एबीएन नॉलेज डेस्क। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए फेस आॅथेंटिकेशन-आधारित बचत बैंक खाता खोलने की शुरूआत के साथ डिजिटल समावेशन की दिशा में एक और कदम उठाया है। यह सुविधा खाता खोलने की प्रक्रिया को और आसान बनायेगी, साथ ही ग्राहकों के लिए इसे सहज और सुविधाजनक बनायेगी। एयरटेल पेमेंट्स बैंक यह सुविधा देने वाला देश का पहला पेमेंट्स बैंक है।
यह नई सुविधा बैंक के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स को फेस आथेंटिकेशन ई-केवाइसी द्वारा खाता खोलने में मदद करेगी। यह यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी आॅफ इंडिया (यूआइडीएआइ) द्वारा विकसित नए मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके प्रोसेस किया जाता है, परिणामस्वरूप बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट को अब खाता खोलने के लिए सिर्फ एक स्मार्टफोन की जरूरत होगी। बैंक इस साल के अंत तक अपने सभी 500,000 बैंकिंग प्वाइंट्स पर यह सुविधा उपलब्ध करा देगा।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अनुब्रत बिस्वास ने इस लॉन्च के बारे में बताते हुए कहा, एयरटेल पेमेंट्स बैंक में हम डिजिटल सेवाओं के अपने पैकेज को सबसे नवीनतम तकनीक के साथ मजबूत करने और अपने ग्राहकों को यूजर फ्रेंडली और बेहतर डिजिटल बैंकिंग तक पहुंच प्रदान करने में विश्वास करते हैं। यूआइडीएआइ के प्रयासों ने इस सुरक्षित प्रमाणीकरण प्रक्रिया को संभव बनाया है, जो देश में समावेशी बैंकिंग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन ही घरेलू शेयर बाजार में मुनाफावसूली के चक्कर में जमकर बिकवाली हुई। कारोबार की शुरूआत से ही बिकवाली शुरू हो जाने के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक दिन भर लाल निशान में कारोबार करते रहे। हालांकि बीच-बीच में खरीदारों ने लिवाली करके शेयर बाजार को सपोर्ट करने की कोशिश भी की, लेकिन बाजार संभलने की जगह लगातार गिरता चला गया। दिन भर हुई खरीद बिक्री के बाद सेंसेक्स 0.84 प्रतिशत और निफ्टी 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
दिन भर के कारोबार में रियल्टी, एनर्जी और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
इसी तरह आॅटोमोबाइल, मेटल और फार्मास्यूटिकल सेक्टर के शेयर भी दबाव में ही कारोबार करते रहे। हालांकि चौतरफा दबाव के बावजूद पीएसयू बैंक के ज्यादातर शेयरों ने शानदार मजबूती दिखाई। आज के कारोबार में मिडकैप शेयरों में भी निचले स्तर से अच्छी रिकवरी होती नजर आई।
पूरे दिन के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,015 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 732 शेयर मुनाफा कमाकर हरे निशान में बंद हुए, वहीं 1,283 शेयर नुकसान उठाकर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 8 शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में और 22 शेयर बिकवाली के दबाव के कारण लाल निशान में बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 13 शेयर हरे निशान में और 37 शेयर लाल निशान में बंद हुए।
कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स ने आज कमजोरी के साथ कारोबार की शुरूआत की। ये सूचकांक 207.15 अंक टूट कर 61,456.33 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार शुरू होते ही बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से सेंसेक्स भी तेजी से नीचे गिरने लगा। पहले आधे घंटे के कारोबार में ही ये सूचकांक 546.49 अंक की गिरावट के साथ 61,116.99 अंक तक पहुंच गया।
हालांकि आधे घंटे के कारोबार के बाद बाजार में मामूली खरीदारी शुरू हुई, जिससे सेंसेक्स निचले स्तर से रिकवरी करता नजर आया। खरीदारी का ये दौर कुछ ही देर चला, इसके बाद बाजार में फिर बिकवाली शुरू हो गई। पूरे दिन के कारोबार में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसकी वजह से दोपहर 1 बजे के थोड़ी देर बाद सेंसेक्स 604.15 अंक गिरकर आज के सबसे निचले स्तर 61,059.33 अंक तक पहुंच गया। कारोबार के आखिरी आधे घंटे में एक बार फिर खरीदार एक्टिव होते नजर आए, जिसके कारण ये सूचकांक निचले स्तर से मामूली रिकवरी करके 518.64 अंक की गिरावट के साथ 61,144.84 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने भी आज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। निफ्टी 61.25 अंक की कमजोरी के साथ 18,246.40 अंक के स्तर पर खुला। बाजार खुलते ही बिकवाली के दबाव की वजह से ये सूचकांक भी नीचे गिरने लगा। आधे घंटे के कारोबार में ही निफ्टी 160.80 अंक गिरकर 18,146.85 अंक तक पहुंच गया। आधे घंटे के कारोबार के बाद हुई मामूली लिवाली से निफ्टी की स्थिति में भी थोड़ा सुधार होता नजर आया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद फिर बिकवाली का दबाव बन गया।
आज दिन भर बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रहा। बीच-बीच में खरीदारों ने मामूली खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश भी की, लेकिन पूरे दिन के कारोबार में बिकवाल लगातार हावी रहे। चौतरफा बिकवाली के दबाव की वजह से निफ्टी दोपहर 1 बजे के करीब 174.30 अंक टूट कर 18,133.35 अंक तक गिर गया। हालांकि आखिरी आधे घंटे के कारोबार में बाजार में हुई मामूली खरीदारी के कारण इस सूचकांक ने निचले स्तर से थोड़ा ऊपर उठकर 147.70 अंक की कमजोरी के साथ 18,159.95 अंक के स्तर पर आज के कारोबार का अंत किया।
बाजार में दिनभर हुई खरीद बिक्री के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से बीपीसीएल 2.04 प्रतिशत, भारती एयरटेल 1.66 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.26 प्रतिशत, इंडसइंड बैंक 0.92 प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनीलीवर 0.71 प्रतिशत की मजबूती के साथ आज के टॉप 5 गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर ओएनजीसी 4.44 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स 1.95 प्रतिशत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 1.84 प्रतिशत, एचडीएफसी 1.81 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारत में अब धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कार का क्रेज बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि अब कई बड़ी कंपनियां भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों को उतारने की तैयारी में है। इन सब के बीच भारत की सबसे कम दाम की इलेक्ट्रिक कार बाजार में लॉन्च हो गई है।
कंपनी का दावा है कि सिंगल चार्ज में यह कार 200 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। आश्चर्य की बात तो यह भी है कि इस कार की कीमत 5 लाख से भी कम है। हालांकि, इसके लिए एक कंपनी ने एक कंडीशन लगा रखी है। कंपनी ने बताया है कि पांच लाख से कम की यह आकर्षक कीमत पहले 10,000 ग्राहकों के लिए ही है। माना जा रहा है कि यह कार एमजी मोटर की सबसे छोटी इलेक्ट्रॉनिक कार एटीवी को टक्कर देगी।
ताजा जानकारी के मुताबिक इस इलेक्ट्रॉनिक कार के लिए कंपनी को 6000 बुकिंग भी मिल चुकी है। आॅफिशियल वेबसाइट पर इस कार की बुकिंग शुरू हो चुकी है। बुकिंग के लिए आपको ज्यादा खर्च की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ 2000 रुपये में इसकी बुकिंग कराई जा सकती है। कार की व्हील बेस 2087 एमएम हैं। इसके साथ ही कार की लंबाई 2915 एमएम और चौड़ाई 1157 एमएम है। यह कार नैनो कार से भी छोटी है। कंपनी की ओर से इसमें कई कलर की सुविधा दी गयी है। ब्रिलियंट व्हाइट, लीफ ग्रीन, मैजिस्टिक ब्लू, प्योर ब्लैक, रस्टिक चारकोल, विंटेज ब्राउन, पैशनेट रेड, पेपी आॅरेंज, स्पार्कल सिल्वर, फंकी यलो, रॉयल बेज भी शामिल है।
यह कार असलियत में काफी छोटी है। कुल मिलाकर देखें तो ढटश् की यह कार 2 सीटर है। यानी कि इसमें सिर्फ दो लोग ही बैठ सकते हैं। हालांकि एक छोटे बच्चे को भी इसमें एडजस्ट किया जा सकता है। 70 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड से एक कार चल सकती है। कंपनी के दावे के मुताबिक 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में यह 5 सेकंड लगाएगी। शहरों के हिसाब से इसे डिजाइन किया गया है। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 170 एमएम है। इसका ईवी कर्ब वेट लगभग 550 किलोग्राम का है। कार छोटी है पर 3 फीचर्स इसमें दिए गए हैं। जैसे कि यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, एयर कंडीशन, रिमोट कीलेस एंट्री, क्रूज कंट्रोल, सुरक्षा के लिए एयर बैग और सीट बेल्ट भी है। ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, कनेक्टेड स्मार्टफोन, म्यूजिक कंट्रोलर, कॉल कंट्रोल की भी सुविधा उपलब्ध है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। मुद्रास्फीति में कमी के संकेत मिलने के साथ ही घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था में लचीलापन देखने को मिल रहा है और चालू वित्त वर्ष के दौरान सात प्रतिशत की वृद्धि हासिल की जा सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक के एक लेख में यह बात कही गई। लेख के मुताबिक मजबूती के बावजूद अर्थव्यवस्था अभी भी वैश्विक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।
आरबीआई के ताजा बुलेटिन में प्रकाशित लेख में यह भी कहा गया कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में गिरावट का जोखिम बना हुआ है, वैश्विक वित्तीय स्थितियां सख्त होती जा रही हैं और बाजार की नकदी में कमी वित्तीय कीमतों में उतार-चढ़ाव को बढ़ा रही है।
इसमें आगे कहा गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आपूर्ति प्रतिक्रिया मजबूत हो रही है। लेख में कहा गया, सकल मुद्रास्फीति (हेडलाइन इंफ्लेशन) में कमी के संकेत दिखने के साथ ही घरेलू व्यापक आर्थिक परिदृश्य में मजबूती है, लेकिन यह वैश्विक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील भी है।
लेख के मुताबिक शहरी मांग मजबूत दिखाई दे रही है, जबकि ग्रामीण मांग कमजोर है, लेकिन हाल ही में इसमें तेजी आई है। लेख को आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा के नेतृत्व में एक टीम ने तैयार किया है।
आरबीआई ने कहा कि यह लेखकों की राय पर आधारित है तथा केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। लेख के मुताबिक जीएसटी संग्रह, निर्यात जैसे प्रमुख आंकड़ों के आधार पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर जुलाई-सितंबर तिमाही में 6.1 प्रतिशत से 6.3 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
इसमें आगे कहा गया, अगर ऐसा होता है तो भारत 2022-23 में लगभग सात प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगा। तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में आपूर्ति प्रतिक्रिया मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े नवंबर के अंत तक जारी किये जायेंगे।
एबीएन बिजनेस डेस्क। आरबीआई ने अपने मंथली बुलेटिन में गुरुवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी यानी सितंबर तिमाही में 6.1 से लेकर 6.3 फीसदी की दर से बढ़ सकती है।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट 7 फीसदी के करीब रह सकती है बशर्ते दूसरी तिमाही में ग्रोथ रेट 6.1 से लेकर 6.3 फीसदी के दायरे में रहे। सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकडे इस महीने के आखिर में जारी किये जायेंगे।
आरबीआई के ताजा बुलेटिन में प्रकाशित लेख में यह भी कहा गया कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में गिरावट का जोखिम बना हुआ है, वैश्विक वित्तीय स्थितियां सख्त होती जा रही हैं और बाजार की नकदी में कमी वित्तीय कीमतों में उतार-चढ़ाव को बढ़ा रही है।
कहा गया कि सकल मुद्रास्फीति (हेडलाइन इंफ्लेशन) में कमी के संकेत दिखने के साथ ही घरेलू व्यापक आर्थिक परिदृश्य में मजबूती है, लेकिन यह वैश्विक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील भी है।
शहरी मांग मजबूत दिखाई दे रही है, जबकि ग्रामीण मांग कमजोर है, लेकिन हाल ही में इसमें तेजी आई है। लेख को आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा के नेतृत्व में एक टीम ने तैयार किया है। आरबीआई ने कहा कि यह लेखकों की राय पर आधारित है तथा केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। हफ्ते के तीसरे दिन शुरूआती कारोबार में मामूली गिरावट के साथ ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड कर रहा है। इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है।
इंडियन आॅयल की वेबसाइट के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर पर टिका रहा। मुंबई में पेट्रोल का भाव 106.31 रुपये और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल की कीमत 92.76 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल मामूली बढ़त के साथ 94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। आज ब्रेंट क्रूड 0.28 फीसदी यानी 0.26 डॉलर की गिरावट के साथ 93.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं, वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 0.38 फीसदी यानी 0.33 डॉलर लुढ़कर 86.59 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। खाने-पीने के सामानों की कीमतें एक महीने में कम होने या फिर स्थिर होने से अक्तूबर की खुदरा महंगाई में कमी आ सकती है। एक सर्वे के अनुसार, 14 नवंबर को जारी होने वाले महंगाई के आंकड़े 7 फीसदी से नीचे रह सकते हैं जो सितंबर में 7.41 फीसदी था। इससे अगले महीने आरबीआई रेपो दर को बढ़ाने में भी कमी कर सकता है। पूरी दुनिया में महंगाई को कम करने के लिए केंद्रीय बैंक रेपो दर को बढ़ा रहे हैं। इसका असर अमेरिका में दिखा है जहां महंगाई अक्तूबर में 7.77 फीसदी रही जो कि सितंबर में 8.2 फीसदी थी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार आटा की कीमतें मामूली तेजी के साथ 31.34 रुपये किलो रही। चावल और दाल सहित जरूरी वस्तुओं के दाम घटे : एक महीने में ज्यादातर सामानों की कीमतें स्थिर रहीं। चावल 38.06 रुपये किलो से घटकर शुक्रवार को 38.1 रुपये किलो हो गया। चना दाल का भाव 74 रुपये से घटकर 73.19 रुपये, उड़द दाल 108.77 रुपये से घटकर 108.25 रुपये, मूंग दाल 103.49 से घटकर 103.19 रुपये किलो पर रही। अरहर दाल 112.02 से बढ़कर 112.82 रुपये किलो, मसूर दाल 95.76 से 95.89 रुपये किलो रही। दूध 29 पैसा बढ़कर 54.72 रुपये, वनस्पति तेल 147.69 से घटकर 145.14 रुपये और सोया तेल 169.97 से घटकर 168.59 रुपये किलो रहा। पाम तेल भी 119.23 से घटकर 117.38 रुपये किलो हो गया है। बीओबी का होम लोन 0.25% सस्ता यूनियन बैंक से कर्ज लेना होगा महंगा : बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने होम लोन 0.25 फीसदी सस्ता कर दिया है। वहीं, यूनियन बैंक ने कर्ज की दर 0.30 फीसदी बढ़ा दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा, इस कटौती के बाद अब उसके ग्राहक 8.25 फीसदी पर होम लोन ले सकेंगे। साथ ही सीमित अवधि के लिए प्रोसेसिंग शुल्क भी नहीं देना होगा। बैंक का दावा है, उसके होम लोन की दर एसबीआई व एचडीएफसी से कम है। उधर, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एमसीएलआर में 0.30% वृद्धि की है। नई दर 11 नवंबर से 10 दिसंबर के बीच लागू रहेगी। इस बढ़त के बाद बैंक का 6 माह का एमसीएलआर 8% हो गया है। पीएनबी : विशेष एफडी पर 7.85% तक ब्याज पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने शुक्रवार को कहा, वह 600 दिन की एक विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट पर सालाना 7.85% तक ब्याज देगा। यह विशेष ब्याज दर योजना 19 अक्तूबर 2022 से लागू हो गई है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी दिखी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 1,181.34 अंक यानी 1.95 फीसदी की उछाल के साथ 61,795.04 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 321.50 अंक यानी 1.78 फीसदी की बढ़त के साथ 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 18,349.70 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स के एचडीएफसी के शेयर में सबसे ज्यादा 5.84 फीसदी की तेजी रही। इसी तरह एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, विप्रो, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई, कोटक बैंक, डॉ रेड्डीज, आईसीआईसीआई बैंक और एनटीपीसी में गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा अन्य एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी रही। कारोबार के दौरान हांगकांग का हैंगसेंग 7.70 फीसदी, जापान का निक्की 2.98 फीसदी, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3.37 फीसदी और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.69 फीसदी चढ़ा। यूरोपीय बाजार भी दोपहर के सत्र में लाभ में थे। बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से कम रहने से भी घरेलू शेयर बाजार को बल मिला है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती और विदेशी पूंजी के प्रवाह से बाजार धारणा और मजबूत हुई। लगातार दो कारोबारी सत्रों में गिरावट झेलने के बाद आज शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक दमदार मजबूती के साथ कारोबार की शुरूआत की। सेंसेक्स 697 अंक उछलकर 61311 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 244 अंक चढ़कर 18272 अंकों के स्तर पर खुला। इससे एक दिन पहले शेयर बाजार के दोनों सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए थे।
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