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Published / 2026-01-02 13:04:30
क्षितिज 2026 : आईआईटी खड़गपुर ने देशभर के छात्रों को किया आमंत्रित

  • आईआईटी खड़गपुर ने देशभर के छात्रों को क्षितिज 2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया

एबीएन कैरियर डेस्क। आईआईटी खड़गपुर अपने प्रतिष्ठित वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट महोत्सव क्षितिज 2026 का आयोजन 16 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक करने जा रहा है। 

इस 23वें संस्करण में 40 से अधिक कार्यक्रम शामिल होंगे, जिनमें प्रतियोगिताएँ, कार्यशालाएँ, अतिथि व्याख्यान, इंटरएक्टिव सत्र और प्रदर्शनियों का समावेश होगा। यह महोत्सव छात्रों को तकनीक और प्रबंधन के नवीनतम नवाचारों से रूबरू कराने का एक अनूठा मंच प्रदान करेगा।

महोत्सव का भव्य उद्घाटन 16 जनवरी को होगा। प्रमुख आकर्षणों में डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना, और अत्यंत आकर्षक कनाडियन ड्रोन लाइट शो की प्रदर्शनियाँ शामिल होंगी। इसके अलावा ऑटो एक्सपो, डीजे नाइट और कई मनोरंजक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा।

पूर्व में क्षितिज ने प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों जैसे डॉ. ए. वेल्लुमणी (संस्थापक, थायरोकेयर), सबीर भाटिया (संस्थापक, हॉटमेल), प्रेरणादायी वक्ता डॉ. तनू जैन, और प्रसिद्ध शिक्षक-मेंटर विजेंद्र सिंह चौहान को आमंत्रित किया है। इनके सत्रों से देशभर के हजारों छात्रों को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिली है।

इस वर्ष, क्षितिज नवाचार, रचनात्मकता और सीख को नए स्तर पर ले जाते हुए देशभर के छात्रों के लिए एक और अधिक रोमांचक और यादगार अनुभव प्रस्तुत करने का वादा करता है। अधिक जानकारी और अपडेट प्राप्त करने के लिए अभी पंजीकरण करें: ktj.in

Published / 2025-12-30 20:21:36
झारखंड : 1910 सीजीएल अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

सीएम हेमंत सोरेन ने बांटा 1910 सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को गति देते हुए राज्य सरकार ने आज एक बार फिर भव्य नियुक्ति पत्र वितरण किया। मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कुल 1910 सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। इनमें से 26 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। 

शेष अभ्यर्थियों को विभागीय स्तर पर नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कल्पना सोरेन, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद महुआ माजी, विधायक विकास कुमार मुंडा, राजेश कच्छप, अमित कुमार, संजय कुमार यादव, सुरेश कुमार बैठा, जिग्गा सुसारन होरो, संजीव सरदार, सुखराम उरांव, सविता महतो सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 

इसके अलावा डीजीपी झारखंड तदाशा मिश्रा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, वित्त सचिव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परिजन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य सचिव अविनाश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।  

अविनाश कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि लगभग एक महीने पहले ही राज्य सरकार ने करीब 9000 सरकारी नौकरियां दी थीं और आज पुन: विभिन्न विभागों की रिक्तियों पर 1900 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। आज का दिन आप सभी के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

सरकारी सेवा में चुनौतियां जरूर आयेंगी, लेकिन यही जनसेवा का सबसे सशक्त मंच भी है। उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनसे पारदर्शिता व ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। 

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल मदद नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक न्याय का माध्यम है। अब तक लगभग 68 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। राज्य में कुल 1.60 लाख स्वीकृत सरकारी पद हैं। जैसे-जैसे ये पद भरेंगे, हमें युवाओं के लिए रोजगार के नये विकल्प भी तलाशने होंगे। 

उन्होंने बताया कि एमएसएमई के माध्यम से 6 लाख 78 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है और दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 

श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अंतिम दौर में जिस तरह की ऐतिहासिक नियुक्तियां मिल रही हैं, यह केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की वजह से संभव हुआ है। विपक्ष केवल बयानबाजी करता है, जबकि हमारी सरकार जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नव-नियुक्त कर्मियों की भूमिका राज्य को आगे बढ़ाने में निर्णायक होगी।

Published / 2025-12-30 20:17:26
सीएम से मिलीं ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर सविता कच्छप

सीएम हेमंत से पहली ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर सविता कच्छप ने की मुलाकात, मुख्यमंत्री ने 2 लाख रुपए का प्रोत्साहन राशि चेक सौंपा 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में ट्रिपल आईटी, रांची में आदिवासी समुदाय से चयनित सबसे कम उम्र की पीएचडी अभ्यर्थी सविता कच्छप ने मुलाकात की। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  

मुख्यमंत्री ने 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक सौंपा 

मुख्यमंत्री ने सविता कच्छप को पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक उनके परिजन को सौंपा। मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष सविता कच्छप ने कहा कि वे डूंगरी टोली, अरगोड़ा रांची की निवासी हैं और वर्तमान में मधुकम स्थित अपनी नानी के घर पर रह कर पढ़ाई कर रही हैं।

सविता कच्छप टेक्निकल फील्ड में पहली ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर 

मुख्यमंत्री को उन्होंने अवगत कराया कि वे आदिवासी समुदाय में सबसे कम उम्र (24) की अभ्यर्थी हैं जिनका ट्रिपल आईटी, रांची में पीएचडी के लिए इलेक्ट्रिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स में चयन हुआ है। वे टेक्निकल फील्ड में पहला ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर भी हैं तथा आईईईई में अंतराष्ट्रीय नॉवेल्टी रिसर्च वर्क प्रेजेंट कर चुकी हैं। 

मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सविता कच्छप की हौसला अफजाई करते हुए उनसे कहा कि वे आगे अपनी पढ़ाई और शोध कार्य जारी रखें, राज्य सरकार हरसंभव उन्हें मदद करेगी। मौके पर सविता कच्छप के परिजन एवं अन्य उपस्थित रहे।

Published / 2025-12-29 18:36:54
दिल्ली : सरकारी यूनिवर्सिटी में बीटेक की 76% सीटें खाली

जिस कोर्स के लिए अटकी रहती है सांस, उसका ये हाल क्यों? 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। साल 2025 में दिल्ली स्किल यूनिवर्सिटी की बीटेक, यूजी-पीजी की आधी से ज्यादा सीटें खाली रह गयीं। सवाल उठ रहे हैं कि जिस कोर्स में दाखिले के लिए लोगों की सांसें अटकी रहती हैं, एक-एक सीट पर कड़ी टक्कर होती है, उसमें दिल्ली के गवर्नमेंट इंस्टिट्यूशन में 76% सीटें खाली क्यों? 

दिल्ली स्किल एंड आंत्रप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसयूई) के अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट कोर्सेस और एनईपी स्ट्रक्चर के साथ शुरू हुए कोर्सेस में इस साल (2025) स्टूडेंट्स ने दिलचस्पी नहीं दिखायी है। यूनिवर्सिटी के बीटेक कोर्सेस की 840 सीटों में से 642 सीटें खाली रही हैं। पीजी कोर्सेस में 260 में से 161 सीटें खाली रहीं। 

वहीं, यूनिवर्सिटी के यूजी लेवल तक के 45 कोर्सों की 2850 सीटों में से 1228 सीटें भर नहीं पायीं। दिल्ली सरकार की इस यूनिवर्सिटी के लिए यह रिस्पॉन्स बड़ी चिंता है। हालांकि, डिप्लोमा कोर्सेस में डीएसयूई में 2850 सीटों में से 2645 सीटें भरीं, कई में सीटों से ज्यादा दाखिले भी हुए। 

क्या कह रहे हैं डीएसयूई वीसी? 

डीएसईयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर अशोक नगावत का कहना है कि बीटेक कोर्स शुरू करने की वजह डिप्लोमा स्टूडेंट्स ही हैं, जिन्हें हम बीटेक में लैटरल एंट्री देते हैं। इसलिए इनकी खाली सीटें बड़ी दिक्कत नहीं है। दूसरा- कुछ कोर्सों में हमें स्टूडेंट्स कम जरूर मिले हैं, मगर कोर्स चल रहे हैं और इंडस्ट्री की मांग भी हैं। 

यूनिवर्सिटी में परमानेंट फैकल्टी और लैब इंफ्रास्ट्रक्चर की किल्लत पर वीसी कहते हैं कि हमारे पास 17 हजार स्टूडेंट्स हैं और कम से कम एक हजार टीचर्स की जरूरत है। अभी परमानेंट फैकल्टी 400 ही हैं। मगर काफी गेस्ट फैकल्टी रखे गये हैं। 

हम नए फैकल्टी, करिकुलम/कोर्स डिजाइन, आन जॉब ट्रेनिंग, प्लेसमेंट, इंडस्ट्री सपोर्ट हर पहलू को लेकर हर कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, फीस भी दिल्ली सरकार की किसी भी यूनिवर्सिटी में सबसे कम है। आखिरी बार फीस 2024 में बढ़ाई थी, जो जरूरी था। 

क्या होगा डी-मर्जर? 

हाल ही में दिल्ली सरकार ने डीएसईयू में पॉलिटेक्निक के जुड़ने के असर, कोर्सों की क्वॉलिटी, फीस, प्रवेश प्रक्रिया, फैकल्टी और संसाधनों के इस्तेमाल और गवर्नेंस से जुड़ी परेशानियां की विस्तार से समीक्षा करने के लिए एक पैनल बनाया है। ये पैनल अपनी सिफारिशें दिल्ली सरकार को देगा। 

आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2020-21 में डीएसयूआई लॉन्च की और सभी 22 पॉलिटेक्निक संस्थानों को इससे जोड़ दिया। इनमें पूसा पॉलिटेक्निक, जीबी पंत पॉलिटेक्निक, आर्यभट्ट पॉलिटेक्निक जैसे नामी संस्थान शामिल थे। इससे पहले ये दिल्ली सरकार के डीटीटीई से जुड़े थे।

इस विभाग की 400 फैकल्टी समेत पार्ट टाइम/कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी/स्टाफ को डीम्ड डेप्युटेशन के तहत यूनिवर्सिटी भेज दिया गया। मगर अब सभी वापस जाने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि मर्जर के फैसले से पॉलिटेक्निक की क्वॉलिटी घटी है। कुछ प्रोग्राम बंद हो गये, फीस महंगी हो गयी, जिससे दिल्ली में तकनीकी शिक्षा को नुकसान पहुंचा है। 

एआईसीटीई से मंजूरी, JAC से हटने पर सवाल 

डीएसइयू अपने कोर्सों के लिए एआईसीटीई (आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) से मंजूरी नहीं लेती है। इसे भी स्टूडेंट्स कम मिलने की वजह माना जा रहा है। साल 2025 में जून में हायर एजुकेशन सेक्रेटरी की तरफ से भी यूनिवर्सिटी वीसी को पत्र भेजा गया था कि वो नये सेशन शुरू होने से पहले अपने टेक्निकल इंस्टिट्यूट, डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए एआईसीटीई से अप्रूवल लेने के लिए कदम उठायें। 

क्योंकि सरकारी नौकरियों में एआईसीटीई अप्रूवल पूछा जाता है। हालांकि, प्रो नगावत कहते हैं कि एनईपी के तहत हायर एजुकेशन कमीशन आफ इंडिया (एचईसीवाई) बनने का काम प्रक्रिया में है, जिसके साथ एआईसीटीई खत्म हो जायेगा, तो ऐसे में इसकी जरूरत नहीं। नौकरी के लिए भी यूनिवर्सिटी लिखकर दे सकती है। एक अधिकारी कहते हैं कि दिल्ली सरकार के इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए बीटेक/बी आर्किटेक्चर की जॉइंट एडमिशन कमेटी (जेएसी) की काउंसलिंग से डीएसईयू के हटने का भी नुकसान हुआ है। 

मगर वीसी का कहना है कि इस काउंसलिंग में स्टूडेंट्स की प्राथमिकता बाकी इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट रहते हैं, जो कि पुराने और प्रतिष्ठित हैं। हमारी यूनिवर्सिटी नयी है और इसका नेचर भी अलग है, ऐसे में सीटें भरने के लिए लंबा इंतजार करने के बजाय हम खुद जेईई मेन स्कोर पर दाखिले कर रहे हैं।

Published / 2025-12-28 15:39:14
प्रतिभाओं को मिलेगा झारखंड श्री अवार्ड्स 2026 का सम्मान, रजिस्ट्रेशन शुरू

  • प्रतिभाओं को मिलेगा झारखंड श्री अवार्ड्स 2026 का सम्मान, रजिस्ट्रेशन शुरू

टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड की प्रतिभाओं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने के उद्देश्य से झारखंड श्री अवार्ड्स 2026 का आयोजन जल्द किया जा रहा है। यह आयोजन जिम्मी मॉडल्स ग्रुप (जे.एम.जी.) और रांची लाइफ स्टाइल मैगजीन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

इस अवार्ड के माध्यम से राज्य के उन लोगों को मंच दिया जाएगा, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सराहनीय और अलग पहचान बनाई है। जे.एम.जी. के निदेशक जिम्मी गुप्ता ने बताया कि यह सम्मान कला-संस्कृति, खेलकूद, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा समेत किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि उसने समाज के लिए कुछ विशेष किया है या ऐसा कार्य किया है जो दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है, तो वह इस अवार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन ऑनलाइन शुरु हो गया है।

इच्छुक प्रतिभागी गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन अपना नामांकन कर सकते हैं। आवेदन के लिए दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर फॉर्म भरा जा सकता है। वहीं, रांची लाइफ स्टाइल मैगजीन के संतोष कुमार ने कहा कि चयन के बाद योग्य उम्मीदवारों को भव्य समारोह में झारखंड श्री सम्मान से नवाजा जाएगा। आयोजकों ने झारखण्ड के सभी जिलों के लोगों से इस पहल से जुड़ने और अधिक से अधिक योग्य प्रतिभाओं को सामने लाने की अपील की है।

Published / 2025-12-27 18:54:50
झारखंड : अब नये साल में ही खुलेंगे सभी स्कूल

रांची के सभी स्कूलों में 31 तक पढ़ाई स्थगित 

भीषण ठंड व शीतलहरी के कारण रांची के सभी स्कूलों में 31 तक पढ़ाई स्थगित 

टीम एबीएन, रांची। बढ़ती ठंड और शीतलहरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने रांची जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा केजी से 12वीं तक की पढ़ाई अस्थायी रूप से स्थगित करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 27 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। 

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र झारखंड, रांची द्वारा विशेष बुलेटिन जारी कर अगले आदेश तक राज्य में भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गयी है। 

मौसम विभाग ने रांची जिले को येलो जोन की श्रेणी में रखते हुए ठंड और शीतलहरी की संभावना जतायी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत यह निर्णय लिया गया है। 

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रांची जिले में संचालित सभी विद्यालयों में कक्षा केजी से 12वीं तक पठन-पाठन का कार्य उक्त अवधि तक पूरी तरह बंद रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें।

Published / 2025-12-27 18:53:59
हरियाणा : अध्यापक पात्रता परीक्षा 2025 का विस्तृत नोटिफिकेशन जारी

एबीएन कैरियर डेस्क। हरियाणा में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन इन हरियाणा ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा 2025 (एचटीईटी) का विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 

इसके साथ ही आनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है, जो 04 जनवरी 2026 तक चलेगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल आनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किये जायेंगे और किसी भी प्रकार का आॅफलाइन आवेदन मान्य नहीं होगा। 

शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी 

एचटीईटी को हरियाणा में शिक्षक भर्ती की सबसे अहम पात्रता परीक्षा माना जाता है। सरकारी स्कूलों में अध्यापक पद पर नियुक्ति से पहले इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य है। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में युवा इस परीक्षा का इंतजार करते हैं। 

तीन स्तर, तीन जिम्मेदारियां 

एचटीईटी 2025 का आयोजन तीन अलग-अलग स्तरों पर किया जायेगा, ताकि विभिन्न कक्षाओं के लिए शिक्षकों की योग्यता तय की जा सके। 

लेवल-1 (पीआरटी)  

  • यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक हैं। इसमें बाल विकास, शिक्षण पद्धति और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े प्रश्नों पर खास जोर रहेगा। 

लेवल-2 (टीजीटी) 

  • कक्षा 6 से 8 तक के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा में विषयगत ज्ञान के साथ शिक्षण कौशल की भी गहन जांच की जायेगी। 

लेवल-3 (पीजीटी) 

  • कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने के लिए यह सबसे उच्च स्तर की पात्रता परीक्षा है, जिसमें संबंधित विषय पर गहरी पकड़ अनिवार्य मानी जाती है। 
  • अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार एक, दो या तीनों स्तरों के लिए एक ही पंजीकरण से आवेदन कर सकते हैं। 

आवेदन शुल्क में श्रेणीवार राहत

बोर्ड ने आवेदन शुल्क को श्रेणी के अनुसार तय किया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। 

हरियाणा के एससी और दिव्यांग अभ्यर्थी 

  • एक स्तर: 500 रुपये 
  • दो स्तर: 900 रुपये 
  • तीन स्तर: 1200 रुपये 

हरियाणा के सामान्य और अन्य वर्ग 

  • एक स्तर: 1000 रुपये 
  • दो स्तर: 1800 रुपये 
  • तीन स्तर: 2400 रुपये 

हरियाणा के बाहर के अभ्यर्थी 

  • एक स्तर: 1000 रुपये 
  • दो स्तर: 1800 रुपये 
  • तीन स्तर: 2400 रुपये 

आवेदन में सुधार का सीमित मौका 

बोर्ड ने अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन में सुधार का अवसर भी दिया है। 04 जनवरी से 05 जनवरी 2026 तक करेक्शन विंडो खुली रहेगी। इस दौरान अभ्यर्थी नाम, जन्मतिथि, फोटो, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान, स्तर, जाति श्रेणी, दिव्यांग स्थिति और होम स्टेट जैसी जानकारियों में सुधार कर सकेंगे। इसके बाद किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं किया जायेगा। 

परीक्षा पैटर्न : क्या और कैसे पूछे जायेंगे सवाल 

  • परीक्षा पेन-पेपर आधारित होगी। 
  • प्रत्येक स्तर के लिए 150 अंकों का प्रश्नपत्र होगा। 
  • परीक्षा की कुल अवधि 150 मिनट तय की गयी है। 
  • भाषा विषयों को छोड़कर सभी प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे। यह व्यवस्था उन अभ्यर्थियों के लिए राहत है जो अंग्रेजी माध्यम में सहज नहीं हैं। 

पास होने के लिए कितने अंक जरूरी 

बोर्ड ने न्यूनतम योग्यता अंक भी स्पष्ट कर दिये हैं : सामान्य वर्ग के लिए 60 प्रतिशत और हरियाणा के एससी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत। 

आजीवन वैधता, असीमित अवसर 

एचटीईटी प्रमाण पत्र की वैधता आजीवन रहेगी। इसका अर्थ है कि एक बार परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी को दोबारा पात्रता परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा परीक्षा में बैठने की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। पहले से योग्य अभ्यर्थी चाहें तो अपने अंक सुधारने के लिए फिर से परीक्षा दे सकते हैं। 

एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र 

एडमिट कार्ड केवल आनलाइन जारी किये जायेंगे। बोर्ड ने साफ किया है कि डाक के माध्यम से कोई प्रवेश पत्र नहीं भेजा जायेगा। परीक्षा केंद्र का विवरण एडमिट कार्ड में ही दिया जायेगा और सामान्य स्थिति में केंद्र परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। 

शिक्षा बोर्ड ने किया आगाह 

बोर्ड ने अभ्यर्थियों को आगाह किया है कि एक ही स्तर के लिए एक से अधिक आवेदन न करें। गलत या अधूरी जानकारी न भरें। फर्जी दस्तावेज अपलोड करने पर उम्मीदवारी रद की जा सकती है और कानूनी कार्रवाई भी संभव है। 

उम्मीदवारों के लिए सलाह 

बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन से पहले सूचना पुस्तिका को ध्यान से पढ़ें और केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन करें। किसी भी अपडेट के लिए नियमित रूप से वेबसाइट देखने की सलाह दी गयी है। 

Published / 2025-12-25 21:02:10
भ्रामक विज्ञापन देने वाले कोचिंग पर भारी जुर्माना

सीसीपीए ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों पर भ्रामक विज्ञापन देने वाले कोचिंग संस्थान पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के उल्लंघन में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2022 और 2023 के परिणामों से संबंधित अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए विजन आईएएस (अजयविजन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड) पर 11 लाख का जुर्माना लगाया है। 

संस्थान ने सीएसई 2023 में शीर्ष 10 में 7 और शीर्ष 100 में 79 चयन और सीएसई 2022 में शीर्ष 50 में 39 चयन जैसे दावों का विज्ञापन किया था, जिसमें सफल उम्मीदवारों के नाम, तस्वीरें और रैंक प्रमुखता से प्रदर्शित किये गये थे। जांच करने पर, सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने शुभम कुमार (यूपीएससी सीएसई 2020 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले) द्वारा चुने गये विशिष्ट पाठ्यक्रम, अर्थात् जीएस फाउंडेशन बैच (कक्षा छात्र) का खुलासा तो किया, लेकिन जान-बूझकर अन्य सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी छिपा दी, जिनके नाम और तस्वीरें उसी वेबपेज पर उनके साथ प्रदर्शित की गयी थीं। 

इस छिपाव से यह भ्रामक धारणा बनी कि शेष सभी उम्मीदवार भी जीएस फाउंडेशन बैच क्लासरूम कोर्स में नामांकित थे, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं था। इसके अतिरिक्त, उसी विज्ञापन में संस्थान ने अपने फाउंडेशन कोर्स का प्रमुखता से प्रचार किया, जिसकी फीस लाखों रुपये में है। इस प्रकार के आचरण से छात्रों को झूठे, बढ़ा-चढ़ाकर पेश किये गये और असत्यापित दावों के आधार पर संस्थान के कार्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया गया। 

विस्तृत जांच के बाद सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने यूपीएससी सीएसई 2022 और 2023 में 119 से अधिक सफल उम्मीदवारों का दावा किया था। हालांकि, केवल तीन उम्मीदवारों ने फाउंडेशन कोर्स में दाखिला लिया था, जबकि शेष 116 उम्मीदवारों ने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए टेस्ट सीरीज, अभ्यास टेस्ट (एक बार के टेस्ट) और मॉक इंटरव्यू प्रोग्राम जैसी सेवाओं का विकल्प चुना था। 

महत्वपूर्ण जानकारी को जान-बूझकर छिपाने से उम्मीदवारों और अभिभावकों को यह विश्वास हो गया कि विजन आईएएस यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के सभी चरणों में उम्मीदवारों की सफलता के लिए जिम्मेदार था, जिससे यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत एक भ्रामक विज्ञापन बन गया। प्राधिकरण ने आगे कहा कि संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरों के साथ बड़े दावों वाले विज्ञापन भ्रामक थे। 

छात्रों की उचित अनुमति या सहमति के बिना ऐसे दावे प्रदर्शित करके संस्थान ने संभावित उम्मीदवारों को गुमराह किया। प्रिंट मीडिया के विपरीत वेबसाइट वैश्विक स्तर पर सुलभ होती है और लंबी अवधि तक उपलब्ध रहती है। यह वह प्राथमिक मंच भी है जिसके माध्यम से उम्मीदवार, विशेष रूप से डिजिटल युग में, कोचिंग संस्थानों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं, उनके दावों का मूल्यांकन करते हैं और सूचित विकल्प चुनते हैं। 

सीसीपीए ने यह भी संज्ञान लिया कि विजन आईएएस के खिलाफ पहले भी भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए कार्रवाई की जा चुकी है। नियामक हस्तक्षेप और सावधानी के बावजूद संस्थान ने अपने बाद के विज्ञापनों में भी इसी तरह के दावे करना जारी रखा, जो उचित सावधानी और नियामक अनुपालन की कमी को दशार्ता है। उल्लंघन की पुनरावृत्ति को देखते हुए वर्तमान मामले को बाद के उल्लंघन के रूप में माना गया, जिसके चलते उपभोक्ताओं के संरक्षण के हित में अधिक जुर्माना लगाना उचित था। 

प्राधिकरण ने आगे कहा कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा जैसी अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में, जहां लाखों उम्मीदवार पर्याप्त समय, प्रयास और वित्तीय संसाधन निवेश करते हैं, इस तरह के अधूरे और चयनात्मक खुलासे छात्रों और अभिभावकों को परिणामों और कोचिंग सेवाओं की प्रभावशीलता के बारे में झूठी उम्मीदें पैदा करके गुमराह करते हैं। 

अब तक सीसीपीए ने भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए विभिन्न कोचिंग संस्थानों को 57 नोटिस जारी किए हैं। 28 कोचिंग संस्थानों पर 1,09,60,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, साथ ही ऐसे भ्रामक दावों को बंद करने के निर्देश भी दिये गये हैं। प्राधिकरण ने इस बात पर जोर दिया है कि सभी कोचिंग संस्थानों को अपने विज्ञापनों में जानकारी का सत्य और पारदर्शी प्रकटीकरण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि छात्र निष्पक्ष और सूचित शैक्षणिक निर्णय ले सकें।

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