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Published / 2025-12-18 23:16:39
कश्मीरी छात्रा सेंट ज़ेवियर कॉलेज, रांची में वैन विंकल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित

एबीएन कैरियर डेस्क। श्रीनगर की एक कश्मीरी छात्रा और सेंट ज़ेवियर कॉलेज, रांची के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग की पास-आउट छात्रा बरूज को प्रतिष्ठित फ्रॉ. एस. वैन विंकल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 

उन्हें यह सम्मान ₹5,000 की नकद राशि के साथ प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें सेमेस्टर I से VI तक सर्वाधिक समग्र अंक प्राप्त करने हाइएस्ट स्कोरर एवं एफिशिएंट स्टूडेंट बनने तथा शैक्षणिक सत्र 2022–2025 में विभागीय टॉपर रहने के लिए दिया गया।

यह पुरस्कार रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी. के. सिंह द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री राजकुमार गुप्ता (आईएएस), रांची जेसुइट सोसाइटी के प्रांतीय सुपीरियर रेव. फादर अजीत कुमार ज़ेस, एसजे, तथा अन्य गणमान्य शिक्षाविद उपस्थित थे।

वैन विंकल मेमोरियल अवॉर्ड का नामकरण झारखंड के पहले अग्रणी फिल्मकार के नाम पर किया गया है, जिन्हें झारखंड के फाल्के के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जात्रा मेला के शुरुआती सिनेमाई दृश्य रिकॉर्ड किए थे, जो आज झारखंड की फिल्मी यात्रा के सबसे पुराने अभिलेखों में गिने जाते हैं।

कभार मंत्रा से बातचीत में बरूज ने कहा कि यह सम्मान केवल अकादमिक अंकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी समग्र शैक्षणिक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने जनसंचार शिक्षा के अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि फैकल्टी की संख्या, व्यावहारिक एक्सपोज़र और शोध-आधारित शिक्षण को मज़बूत किया जाना चाहिए। 

उनके अनुसार, उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि बौद्धिक गहराई और आलोचनात्मक दृष्टि का विकास करना है। बरूज ने रटंत सैद्धांतिक शिक्षा से आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सूचना आसानी से उपलब्ध है।

इसलिए वास्तविक मूल्य शोध, बाज़ार की मांग के अनुरूप कौशल, गहन विश्लेषण, आलोचनात्मक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास में निहित है। उन्होंने अपनी अकादमिक प्रगति का श्रेय डॉ. प्रो. नील कुसुम कुल्लू के मार्गदर्शन में किए गए शोध कार्य को दिया, जिसने मीडिया और शिक्षा को लेकर उनकी विश्लेषणात्मक समझ को सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर प्रो. नील कुसुम कुल्लू ने बरूज के संघर्ष और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा, जिस प्रकार प्यासा हिरण जल के लिए व्याकुल होता है, आत्मा धर्म और सत्य के लिए संघर्ष करती है, और जीवन स्वतंत्रता के लिए जूझता है उसी प्रकार उसने भी निरंतर संघर्ष किया, जब तक कि उसने अपने कठोर परिश्रम के फल का स्वाद नहीं चख लिया।

शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बरूज ने CUET-PG 2025 में ऑल इंडिया रैंक 92 प्राप्त की और IIMC दिल्ली तथा जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए चयनित हुईं। हालांकि, उन्होंने क़ानून (लॉ) को अपने भविष्य के अध्ययन के रूप में चुना, क्योंकि उनके अनुसार यह विषय पत्रकारिता, समाज और सार्वजनिक विमर्श के साथ अधिक गहन और अंतःविषय जुड़ाव प्रदान करता है।

झारखंड में अपने शैक्षणिक सफर को याद करते हुए बरूज ने राज्य, उसके लोगों और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के प्रति गहरा स्नेह व्यक्त किया। उन्होंने अपने विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार किरो को झारखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विचारधाराओं से परिचित कराने के लिए धन्यवाद दिया। 

साथ ही उन्होंने हिंदी विभाग के अपने सीनियर सचिन कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बड़े भाई की तरह उनका मार्गदर्शन किया, उन्हें कक्षा से बाहर की दुनिया से जोड़ा, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और पूरे तीन वर्षों तक निरंतर नैतिक व भावनात्मक सहयोग प्रदान किया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन का भी आभार जताया, जिसने बिहार और ओडिशा में उनकी शोध प्रस्तुतियों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की।

छात्रों के लिए संदेश देते हुए बरूज ने कहा कि छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्था की आत्मा होते हैं। जब तक वह आत्मा अकादमिक और बौद्धिक रूप से सशक्त नहीं होगी, तब तक किसी भी व्यवस्था को दोष देना उचित नहीं है। विश्लेषणात्मक और वैज्ञानिक क्षमताएँ ही उच्च शिक्षा की वास्तविक नींव हैं।

अपने वक्तव्य के अंत में बरूज ने कहा कि यह पुरस्कार केवल अंकों की मान्यता नहीं, बल्कि उनकी समग्र सीखने की यात्रा का सम्मान है। उन्होंने झारखंड के पहले फिल्मकार के नाम पर सम्मानित किए जाने पर गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि यह सम्मान भविष्य में फिल्मकार बनने की उनकी आकांक्षा से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ( i will share photo later )

Published / 2025-12-16 20:13:18
एसआर डीएवी पुंदाग में हुआ भारतीय संगीत समारोह

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के विद्यार्थियों को दो प्रतिष्ठित रूसी कलाकारों, पीटर और ओल्गा की कृपा से एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और प्रेरणादायक कार्यक्रम का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने भारतीय संस्कृति, मूल्यों और आध्यात्मिकता के प्रति गहरी छाप छोड़ी। 

भारत की सांस्कृतिक भावना के प्रति अपनी श्रद्धा के हार्दिक अभिव्यक्ति के रूप में उन्होंने भारतीय नाम पुरुषोत्तम और अर्पिता अपना लिया है, यह मानते हुए कि नाम का अर्थ होता है और यह व्यक्ति के जीवन यात्रा को प्रतिबिंबित करता है। 

रूसी प्रतिनिधियों ने अनेक भाषाओं में अपनी आत्मीय संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जो वैश्विक सद्भाव और विविधता में एकता के संदेश को सुंदर ढंग से व्यक्त करती थीं। उनकी प्रस्तुति ने यह उजागर किया कि संगीत भौगोलिक सीमाओं को पार करता है और संस्कृतियों को करीब लाता है। 

कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तथा बीआईटी मेसरा के प्रोफेसर मृणाल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में हुआ, जिनके सहयोग ने इस आयोजन को गरिमा और गहराई प्रदान की। 

प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान राष्ट्रों के बीच पारस्परिक सम्मान और समझ को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक कलाकारों द्वारा भारतीय परंपराओं को अपनाने को देखना छात्रों को सांस्कृतिक सद्भाव को महत्व देने और व्यापक विश्व दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

Published / 2025-12-15 20:17:34
2025 में 1.20 लाख से ज्यादा लोगों की चल गयी नौकरी

2025 : इस साल 1,20,000 से ज्यादा लोगों की गयी नौकरी, जानें किन कंपनियों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। साल 2025 टेक इंडस्ट्री के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। दुनिया भर की कई बड़ी टेक कंपनियों ने अपने वर्कफोर्स में कटौती की, जिससे 1,20,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी चली गयी। कंपनियों ने खर्च में कटौती, कामकाज के मॉडल का रीस्ट्रक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर फोकस करने के कारण यह बड़ा कदम उठाया। 

इंटेल और टीसीएस ने सबसे ज्यादा छंटनी की 

सबसे ज्यादा कर्मचारियों को इंटेल ने निकाला, जहां लगभग 24,000 लोग प्रभावित हुए। कंपनी ने फाउंड्री-फोकस्ड बिजनेस मॉडल और खर्च में कटौती को इसका मुख्य कारण बताया। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (ळउर) का नंबर आता है, जिसने लगभग 20,000 स्टाफ की छंटनी की, अक-बेस्ड डिलीवरी मॉडल को अपनाने और स्किल गैप के कारण। 

वेरिजॉन और अमेजन ने भी बड़े पैमाने पर रीडक्शन किया 

वेरिजॉन ने अपने आपरेशंस को रीस्ट्रक्चर करते हुए 15,000 रोल्स खत्म किए। अमेजन ने इस साल 14,000 मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स कम किये और अपने वर्कफोर्स को छोटा किया। 

डेल, एक्सेंचर और एसएपी में भी छंटनी 

डेल टेक्नोलॉजीज ने लगभग 12,000 लोग काम से निकाले, जबकि एक्सेंचर ने जेनरेटिव अक प्रोजेक्ट्स की ओर शिफ्टिंग के चलते 11,000 स्टाफ कम किये। एसएपी ने क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस अक के लिए अपने रिसोर्स मैनेजमेंट में बदलाव करते हुए 10,000 रोल्स खत्म किये। 

माइक्रोसॉफ्ट, तोशिबा और सिस्को में बदलाव 

माइक्रोसॉफ्ट ने गेमिंग और एजुर सहित कई डिवीजनों में लगभग 9,000 लोगों की छंटनी की। तोशिबा ने प्राइवेटाइजेशन और रीस्ट्रक्चरिंग के चलते 5,000 नौकरियां कम कीं, जबकि सिस्को ने साइबर सिक्योरिटी और अक डेवलपमेंट में निवेश के लिए 4,250 कर्मचारियों की छंटनी की। 

टेक इंडस्ट्री में बदलाव का संकेत 

इस साल की ये बड़ी छंटनी संकेत देती है कि टेक इंडस्ट्री तेजी से अक और नई टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रही है। कंपनियां वर्कफोर्स को छोटा कर रही हैं, जबकि लागत नियंत्रण और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को प्राथमिकता दे रही हैं।

Published / 2025-12-14 20:52:21
झारखंड : बढ़ती ठंड को देख स्कूलों का समय बदलने की तैयारी

  • बढ़ती ठंड को देखते हुए झारखंड के स्कूलों का बदला जाएगा समय 
  • ऑनलाइन क्लास की भी मिल सकती है सुविधा

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस वक्त भीषण ठंड देखने को मिल रही है। सुबह के समय घने कोहरे में बच्चों के लिए स्कूल जाना एक चुनौती बन गया है। वहीं, ठंड को देखते हुए झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग की है।

तेज शीतलहर बच्चों के लिए स्कूल पहुंचने को जोखिमपूर्ण बना रही

झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा सचिव, झारखंड सरकार को ज्ञापन भेजकर सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के समय में बदलने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांके, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, मेदिनीनगर, हजारीबाग सहित राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान तीन से सात डिग्री तक पहुंच गया है।सुबह के समय 500 मीटर से भी कम विजिबिलिटी, घना कोहरा और तेज शीतलहर बच्चों के लिए स्कूल पहुंचने को जोखिमपूर्ण बना रही है।

कक्षाओं को अस्थायी रूप से बंद रखें या ऑनलाइन की जाए

अजय राय ने कहा कि सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूलों की कक्षाएं सुबह 9:00 या 9:30 बजे से संचालित हों। अत्यधिक ठंड के दिनों में सुबह की प्रार्थना खुले मैदान में न कराई जाये, बल्कि कक्षा के अंदर ही आयोजित की जाये। जिन जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे है, वहां कक्षाओं को अस्थायी रूप से बंद रखें या ऑनलाइन की जाए।

Published / 2025-12-13 18:06:49
एसआर डीएवी पुंदाग की दो वरिष्ठ शिक्षिका सरोज मिश्रा और विनीता सिन्हा का विदाई समारोह

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग, रांची की विज्ञान की  वरिष्ठ शिक्षिका सरोज मिश्रा तथा हिंदी शिक्षिका विनीता सिन्हा को भावभीनी विदाई दी गयी। विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उन्हें स्मृति चिह्न, उपहार तथा फोटो-कोलाज देकर सम्मानित किया।

उन्होंने संपूर्ण समर्पण और कर्त्तव्यनिष्ठा के साथ अपने लगभग तीस वर्षों के सेवा काल को पूर्ण करके अवकाश प्राप्त किया। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य तथा उनके सहकर्मी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दोनों शिक्षिकाओं के साथ के अपने कार्य काल के अनुभव साझा किये। 

गीत-संगीत से माहौल को सुमधुर बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने भी इस शानदार विदाई के लिए विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। प्राचार्य डॉ तापस घोष ने दोनों वरिष्ठ शिक्षिकाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि दोनों मैडम सभी शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेंगी, जिस कर्तव्यनिष्ठा के साथ उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया, वह अनुकरणीय है। 

उन्होंने अध्यापक समुदाय के समक्ष अपनी कार्यकुशलता को उदाहरण के रूप में रखा। उनके  योगदान से विद्यालय ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। विदाई समारोह में पूरे विद्यालय परिवार ने उपस्थित रह कर सरोज मिश्रा तथा विनीता सिन्हा के आरोग्य, सुख-शांति, संपदा की कामना की।

Published / 2025-12-10 21:01:37
मानवाधिकार दिवस पर छोटानागपुर लॉ कॉलेज ने बांटा कंबल

छोटानागपुर लॉ कॉलेज द्वारा मानवाधिकार दिवस पर सदमा गांव में सेवा कार्य आयोजित 

टीम एबीएन, नामकुम (रांची)। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर 10 दिसंबर को ओरमांझी प्रखंड के सदमा गाँव में छोटानागपुर लॉ कॉलेज, नमकुम द्वारा कंबल एवं आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया। 

यह कार्यक्रम मानवाधिकारों के संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनसेवा कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक तिथि को विश्वभर में मानवाधिकारों की सुरक्षा के मील के पत्थर के रूप में जाना जाता है, और इसी क्रम में महाविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया। 

मानवाधिकार दिवस पर कॉलेज की टीम ने सदमा गाँव में वृद्धजनों के बीच कंबल वितरण कर सामाजिक संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों की टीम ने घर-घर जाकर बुजुर्गों को गर्म कंबल प्रदान किये, जिससे उन्हें सर्द मौसम में राहत मिली। 

इसी क्रम में, कॉलेज की टीम सदमा मध्य विद्यालय पहुंची, जहां 300 से अधिक बच्चों के बीच खाद्य सामग्री एवं पठन-पाठन से संबंधित शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों को मानवाधिकारों, उनके महत्व और दैनिक जीवन में उनके अनुपालन के बारे में जागरूक भी किया। 

यह जनसेवा कार्यक्रम न केवल स्थानीय ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि युवा विधि छात्रों में मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूती प्रदान की। मानवाधिकार दिवस पर छोटानागपुर लॉ कॉलेज की यह पहल समाज को प्रेरित करने वाला सराहनीय कदम साबित हुई।

Published / 2025-12-10 18:58:48
मानवाधिकार दिवस पर छोटानागपुर लॉ कॉलेज ने बांटा कंबल

छोटानागपुर लॉ कॉलेज द्वारा मानवाधिकार दिवस पर सदमा गांव में सेवा कार्य आयोजित 

टीम एबीएन, नामकुम (रांची)। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर 10 दिसंबर को ओरमांझी प्रखंड के सदमा गाँव में छोटानागपुर लॉ कॉलेज, नमकुम द्वारा कंबल एवं आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया। 

यह कार्यक्रम मानवाधिकारों के संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनसेवा कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक तिथि को विश्वभर में मानवाधिकारों की सुरक्षा के मील के पत्थर के रूप में जाना जाता है, और इसी क्रम में महाविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया। 

मानवाधिकार दिवस पर कॉलेज की टीम ने सदमा गाँव में वृद्धजनों के बीच कंबल वितरण कर सामाजिक संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों की टीम ने घर-घर जाकर बुजुर्गों को गर्म कंबल प्रदान किये, जिससे उन्हें सर्द मौसम में राहत मिली। 

इसी क्रम में, कॉलेज की टीम सदमा मध्य विद्यालय पहुंची, जहां 300 से अधिक बच्चों के बीच खाद्य सामग्री एवं पठन-पाठन से संबंधित शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों को मानवाधिकारों, उनके महत्व और दैनिक जीवन में उनके अनुपालन के बारे में जागरूक भी किया। 

यह जनसेवा कार्यक्रम न केवल स्थानीय ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि युवा विधि छात्रों में मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूती प्रदान की। मानवाधिकार दिवस पर छोटानागपुर लॉ कॉलेज की यह पहल समाज को प्रेरित करने वाला सराहनीय कदम साबित हुई।

Published / 2025-12-09 20:01:07
आजसू छात्र संघ ने निकाला जनाक्रोश मार्च

हजारीबाग जिलों के हजारों की संख्या में छात्रों ने सड़क पर उतरकर भरी हुंकार

शिक्षा के लिए भिक्षा : जनाक्रोश मार्च हजारीबाग में आजसू छात्र संघ ने ताकत दिखायी

एसटी, एससी, ओबीसी छात्रों के लंबित छात्रवृत्ति भुगतान करने की मांग की 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। शिक्षा के लिए भिक्षा : जनाक्रोश मार्च में आजसू छात्र संघ ने अपनी ताकत दिखायी। गांधी मैदान मटवारी से निकलकर छात्रों ने उपायुक्त कार्यालय तक जनाक्रोश मार्च के रूप में पहुंचा इसके बाद आजसू कार्यकर्ता ने उपायुक्त कार्यालय के समीप बैठ गये और हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद जिला प्रशासन ने आजसू छात्र संघ को उपायुक्त को ज्ञापन देने के लिए आमंत्रित किया। उपायुक्त को आजसू नेताओं ने उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। 

आज गांधी मैदान मटवारी से आजसू छात्र संघ के हजारों कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय के लिए जनाक्रोश मार्च शुरू किया। मार्च में हजारीबाग के सैकड़ों कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होकर लंबित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।  

जनाक्रोश मार्च का नेतृत्व आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, पीयूष चौधरी, सत्यम सिंह एवं अन्य नेताओं ने किया। इस मौके पर वरीय नेता संजय मेहता भी उपस्थित रहे। हाथों में बैनर, पोस्टर, स्लोगन और छात्रवृत्ति भुगतान की मांग को लेकर छात्र समूह उपायुक्त कर्यालय की ओर बढ़े और मार्ग भर सरकार की लापरवाही के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे। 

उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त महोदय को  ज्ञापन सौंपा और आग्रह किया कि लंबित 2024-25 छात्रवृत्ति के तत्काल भुगतान किया जाए और ई-कल्याण पोर्टल पर सभी लंबित आवेदनों की स्थिति सार्वजनिक किया जाए। जिला स्तर पर हुई गंभीर देरी की जांच हो और पारदर्शी तथा समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया जाये। 

छात्र नेताओं का सरकार पर सीधा सवाल  

प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा की आज का मार्च किसी पार्टी या व्यक्ति का आंदोलन नहीं था। यह उन लाखों विद्यार्थियों की पुकार थी, जो बेहतर शिक्षा, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य चाहते हैं। झारखंड सरकार को स्पष्ट संदेश मिल गया है, शिक्षा के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं होगा। 

छात्र जिलाध्यक्ष सत्यम सिंह ने कहा कि आज की वर्तमान सरकार अगर हर अंतिम छात्र को उसकी पूर्ण छात्रवृत्ति नहीं देती है, तो यह आंदोलन एक पल के लिए भी नहीं रुकेगा। न एक छात्र छूटेगा, न एक मांग अधूरी रहने दी जायेगी। आज सत्ता मौन है, इसलिए हमारी आवाज और प्रखर होगी। यह लड़ाई छात्रवृत्ति की नहीं, न्याय, अधिकार और जवाबदेही की है। 

पीयूष चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि छात्रवृत्ति कोई दया नहीं, यह हमारा अधिकार है। सरकार की चुप्पी ने लाखों विद्यार्थियों का अकादमिक वर्ष खतरे में डाल दिया है। अगर समाधान नहीं मिला तो छात्रों की आवाज और ऊँची होगी। यह लड़ाई शिक्षा बचाओ की है और इसे पूरे दमखम के साथ लड़ा जायेगा। 

इसके अलावा  कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, राजेश महतो, मोहित यादव, विशाल प्रजापति, शुभम राणा, राहुल यादव, ऋतिक, राहुल सिंह, शिव, अंकित, आतिश, कृष पांडे, विशु नायक, रोहित सोनी, देवा महतो, दीपक शर्मा आदि नेताओं ने जनाक्रोश मार्च को सफल बनाने में योगदान किया। 

छात्र आजसू का आंदोलन व्यापक तौर पर सफल : संजय मेहता 

आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने कहा की आजसू छात्र संघ का छात्रवृति की मांग को लेकर आंदोलन व्यापक तौर पर सफल रहा। सरकार छात्रों की बातों को सुने और संज्ञान में लें। 

यह आंदोलन स्वत: स्फूर्त था। आजसू छात्र संघ के आह्वान पर कैंपस से छात्र स्वयं आंदोलन में सम्मिलित होने पहुंचे। इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया है की सरकार आवेदन के जरिए किसी की बात नहीं सुन रही। समाज के सभी वर्गों को सरकार ने सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। लाखों छात्रों के छात्रवृति को पेंडिग रखना युवा पीढ़ी को पढ़ाई से वंचित करने जैसा है। सरकार छात्र एवं युवाओं की भावनाओं को समझे। एक तरफ सरकार बड़े-बड़े इवेंट में खर्च कर रही है दूसरी तरफ छात्र छात्रवृति से वंचित हैं।  

लाखों मेधावी छात्र-छात्राओं की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति महीनों से पेंडिंग पड़ी है। इसका सीधा मतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। एक तरफ सरकार बड़े-बड़े आयोजनों, विज्ञापनों और इवेंटों में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, दूसरी तरफ हमारे बच्चे दो वक्त की रोटी व किताब-कॉपी के लिए मोहताज हो रहे हैं। यह दोहरा चरित्र बर्दाश्त से बाहर है। उक्त जानकारी केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान ने दी।

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