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Published / 2026-01-09 18:06:56
सेंसेक्स 605 अंक टूटा, निफ्टी 25700 के नीचे

हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 605 अंक टूटा, निफ्टी 25700 के नीचे 

एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। इस क्षेत्र में, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, तेल और गैस, आईटी, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और धातु क्षेत्र मजबूत बने रहे, जबकि रियल एस्टेट, निजी बैंक, वित्तीय सेवाएं, एफएमसीजी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में कमजोरी देखी गयी। 

बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। शुरुआती कारोबार में थोड़ी तेजी के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 604.72 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 83,576.24  अंक पर बंद हुआ। 

दिन भर में इसमें 778.68 अंक या 0.92 प्रतिशत की गिरावट आयी और यह 83,402.28 पर बंद हआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 193.55 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 25,683.30 पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे गिरकर 90.16 (अस्थायी) पर आ गया। 

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल 

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अदानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस सबसे पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं। 

भारत-अमेरिका टैरिफ वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने डाला असर 

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका-भारत टैरिफ वार्ता को लेकर अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू बाजार में जोखिम से बचने की भावना तेज हो गयी है। 

आनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ संबंधी नये बयानों के बाद वैश्विक व्यापार अनिश्चितता बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार पूरे सप्ताह लगातार दबाव में रहे। 

यूरोपीय बाजारों में दिखी तेजी 

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। गुरुवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।

Published / 2026-01-06 23:00:12
शेयर मार्केट : सेंसेक्स 376 अंक टूटा, निफ्टी 26200 के नीचे

  • शेयर मार्केट : सेंसेक्स 376 अंक टूटा, निफ्टी 26200 के नीचे
  • लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

एबीएन बिजनेस डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे ब्लू-चिप शेयरों में भारी बिकवाली और भारत के खिलाफ टैरिफ में और वृद्धि करने की अमेरिका की नयी चेतावनी की चिंताओं के कारण शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन यानी मंगलावर को गिरावट के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, टाटा समूह की रिटेल कंपनी के दिसंबर तिमाही में राजस्व वृद्धि से निवेशकों में उत्साह की कमी आने के बाद ट्रेंट के शेयरों में 8.62 प्रतिशत की गिरावट आयी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 प्रतिशत की गिरावट

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी, जबकि आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एचडीएफसी बैंक भी पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टेट बैंक आफ इंडिया को लाभ हुआ।

ट्रंप ने टैरिफ को दोबारा बढ़ाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पता था कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से मैं खुश नहीं था और वाशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्द टैरिफ बढ़ा सकता है। ट्रंप ने ये टिप्पणियां रविवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कीं।

भारतीय सेवा क्षेत्र के वृद्धि दर में आयी गिरावट 

इस बीच, मंगलवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में कमी आयी, क्योंकि नये काम और उत्पादन में विस्तार की दर 11 महीनों में सबसे धीमी हो गयी और कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती से परहेज किया। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स नवंबर में 59.8 से गिरकर दिसंबर में 58.0 हो गया, जो जनवरी के बाद से विस्तार की सबसे धीमी दर को दर्शाता है।

 परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की शब्दावली में, 50 से ऊपर का स्कोर विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर संकुचन को दर्शाता है। सर्वेक्षण के अनुसार, कंपनियां विकास की संभावनाओं को लेकर आशावादी बनी रहीं, लेकिन समग्र भावना लगभग साढ़े तीन वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर गिर गयी।

यूरोपीय बाजारों का रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक काफी अधिक बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए।

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 61.93 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.28 प्रतिशत बढ़कर 61.93 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक दिन की राहत के बाद सोमवार को 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,764.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। 

सोमवार को सेंसेक्स 322.39 अंक या 0.38 प्रतिशत गिरकर 85,439.62 पर बंद हुआ। दिन के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई 26,373.20 पर पहुंचने के बाद निफ्टी उस तेजी को बरकरार नहीं रख सका और 78.25 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 26,250.30 पर समाप्त हुआ।

Published / 2026-01-06 22:55:39
एसबीआई के शेयर लगातार छह ट्रेडिंग सेशंस से मजबूत

  • एसबीआई के शेयर लगातार छह ट्रेडिंग सेशंस से मजबूत
  • 0 से 103 तक मॉडर्न डायग्नोस्टिक आइपीओ की लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट में दिखा बड़ा संकेत

एबीएन बिजनेस डेस्क। मंगलवार को स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 2 फीसदी की तेजी के साथ 1,024 के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच शेयर में यह उछाल देखा गया। वहीं, इसी दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स 0.30 फीसदी गिरकर 26,171.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

एसबीआई का शेयर लगातार छह ट्रेडिंग सेशंस से मजबूती दिखा रहा है और इस दौरान इसमें करीब 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले छह महीनों में एसबीआई ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में एसबीआई का शेयर 27 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी 50 में सिर्फ 2.7 फीसदी की तेजी आयी है।

10 ट्रिलियन मार्केट कैप के करीब एसबीआई
शेयर में आयी तेजी के चलते एसबीआई का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 9.45 ट्रिलियन के आसपास पहुंच गया है। बैंक अब 10 ट्रिलियन के ऐतिहासिक आंकड़े से सिर्फ 11 फीसदी दूर है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए एसबीआई के शेयर का भाव 1,100 के स्तर को पार करना जरूरी है।

बैंकिंग सेक्टर में इस समय एचडीएफसी बैंक सबसे ऊपर बना हुआ है, जिसका मार्केट कैप 14.87 ट्रिलियन है। दूसरे नंबर पर आईसीआईसीआई बैंक है, जिसका मार्केट कैप 10.07 ट्रिलियन है। इन दोनों के बाद रइक तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

ब्रोकरेज हाउस क्यों हैं एसबीआई पर बुलिश ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एसबीआई को सेक्टर में अपना पसंदीदा इव स्टॉक बताया है और इसका टारगेट प्राइस 1,100 रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक का बिजनेस और कमाई लगातार मजबूत हो रही है, जबकि के्रडिट कॉस्ट नियंत्रण में है। बैंक को एफवाई 26 में 13-14 फीसदी लोन ग्रोथ की उम्मीद है, जो मुख्य रूप से रिटेल, कृषि और टरटए सेगमेंट से आयेगी।

मार्जिन और कमाई पर मजबूत पकड़

एसबीआई की कमाई पर अब ज्यादा दबाव नहीं है। बैंक को लोन और जमा पर जो फायदा (मार्जिन) मिलता है, वह अब लगभग ठीक स्तर पर आ गया है। बैंक को उम्मीद है कि आगे भी उसकी कमाई का मार्जिन 3 फीसदी से ऊपर बना रहेगा।

दिसंबर 2025 में अगर आरबीआई ब्याज दर थोड़ी कम (0.25%) भी करता है, तो इसका रइक पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि सरकार और आरबीआई ने सीआरआर में कटौती की है, जिससे बैंक को कुछ राहत मिलेगी और नुकसान की भरपाई हो जायेगी।

एसेट क्वालिटी बनी हुई है मजबूत

एसबीआई के लोन की हालत अभी अच्छी और सुरक्षित बनी हुई है। जिन ग्राहकों के लोन बदले गये हैं (रीस्ट्रक्चर्ड लोन), उन पर बैंक कड़ी नजर रख रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले कुछ सालों में बैंक को बैड लोन से ज्यादा नुकसान नहीं होगा। एफवाई 26 से एफवाई 28 के बीच लोन पर होने वाला खर्च कम ही रहेगा। इसकी वजह से एसबीआई की कमाई आने वाले समय में हर साल करीब 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकती है।

आईसीआईसीआई सेक्यूरिटिजी ने बढ़ाया टारगेट प्राइस

आईसीआईसीआई सेक्यूरिटिजी ने भी रइक के शेयर पर भरोसा जताया है और क्यू 2 नतीजों के बाद इसका टारगेट बढ़ाकर 1,120 कर दिया है, जो पहले 940 था। ब्रोकरेज ने स्टैंडअलोन बैंक को करीब 1.4 गुना वैल्यूएशन पर आंका है और शेयर पर इव रेटिंग बरकरार रखी है।

Published / 2026-01-06 19:27:41
शेयर मार्केट : सेंसेक्स 376 अंक टूटा, निफ्टी 26200 के नीचे

लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार 

एबीएन बिजनेस डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे ब्लू-चिप शेयरों में भारी बिकवाली और भारत के खिलाफ टैरिफ में और वृद्धि करने की अमेरिका की नयी चेतावनी की चिंताओं के कारण शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन यानी मंगलावर को गिरावट के साथ बंद हुए। 

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल 

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, टाटा समूह की रिटेल कंपनी के दिसंबर तिमाही में राजस्व वृद्धि से निवेशकों में उत्साह की कमी आने के बाद ट्रेंट के शेयरों में 8.62 प्रतिशत की गिरावट आयी। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 प्रतिशत की गिरावट 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी, जबकि आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एचडीएफसी बैंक भी पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टेट बैंक आॅफ इंडिया को लाभ हुआ। 

Published / 2026-01-06 19:25:41
वित्त वर्ष 2026-27 में 6.9% रह सकता है भारत की जीडीपी वृद्धि दर!

इंडिया रेटिंग्स ने किया अनुमान 

एबीएन बिजनेस डेस्क। साख निर्धारित करने वाली इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा आयकर में कटौती जैसे प्रमुख सुधार और व्यापार समझौते, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के रूप में काम करेंगे। 

साथ ही अर्थव्यवस्था को वैश्विक उथल-पुथल से बचायेंगे। इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा कि अर्थव्यवस्था में अगले वित्त वर्ष में भी उच्च वृद्धि दर और कम महंगाई दर (औसतन 3.8 प्रतिशत खुदरा मुद्रास्फीति) की स्थिति बनी रहेगी।  

कम शुल्क वाले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के आंकड़ों में और इजाफा होगा। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष में आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत और बाजार मूल्य पर जीडीपी नौ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। 

इंडिया रेटिंग्स को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय रुपया औसतन 92.26 प्रति डॉलर रहेगा जो मौजूदा वित्त वर्ष में 88.64 प्रति डॉलर से अधिक है। एजेंसी ने साथ ही कहा कि सरकार के विशेष रूप से न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) विदेशी निवेश को बढ़ावा देंगे और अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करके चालू खाता घाटा (सीए) को कम रखने में मदद करेंगे।  

पंत ने कहा कि सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाना एवं विकसित भारत-राम-जी अधिनियम के तहत आवंटन एक फरवरी को निर्धारित 2026-27 के केंद्रीय बजट में अपेक्षित प्रमुख घोषणाएं होंगी। इसके अलावा, 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी एक फरवरी को सार्वजनिक किया जायेगा। इसमें एक अप्रैल से शुरू होने वाले पांच वर्षों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर हस्तांतरण के अनुपात का सुझाव दिया गया है।  

रेटिंग एजेंसी के अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में कर राजस्व में दो लाख करोड़ रुपये की कमी आयेगी जिसकी भरपाई गैर-कर राजस्व संग्रह और पूंजीगत व्यय में मामूली कमी से की जायेगी। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट में अनुमानित 4.4 प्रतिशत और वास्तविक रूप से 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा। एजेंसी के अनुसार, संशोधित अनुमानों (आरई) में निरपेक्ष रूप से आंकड़ा बढ़ सकता है, हालांकि प्रतिशत के रूप में 4.4 प्रतिशत ही रहेगा।

Published / 2026-01-05 19:34:33
जानें शेयर मार्केट टूटने के तीन प्रमुख कारण

रिकॉर्ड हाई के बाद अचानक क्यों टूटा शेयर बाजार? जानें 3 बड़े कारण 

एबीएन बिजनेस डेस्क। सोमवार, 5 जनवरी को भारतीय शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गये। सेंसेक्स 322.39 अंक या 0.38% गिरकर 85,439.62 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 78.25 अंक या 0.30% टूटकर 26,250.30 के स्तर पर पहुंच गया। 

बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण 

  • आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली 
  • आज बाजार की सबसे बड़ी कमजोरी आईटी सेक्टर में देखने को मिली। 
  • निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2% तक टूट गया। 
  • इंडेक्स के सभी 10 शेयर लाल निशान में रहे। 
  • विप्रो, एचसीएल टेक और इंफोसिस में करीब 3% तक गिरावट दर्ज की गयी। 

निवेशक अमेरिकी बाजार से जुड़े जोखिमों और संभावित नये टैरिफ को लेकर सतर्क दिखे। इसके अलावा, ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने भी भारतीय आईटी सेक्टर पर सतर्क रुख अपनाते हुए निवेशकों को एक्सपोजर घटाने की सलाह दी है। सीएलएसए का मानना है कि आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे कमजोर रह सकते हैं। 

ट्रंप की नयी टैरिफ चेतावनी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला। उन्होंने कहा कि भारत अब भी रूस से तेल खरीद रहा है, जिससे अमेरिका संतुष्ट नहीं है और जरूरत पड़ने पर भारत पर टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान अनिश्चितता बढ़ाते हैं और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। 

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। 

रुपये में कमजोरी 

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में नजर आया। शुरूआती कारोबार में रुपया 4 पैसे कमजोर होकर 90.24 के स्तर पर पहुंच गया। फॉरेक्स विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूत मांग के चलते रुपए पर दबाव बना रह सकता है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिल सकती है।

Published / 2026-01-04 22:03:25
अब लंबाई के हिसाब से बढ़ेंगे सिगरेट के दाम

सिगरेट पीने वालों को झटका! अब लंबाई के हिसाब से बढ़ेंगे दाम, जानें आपकी वाली कितनी महंगी? 

एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप धूम्रपान के शौकीन हैं तो आने वाला महीना आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों विशेषकर सिगरेट पर लगने वाले टैक्स ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किया है। 

1 फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमतें ब्रांड के साथ-साथ उसकी लंबाई के आधार पर तय होंगी। साल 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद तंबाकू टैक्स के क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। 

लंबाई बढ़ी तो बढ़ेगा दाम: नया टैक्स गणित 

  • सरकार ने स्पेसिफिक सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को फिर से प्रभावी तरीके से लागू करने का फैसला किया है। अब प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक के आधार पर टैक्स वसूला जायेगा। 
  • 65 मिमी से छोटी (बिना फिल्टर): 2.05 प्रति सिगरेट की एक्साइज ड्यूटी। 
  • 65 मिमी से छोटी (फिल्टर वाली): 2.10 प्रति सिगरेट। 
  • 65 से 70 मिमी (मिड-रेंज): 3.60 से 4.00 प्रति सिगरेट। 
  • 70 से 75 मिमी: 5.40 प्रति सिगरेट। 
  • 75 मिमी से ज्यादा (प्रीमियम): 8.50 या उससे अधिक का टैक्स बोझ। 

2017 के बाद सबसे बड़ी सख्ती 

  • जीएसटी लागू होने के समय सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी को लगभग खत्म कर दिया गया था लेकिन अब इसे बेहद सख्त रूप में वापस लाया गया है। 
    जीएसटी के ऊपर अतिरिक्त बोझ: यह नई ड्यूटी मौजूदा 18% से 40% जीएसटी के ऊपर से लगेगी। 
  • कुल टैक्स: हालांकि सरकार ने कंपेंसेशन सेस हटाया है लेकिन नई एक्साइज ड्यूटी जुड़ने के बाद सिगरेट की कुल कीमत का लगभग 53% हिस्सा केवल टैक्स होगा। 
  • सरकार के इस कड़े फैसले के पीछे क्या है वजह? 

वित्त मंत्रालय के इस कदम के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य हैं: 

  1. सार्वजनिक स्वास्थ्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन  का मानना है कि तंबाकू उत्पादों को महंगा करना उन्हें छोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकार चाहती है कि बढ़ती कीमतों के कारण लोग धूम्रपान कम करें। 
  2. वैश्विक मानक: विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश है कि तंबाकू की कीमत का 75% हिस्सा टैक्स होना चाहिए। भारत अब धीरे-धीरे इसी लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। 
  3. राजस्व में वृद्धि: इस नये टैक्स ढांचे से सरकारी खजाने में बड़ी राशि जमा होगी जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।

Published / 2025-12-26 21:09:26
शेयर मार्केट : सेंसेक्स में 367 अंक की गिरावट

85,041 पर हुआ बंद, निफ्टी 26,042 पर 

एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में आज यानी 26 दिसंबर को गिरावट दर्ज की गयी। सेंसेक्स 367.25 अंक गिरकर 85,041.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी करीब 99.80 अंक की गिरावट रही, ये 26,042.30 के स्तर पर बंद हुआ। 

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 में तेजी और 14 में गिरावट रही। बैंकिंग, आटो और आईटी शेयर में तेजी देखने को मिली। वहीं मीडिया और बैंकिंग शेयर्स में गिरावट रही। 

ग्लोबल मार्केट में तेजी 

एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी 0.70% ऊपर 4,137 पर और जापान का निक्केई इंडेक्स 0.96% ऊपर 50,893 पर कारोबार कर रहा है। 
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स आज बंद है। वहीं चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.19% बढ़कर 3,952 पर कारोबार कर रहा है । 

26 दिसंबर को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.60% ऊपर 48,731 पर बंद हुआ था। वहीं, नैस्डेक कंपोजिट में 0.22% और एस एंड पी 500 में 0.32% की तेजी रही थी। 

24 दिसंबर को बाजार में तेजी रही थी 

शेयर बाजार में 24 दिसंबर को बढ़त रही। सेंसेक्स 116 अंक ऊपर 85,409 पर बंद हुआ। निफ्टी में 35 अंक की तेजी रही, ये 26,142 के स्तर पर बंद हुआ।

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