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Published / 2025-09-28 20:46:10
दुनियाभर के कामगारों के लिए खतरे की घंटी है एआई

दुनियाभर में बज गयी खतरे की घंटी, एआई को लेकर दी ये चेतावनी! 

एबीएन कैरियर डेस्क। दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियों में हाल के महीनों में कर्मचारियों की छंटनी की खबरें सामने आई हैं। अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, TCS, इंटेल जैसी कंपनियों ने सैकड़ों कर्मचारियों को काम से हटाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से अपनाया जाना और ऑटोमेशन में बदलाव है।

वॉलमार्ट (Walmart) के CEO डग मैकमिलन ने भी चेतावनी दी है कि AI कई नौकरियों को प्रभावित करेगा और वर्कफोर्स की संरचना बदल देगा। उन्होंने कहा, आने वाले समय में काम करने के हर पहलू पर AI का असर देखने को मिलेगा। यह बिल्कुल साफ है कि AI हर नौकरी को किसी न किसी रूप में बदल देगा।

मैकमिलन ने कहा कि AI के बढ़ते प्रभाव से लेबर मार्केट में बदलाव हमारी उम्मीदों से कहीं अधिक होगा। Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, फोर्ड, जेपी मॉर्गन चेज और अमेज़न जैसी कंपनियों ने भी इसी तरह की चेतावनी दी है।

कुछ नौकरियां खत्म, कुछ नए अवसर उभरेंगे

2.1 मिलियन कर्मचारियों वाली दुनिया की सबसे बड़ी एम्प्लॉयर कंपनी वॉलमार्ट ने बताया कि अगले तीन सालों में कुल कर्मचारियों की संख्या स्थिर रहेगी, लेकिन कई काम करने के तरीके बदलेंगे और इससे कुछ नौकरियां समाप्त होंगी। पहले ही वेयरहाउस ऑटोमेशन, AI-ड्रिवेन चैटबॉट और बैकस्टोर ऑटोमेशन में कई जॉब खत्म हो चुकी हैं। 

वहीं, कुछ नई भूमिकाएं भी उभर रही हैं, जैसे AI टूल्स बनाने वाले रोल और हाई-टच कस्टमर फेसेसिंग जॉब्स।वॉलमार्ट की चीफ पीपल ऑफिसर डोना मॉरिस का कहना है कि अभी यह तय करना बाकी है कि नौकरियों की सटीक संरचना कैसी होगी।

आगामी दो सालों में बदलाव तेज

OpenAI की चीफ इकोनॉमिस्ट रोनी चटर्जी ने कहा कि अगले 18-36 महीनों में AI को तेजी से अपनाया जाएगा। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे नई स्किल्स सीखें और बदलाव के लिए तैयार रहें। AI के CEO भी बता चुके हैं कि आने वाले दो सालों में कर्मचारियों को अब वही काम नहीं करना पड़ेगा जो पहले किया करते थे।

Published / 2025-09-26 20:07:42
स्वास्थ्य विभाग में जल्द शुरू होगी 10,000 की नियुक्ति प्रक्रिया : डॉ इरफान अंसारी

  • स्वास्थ्य विभाग में कुल 10,000 कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द : डॉ इरफान अंसारी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र के वितरण समारोह को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के लिए सबसे बड़ा दिन बताया।

डॉ अंसारी ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ अंसारी ने कहा कि अब समय है कि डॉक्टरों को सम्मान मिले, उनका मनोबल बढ़े। मैंने पिछले सात महीनों में इस दिशा में एक लंबी लकीर खींची है। 

डॉक्टरों की प्रतिष्ठा बहाल करना हमारा उद्देश्य है। डॉ. अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कुल 10,000 कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर गांव, हर पंचायत तक डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। लोग महसूस करें कि झारखंड में भी एक मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था मौजूद है।

डॉ अंसारी ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में रिम्स-2 की स्थापना के साथ-साथ छह नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे। जब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बनते, तब तक डॉक्टर तैयार नहीं होंगे। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान रूप से सशक्त किया जा रहा है। 

साथ ही, रांची समेत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर 10,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे सकता है।

ऐसे में 170 डॉक्टरों की नियुक्ति लाखों लोगों को राहत पहुंचाने वाली है। वहीं डॉ अंसारी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण न केवल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाएगा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।

Published / 2025-09-26 19:55:02
एसआर डीएवी पुंदाग में नवरात्रि की धूम

टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में विद्यार्थियों ने नवरात्रि के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके समा बांध दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ ईश स्तुति के साथ किया गया, तत्पश्चात  ई.ई. डी.पी.विभाग के छोटे - छोटे विद्यार्थियों ने देवी दुर्गा के परिवार के विभिन्न सदस्य यथा  मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, गणेशजी, कार्तिकेय भगवान के मोहक रूप के साथ - साथ उनके वाहनों का भी आकर्षक रूप धारण करके सबको भक्ति रस में सराबोर कर दिया। 

देवी दुर्गा का महिषासुर मर्दिनी का रूप आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही कक्षा सप्तम के विद्यार्थियों ने माता के नौ रूपों को प्रदर्शित किया।कक्षा अष्टम की रुप्सा राय वर्धन ने लोक नृत्य प्रस्तुत करके सबको मंत्र मुग्ध कर दिया।

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने अपने संदेश में इइडीपी विभाग की शिक्षिकाओं के इस सफल प्रयास की भूरि - भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि सांस्कृतिक सद्भावना ही भारत की पहचान है। नन्हें - मुन्ने विद्यार्थियों को भारत की संस्कृति से परिचित करवाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों  को नवरात्रि तथा दुर्गोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

Published / 2025-09-24 21:09:47
कल 200 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देंगे सीएम हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत कल 200 डॉक्टर को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र, सभी तैयारियां पूरी 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कल यानी 25 सितंबर को राजधानी रांची में आयोजित समारोह में लगभग 200 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इन डॉक्टरों में 100 नियमित सरकारी डॉक्टर और लगभग 100 संविदा पर नियुक्त होने वाले चिकित्सक शामिल हैं। 

इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ज्ञातव्य है कि हाल ही में 91 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी और 126 संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति पूरी की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कहा था कि गांव का गरीब किसान और शहर का आम नागरिक-दोनों को बराबर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए। 

वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के कारण आज झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत रूप ले रही है। डॉ अंसारी ने कहा, मेरी हमेशा प्राथमिकता रही है कि ग्रामीण और शहरी, दोनों वर्गों तक समान चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। आज डॉक्टरों की संख्या बढ़ना हमारे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। 

डॉ. अंसारी ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से डॉक्टरों से संवाद कर उन्हें हर जरूरी सुविधा और सुरक्षा का भरोसा दिया है। उनका मानना है कि झारखंड का यह नया माहौल ही कारण है कि अब बाहरी राज्यों के डॉक्टर भी राज्य में सेवा देने के लिए आगे आ रहे हैं। 

वहीं राज्य सरकार का मानना है कि ये नई नियुक्तियां स्वास्थ्य विभाग की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक साबित होंगी। इससे ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्रों दोनों में चिकित्सा ढांचे को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संकल्प है कि झारखंड को एक स्वस्थ और खुशहाल राज्य बनाया जाये।

Published / 2025-09-20 23:42:34
प्रसत्ति स्वयंसेवी संस्था ने किया मीडिया सम्मेलन

  • झारखंड के प्रख्यात योगगुरु स्वामी मुक्तरथ रहे मुख्य अतिथि

टीम एबीएन, रांची। समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत संगठन प्रसत्ति ने आज रांची में एक मीडिया सम्मेलन आयोजित किया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक श्री सार्थक कुमार एवं सह-संस्थापक श्री शशांक जी मौजूद रहे। कार्यक्रम संचालन की पुरी जिम्मेवारी तृप्त शाम्भव ओझा ने संभाला।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से झारखंड के प्रतिष्ठित और प्रख्यात योगगुरु स्वामी मुक्तरथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। स्वामी जी ने समाज सेवा, युवा जागृति और नैतिक मूल्यों पर प्रेरणादायी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब युवा सकारात्मक सोच और सेवा भाव से कार्य करेंगे तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।

उन्होंने बखूबी संस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी और स्पष्ट उद्देश्यों के बारे में चर्चा किये। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था का उद्देश्य समाज के कमजोड़ पड़े व्यक्ति को ऊपर उठाने की होनी चाहिये। बड़ी संस्था बड़े स्तर पर कार्य करती है ये ठीक है ,पर छोटी-छोटी स्वयंसेवी संस्थायें भी छोटे स्तर पर भी बहुत बड़ा काम कर सकता है। 

संस्था के संस्थापक सार्थक कुमार ने बताया कि प्रसत्ति समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने मीडिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि समाजहित के प्रयास तभी सफल होंगे जब जनता और मीडिया का सहयोग साथ मिलेगा।

सह-संस्थापक शशांक ने कहा कि आने वाले समय में संस्था कई बड़े सामाजिक अभियान शुरू करने जा रही है, जिसमें युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से सुनिश्चित की जाएगी। मीडिया सम्मेलन में दुबे सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए और सभी ने प्रसत्ति के इस प्रयास की सराहना की।

Published / 2025-09-20 23:38:50
बेसिक साइंसेस और बायोटेक्नोलॉजी में करियर की संभावनाएं विषय पर कार्यशाला

  • आज की दुनिया में नवाचार की आवश्यकता : डॉ कुजूर

टीम एबीएन, रांची। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के बायोटेक्नोलॉजी विभाग एवं आईआईएआर के संयुक्त तत्वावधान में बेसिक साइंसेस और बायोटेक्नोलॉजी में करियर की संभावनाएं विभिन्न  क्षेत्रों में अवसर विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य फादर डॉ. रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एस.जे. द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया में नवाचार की आवश्यकता है तथा छात्रों को को नए विचारों और समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया। 

वाइस प्रिंसिपल फादर डॉ. अजय मिंज ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. सयुक्ता ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संतुलन पर विचार रखते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इस वर्कशॉप में विभाग के सभी सहायक प्राध्यापक डॉ. शिव शंकर प्रसाद, डॉ. अल्फ्रेड बेसरा, डॉ. अमित कुमार गौतम भी उपस्थित थे। 

मौके पर एफएसएल के सीनियर साइंटिस्ट, स्नेहा मेहता ने फॉरेंसिक साइंस एवं बायोटेक्नोलॉजी में अवसरों पर मार्गदर्शन दिया, डॉ. रागिनी सिन्हा (सहायक प्राध्यापक, सीयूजे) ने अकादमिक करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, श्री आदित्य प्रभाकर (जिला समन्वयक, एनआरएम परियोजना एवं निदेशक, अभिसारिका फाउंडेशन) ने सरकारी सेवाओं एवं नीति निर्माण में विज्ञान स्नातकों की भूमिका समझाई, तथा कृषि विशेषज्ञ श्री पंकज रॉय ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और उसमें बायोटेक्नोलॉजिस्ट, सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर दिया। 

आईआईएआर की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. आरती महतो ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता और शोध के लिए प्रेरित करना है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी सरोजिनी टोप्पो और सहायक निदेशक डॉ. फरहाना रोज़ी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। 

छात्र स्वयंसेवकों मानवी चटर्जी, असफर तबसुम, अलविया फातिमा, विद्या आनंद, साक्षी कुमारी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता से संपन्न यह कार्यशाला छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता की दिशा में प्रेरणा का महत्वपूर्ण मंच बनी।

Published / 2025-09-20 23:15:34
आईआईटी खड़गपुर में रांची के विद्यार्थी की मौत

  • रांची आईआईटी खड़गपुर में एक और संदिग्ध मौत, रांची के पीएचडी शोधकर्ता का शव मिला

टीम एबीएन, रांची। आईआईटी खड़गपुर से एक बार फिर संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे हिजली आउटपोस्ट पुलिस ने अम्बेडकर हॉल से 27 वर्षीय शोधकर्ता हर्ष कुमार पांडे का लटका हुआ शव बरामद किया। हर्ष मूल रूप से रांची जिले के बरियातू थाना क्षेत्र के रहने वाले थे और आईआईटी खड़गपुर में पीएचडी कर रहे थे। शव को बीसी रॉय अस्पताल भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि हर्ष ने अपनी स्कूली पढ़ाई रांची के डीएवी बरियातू से की थी। इसके बाद उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद विश्वविद्यालय से बीटेक और मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से एमटेक पूरी की थी। आगे उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी में दाखिला लिया। परिजनों के अनुसार शनिवार को जब पिता ने उन्हें फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। सुरक्षा कर्मियों की मदद से जब कमरे का दरवाज़ा खोला गया तो उनका शव लटका हुआ पाया गया।

इस वर्ष आईआईटी खड़गपुर में यह छठी असामान्य मौत बताई जा रही है। इनमें से पांच मामलों में शव फांसी पर लटकते मिले थे। पिछली मौत 21 जुलाई की रात हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और शोधकर्ताओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह है। घटना के बाद से संस्थान में शोधार्थियों और छात्रों में दहशत का माहौल है।

Published / 2025-09-20 20:55:54
जामताड़ा : कस्तूरबा में शॉर्ट सर्किट से मची अफरातफरी

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में टला बड़ा हादसा, स्वास्थ्य मंत्री की तत्परता से 23 छात्राएं सुरक्षित 

टीम एबीएन, जामताड़ा/ रांची। झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर में बीते शुक्रवार की शाम को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लगने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला गयी। धुएं के कारण विद्यालय की 23 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गयी, जिन्हें आनन-फानन में सीएचसी नारायणपुर भर्ती कराया गया। 

जैसे ही घटना की सूचना मिली, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर तत्काल नारायणपुर अस्पताल पहुंचकर छात्राओं से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। मंत्री के पहुंचते ही पूरा अस्पताल अलर्ट मोड में आ गया और चिकित्सा व्यवस्था और तेजी से जुट गयी। 

डॉ अंसारी ने कहा कि उपचार के बाद सभी बच्चियों की हालत पूरी तरह से स्थिर है। जरूरत पड़ी तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल भेजा जायेगा। मैं सभी छात्राओं के माता-पिता से मिला हूं और हर संभव मदद का भरोसा देता हूं। डॉ अंसारी ने आगे कहा कि यह घटना प्राकृतिक आपदा जैसी थी, भारी बारिश और ठनका गिरने की वजह से छात्राएं बेहोश हुईं, लेकिन नारायणपुर की जनता, स्वास्थ्यकर्मियों और समाजसेवियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। 

मंत्री ने मीडिया बंधुओं को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने तुरंत सूचना साझा की। डॉ अंसारी ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का जायजा लिया और कहा कि विभाग के पास पर्याप्त फंड है। अस्पताल की हर जरूरत पूरी की जायेगी, लेकिन इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। प्रभारी को सख्त निर्देश दिये गये हैं। मंत्री ने साफ-साफ संदेश दिया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह समर्पित है।

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