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Published / 2026-07-07 15:42:09
14वीं JPSC पीटी परीक्षा परिणाम को लेकर गवर्नर से मिले देवेंद्रनाथ महतो

  • जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर 14वीं JPSC पीटी परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं से कराया अवगत, सीबीआई जांच एवं मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग
  • लाखों जेपीएससी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शीता सुनिश्चित हो : देवेन्द्र नाथ महतो

टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा  के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं छात्र आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महामहिम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से लोकभवन, राँची में मुलाकात कर 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा-2025 के परिणाम में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं अभ्यर्थियों की समस्याओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। 

देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि कुछ दिन पूर्व आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से भी उन्होंने 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा परिणाम में सामने आए विभिन्न तथ्यों को सार्वजनिक किया था। उन्हीं तथ्यों एवं छात्रों की शिकायतों से आज महामहिम राज्यपाल को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्रों के भविष्य, झारखंड लोक सेवा आयोग की विश्वसनीयता एवं संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़ा हुआ है। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष एवं त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है।

देवेन्द्र नाथ महतो ने महामहिम राज्यपाल के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं :

  1. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा-2025 की संपूर्ण चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय सीबीआई अथवा सक्षम एजेंसी से जांच कराई जाए।
  2. आयोग द्वारा जारी परिणाम पर संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने तथा श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने के पूरे मामले की जांच कराई जाए और संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।
  3. सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट एवं उससे जुड़े दावों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
  4. जांच पूरी होने एवं श्रेणीवार कट-ऑफ सार्वजनिक किए जाने तक 18, 19 एवं 20 जुलाई 2026 को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित की जाए।
  5. अभ्यर्थियों को आवेदन एवं तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए, क्योंकि वर्तमान में मात्र सात दिनों में जाति, स्थानीय, आय, क्रीमीलेयर एवं दिव्यांगता सहित आवश्यक प्रमाण-पत्र बनवाना तथा मुख्य परीक्षा की तैयारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
  6. भविष्य में JPSC की सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि JLKM किसी भी राज्य अथवा किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध नहीं है। संगठन की लड़ाई केवल झारखंड के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया दिलाने के लिए है।

उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना तथा ज्ञापन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में राँची जिला अध्यक्ष गुणा भगत, महानगर अध्यक्ष संजय महतो, केंद्रीय सचिव विराट महतो एवं केंद्रीय संगठन महासचिव मनीष साहू उपस्थित रहे।

Published / 2026-07-06 21:08:11
जेपीएससी की विवादित परीक्षाकी सीबीआई जांच एवं पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो : आजसू

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 6/7/2026 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू ) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार गंभीर सवालों के घेरे में है। 

जेपीएससी की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उनके परिणामों ने लाखों अभ्यर्थियों के मन में गहरा अविश्वास पैदा किया है। वर्तमान परिस्थितियों में जेपीएससी योग्यता और निष्पक्ष चयन का माध्यम बनने के बजाय अव्यवस्था, अपारदर्शिता और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का प्रतीक बनता जा रहा है। 

हालिया सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के विरुद्ध 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया, लेकिन आज तक कटआॅफ अंक सार्वजनिक नहीं किये गये। इतना ही नहीं, मेरिट सूची पर आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं होने से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गये हैं। 

इसी प्रकार बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने से पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गयी है। यह कोई सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा गंभीर अन्याय है। 

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना की परीक्षा बन गयी हैं। वर्षों तक परीक्षाएं आयोजित नहीं होतीं और जब परिणाम आते हैं तो वे विवादों में घिर जाते हैं। कभी मॉडल उत्तर-पुस्तिका पर सवाल उठते हैं, कभी कटआॅफ सार्वजनिक नहीं किया जाता, कभी मेरिट सूची पर आवश्यक हस्ताक्षर नहीं होते और कभी सैकड़ों अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड ही संदिग्ध हो जाते हैं। 

ओएमआर शीट के मूल्यांकन में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें किसी अभ्यर्थी को प्रथम प्रश्नपत्र में 100 में से 48 अंक प्राप्त हुए, जबकि सफल होने के लिए दूसरे प्रश्नपत्र में 100 में से 97 अंक प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है। 

परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति अत्यंत असामान्य और संदेहास्पद है। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए आजसू मांग करती है कि जेपीएससी की हालिया पीटी पूरी परीक्षा प्रक्रिया एवं हालिया विवादित परिणामों की सीबीआई जांच करायी जाये। 

सभी परीक्षाओं के कटआॅफ, मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली एवं ओएमआर मूल्यांकन का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाये। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाये। 

राज्य के सभी प्रतियोगी छात्रों से अपील है कि यह संघर्ष किसी एक परीक्षा या एक बैच का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों का प्रश्न है। सभी छात्र लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठायें। 

अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू)  प्रत्येक उस छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है, जिसके भविष्य के साथ सरकार और जेपीएससी द्वारा अन्याय किया गया है। आजसू  युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।

Published / 2026-07-04 20:54:31
एसआर डीएवी पुंदाग में 11वीं के विद्यार्थियों का भव्य स्वागत समारोह

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग, रांची में वर्ष 2026 में कक्षा एकादश के विद्यार्थियों का हर्षोल्लासपूर्वक स्वागत किया गया। कक्षा द्वादश  के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस फ्रेशर्स वेलकम समारोह की  शुरुआत कक्षा एकादश व द्वादश के लिए हवन से हुई, जिसमें समृद्ध और सफल शैक्षणिक यात्रा की कामना की गयी। 

दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने प्रेरक संबोधन दिया और बताया कि विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी—हर स्ट्रीम में उज्ज्वल भविष्य के अवसर हैं। उन्होंने नियमित उपस्थिति, अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। 

समारोह का विशेष आकर्षण स्कूल के सफल पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद रहा। बैच 2024 की टॉपर राशि सिंह, जो वर्तमान में मैत्रेय कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं; ने अपने अनुभव साझा किये। 

साथ ही दीप गुप्ता (एमबीबीएस एमजीएम मेडिकल कॉलेज), अनुष्का अधिकारी (वाणिज्य टॉपर, सेंट्स जेवियर्स कॉलेज की छात्रा), तनु सिंह (विज्ञान टॉपर) और स्वस्ती साहू (एनआईएफटी, गांधीनगर) ने भी अपने प्रेरणादायक सफर के विषय में बताते हुए महत्वपूर्ण सलाह दी। पूर्व विद्यार्थियों ने कक्षा एकादश में मजबूत आधार बनाने, शिक्षकों पर विश्वास रखने और कोचिंग पर अधिक निर्भर न करते हुए स्वयं मेहनत पर जोर देने की अपील की। 

कार्यक्रम में सुंदर नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दी गयीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। फ्रेशर्स प्रेरित, आत्मविश्वासी और आगे बढ़ने के लिए तैयार दिखाई दिये। प्राचार्य डॉ तापस घोष और समस्त शिक्षकों की ओर से कक्षा एकादश के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।समारोह का समापन शांति पाठ से हुआ।

Published / 2026-07-02 20:39:30
राष्ट्रीय शोध लेख प्रतियोगिता हेतु आवेदन आमंत्रित

टीम एबीएन, रांची। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय शोध लेख प्रतियोगिता के लिए कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड, रांची को राज्य का नोडल कार्यालय नामित किया गया है।

प्रतियोगिता में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के पात्र विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वित्त एवं राजकोषीय शासन विषय पर विद्यार्थियों में अनुसंधान कौशल को प्रोत्साहित करना है। 

राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार क्रमश: 75,000, 50,000 एवं 25,000 तथा राष्ट्रीय स्तर पर क्रमश: 1,25,000, 1,00,000 एवं 75,000 प्रदान किये जायेंगे। राज्य स्तर के लिए आॅनलाइन आवेदन 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तथा राष्ट्रीय स्तर के लिए 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक स्वीकार किये जायेंगे।

पात्रता, प्रतियोगिता के विषय, विस्तृत दिशा-निर्देश एवं आॅनलाइन पंजीकरण संबंधी जानकारी https://icssr.org/applications-cag-icssr-research-article-competition या https://cag.gov.in/ae/jharkhand/en  पर उपलब्ध है। उक्त जानकारी दीपक दयाल प्रसाद (7979063686) ने दी। 

Published / 2026-07-01 21:16:06
एसआर डीएवी पुंदाग के विद्यार्थियों का हिंदी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के विद्यार्थियों ने हिंदी विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित हिंदी ओलम्पियाड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण, 8 रजत तथा 7 कांस्य पदक प्राप्त करके विद्यालय का मान बढ़ाया। 

सप्तम कक्षा की छात्रा दिव्यांशी नाथ को हिंदी ओलंपियाड में राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतिभा सम्मान प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ। हिंदी विकास मंच द्वारा उसे नई दिल्ली के तीनमूर्ति भवन के  प्रधान मंत्री संग्रहालय में  स्मृति चिन्ह, स्वर्ण पदक तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था।

यह उपलब्धि स्कूल के लिए गौरव का विषय है। यह प्रतियोगिता राज भाषा हिंदी के प्रति रुचि जगाने तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के हजारों विद्यार्थी भाग लेते हैं। यह सम्मान विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम  का शानदार परिणाम है।

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी विजेताओं को बधाई तथा शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर अत्यंत गर्वित हैं। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे स्कूल परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत है। हम आगे भी उनसे ऐसी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद रखेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Published / 2026-06-30 18:45:58
बिना बिजली-इंटरनेट के स्मार्ट क्लास चलाने की तैयारी

बिना बिजली-इंटरनेट के कैसी स्मार्ट क्लास? सरकारी स्कूलों से सामने आयी जमीनी हकीकत 

एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब पर लगातार जोर दे रही हैं। उद्देश्य है कि बच्चों को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़कर उन्हें डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जाए। हालांकि, ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत इन दावों से काफी अलग नजर आती है। बिजली की अनियमित आपूर्ति, कमजोर इंटरनेट नेटवर्क और संसाधनों की कमी के कारण कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गयी हैं। 

डिजिटल शिक्षा के प्रभावी संचालन में बाधा बन रही  

खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड का उदाहरण इस स्थिति को स्पष्ट करता है। यहां सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की व्यवस्था तो की गयी है, लेकिन नियमित बिजली और बेहतर इंटरनेट के अभाव में उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। नतीजतन, छात्र आज भी पारंपरिक पद्धति से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी डिजिटल शिक्षा के प्रभावी संचालन में बाधा बन रही है। 

बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना आवश्यक  

नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि डिजिटल शिक्षा की पहल स्वागतयोग्य है, लेकिन पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना आवश्यक है। यदि निर्बाध बिजली, तेज इंटरनेट और उपकरणों के रखरखाव की व्यवस्था नहीं होगी, तो स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। 

नियमित संचालन संभव नहीं हो रहा 

मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने कहा कि डिजिटल शिक्षा को सफल बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करना होगा। उन्होंने बताया कि मुरहू में आईसीटी के माध्यम से 12 से 13 स्मार्ट क्लास संचालित हैं, लेकिन खराब इंटरनेट और अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनका नियमित संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। जिले में केवल दो बुनियादी विद्यालय हैं, जिनमें एक खूंटी और दूसरा मुरहू प्रखंड में स्थित है। 

30 स्कूलों का संचालन कर रही एनजीओ 

अरुण कुमार साबू ने बताया कि मुरहू प्रखंड में कुल 157 स्कूल, 134 सरकारी विद्यालय, 26 सहायता प्राप्त (अनुदानित) स्कूल हैं, जबकि एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) करीब 30 स्कूलों का संचालन कर रही है। वहीं लगभग 40 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल 10 से 12 बच्चे ही नामांकित हैं। 

संसाधनयुक्त स्कूलों में स्थानांतरित करना चाहिए 

अरुण कुमार साबू का कहना है कि सरकार को ऐसे छोटे विद्यालयों का युक्तिकरण कर विद्यार्थियों को बड़े और संसाधनयुक्त स्कूलों में स्थानांतरित करना चाहिए, ताकि स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं का बेहतर उपयोग हो सके। उनके अनुसार, केवल स्मार्ट क्लास की घोषणा कर देने से डिजिटल शिक्षा सफल नहीं होगी, जब तक गांवों के स्कूलों में बिजली, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ नहीं की जातीं।

Published / 2026-06-30 18:41:15
एसआर डीएवी पुंदाग में क्वेस्ट कक्षा पत्रिका का विमोचन

टीम एबीएन, रांची। आज एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में प्राचार्य डॉ तापस घोष के मार्गदर्शन में सप्तम कक्षा की कक्षा पत्रिका क्वेस्ट का विमोचन किया गया। 

यह एक अनोखी शुरुआत है, जिसके तहत हर महीने बारी-बारी से विद्यालय की सभी कक्षा के विद्यार्थी अपनी कक्षा की पत्रिका निकालेंगे। वद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ तापस घोष ने सप्तम अ की पत्रिका क्वेस्ट का विमोचन करते हुए विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। 

प्रधानाचार्य ने कहा कि कक्षा पत्रिका विद्यार्थियों की प्रतिभा, सृजनात्मकता एवं अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। पत्रिका में विद्यार्थियों की कविताएं, कहानियां, लेख, चित्रकला तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों को स्थान दिया गया है। 

कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने पत्रिका की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रयासों की प्रशंसा की। अंत में संपादक मंडल एवं सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Published / 2026-06-29 21:24:35
झारखंड : 1042 नवचयनित आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र

1042 नव चयनित इंटर-स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य की नियुक्ति, कई सेवानिवृत्त सहायक आचार्य को मिला नियुक्ति पत्र 

एबीएन कैरियर डेस्क। 1042 नव चयनित इंटर स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य की नियुक्ति की गयी है। इस दौरान कई सेवानिवृत्त सहायक आचार्य को नियुक्ति पत्र मिला। वहीं, कई सहायक आचार्य आने वाले कुछ दिन में सेवानिवृत्त हो जायेंगे। 

31 मई को सेवानिवृत्त हुए पलामू के मोहम्मद नईम अंसारी को नियुक्ति पत्र मिला। उन्होंने 24 सालों से पारा शिक्षक के तौर पर सेवा दिया। वह साल 2013 से नियुक्ति के लिए प्रयास कर रहे थे।

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