टीम एबीएन, रांची। देश के अग्रणी प्रबंधन संस्थान जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (एक्सएलआरआइ) जमशेदपुर में जेआरडी टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स के तत्वावधान में तीसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 जनवरी 2026 से आयोजित किया जायेगा।
यह सम्मेलन 9 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक एक्सएलआरआइ परिसर में संपन्न होगा। इस सम्मेलन का विषय है व्यवसाय और नेतृत्व की पुनर्कल्पना: नैतिकता, सततता और जिम्मेदार विकास का भविष्य।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 2/1/2026 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए ओम वर्मा ने कहा कि रांची विश्विद्यालय एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्विद्यालय में स्थाई कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव की नियुक्ति नहीं हुई है जिससे कि विश्वविद्यालय का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
न तो समय पर क्लास हो रही है न ही समय पर परीक्षा न ही रिजल्ट प्रकाशित हो पा रही है। जिससे कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी तरह की तरह का फाइनेंशियल प्रक्रिया विश्विद्यालय के द्वारा डेवलेपमेंट का नहीं लिया जा रहा है।
सीनेट और सिंडिकेट की बैठके समय पर नहीं हो पा रही है, जिससे से विश्वविद्यालय के विकास कार्य पर रोक लगा हुआ है। साथ ही विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, शिक्षकों की भी वेतन सही समय पर नहीं मिल पा रही है और भी अनेकों समस्या है, जिसका निराकरण स्थाई कुलपति की नियुक्ति से ही संभव है।
आजसू के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कुलाधिपति छात्र हित में आग्रह करती कि राज्य के सभी विश्विद्यालयों में स्थाई कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव की नियुक्ति की जाए जिससे कि ये सभी समस्याओं से छात्र छात्राओं को निजात मिल सके। पूर्व में भी आजसू ने राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौंप कर स्थाई कुलपति, प्रतिकुलपति की नियुक्ति अविलंब करने की मांग की थी।
कल भी आजसू के द्वारा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा और फिर भी छात्र हित स्थाई कुलपति की नियुक्ति नहीं होती है, तो चरणबद्ध आंदोलन के तहत विश्वविद्यालय में तालाबंदी की जायेगी। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
एबीएन कैरियर डेस्क। आईआईटी खड़गपुर अपने प्रतिष्ठित वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट महोत्सव क्षितिज 2026 का आयोजन 16 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक करने जा रहा है।
इस 23वें संस्करण में 40 से अधिक कार्यक्रम शामिल होंगे, जिनमें प्रतियोगिताएँ, कार्यशालाएँ, अतिथि व्याख्यान, इंटरएक्टिव सत्र और प्रदर्शनियों का समावेश होगा। यह महोत्सव छात्रों को तकनीक और प्रबंधन के नवीनतम नवाचारों से रूबरू कराने का एक अनूठा मंच प्रदान करेगा।
महोत्सव का भव्य उद्घाटन 16 जनवरी को होगा। प्रमुख आकर्षणों में डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना, और अत्यंत आकर्षक कनाडियन ड्रोन लाइट शो की प्रदर्शनियाँ शामिल होंगी। इसके अलावा ऑटो एक्सपो, डीजे नाइट और कई मनोरंजक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा।
पूर्व में क्षितिज ने प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों जैसे डॉ. ए. वेल्लुमणी (संस्थापक, थायरोकेयर), सबीर भाटिया (संस्थापक, हॉटमेल), प्रेरणादायी वक्ता डॉ. तनू जैन, और प्रसिद्ध शिक्षक-मेंटर विजेंद्र सिंह चौहान को आमंत्रित किया है। इनके सत्रों से देशभर के हजारों छात्रों को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिली है।
इस वर्ष, क्षितिज नवाचार, रचनात्मकता और सीख को नए स्तर पर ले जाते हुए देशभर के छात्रों के लिए एक और अधिक रोमांचक और यादगार अनुभव प्रस्तुत करने का वादा करता है। अधिक जानकारी और अपडेट प्राप्त करने के लिए अभी पंजीकरण करें: ktj.in
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को गति देते हुए राज्य सरकार ने आज एक बार फिर भव्य नियुक्ति पत्र वितरण किया। मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कुल 1910 सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। इनमें से 26 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे।
शेष अभ्यर्थियों को विभागीय स्तर पर नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कल्पना सोरेन, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद महुआ माजी, विधायक विकास कुमार मुंडा, राजेश कच्छप, अमित कुमार, संजय कुमार यादव, सुरेश कुमार बैठा, जिग्गा सुसारन होरो, संजीव सरदार, सुखराम उरांव, सविता महतो सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा डीजीपी झारखंड तदाशा मिश्रा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, वित्त सचिव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परिजन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य सचिव अविनाश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।
अविनाश कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि लगभग एक महीने पहले ही राज्य सरकार ने करीब 9000 सरकारी नौकरियां दी थीं और आज पुन: विभिन्न विभागों की रिक्तियों पर 1900 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। आज का दिन आप सभी के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सरकारी सेवा में चुनौतियां जरूर आयेंगी, लेकिन यही जनसेवा का सबसे सशक्त मंच भी है। उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनसे पारदर्शिता व ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल मदद नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक न्याय का माध्यम है। अब तक लगभग 68 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। राज्य में कुल 1.60 लाख स्वीकृत सरकारी पद हैं। जैसे-जैसे ये पद भरेंगे, हमें युवाओं के लिए रोजगार के नये विकल्प भी तलाशने होंगे।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई के माध्यम से 6 लाख 78 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है और दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अंतिम दौर में जिस तरह की ऐतिहासिक नियुक्तियां मिल रही हैं, यह केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की वजह से संभव हुआ है। विपक्ष केवल बयानबाजी करता है, जबकि हमारी सरकार जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नव-नियुक्त कर्मियों की भूमिका राज्य को आगे बढ़ाने में निर्णायक होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में ट्रिपल आईटी, रांची में आदिवासी समुदाय से चयनित सबसे कम उम्र की पीएचडी अभ्यर्थी सविता कच्छप ने मुलाकात की। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने सविता कच्छप को पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक उनके परिजन को सौंपा। मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष सविता कच्छप ने कहा कि वे डूंगरी टोली, अरगोड़ा रांची की निवासी हैं और वर्तमान में मधुकम स्थित अपनी नानी के घर पर रह कर पढ़ाई कर रही हैं।
मुख्यमंत्री को उन्होंने अवगत कराया कि वे आदिवासी समुदाय में सबसे कम उम्र (24) की अभ्यर्थी हैं जिनका ट्रिपल आईटी, रांची में पीएचडी के लिए इलेक्ट्रिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स में चयन हुआ है। वे टेक्निकल फील्ड में पहला ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर भी हैं तथा आईईईई में अंतराष्ट्रीय नॉवेल्टी रिसर्च वर्क प्रेजेंट कर चुकी हैं।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सविता कच्छप की हौसला अफजाई करते हुए उनसे कहा कि वे आगे अपनी पढ़ाई और शोध कार्य जारी रखें, राज्य सरकार हरसंभव उन्हें मदद करेगी। मौके पर सविता कच्छप के परिजन एवं अन्य उपस्थित रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। साल 2025 में दिल्ली स्किल यूनिवर्सिटी की बीटेक, यूजी-पीजी की आधी से ज्यादा सीटें खाली रह गयीं। सवाल उठ रहे हैं कि जिस कोर्स में दाखिले के लिए लोगों की सांसें अटकी रहती हैं, एक-एक सीट पर कड़ी टक्कर होती है, उसमें दिल्ली के गवर्नमेंट इंस्टिट्यूशन में 76% सीटें खाली क्यों?
दिल्ली स्किल एंड आंत्रप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसयूई) के अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट कोर्सेस और एनईपी स्ट्रक्चर के साथ शुरू हुए कोर्सेस में इस साल (2025) स्टूडेंट्स ने दिलचस्पी नहीं दिखायी है। यूनिवर्सिटी के बीटेक कोर्सेस की 840 सीटों में से 642 सीटें खाली रही हैं। पीजी कोर्सेस में 260 में से 161 सीटें खाली रहीं।
वहीं, यूनिवर्सिटी के यूजी लेवल तक के 45 कोर्सों की 2850 सीटों में से 1228 सीटें भर नहीं पायीं। दिल्ली सरकार की इस यूनिवर्सिटी के लिए यह रिस्पॉन्स बड़ी चिंता है। हालांकि, डिप्लोमा कोर्सेस में डीएसयूई में 2850 सीटों में से 2645 सीटें भरीं, कई में सीटों से ज्यादा दाखिले भी हुए।
डीएसईयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर अशोक नगावत का कहना है कि बीटेक कोर्स शुरू करने की वजह डिप्लोमा स्टूडेंट्स ही हैं, जिन्हें हम बीटेक में लैटरल एंट्री देते हैं। इसलिए इनकी खाली सीटें बड़ी दिक्कत नहीं है। दूसरा- कुछ कोर्सों में हमें स्टूडेंट्स कम जरूर मिले हैं, मगर कोर्स चल रहे हैं और इंडस्ट्री की मांग भी हैं।
यूनिवर्सिटी में परमानेंट फैकल्टी और लैब इंफ्रास्ट्रक्चर की किल्लत पर वीसी कहते हैं कि हमारे पास 17 हजार स्टूडेंट्स हैं और कम से कम एक हजार टीचर्स की जरूरत है। अभी परमानेंट फैकल्टी 400 ही हैं। मगर काफी गेस्ट फैकल्टी रखे गये हैं।
हम नए फैकल्टी, करिकुलम/कोर्स डिजाइन, आन जॉब ट्रेनिंग, प्लेसमेंट, इंडस्ट्री सपोर्ट हर पहलू को लेकर हर कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, फीस भी दिल्ली सरकार की किसी भी यूनिवर्सिटी में सबसे कम है। आखिरी बार फीस 2024 में बढ़ाई थी, जो जरूरी था।
हाल ही में दिल्ली सरकार ने डीएसईयू में पॉलिटेक्निक के जुड़ने के असर, कोर्सों की क्वॉलिटी, फीस, प्रवेश प्रक्रिया, फैकल्टी और संसाधनों के इस्तेमाल और गवर्नेंस से जुड़ी परेशानियां की विस्तार से समीक्षा करने के लिए एक पैनल बनाया है। ये पैनल अपनी सिफारिशें दिल्ली सरकार को देगा।
आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2020-21 में डीएसयूआई लॉन्च की और सभी 22 पॉलिटेक्निक संस्थानों को इससे जोड़ दिया। इनमें पूसा पॉलिटेक्निक, जीबी पंत पॉलिटेक्निक, आर्यभट्ट पॉलिटेक्निक जैसे नामी संस्थान शामिल थे। इससे पहले ये दिल्ली सरकार के डीटीटीई से जुड़े थे।
इस विभाग की 400 फैकल्टी समेत पार्ट टाइम/कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी/स्टाफ को डीम्ड डेप्युटेशन के तहत यूनिवर्सिटी भेज दिया गया। मगर अब सभी वापस जाने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि मर्जर के फैसले से पॉलिटेक्निक की क्वॉलिटी घटी है। कुछ प्रोग्राम बंद हो गये, फीस महंगी हो गयी, जिससे दिल्ली में तकनीकी शिक्षा को नुकसान पहुंचा है।
डीएसइयू अपने कोर्सों के लिए एआईसीटीई (आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) से मंजूरी नहीं लेती है। इसे भी स्टूडेंट्स कम मिलने की वजह माना जा रहा है। साल 2025 में जून में हायर एजुकेशन सेक्रेटरी की तरफ से भी यूनिवर्सिटी वीसी को पत्र भेजा गया था कि वो नये सेशन शुरू होने से पहले अपने टेक्निकल इंस्टिट्यूट, डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए एआईसीटीई से अप्रूवल लेने के लिए कदम उठायें।
क्योंकि सरकारी नौकरियों में एआईसीटीई अप्रूवल पूछा जाता है। हालांकि, प्रो नगावत कहते हैं कि एनईपी के तहत हायर एजुकेशन कमीशन आफ इंडिया (एचईसीवाई) बनने का काम प्रक्रिया में है, जिसके साथ एआईसीटीई खत्म हो जायेगा, तो ऐसे में इसकी जरूरत नहीं। नौकरी के लिए भी यूनिवर्सिटी लिखकर दे सकती है। एक अधिकारी कहते हैं कि दिल्ली सरकार के इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए बीटेक/बी आर्किटेक्चर की जॉइंट एडमिशन कमेटी (जेएसी) की काउंसलिंग से डीएसईयू के हटने का भी नुकसान हुआ है।
मगर वीसी का कहना है कि इस काउंसलिंग में स्टूडेंट्स की प्राथमिकता बाकी इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट रहते हैं, जो कि पुराने और प्रतिष्ठित हैं। हमारी यूनिवर्सिटी नयी है और इसका नेचर भी अलग है, ऐसे में सीटें भरने के लिए लंबा इंतजार करने के बजाय हम खुद जेईई मेन स्कोर पर दाखिले कर रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड की प्रतिभाओं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने के उद्देश्य से झारखंड श्री अवार्ड्स 2026 का आयोजन जल्द किया जा रहा है। यह आयोजन जिम्मी मॉडल्स ग्रुप (जे.एम.जी.) और रांची लाइफ स्टाइल मैगजीन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
इस अवार्ड के माध्यम से राज्य के उन लोगों को मंच दिया जाएगा, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सराहनीय और अलग पहचान बनाई है। जे.एम.जी. के निदेशक जिम्मी गुप्ता ने बताया कि यह सम्मान कला-संस्कृति, खेलकूद, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा समेत किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि उसने समाज के लिए कुछ विशेष किया है या ऐसा कार्य किया है जो दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है, तो वह इस अवार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन ऑनलाइन शुरु हो गया है।
इच्छुक प्रतिभागी गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन अपना नामांकन कर सकते हैं। आवेदन के लिए दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर फॉर्म भरा जा सकता है। वहीं, रांची लाइफ स्टाइल मैगजीन के संतोष कुमार ने कहा कि चयन के बाद योग्य उम्मीदवारों को भव्य समारोह में झारखंड श्री सम्मान से नवाजा जाएगा। आयोजकों ने झारखण्ड के सभी जिलों के लोगों से इस पहल से जुड़ने और अधिक से अधिक योग्य प्रतिभाओं को सामने लाने की अपील की है।
टीम एबीएन, रांची। बढ़ती ठंड और शीतलहरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने रांची जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा केजी से 12वीं तक की पढ़ाई अस्थायी रूप से स्थगित करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 27 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र झारखंड, रांची द्वारा विशेष बुलेटिन जारी कर अगले आदेश तक राज्य में भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गयी है।
मौसम विभाग ने रांची जिले को येलो जोन की श्रेणी में रखते हुए ठंड और शीतलहरी की संभावना जतायी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत यह निर्णय लिया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रांची जिले में संचालित सभी विद्यालयों में कक्षा केजी से 12वीं तक पठन-पाठन का कार्य उक्त अवधि तक पूरी तरह बंद रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें।
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