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Published / 2025-04-21 20:18:17
भारत में सोने की कीमत एक लाख पार

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल, भारत में सोना 1 लाख के पार 

एबीएन बिजनेस डेस्क। सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है और अब भारत में सोना 1 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की बढ़ती मांग के चलते यह उछाल देखने को मिल रहा है। 

अब आइये समझते हैं 31 ग्राम सोने की कीमत का पूरा गणित : 

  • एमसीएक्स पर सोने की मौजूदा कीमत: 3391 प्रति ग्राम 
  • 86 ग्राम के हिसाब से कुल कीमत: 3391 .86 = 2,91,626 
  • 31 ग्राम के लिए कीमत: 2,91,626 रु 31 = 9,407.29 प्रति ग्राम   
  • अब इसमें टैक्स और चार्ज जोड़े जायें तो कीमत इस प्रकार बढ़ती है : 
  • इंपोर्ट ड्यूटी (7.25%), 9,407.29 + 7.25% = 10,089.00 प्रति ग्राम 
  • जीएसटी (3%), 10,089.00 + 3% = 10,391.67 प्रति ग्राम 
  • मेकिंग चार्ज (कम से कम 10%), 10,391.67 + 10% = 11,430.10 प्रति ग्राम 
  • अंतिम कीमत: 11,430 प्रति ग्राम 

इस हिसाब से 10 ग्राम सोने की कीमत ?1,14,300 तक पहुंच रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सोना खरीदने से पहले पूरा चार्ज और टैक्स समझना बेहद जरूरी है।

Published / 2025-04-17 18:07:46
लगातार गिरावट के बाद शेयर मार्केट ने पकड़ी रफ्तार

शेयर बाजार की बड़ी छलांग, सेंसेक्स 1,500 अंक उछला, निवेशकों को हुआ मोटा मुनाफा 

एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार आज सुबह गिरावट के साथ खुले, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही हालात बदलने लगे। दोपहर बाद सेंसेक्स में 1,450 अंक से अधिक तेजी आयी और निफ्टी भी 23,800 अंक के पार पहुंच गया। वित्तीय शेयरों में खूब खरीदारी से शेयर बाजार में तेजी आयी।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1508 अंक बढ़कर 78,553 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 414 अंक बढ़कर 23,851 पर बंद हुआ। इस तेजी से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 418.98 लाख करोड़ रुपये हो गया।

आज की तेजी के पीछे कई कारण 

  1. बैंकिंग शेयरों में मजबूती : चौथी तिमाही के नतीजों से पहले बैंकिंग शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। बैंक निफ्टी करीब 2% चढ़ गया। एडीएफसी बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज शेयरों ने सेंसेक्स की बढ़त में अहम भूमिका निभायी। 19 अप्रैल को आने वाले तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई दे रहा है। 
  2. विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सपोर्ट : विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआइआइएस) ने बुधवार को 3,936 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीते दो कारोबारी सत्रों में उनका निवेश 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के डॉ वीके विजयकुमार के अनुसार, अमेरिका-चीन के टैरिफ संकट के चलते भारत अब निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बन रहा है। 
  3. जापान-अमेरिका व्यापार वार्ता से एशियाई बाजारों में तेजी : जापान और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता की सकारात्मक प्रगति से एशियाई शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गयी। जापानी निक्केई 0.7% बढ़ा, जबकि येन में कमजोरी आयी। राष्ट्रपति ट्रंप ने वार्ता में अप्रत्याशित रूप से भाग लेकर जापानी प्रतिनिधि से महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की। 
  4. डॉलर में कमजोरी : डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गयी, जो गुरुवार को 99.56 पर आ गया। इससे भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेशकों की भावना बेहतर हुई। डॉलर की कमजोरी से रुपया मजबूत होता है और विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ता है, जिससे शेयर बाजार को सपोर्ट मिलता है। 
  5. अमेरिका ने टैरिफ छूट बढ़ायी, वैश्विक बाजारों को राहत : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित 75 देशों पर लगाये गये अतिरिक्त टैरिफ को 9 जुलाई तक टाल दिया है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार तनाव में अस्थायी राहत मिली है और निवेशकों की भावना में सुधार देखा गया है। 
  6. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी : ब्रेंट क्रूड की कीमत 66.40 डॉलर और डब्ल्यूटीआइ क्रूड 62.90 डॉलर प्रति बैरल पर रही। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारत को लाभ मिल रहा है, क्योंकि यह दुनिया का एक बड़ा तेल आयातक है। इससे महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव कम होता है।

Published / 2025-04-12 21:22:50
जानें कितना महंगा हो जायेगा सोना...

सीधे 2 लाख रुपये से भी महंगा हो जायेगा प्रति 10 ग्राम सोना, सोने की कीमतों पर आयी चौंकाने वाली रिपोर्ट 

एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप अब तक सोच रहे थे कि सोना महंगा हो गया है, तो रुकिए! असली झटका तो अभी बाकी है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगले कुछ सालों में गोल्ड की कीमतें ऐसे ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं, जिसकी कल्पना भी आम निवेशकों ने शायद न की हो। 10 ग्राम सोना 1 लाख नहीं, सीधे 2 लाख रुपए से भी ज्यादा का हो सकता है! आइए जानते हैं इस चौंकाने वाली भविष्यवाणी के पीछे की पूरी कहानी। 

सोना हो सकता है 2.18 लाख प्रति 10 ग्राम! 

एक कमोडिटी विशेषज्ञ  ने एक इंटरव्यू में कहा है कि अगले 5 सालों में गोल्ड की कीमतें $8000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। अगर मौजूदा एक्सचेंज रेट (85/$) के हिसाब से गणना करें, तो भारतीय बाजार में इसका मतलब है: 

  • 8000 गुणा 85 = 6,80,000 प्रति औंस 
  • 1 औंस = 31.1035 ग्राम 
  • यानी 6,80,000 रु 31.1035 = ?21,862 प्रति ग्राम 
  • और फिर 10 ग्राम सोना = 2,18,500 

जी हां, आपने सही पढ़ा—2.18 लाख प्रति 10 ग्राम! 

क्या है गोल्ड में इस तेजी की वजह विशेषज्ञों का मानना है कि 

  • ग्लोबल इकनॉमिक अनिश्चितता 
  • डॉलर में उतार-चढ़ाव 
  • जियो-पॉलिटिकल टेंशन 
  • बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें... ये सभी फैक्टर्स सोने की डिमांड को बढ़ा सकते हैं। 

वर्तमान में थोड़ी बहुत गिरावट की संभावना जरूर बताई गई है—जैसे कि $2800-$2900 प्रति औंस का लेवल—लेकिन 2025 के मध्य तक यह $3500 और फिर 5 सालों में $8000 तक उछल सकता है। 

ध्यान देने वाली बात 

यह खबर निवेशकों के लिए उत्साहित करने वाली जरूर है, लेकिन जरूरी है कि आप बिना सोचे-समझे पैसा न लगाएं। हर निवेश जोखिम के साथ आता है, और इसलिए फैसला लेने से पहले किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

Published / 2025-04-07 17:36:09
रसोई गैस सिलेंडर 50 रुपये महंगा

उज्ज्वला और आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर

एबीएन बिजनेस डेस्क। नये सत्र की शुरूआत महंगा होने वाली है, दरअसल,अब रसोई गैस का सिलिंडर भी महंगा होने वाला है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये जानकारी दी है। 

उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी उज्ज्वला और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए होगी। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी  ने 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी किए जाने का एलान किया।

मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की वृद्धि होगी। 500 से यह 550 (पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए) हो जायेगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जायेगी।

Published / 2025-04-07 10:48:05
अमेरिकी टैरिफ ने मचाया शेयर मार्केट में हाहाकार

  • सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 3900 तो निफ्टी 1100 अंक गिरकर खुला; अब भी गिरावट जारी
  • शेयर बाजार में अब तक की सबसे बड़ी तबाही, निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा, जानें क्या है गिरावट की वजह

एबीएन बिजनेस डेस्क। आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट आयी,  जिससे लाखों निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गये। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, शुरुआती घंटों में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखी गयी।

सेंसेक्स 3,939.68 अंक गिरकर 71,425.01 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी में 1,160.8 अंक की गिरावट आयी और यह 21,743.65 अंक पर आ गया। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 30 पैसे गिरकर 85.74 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों के बीच अस्थिरता और चिंता का माहौल बना हुआ है।

क्या है गिरावट की वजह?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर भारी टैरिफ लगाए हैं, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ बढ़ा दिये हैं। इसमें चीन और कनाडा जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इस बढ़ते व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक तनाव बढ़ गया है और इसके परिणामस्वरूप महंगाई और मंदी का खतरा गहरा गया है। इस स्थिति ने दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट को जन्म दिया है।

गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों में आई अस्थिरता भी  है, जहां दुनियाभर के प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में पिछले सप्ताह भारी गिरावट के बाद अब भारतीय बाजार में भी असर देखा गया है। इसके अलावा, घरेलू आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया। निवेशकों के बीच बढ़ती अस्थिरता और कमजोर आर्थिक संकेतकों ने बाजार में हड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न कर दी है।

निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में निवेशकों को धैर्य बनाए रखने और दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। short-term बाजार उतार-चढ़ाव को लेकर घबराने की बजाय निवेशकों को लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहिएइसके साथ ही ब्रोकरेज हाउस का निवेशकों को संदेश है कि वैश्विक बाजार की वर्तमान स्थिति और हमारी RMS नीति के तहत, कैश सेगमेंट में इंट्राडे ट्रेडिंग (लॉन्ग और शॉर्ट) अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। कृपया अपनी ट्रेडिंग योजनाओं को इसके अनुसार समायोजित करें।

बाजार में गिरावट के तीन मुख्य कारण

  1. ट्रम्प का रेसिप्रोकल टैरिफ नीति : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। भारत पर 26%, चीन पर 34%, यूरोपीय यूनियन पर 20%, दक्षिण कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, वियतनाम पर 46% और ताइवान पर 32% आयात शुल्क लगाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटा कम करना बताया गया है, लेकिन इससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है।
  2. चीन की जवाबी कार्रवाई : ट्रम्प की नीति के जवाब में चीन ने भी अमेरिका से आने वाले उत्पादों पर 34% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो 10 अप्रैल से लागू होगा। यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध को और तेज कर सकता है। पहले ही अमेरिका द्वारा चीन पर 34% टैरिफ लगाया जा चुका है, और अब चीन ने जैसे को तैसा नीति अपनायी है।
  3. आर्थिक मंदी की आशंका : बढ़ते टैरिफ के चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे उपभोक्ता खर्च में गिरावट आ सकती है। इसके कारण वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती आ सकती है। मांग घटने से कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है, जो आर्थिक गतिविधि की कमजोरी का संकेत है। इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी है।

Published / 2025-04-04 18:34:35
जानें शेयर मार्केट में हाहाकार के चार प्रमुख कारण

इन 4 कारणों से क्रैश हुआ बाजार, निवेशकों के 9.5 लाख करोड़ स्वाहा

एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार आज 4 अप्रैल को ब्लैक फ्राइडे देखने को मिला। सेंसेक्स-निफ्टी 1% से अधिक क्रैश हो गये। ग्लोबल ट्रेड वार शुरू होने की आशंका ने निवेशकों के मनोबल को गिरा दिया है। इसके चलते बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 930 अंक टूटकर 75,364 के स्तर और निफ्टी 345 अंक लुढ़ककर 22,904 के स्तर पर बंद हुआ। 

वहीं कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,009 अंक या 1.32 फीसदी टूटकर 75,286 के स्तर तक टूट गया। वहीं निफ्टी 375 अंक या 1.61 फीसदी लुढ़ककर 22,874 के स्तर पर पहुंच गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये घट गयी। फार्मा, आईटी और मेटल शेयरों में हाहाकार मचा।

शेयर बाजार में गिरावट के पीछे 4 बड़े कारण... 

ग्लोबल ट्रेड वॉर का डर 

डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गयी है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% और अन्य देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया है। इसके जवाब में कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25% टैरिफ लगाया, जबकि चीन ने सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है। 

ग्लोबल मार्केट पर असर

  • अमेरिकी बाजारों में गिरावट: एस एंड पी 500 इंडेक्स 4.9% और नैसडैक 100 इंडेक्स 5.5% लुढ़का, जो 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। 
  • एशियाई बाजार प्रभावित: जापान का निक्केई 3% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% गिरा। शंघाई और हांगकांग के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। 

प्रमुख सेक्टर्स पर दबाव

  • फार्मा स्टॉक्स: ट्रंप प्रशासन द्वारा फार्मा उत्पादों पर टैरिफ लगाने के संकेत से फार्मा शेयरों में गिरावट आयी। 
  • आइटी स्टॉक्स: अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी के चलते भारतीय कळ कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गयी। 
  • मेटल स्टॉक्स: ट्रेड बैरियर्स बढ़ने के डर से मेटल शेयरों में बिकवाली रही।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 2,806 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने केवल 221 करोड़ की खरीदारी की।

Published / 2025-03-29 22:26:44
96 हजार प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है सोने की कीमत

नहीं थम रही सोने की कीमतों में तेजी, इस लेवल तक जा सकते हैं दाम 

एबीएन बिजनेस डेस्क। सोने की कीमतें एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी। बीते 12 महीनों में 50वीं बार सोने ने आल-टाइम हाई स्तर को छुआ है। यह पिछले 12 वर्षों में सोने की सबसे लंबी तेजी का दौर है और इसके इतिहास में तीसरा सबसे लंबा बुल रन माना जा रहा है। 1970 के दशक में महंगाई, सुस्त आर्थिक विकास और बेरोजगारी के कारण सोने में लगातार चार साल तक तेजी देखी गयी थी। इस साल अब तक सोने की कीमत 16% बढ़ चुकी है, जबकि पिछले एक साल में यह 39% का उछाल दिखा चुका है। यह लगातार तीसरे साल पॉजिटिव परफॉर्मेंस की ओर बढ़ रहा है। 

  • कीमतों में तेजी के कारण : वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका निवेशक अमेरिकी नीतियों को लेकर सतर्क हैं और सोने को सुरक्षित संपत्ति मान रहे हैं। 
  • ब्याज दरों में कमी : जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने की कीमतों में वृद्धि देखी जाती है। 
  • आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता : बाजार के विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशक संभावित आर्थिक अस्थिरता के डर से सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। 

कहां तक जा सकती है कीमत 

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की दूसरी तिमाही तक सोना 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत दिसंबर 2025 तक $3,200 से $3,400 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सरार्फा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 1,100 रुपये बढ़कर 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के नये उच्च स्तर पर पहुंच गयी। पिछले सत्र में यह 91,050 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। यह 1,300 रुपए बढ़कर 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी, जो इसके अब तक के उच्चतम स्तर के करीब है।

Published / 2025-03-26 20:38:36
मंदी के पंच से फिर सदमे में शेयर बाजार

शेयर बाजार को फिर लगा मंदी का पंच, निवेशकों के दो दिन में डूबे 6.40 लाख करोड़

एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार को एक बार फिर से मंदी का पंच लगा है, जिसकी शुरुआत 25 मार्च को ही हो गयी थी। इस पंच की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को दो दिनों में करीब 6.40 लाख करोड़ रुपये डूब गये हैं। खास बात तो ये है कि मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मामूली तेजी के साथ बंद हुए थे। उसके बाद भी निवेशकों को 3.34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा था। 

वहीं बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी गिरावट देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से निवेशकों को कारोबारी सत्र के दौरान करीब 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। शेयर बाजार में जिस मंदी के पंच की बात हो रही है, उसमें यूएस टैरिफ की अनिश्चितता, तेजी के बाद बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, हैविवेट शेयरों में गिरावट और डॉलर इंडेक्स में इजाफा है।

ये पांचों चीजें किसी भी सूरत में भारतीय शेयर बाजार के लिए ठीक नहीं है। इससे पहले सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार 7 कारोबारी दिनों में इजाफा देखने को मिला है। इस दौरान शेयर बाजार निवेशकों को 5.7 फीसदी का रिटर्न दिया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर बुधवार को शेयर बाजार के आंकड़े किस तरह के देखने को मिल रहे हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखने को मिल रही है। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक संसेक्स दोपहर तीन बजे करीब 800 अंकों की गिरावट के साथ 77,237.24 अंकों पर कारोबार कर रहा है। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 77,229.77 अंकों के दिन के लोअर लेवल पर भी गया। वैसे सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 78,021.45 अंकों के साथ ओपन हुआ था और 78,167.87 अंकों के दिन के हाई पर ओपन हुआ था। खास बात तो से मंगलवार कों सेंसेक्स 33 अंकों की तेजी साथ बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। 

आंकड़ों के अनुसार निफ्टी 205 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। दोपहर 3 बजे निफ्टी 23,463.65 अंकों पर देखने को मिला। खास बात तो ये है कि 23,700.95 अंकों पर ओपन हुआ था। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 23,451.70 अंकों दिन के लोअर लेवल पर भी गया। इससे पहले लगातार 7 कारोबारी दिनों में निफ्टी 5.7 फीसदी की तेज देखने को मिली है। इस दौरान निवेशकों को भी मोटा नुकसान हुआ है। 

आंकड़ों को देखें तो बीएसई का मार्केट कैप निवेशकों की कमाई से जुड़ा हुआ होता है। एक दिन पहले बीएसई का मार्केट कैप 4,14,94,992.3 करोड़ रुपए था, जो बुधवार को कारोबारी सत्र के दौरान गिरकर 4,11,88,539.61 करोड़ रुपए हो गया। इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा साफ हो गये। वहीं दूसरी ओर 24 मार्च को बीएसई का मार्केट कैप 4,18,29,351.91 करोड़ रुपये था, जिसमें अब तक 6.40 लाख करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिलन चुकी है।

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