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Published / 2023-03-02 08:47:31
फरवरी में जीएसटी संग्रह 12% बढ़कर पहुंचा 1.49 लाख करोड़

एबीएन बिजनेस डेस्क। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह फरवरी में सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 1.49 लाख करोड़ रुपये हो गया। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को फरवरी, 2023 के जीएसटी संग्रह आंकड़े जारी करते हुए कहा कि इस महीने में उपकर के तौर पर 11,931 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ जो जीएसटी लागू होने के बाद का सर्वाधिक स्तर है।

हालांकि, जनवरी की तुलना में फरवरी में जीएसटी राजस्व में गिरावट आई है। जनवरी, 2023 में 1.57 लाख करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था जो अब तक का दूसरा सर्वोच्च स्तर है। अप्रैल, 2022 में एकत्रित 1.68 लाख करोड़ रुपये जीएसटी का सर्वोच्च स्तर है।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि फरवरी, 2023 में कुल जीएसटी संग्रह 1,49,577 करोड़ रुपये रहा है। इसमें केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 27,662 करोड़ रुपये है जबकि राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) संग्रह 34,915 करोड़ रुपये है। वहीं एकीकृत जीएसटी के मद में 75,069 करोड़ रुपये इकट्ठा हुए हैं। इसके अलावा 11,931 करोड़ रुपये का उपकर भी शामिल है।

एक साल पहले के समान महीने में जीएसटी संग्रह 1.33 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह फरवरी, 2023 में जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़ा है। मंत्रालय ने कहा कि फरवरी के महीने में 28 दिनों के ही होने से अमूमन जीएसटी संग्रह अन्य महीनों की तुलना में कम ही होता है।

Published / 2023-02-26 20:36:31
क्रेडिट कार्ड से जनवरी में खर्च हुए 1.27 लाख करोड़ रुपये

  • लगातार 11वें माह खर्च 1 लाख करोड़ रुपये के पार

सुब्रत पांडा

एबीएन बिजनेस डेस्क। क्रेडिट कार्ड से खर्च करने की रफ्तार जनवरी में भी बनी रही। लगातार 11वें महीने क्रेडिट कार्ड से व्यय 1 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। ई-कॉमर्स में लेन-देन और यात्रा सहित विवेकाधीन व्यय बढ़ने की वजह से ऐसा हुआ है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी में क्रेडिट कार्ड से व्यय 1.27 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह दिसंबर के बहुत ज्यादा आधार के बावजूद अधिक है। दिसंबर में व्यय 1.26 लाख करोड़ रुपये था। वहीं पिछले साल जनवरी की तुलना में व्यय 45 प्रतिशत बढ़ा है।

क्रेडिट कार्ड से जनवरी में किये गये खर्च में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी ऑनलाइन व्यय पर 60 प्रतिशत है, जबकि शेष व्यय प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) लेन-देन से हुआ है।

क्रेडिट कार्ड जारी करे वाले प्रमुख बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक और एसबीआई कार्ड के व्यय में दिसंबर की तुलना में जनवरी में एक अंक की मामूली वृद्धि हुई है, जबकि सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक एचडीएफसी बैंक के कार्ड से व्यय में इस अवधि के दौरान खर्च में 1.29 प्रतिशत गिरावट आयी है।

यात्रा और आतिथ्य पर व्यय बढ़ा है, जो कोविड के दौरान सुस्त था। इसकी वजह से क्रेडिट कार्ड से व्यय में बढ़ोतरी हुई है। दरअसल अक्टूबर 2022 में त्योहारों के व्यय के कारण क्रेडिट कार्ड से व्यय 1.29 लाख करोड़ रुपये के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था।

उधर जनवरी महीने में नए कार्डों की संख्या बढ़ी है, जो दिसंबर में सुस्त थी। बैंकिंग व्यवस्था में 12.6 लाख नये कार्ड जुड़े हैं, जिससे बाजार में कार्डों की संख्या 824.5 लाख हो गयी है। दिसंबर में कार्डों की संख्या में शुद्ध बढ़ोतरी 5,80,555 रही है।

Published / 2023-02-16 14:23:51
गेहूं 5 रुपये प्रति किलो हुआ सस्ता, अभी और गिरावट की संभावना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बुधवार को कहा कि केंद्र के खुले बाजार में 30 लाख टन गेहूं बेचने के फैसले के बाद थोक और खुदरा बाजारों में गेहूं की कीमतों में करीब पांच रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आयी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दरों को कम करने के लिए यदि जरूरी हुआ, तो और कदम उठाये जायेंगे। 

चोपड़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार गेहूं और आटे (गेहूं का आटा) की कीमतों पर बारीकी से नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर कीमतों को कम करने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अधिक गेहूं की पेशकश करने सहित अन्य कदम उठायेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के किसी भी प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं कर रही है। यह प्रतिबंध पिछले साल मई में गेहूं की खरीद में भारी गिरावट के बाद लगाया गया था। उन्होंने कहा कि जनवरी में ओएमएसएस की घोषणा के बाद से गेहूं की कीमतें नीचे आ गयी हैं। थोक बाजारों में गेहूं की कीमतें 2,500 रुपये प्रति क्विंटल से भी कम चल रही हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट आयेगी।

घटकर 2,800-2,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया : उन्होंने कहा कि भारत सरकार बहुत चिंतित है और स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है। चोपड़ा ने कहा कि कीमतों को कम करने के लिए और जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, हम उठायेंगे। विकल्पों में ओएमएसएस के तहत मात्रा को मौजूदा 30 लाख टन से बढ़ाना और आरक्षित मूल्य को कम करना भी शामिल है। मौके पर खाद्य सचिव ने कहा कि थोक मूल्य 3,000 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर लगभग 2,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है, जबकि खुदरा मूल्य 3,300-3,400 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 2,800-2,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।

15 लाख टन गेहूं की दूसरे दौर की नीलामी हो रही है : पिछले महीने, सरकार ने गेहूं और गेहूं के आटे की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए ओएमएसएस के तहत अपने बफर स्टॉक से खुले बाजार में 30 लाख टन गेहूं बेचने की योजना की घोषणा की थी। 30 लाख टन में से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ई-नीलामी के माध्यम से आटा चक्की जैसे थोक उपभोक्ताओं को 25 लाख (2.5 मिलियन) टन गेहूं बेचेगा और दो लाख टन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दिया जायेगा। गेहूं को आटे में बदलने के लिए संस्थानों और राज्य-पीएसयू को तीन लाख टन गेहूं रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। चोपड़ा ने कहा कि देशभर में बुधवार को 15 लाख टन गेहूं की दूसरे दौर की नीलामी हो रही है।

आरक्षित मूल्य पर एफसीआई से गेहूं खरीदने की अनुमति है : उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने हाल ही में नेफेड और केंद्रीय भंडार जैसे संस्थानों के लिए गेहूं को आटे में परिवर्तित करने और उपभोक्ताओं को 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर बेचने के लिए कीमतों को 23.50 रुपये से घटाकर 21.50 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है, जबकि पहले की दर 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम थी। ओएमएसएस के तहत, केंद्र ने पिछले हफ्ते माल ढुलाई शुल्क को खत्म करने और ई-नीलामी के माध्यम से पूरे भारत में थोक उपभोक्ताओं को 2,350 रुपये प्रति क्विंटल के आरक्षित मूल्य पर अनाज बेचने का फैसला किया था। राज्यों को अपनी योजनाओं के लिए ई-नीलामी में भाग लिए बिना उपरोक्त आरक्षित मूल्य पर एफसीआई से गेहूं खरीदने की अनुमति है।

आवश्यकता से अधिक 96 लाख टन का गेहूं का स्टॉक होगा : एफसीआई 1-2 फरवरी के दौरान हुई पहली ई-नीलामी के दौरान 25 लाख टन में से 9.26 लाख टन गेहूं व्यापारियों, आटा मिलों आदि को पहले ही बेच चुका है। अगली नीलामी 15 फरवरी को होगी। खाद्यान्न की खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी एफसीआई के पास बफर स्टॉक में 26 जनवरी तक लगभग 156.96 लाख टन गेहूं था। एक अप्रैल को, देश के पास 75 लाख टन के बफर मानक की आवश्यकता से अधिक 96 लाख टन का गेहूं का स्टॉक होगा।

अप्रैल से गेहूं की खरीद के जोर पकड़ने की उम्मीद है : घरेलू उत्पादन में मामूली गिरावट और केंद्रीय पूल के लिए एफसीआई की खरीद में पर्याप्त गिरावट के बाद कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने पिछले साल मई में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत का गेहूं उत्पादन फसल वर्ष 2021-22 (जुलाई-जून) में पिछले वर्ष के 10 करोड़ 95.9 लाख टन से घटकर 10 करोड़ 77.4 लाख टन रह गया, जो कुछ राज्यों में लू चलने के कारण हुआ। पिछले साल के लगभग 4.3 करोड़ टन की खरीद के मुकाबले इस साल खरीद तेज गिरावट के साथ 1.9 करोड़ टन रह गयी। वर्तमान रबी (सर्दियों में बोई जाने वाली) ऋतु में गेहूं की फसलों का रकबा थोड़ा अधिक है। कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि चालू फसल वर्ष 2022-23 में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 11 करोड़ 21.8 लाख टन तक बढ़ सकता है। अप्रैल से गेहूं की खरीद के जोर पकड़ने की उम्मीद है।

Published / 2023-02-16 00:04:48
गुड न्यूज : जल्द घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

  • बढ़ती महंगाई को देखते हुए टैक्स में छूट दे सकती है सरकार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बढ़ती महंगाई से कराह रही आम जनता को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। ऐसी खबर आ रही है कि पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो सकते हैं। सरकार फ्यूल पर टैक्स कम कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार यह फैसला महंगाई दर को कम करने के लिए ले सकती है।

पेट्रोल-डीजल के साथ इन चीजों के भी घट सकते हैं दाम : टैक्स और इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने से केवल पेट्रोल-डीजल के दाम भर कम नहीं होंगे, बल्कि इसका असर अन्य चीजों पर भी पड़ेगा। खबर है कि सरकार मक्के के दाम में भी कटौती कर सकती है। सोया तेल और दूध की कीमत भी कम हो सकती है।

बढ़ती महंगाई से कराह रही आम जनता को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। ऐसी खबर आ रही है कि पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो सकते हैं। सरकार फ्यूल पर टैक्स कम कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार यह फैसला महंगाई दर को कम करने के लिए ले सकती है।

कच्चे तेल के दाम में गिरावट : वैश्विक स्तर पर बात करें तो इस समय कच्चे तेल के दामों में गिरावट आयी है। कच्चा तेल की कीमत 82 रुपये की गिरावट के साथ 6,564 रुपये प्रति बैरल रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का फरवरी माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 82 रुपये या 1.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,564 रुपये प्रति बैरल रह गया। इसमें 4,425 लॉट के लिए कारोबार हुआ। वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.31 डॉलर प्रति बैरल रह गया जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता 86.07 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

Published / 2023-02-03 11:54:23
एक बार फिर बढ़ी कीमत, महंगा हुआ अमूल दूध

एबीएन बिजनेस डेस्क। अमूल ने एक बार फिर से दूध  के दाम बढ़ा दिए है। अब फुल क्रीम दूध 63 रुपये की जगह 66 रुपये प्रति लीटर पर मिलेगा। वहीं, भैंस के दूध की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर का इजाफा करते हुए 65 रुपए की जगह 70 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इतना ही नहीं दूध के अलावा अमूल दही और अन्य उप-उत्पादों के दामों में भी बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 3 फरवरी से लागू होगी।

कंपनी के मुताबिक, अब अमूल का ताजा आधा लीटर दूध 27 रुपये का मिलेगा, जबकि इसके 1 लीटर पैकेट के लिए 54 रुपये चुकाने होंगे। वहीं, अमूल गोल्ड यानी फुल क्रीम दूध का आधा किलो का पैकेट अब 33 रुपये का मिलेगा। अमूल गाय के दूध की एक लीटर की कीमत बढ़कर 56 रुपये हो गई है,जबकि आधे लीटर के लिए 28 रुपये चुकाने होंगे।

बता दें कि इससे पहले, गुरुवार को डेयरी फर्म पराग मिल्क फूड्स ने  गाय के दूध के गोवर्धन ब्रांड की कीमत 2 फरवरी से 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी। कीमतों में बढ़ोतरी के साथ गोवर्धन गोल्ड दूध की कीमत अब 54 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 56 रुपये हो गया है। वहीं, पराग मिल्क फूड्स के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने कहा कि एनर्जी, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और पशु आहार की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

Published / 2023-02-01 21:52:43
उम्मीद से अच्छा बजट, लेकिन महंगाई पर चुप्पी...

अजयदीप बाधवा 

एबीएन बिजनेस डेस्क। इस बजट सब कुछ ज्यादा है, ज्यादा पूंजीगत व्यय, ज्यादा कर छूट और ज्यादा ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर पर। प्रधानमंत्री आवास योजना में 66% से बढ़ावा दिया गया है। इसे 79000 करोड़ कर दिया गया है। यानी सरकार अब सबको आवास देने की योजना पर तेजी लाना चाहती है। राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन पर 19700 करोड़ का बजट है मतलब सरकार पेट्रोल डीजल पर निर्भरता कम करना चाहती है। इस से वातावरण भी साफ होगा। देश आत्म निर्भर होगा क्योंकि देश का विदेश मुद्रा भंडार पेट्रोल डीजल लेने में खर्च हो जाता है। सरकार भारत को हाइड्रोजन गैस का हब बनाना चाहती है जिसको निर्यात कर पैसा भी कमाया जा सके।

नये कर प्रणाली को मुख्य प्रणाली बना दिया गया है मतलब जो इसे अपनाएगा उसे 7 लाख रुपए की आय पर कर नहीं देना होगा। नई प्रणाली में कर के दर को भी बेहतर किया गया है जिसका सीधा उद्देश्य आम आदमी को मदद करना है पर इस बजट में सरकार महगाई पर चुप है। सरकार फिस्कल डेफसीट को जीडीपी का 5.9 % करना चाहती है जो संभव नहीं लग रहा। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश की सीमा को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख करने का प्रस्ताव एक अच्छा प्रस्ताव है इससे आम लोगों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में निवेश की सीमा को दोगुना कर 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। 

वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए अधिकतम जमा की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मासिक आय खाता योजना के तहत भी अधिकतम जमा की सीमा दोगुना कर नौ लाख रुपये किये जाने की घोषणा की। फिलहाल इस योजना के तहत अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं के लिए एक नई लघु बचत योजना शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा। 

उन्होंने महिला सम्मान बचत पत्र लाने का ऐलान करते हुए कहा कि इस नई बचत योजना को दो साल के लिए लाया जा रहा है जिसमें किसी महिला या लड़की के नाम पर दो लाख रुपये तक का एक बार में निवेश किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 7.5 प्रतिशत की निश्चित दर से ब्याज मिलेगा। हालांकि, आंशिक निकासी का विकल्प भी मिलेगा। 

सीतारमण ने कहा कि निवेशकों के लिए बिना दावा वाले शेयरों एवं भुगतान न किए गए लाभांश पर दोबारा दावा करने के लिए एक एकीकृत आयकर पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल ह्यनिवेशक शिक्षण एवं संरक्षण कोष प्राधिकरणह्ण से निवेशक आसानी से दावा कर सकेंगे। विदेश में बनकर आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी सीमा शुल्क को 60 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया गया है। बजट में विदेश से आधी-अधूरी बनी हुई स्थिति में आयात किए जाने वाले वाहनों पर भी शुल्क को 30 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। (लेखक सीएमए कर सलाहकार और मोटिवेटर हैं।)

Published / 2023-01-30 23:19:15
अदाणी समूह के शेयरों में जारी है बिकवाली

एबीएन बिजनेस डेस्क। अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद से अदाणी समूह के शेयरों में बिकवाली जारी है। समूह पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगने से पिछले दो दिन में उसका बाजार पूंजीकरण 50 अरब डॉलर (4.2 लाख करोड़ रुपये) घट गया है। इसका असर शेयर बाजार और खास तौर पर बैंकिंग शेयरों पर भी दिखा है।

बेंचमार्क निफ्टी आज 288 अंक गिरकर 17,604 पर बंद हुआ, जो 23 दिसंबर के बाद इसमें सबसे बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स भी दिन में करीब 1,230 अंक गिर गया। हालांकि बाद में यह संभला मगर 874 अंक गिरकर 59,331 पर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी में 3.13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई का शेयर सबसे ज्यादा 4-4 फीसदी गिरा। अदाणी समूह में अच्छा खासा निवेश करने वाली भारतीय जीवन बीमा निगम का शेयर भी 3.5 फीसदी टूट गया।

बाजार में उतार-चढ़ाव को आंकने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 18 फीसदी बढ़कर 17.3 पर पहुंच गया, जिससे आगे भी बाजार में ज्यादा घट-बढ़ के संकेत मिलते हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 5,978 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।

केआर चोकसी होल्डिंग के संस्थापक एवं प्रवर्तक देवेन चोकसी ने कहा कि अदाणी समूह पर जो सवाल उठाए गए हैं, वह उसके कारोबार पर नहीं हैं बल्कि कंपनी प्रशासन से जुड़े हुए हैं। आज की गिरावट कुछ वैश्विक ट्रेडरों की शार्ट पोजिशन की वजह से आई है। यह खतरनाक स्थिति है क्योंकि इससे निवेशकों में घबराहट पैदा होती है।

हिंडनबर्ग ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में अदाणी समूह पर शेयरों में हेरफेर करने, खातों में गड़बड़ी करने और क्षमता से ज्यादा कर्ज लेने के आरोप लगाये थे। अदाणी समूह ने इन आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया था। समूह कानूनी कदम उठाने पर भी विचार कर रहा है। इस रिपोर्ट से निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक में 5.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

सीएलएसए ने एक नोट में कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अदाणी समूह के कुल कर्ज में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी है, लेकिन पिछले तीन साल से कुल कर्ज में इनकी हिस्सेदारी बढ़ी नहीं है।

महज दो कारोबारी सत्र में देसी शेयर बाजार का पूंजीकरण करीब 11 लाख करोड़ रुपये घट गया। अदाणी समूह के बाजार पूंजीकरण में 38 फीसदी की कमी आई है।

इसका असर गौतम अदाणी की हैसियत पर भी पड़ा है, जो घटकर 100 अरब डॉलर से नीचे आ गई है और वह अमीरों की सूची में तीन पायदान नीचे फिसल गए हैं। पिछले साल अदाणी दुनिया दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गये थे। इससे पहले फिच समूह की फर्म क्रेडिटसाइट्स ने अदाणी समूह के कर्ज पर चिंता जाहिर की थी।

Published / 2023-01-29 18:50:22
अब सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर सर्विस दिलायेगी ओला

  • ओला ने शुरू की नई सर्विस, अब सस्ते में चला पायेंगे इलेक्ट्रिक स्कूटर 

एबीएन बिजनेस डेस्क। देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन बनाने वाली कंपनी ओला की ओर से नई सर्विस को लाया गया है। कंपनी की इस सर्विस के जरिए किस तरह कम कीमत में इलेक्ट्रिक स्कूटर को चलाया जा सकता है। सर्विस के अंदर कंपनी किन चीजों को शामिल कर रही है। हम इस खबर में इससे जुड़ी जानकारी आपको दे रहे हैं। ओला की ओर से सब्स्क्रिप्शन प्लान की नई सर्विस को शुरू किया गया है। कंपनी की ओर से इसमें दो तरह की सर्विस दी जाएंगी। दोनों नए सब्स्क्रिप्शन प्लान्स को कंपनी ने ओला केयर और ओला केयर प्लस का नाम दिया है। 

ओला केयर और ओल केयर प्लस में कंपनी की ओर से कई तरह की सर्विस ग्राहकों को दी जाएंगी। इनमें सर्विस पर फ्री लेबर, थेफ्ट असिस्टेंस हेल्पलाइन सपोर्ट, रोडसाइड असिस्टेंस, फ्री होम सर्विस के साथ पिकअप-ड्रॉप, फ्री कन्ज्यूमेबल्स, 24/7 डॉक्टर और एंबुलेंस सर्विस सहित कई और सेवाओं को दिया जायेगा। कंपनी की ओर से ओला केयर के लिए दो हजार रुपये और जीएसटी चार्ज किया जायेगा जबकि ओला केयर प्लस के लिए कंपनी जीएसटी के साथ 2999 रुपये चार्ज करेगी। 

इन प्लान्स को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एक्सपीरियंस सेंटर के जरिए खरीदा जा सकता है। ओला की वेबसाइट पर इसकी भी जानकारी दी गई है कि इन सेवाओं में क्या शामिल नहीं होगा। कंपनी ने बताया है कि ऐसी कोई भी घटना जिसमें टूट-फूट जान-बूझकर की गई नुकसान किया गया हो। वाहन चालक नशे की स्थिति या दवाओं, विषाक्त पदार्थों या नशीले पदार्थों के प्रभाव में हो। जैसी कई चीजों को इस प्लान में शामिल नहीं किया जायेगा।

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