टीम एबीएन, रांची। श्री डोरंडा बालिका उच्च विद्यालय में वार्षिक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 की मैट्रिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।
छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती आरती झा के स्वागत भाषण से हुआ। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव घेवर चंद नाहटा ने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समिति द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। श्री सुभाष चंद्र बोथरा द्वारा सभी सफल छात्राओं को स्मृति-चिह्न, मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र तथा पूनम चंद भंसाली द्वारा 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
अंग्रेजी विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा को मीनू दास गुप्ता स्मृति पुरस्कार के अंतर्गत नगद राशि प्रदान की गयी। वहीं मध्य विद्यालय के शिक्षक अविनाश कुमार द्वारा गणित विषय में पूर्णांक (100 अंक) प्राप्त करने वाली दोनों छात्राओं को 2,500-2,500 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद बोथरा, सचिव घेवर चंद नाहटा, उपाध्यक्ष संपत लाल रामपुरिया, सुनील जी तिवारी, समिति के सदस्य एसी विजय लाल जैन, सुरेशचंद्र बोथरा अमर चंद बेगानी, अजय जैन, प्रकाश चंद नाहाटा विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका उपमा पाल, सुरेश प्रसाद, धनंजय कुमार सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति, पूर्व शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन एल्मलेन ज्योति तुटी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पारमिता सामल ने प्रस्तुत किया। उक्त जानकारी सचिव घेवर चंद नाहटा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। बिरला इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, मेसरा ने अपना 72वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर 1955 से चली आ रही अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, इनोवेशन और राष्ट्र-निर्माण की विरासत का जश्न मनाया गया।
इस कार्यक्रम में संस्थान के लीडरों, पूर्व छात्रों, फैकल्टी सदस्यों, छात्रों और विशेष अतिथियों ने हिस्सा लिया तथा बीआईटी मेसरा की यात्रा और भारत में इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और एप्लाइड साइंसेज की शिक्षा को आकार देने में इसकी भूमिका पर विचार-विमर्श किया। स्थापना दिवस समारोह में झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, उनके साथ आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रो. एस. करमलकर और टेगा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मदन मोहनका माननीय अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।
स्थापना दिवस पर बीआईटी मेसरा ने संस्थान की एडवांस्ड कंप्यूटिंग और रीसर्च क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एनवीआईडीआईए -पावर्ड सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की घोषणा की। यह सेंटर हाई-परफॉर्मेंस जीपीयू-बेस्ड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करायेगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, वीएलएसआई, ड्रग डिस्कवरी, प्रेसिजन एग्रीकल्चर, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग जगत के साथ सहयोग को बढ़ावा देगा।
यह घोषणा भविष्य की तैयारी को लेकर बीआईटी मेसरा के बड़े एजेंडा को दर्शाती है। इसका उद्देश्य रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत बनाना, अकादमिक एवं उद्योग जगत के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा देना तथा छात्रों एवं शोधकर्ताओं को आधुनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में मिलने वाले मौकों के लिए तैयार करना है। सेंटर आॅफ एक्सीलेंस में एनवीआईडीआईए बी200 जीपीयू से पावर्ड आठ हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम होंगे।
इसे पब्लिक आईपी-बेस्ड एक्सेस के जरिए अधिकृत यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे फैकल्टी, शोधकर्ताओं, छात्रों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के पार्टनर्स की अधिक से अधिक भागीदारी को सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह पहल इंडिया एआई मिशन और नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है, और बीआईटीमेसरा को उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल करती है जो एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर रेडीनेस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उभरती प्रतिभा के विकास में योगदान दे रहे हैं।
यह पहल झारखंड और पूर्वी भारत में टेक्नोलॉजी और रीसर्च इकोसिस्टम को भी मजबूत बनाती है, तथा पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से आगे बढ़कर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है। मौके पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा, बीआईटी मेसरा की अकादमिक उत्कृष्टता और इनोवेशन की विरासत ने भारत की तकनीकी प्रगति में अहम योगदान दिया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की स्थापना से झारखंड और पूरे भारत में छात्रों, शोधकतार्ओं और उद्योग जगत के लिए लर्निंग के नए अवसर उत्पन्न होंगे। यह पहल भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा के विकास में बीआईटी मेसरा की भूमिका को और मजबूत करेगी।
बीआई मेसरा के चांसलर सीके बिरला ने कहा, बीआईटी मेसरा की स्थापना ऐसा संस्थान बनाने के उद्देश्य से की गयी थी, जो ज्ञान, अनुशासन और इनोवेशन के जरिए समाज की सेवा करे। पिछले सात दशकों में, संस्थान ने भारत के इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। आज हम अपना 72वां स्थापना दिवस मना रहे हैं, हम संस्थान के विकास के अगले चरण की ओर निरंतर अग्रसर हैं।
एनवीआईडीआईए पावर्ड सेंटर आॅफ एक्सीलेंस हमारी रीसर्च क्षमताओं को मजबूत करने तथा हमारे छात्रों व फैकल्टी को इन क्षेत्रों में सार्थक योगदान देने हेतु तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है, जो उद्योग और समाज के भविष्य को तय करेंगे। बीआईटी मेसरा के वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा, एनवीआईडीआईए -पावर्ड सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के बनने से एडवांस्ड रीसर्च और ट्रेनिंग के क्षेत्रों में हमारी क्षमता काफी बढ़ जायेगी, जहां हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की जरूरत होती है।
यह इंजीनियरिंग, साइंस और एप्लाइड रिसर्च जैसे विषयों में तालमेल बनाएयेगा, साथ ही उद्योग जगत, स्टार्टअप्स एवं राष्ट्रीय मिशनों के साथ सहयोग को भी बढ़ावा देगा। हम ऐसा साझा टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं जिससे छात्रों, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और बड़े पैमाने पर इनोवेशन इकोसिस्टम को लाभ हो।
स्थापना दिवस के जश्न के तहत बीआईटी मेसरा ने एकेडमिक, रिसर्च, इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप और समाज में योगदान देने वाले अध्यापकों एवं पूर्व छात्रों को को सम्मानित किया। डिस्टिंग्विश्ड टीचर अवार्ड्स 2026 मरणोपरांत प्रो. जीबी पंत (स्पेस इंजीनियरिंग और रॉकेट्री विभाग के संस्थापक), प्रो. उत्पल बाउल (मैनेजमेंट विभाग) और प्रो. बी.एन. दास (इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग) को प्रदान किये गये।
डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवार्ड्स 2026 विभिन्न श्रेणियों में दिये गये। लीडरशिप इन कॉर्पोरेट वर्ल्ड, इंडस्ट्री, एकेडेमिया और रिसर्च इंस्टीट्यूशन्स कैटेगरी में अश्विनी कुमार तिवारी (बीई, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, 1989 बैच), राजेश शर्मा (बीई, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, 1991 बैच) और विक्रम कुमार (बीई, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, 1988 बैच) को सम्मानित किया गया।
कॉन्ट्रीब्यूशन इन इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप कैटेगरी में डॉ अरूप रॉय चौधरी (बीई, सिविल, 1979 बैच) और हसमुख रंजन (बीई, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, 1990 बैच) को पुरस्कार दिये गये। एक्सीलेन्स इन टीचिंग एंड रीसर्च इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कैटेगरी में डॉ. चंद्र प्रकाश (बीई इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, 1988 बैच) को पुरस्कृत किया गया।
सर्विस टू सोसाइटी इन इंडिया एंड अबरॉड कैटेगरी (जिसमें अपने शिक्षण संस्थान को सहयोग देना भी शामिल है) में, 1996 बैच के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (बीई) के श्री रवींद्र कुमार जैन को पुरस्कार दिया गया। एक्सीलेन्स इन टीचिंग एंड रीसर्च इन इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कैटेगरी में यंग एल्युमनस अवॉर्ड 2026- डॉ. रोमित मौलिक (बीई मैकेनिकल इंजीनियरिंग, 2012 बैच) और डॉ. अनामित्रा पाल (बीई इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, 2008 बैच) को दिया गया।
कॉन्ट्रीब्यूशन टू इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप कैटेगरी में डिस्टिंग्विश्ड एल्युमना अवार्ड 2026- मिस स्मृति देसाई (बीई कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, 1988 बैच) और मिस शशि ओबिलिसेट्टी (बीई इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, 1990 बैच) को दिया गया। 15 जुलाई 1955 में स्थापित, बीआईटी मेसरा इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और एप्लाइड साइंसेज के क्षेत्र में भारत के मुख्य संस्थानों में से एक बन गया है।
पिछले वर्षों में, संस्थान ने एक मजबूत एकेडमिक और रिसर्च आधार तैयार किया है, जिसे पूर्व छात्रों के व्यापक नेटवर्क और इनोवेशन व सामाजिक प्रभाव पर लगातार ध्यान देने से मजबूती मिली है। 72वां स्थापना दिवस इस विरासत का जश्न मनाने और भविष्य पर केंद्रित शिक्षा, रीसर्च में उत्कृष्टता और टेक्नोलॉजी-आधारित विकास के प्रति बीआईटी मेसरा की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस की सीटों को बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही चालू शैक्षणिक सत्र से रिम्स में 250 छात्रों का नामांकन किया जायेगा।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग रिम्स सहित राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस एवं पीजी सीटों में बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयासरत रहा है। विभाग की ओर से केंद्र सरकार एवं एनएमसी को आवश्यक प्रस्ताव, अनुपालन रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराये गये थे।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, हॉस्टल, क्लासरूम, प्रयोगशालाओं एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गयी थी। इसी क्रम में प्रथम चरण में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 की गयी तथा दूसरे चरण में रिम्स, रांची में सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 कर दी गयी है।
भविष्य में राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी एमबीबीएस एवं पीजी सीटों में वृद्धि की दिशा में प्रयास जारी हैं। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह झारखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत है।
उन्होंने कहा, हम जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं और आज उसका सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। रिम्स सहित पूरे स्वास्थ्य तंत्र में जो भी कमियां थीं, उन्हें दूर करने की दिशा में तेजी से कार्य किया गया है। आज व्यवस्थाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। हमारी पूरी टीम समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और आने वाले समय में रिम्स एक नये स्वरूप में पूरे देश के सामने उभरेगा।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मेडिकल सीटों में वृद्धि केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है।
बल्कि इसके साथ-साथ राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना, फैकल्टी, आधुनिक उपकरण, प्रयोगशालाओं, छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी सीटों में वृद्धि की जाएगी, जिससे झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी. के. सिन्हा ने एनएमसी की मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह रिम्स और पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री तथा स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के सतत मार्गदर्शन, सहयोग एवं समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रिम्स प्रशासन एनएमसी के सभी मानकों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एमजीएम और रिम्स में सीटों की वृद्धि से झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही भविष्य में राज्य को अधिक संख्या में प्रशिक्षित चिकित्सक मिलेंगे, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनेंगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शहरी क्षेत्र वार्ड नंबर 8 के राजकीय मध्य विद्यालय, पावरगंज, लोहरदगा में विद्यालय प्रबंधन समिति का आज पुनर्गठन किया गया। राज्य परियोजना कार्यालय एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, लोहरदगा के निर्देशन अनुसार आज पुनर्गठन हेतु बैठक रखी गयी। विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन में प्रखंड साधन सेवी त्रिसंघा प्रजापति की अध्यक्षता में प्रक्रिया पूरी की गयी।
इस बैठक में बच्चों के माता-पिता, अभिभावक, बाल संसद के बच्चे, प्रभारी प्रधानाध्यापिका रूबी कुजूर, शिक्षिका रौनक जहां, सहायक शिक्षिका कुमारी अर्चना, जगेश्वर उरांव सहित अन्य लोग उपस्थित थे। विद्यालय प्रबंधन समिति में सर्वसम्मति से अध्यक्ष लीलमनी उरांव, उपाध्यक्ष रामनाथ महतो को चुना गया। साथ ही समिति के 15 सदस्यों का भी चुनाव किया गया।
मौके पर वार्ड पार्षद अविनाश कौर ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षक और आप लोगों के सहयोग से ही बच्चे आज अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और इसी तरह हम लोगों को मिलकर विद्यालय को आगे बढ़ाना है। किंतु अभिभावकों से यह कहना चाहूंगी कि प्रतिदिन कम से कम अपने बच्चों को एक घंटा घर में अवश्य समय दें।
स्वयं उनको पढ़ायें या उनसे जानकारी लें कि दिन भर में आज उन्होंने क्या-क्या पढ़ाई की, ताकि बच्चे और आगे बढ़ सके। वहीं वार्ड पार्षद ने विद्यालय के जर्जर भवन को देखते हुए कहा कि शीघ्र ही जिले के उपायुक्त से मिलकर यह अपील की जायेगी कि इस जर्जर विद्यालय के कमरों को यथाशीघ्र ठीक कराने की कृपा की जाये।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग की वरिष्ठ शिक्षिका पुष्पा त्रिवेदी को भावभीनी विदाई दी गयी। विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उन्हें स्मृति चिह्न, उपहार तथा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने सम्पूर्ण समर्पण और कर्त्तव्य निष्ठा के साथ अपने लगभग इकतीस वर्षों के सेवा काल को पूर्ण करके अवकाश प्राप्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य तथा उनके सहकर्मी गण ने उनके साथ के अपने कार्य काल के अनुभव को साझा किये। उन्होंने भी इस शानदार विदाई के लिए विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि मैडम पुष्पा विद्यालय के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपना कार्यकाल पूरा किया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा अनुकरणीय है।
उन्होंने सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं के समक्ष उनकी कार्यकुशलता को उदाहरण के रूप में रखा। उनके योगदान से विद्यालय ने नयी ऊंचाइयों को छुआ है। विदाई समारोह में पूरे विद्यालय परिवार ने उपस्थित रह कर पुष्पा त्रिवेदी के आरोग्य, सुख- शांति, संपदा की कामना की।
एबीएन कैरियर डेस्क, रांची। उर्सूलाइन इंटर कॉलेज रांची में फॉरेसिंक साइंस में करियर और इसकी उपयोगिता से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल की पूर्ववर्ती छात्रा और वर्तमान में नोएडा में फॉरेंसिक साइंस में स्रातक की पढ़ाई कर रही मोनिका ने स्कूल की छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया।
इस कार्यक्रम में मोनिका ने इस क्षेत्र में करियर की संभावना और इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं ने कई सवाल भी किये। इस उपयोगी और ज्ञानवर्द्धक कार्यक्रम से छात्राओं को लाभ पहुंचा। उनका सत्र उत्कृष्ट था।
उन्होंने आत्मविश्वास से बात की, हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उनकी उत्कृष्ट पकड़ थी, और उन्होंने हर प्रश्न का उत्तर ठोस, विचारशील और आकर्षक ढंग से दिया। छात्रों ने संवाद का भरपूर आनंद लिया और सत्र के हर पल का लुत्फ उठाया। एक पूर्व छात्रा को अगली पीढ़ी को प्रेरित करते देखना प्रेरणादायक था।
एबीएन कैरियर डेस्क। द इंस्टीट्यूट आॅफ चाटर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया का विद्यार्थी बनना गर्व का विषय है। यह वाणिज्य संकाय विद्यार्थियों का सपना होता है। इस सपने को साकार करने की दिशा में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग की एक पूर्व छात्रा; शबरीन फिरदौस अग्रसर है।
उसने एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग से पिछले वर्ष सीबीएसई बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करने के उपरांत चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई करने के लिए अपना नामांकन करवाया तथा अपने कठिन परिश्रम के बल पर उसने फाउंडेशन का चरण पूरा किया।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने शबरीन को उसकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि वह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।उसके जैसे विद्यार्थियों पर विद्यालय परिवार को गर्व है। उन्होंने शबरीन को सलाह दी कि इसी प्रकार लगन से पढ़ाई करती रहे, ताकि कम से कम समय में वह सीए का कोर्स भी पूरा कर सके। उन्होंने शबरीन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय अपनी स्थापना का 67वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय तीन दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। बता दें कि रांची विश्वविद्यालय में एक लाख 60 हजार विद्यार्थी एक सत्र में पढ़ाई करते हैं।
स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरूआत हो चुकी है। कार्यक्रम में कई पूर्व कुलपति भी शामिल हैं। रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर सरोज शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का अलख जगाने का काम 1960 से करता आ रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नरेंद्र भगत पूर्व आईएएस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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