन डेटा सेंटर बनाने का हमारा कदम एक बहुत बड़ा बदलाव है। अदाणी ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह भी कहा कि भारत अविश्वसनीय अवसरों से भरा है और वास्तविक भारत के विकास की कहानी अभी शुरू हो रही है। अडाणी ने चीन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कभी वैश्वीकरण में अग्रणी रहा यह देश अब चुनौतियों का सामना कर रहा है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार सुबह लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दिखी है। ग्लोबल मार्केट में आई गिरावट और रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी की वजह से निवेशकों के सेंटिमेंट पर भी निगेटिव असर दिख रहा है। सेंसेक्स आज सुबह 115 अंकों के नुकसान के साथ 59,005 पर खुला और कारोबार शुरू किया, जबकि निफ्टी 36 अंकों के नुकसान के साथ 17,594 के स्तर पर खुला और ट्रेडिंग शुरू किया। निवेशकों ने आज शुरुआत से ही बिकवाली जारी रखी और लगातार मुनाफावसूली से सुबह 9.25 बजे सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 58,867 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 अंक टूटकर 17,600 पर पहुंच गया है। निवेशकों ने आज सुबह से ही एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, इंडसइंड, बैंक और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं और लगातार खरीदारी से इन कंपनियों के स्टॉक टॉप गेनर की सूची में आ गये। दूसरी ओर, टाटा स्टील, सिप्ला, हीरो मोटोकॉर्प ,अपोलो हॉस्पिटल्स और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियों में बिकवाली से गिरावट रही और ये स्टॉक्स टॉप लूजर की सूची में शामिल हो गये। आज के कारोबार को अगर सेक्टरवार देखें तो सभी सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी है। हालांकि, निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मेटल जैसे सेक्टर्स में मामूली तेजी दिखी है, जबकि निफ्टी बैंक, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में आज 1 फीसदी तक गिरावट दिख रही है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और मिडकैप 100 पर भी आज शुरुआती कारोबार में 0.2 फीसदी का नुकसान दिख रहा है। एशिया के ज्यादातर शेयर बाजार आज सुबह नुकसान पर खुले हैं और लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज पर आज सुबह 0.43 फीसदी का नुकसान दिख रहा है, जबकि जापान का निक्केई 0.58 फीसदी के नुकसान पर कारोबार कर रहा है। हांगकांग के शेयर बाजार में भी 0.51 फीसदी तो ताइवान के बाजार में 0.08 फीसदी की गिरावट दिख रही है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बाजार भी 1.01 फीसदी के नुकसान पर ट्रेडिंग कर रहा है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और यूरो क्षेत्र भले ही मंदी की ओर बढ़ रहे हों लेकिन भारत पर इसका असर पड़ने की आशंका नहीं है। उसने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था से बहुत ज्यादा जुड़ी हुई नहीं है। एसएंडपी ग्लोबल में मुख्य अर्थशास्त्री एवं प्रबंध निदेशक पॉल एफ ग्रुएनवाल्ड ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी व्यापक घरेलू मांग की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था से बहुत ज्यादा जुदा है, हालांकि भारत ऊर्जा का शुद्ध आयात करता है। एक ओर आपके पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है वहीं आपकी कंपनियां भी अच्छा बहीखाता कायम रखने में सफल रही हैं। ग्रुएनवाल्ड ने कहा कि देखा जाए तो भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था से कभी भी पूरी तरह से जुड़ा नहीं था और इसलिए यह वैश्विक बाजारों से तुलनात्मक रूप से स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप में मंदी आती है तो बहुत कुछ वैश्विक कोष के प्रवाह पर भी निर्भर करेगा।
एबीएन बिजनेस डेस्क। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि एनपीसीआई की ओर से जारी आंकड़ों से यह पता चलता है कि यूपीआई के माध्यम से जुलाई 2022 में 10.62 लाख करोड़ रुपये के 628 करोड़ लेनदेन किए गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि यूपीआई से मासिक आधार पर लेनदेन में पर्याप्त वृद्धि देखी जा रही है। यूपीआई का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक दिन में एक अरब लेनदेन को पूरा करना है। यूपीआई के माध्यम से जुलाई 22 में 10.62 लाख करोड़ रुपये के 628 करोड़ लेनदेन किए गए। इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि यूपीआई से मासिक आधार पर लेनदेन में पर्याप्त वृद्धि देखी जा रही है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। टाटा समूह वर्ष 2027 तक मोबाइल पुर्जों के संयंत्र, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, अक्षय ऊर्जा और ई-कॉमर्स जैसे नए उद्योगों में 90 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। इकोनॉमिस्ट ने आज खबर दी है कि भारत में टाटा समूह का यह निवेश मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा नियोजित 75 अरब डॉलर के निवेश और अदाणी समूह द्वारा देश में अगले पांच साल में 55 अरब डॉलर के निवेश की योजना से कहीं अधिक है। टाटा समूह द्वारा किया जा रहा यह निवेश अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बजाय घरेलू बाजार में अधिक ध्यान केंद्रित करने की उसकी रणनीति में बदलाव दर्शाता है, जहां समूह को पैसा गंवाना पड़ा है। अखबार ने कहा है कि टाटा के नए निवेश का तकरीबन 77 प्रतिशत भाग भारत में निवेश होगा। टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि वैश्विक कंपनियों के लिए भारत स्थित आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करने के लिए वैश्विक अवसर है। समूह एक साल में 18 अरब डॉलर का निवेश करेगा और अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो ये नए उच्च-प्रौद्योगिकी वाले कारोबार वर्ष 2027 तक टाटा की नियोजित पूंजी के एक-चौथाई प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो सकते हैं। टाटा अपनी इन नई प्रौद्योगिकी परियोजनाओं में से भारत में आईफोन निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम स्थापित करने वास्ते ताइपे स्थित मुख्यालय वाली विस्ट्रॉन के साथ पहले ही शुरुआती स्तर की बातचीत कर चुका है। टाटा समूह ताइवान की ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) की भारतीय इकाई में हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। विस्ट्रॉन के पास पहले से ही एक भारतीय संयंत्र और अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज ऐपल के लिए आईफोन निर्माण का करार है। इस महीने की शुरुआत में टाटा पावर ने घोषणा की थी कि वह देश में 350 राष्ट्रीय राजमार्गों पर 450 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट स्थापित कर चुकी है और वित्त वर्ष 2023 तक 6,500 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट लगाने की योजना है। चंद्रशेखरन ने घोषणा की थी कि टाटा पावर ने अगले पांच साल में हरित ऊर्जा के लिए 75,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसमें से 10,000 करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 23) में कुल पूंजीगत व्यय के लिए व्यय किए जाएंगे, जिससे वह बढ़कर 14,000 करोड़ रुपये हो जायेगा। जुलाई में शेयरधारकों की बैठक में उन्होंने यह जानकारी दी थी। टाटा पावर अपने अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण पर भी काम कर रहा था और वित्त वर्ष 22 में 707 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ी थी। चंद्रशेखरन ने कहा कि इससे हमारा स्वच्छ और हरित पोर्टफोलियो बढ़ाकर कुल क्षमता के 34 प्रतिशत स्तर तक पहुंचा दिया है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच साल में इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना है। तमिलनाडु में टाटा संस की सहायक कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने फरवरी 2021 में तमिलनाडु के कृष्णागिरी में 4,684 करोड़ रुपये का मोबाइल फोन पुर्जों का संयंत्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के साथ एक समझौता (एमओयू) किया था। बताया जाता है कि यह वह जगह है, जहां ऐपल के लिए टाटा नवीनतम आईफोन के लिए पुर्जे बना रही है। सूत्रों के अनुसार इस परियोजना से तमिलनाडु में करीब 18,250 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। जुलाई 2022 में तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में चार गीगावॉट की सोलर सेल और चार गीगावॉट के ही सौलर मॉड्यूल निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए भी टाटा पावर द्वारा बड़ी निवेश योजना की घोषणा की गई थी। इस परियोजना में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश और तकरीबन 2,000 रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जो ज्यादातर महिलाओं के लिए हैं।
एबीएन बिजनेस डेस्क। रियल मी एक फास्ट चार्जिंग मोबाइल लांच करने जा रहा है। इसकी लांचिग तारीख 16 सितंबर है। रियल मी ने इस मॉडल का नाम GT NEO 3T रखा है। यह मोबाइल 16 सितंबर को दोपहर 12.30 बजे से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म Flipkart में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसमें Snapdragon 870 5G प्रोसेसर लगा हुआ है। कंपनी का कहना है कि इस मोबाइल में 38 level का safety protection लगा हुआ है। इस मोबाइल में बेहद ही खास फीचर दिए गए है। Realme GT Neo 3T में 6.62 इंच की AMOLED E4 स्क्रीन फुल HD+ रेजॉल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ उपलब्ध है। स्नैपड्रैगन 870 चिपसेट के साथ 8GB तक रैम और 128GB और 256 GB तक की क्षमता के साथ यह मोबाइल बाजार में आ रहा है। फोन में 5,000mAh की बैटरी है। जो 80W तक फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करने वाली है। इस मोबाइल में ट्रिपल रियर कैमरा की सुविधा दी गई है। इसमें 64MP प्राइमरी कैमरा है, 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस और 2MP मैक्रो कैमरा लेंस का फीचर भी दिया गया है। इस मोबाइल में Dual-LED फ्लैश की सुविधा भी है। इसके फ्रंट पर 16MP का बेहद ही खास सेल्फी कैमरा भी दिया गया है। इसमें Android 12, Realme UI 3.0 का ऑपरेटिंग सिस्टम है। यूज़र्स इसमें 1080p@30fps, gyro-EIS की वीडियो क्वालिटी का आनंद ले पाएंगे। इसमें फिंगरप्रिंट भी दिया गया है। मोबाइल की स्क्रीन की सुरक्षा के लिए इसमें कोर्निंग गोरिल्ला गिलास 65 लगाया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले दो कारोबारी सत्र में जोमैटो का शेयर करीब 23 फीसदी टूटा है जब उसके प्री-आईपीओ शेयरधारिता पर लगी एक साल की पाबंदी समाप्त हो गई। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी के लाभ को लेकर चिंता के बावजूद ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लाभ में आने की खातिर उसे लंबा रास्ता तय करना होगा। सूचीबद्धता के बाद से शेयर कीमतों में आई तेज गिरावट के कारण जेफरीज के विश्लेषक लंबी अवधि के निवेशकों को इस शेयर को खरीदने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने इसका कीमत लक्ष्य 100 रुपये बनाये रखा है। जेफरीज ने कहा, मुश्किल समय पहले ही सभी स्टार्टअप को नकदी प्रवाह पर ध्यान केंद्रित करने की हिदायत दे चुका है। ब्रोकरेज ने कहा कि जोमैटो का प्रबंधन बेहतर आर्थिक हालात के लिए पहले ही अपनी रफ्तार तेज कर चुका है और अब फूड डिलिवरी बिजनेस में जल्द ही घाटा समाप्त करने की उम्मीद कर रहा है। सख्त नकदी स्विगी को भी लाभ पर ध्यान केंद्रित करने की ओर ले जायेगा क्योंकि वह मूल कारोबार से आगे कुछ और कारोबारों गठन कर रही है, खास तौर से क्विक कॉमर्स, जिसकी पेशकश स्विगी इंस्टामार्ट के तहत हो रही है। जेफरीज का मानना है कि प्रतिस्पर्धा के बुरे दिन पीछे रह गये हैं, ऐसे में उद्योग का लाभ बढ़ेगा क्योंकि यह क्षेत्र अन्य के मुकाबले पहले ही एकीकृत हो चुका है। विश्लेषकों ने कहा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्ती बिना लाभ वाली वैश्विक कंपनियों पर असर डाल रही है। पूरा क्षेत्र अब पुनर्समायोजन के दौर से गुजर रहा है क्योंकि अब बढ़त से ज्यादा ध्यान नकदी प्रवाह की ओर है। विश्लेषकों ने कहा, फेसबुक, ऐपल, निविडिया, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजॉन और नेटफ्लिक्स के शेयर इस साल अब तक के लिहाज से15 से 65 फीसदी तक नीचे हैं। इसका भी वैश्विक फूड डिलिवरी शेयरों पर असर दिखा है, जिनमें इस साल अब तक के लिहाज से तेज गिरावट आई है और उनमें जोमैटो सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में शामिल है। मंगलवार को जोमैटो का शेयर 12.4 फीसदी टूटा, पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस, डेलिवरी और कारट्रेड टेक के शेयरों में 8 फीसदी की फिसलन दर्ज हुई। 23 जुलाई, 2021 को सूचीबद्ध होने वाली जोमैटो अभी अपने इश्यू प्राइस 76 रुपये से करीब 45 फीसदी नीचे कारोबार कर रही है। 16 नवंबर, 2021 को यह शेयर 169.10 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था।
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