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Published / 2025-10-17 21:46:24
2025-26 शैक्षणिक सत्र में बढ़ायी गयी मेडिकल सीटें

एनएमसी ने जारी की नयी एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स 

झारखंड के दो मेडिकल कॉलेजों में 100 सीटों की बढ़ोतरी, एक सरकारी और एक निजी कॉलेज में बढ़ी सीट 

एबीएन कैरियर डेस्क। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical Commission - NMC) ने 16 अक्टूबर 2025 को देशभर के मेडिकल कॉलेजों के लिए नई MBBS सीट मैट्रिक्स जारी की है। इस संबंध में एनएमसी के पॉलिसी एंड कोऑर्डिनेशन डिवीजन की ओर से एक सार्वजनिक नोटिस (Public Notice) जारी की गई है।

नोटिस राजीव शर्मा, निदेशक (P&C), एनएमसी के द्वारा जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) की अधिसूचना संख्या N-15029/09/2025-UGMEBके तहत स्नातक (MBBS) पाठ्यक्रमों की सीटों की अद्यतन सूची प्रकाशित की गई है।

यह संशोधन मौजूदा मेडिकल कॉलेजों की सीटों के नवीनीकरण और नए कॉलेजों या अतिरिक्त सीटों के अनुमोदन के बाद तैयार किया गया है। एनएमसी ने सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और प्राचार्यों, अभिभावकों, तथा NEET-UG 2025 में भाग लेने वाले विद्यार्थियों से इस अद्यतन जानकारी को संज्ञान में लेने का अनुरोध किया है।

राज्यों में सीटों में बढ़ोतरी — झारखंड को बड़ी सौगात

नई सीट मैट्रिक्स के अनुसार, देशभर के कई राज्यों में MBBS सीटों में वृद्धि की गई है। झारखंड राज्य के दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में कुल 100 सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिली है — एक सरकारी और एक निजी कॉलेज में।

1. एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर (सरकारी कॉलेज)

  • पहले 100 MBBS सीटें स्वीकृत थीं।
  • अब 50 नई सीटें बढ़ाकर कुल 150 सीटें कर दी गई हैं।
  • यह कॉलेज झारखंड के सबसे पुराने सरकारी मेडिकल संस्थानों में से एक है और इस विस्तार से राज्य के सरकारी चिकित्सा शिक्षा ढांचे को मजबूती मिलेगी।

2️. मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर (निजी कॉलेज)

  • पहले 150 MBBS सीटें थीं।
  • अब इसमें भी 50 सीटों की वृद्धि कर कुल 200 सीटें स्वीकृत की गई हैं।

इसके अतिरिक्त, नोटिस में यह भी उल्लेख है कि देश के अन्य राज्यों में कई संस्थानों को Approval for New Establishment during Academic Year 2025-26 के अंतर्गत नए मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति प्रदान की गई है।

शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से प्रभावी होगा नया ढांचा

एनएमसी की नई सीट मैट्रिक्स शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से प्रभावी होगी। इसका सीधा असर NEET-UG 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया पर पड़ेगा, क्योंकि बढ़ी हुई सीटें इसी सत्र से छात्रों को आवंटित की जाएंगी।

झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया

सीटों में वृद्धि की घोषणा पर झारखंड के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग) श्री अजय कुमार सिंह ने कहा  हमारे लगातार प्रयास का परिणाम है कि राज्य में MBBS सीटों की संख्या बढ़ी है। यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। हमारा लक्ष्य है कि झारखंड के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में कम से कम 150 सीटें उपलब्ध हों। 

अभी एक सरकारी कॉलेज में सीट बढ़ाई गई है, जबकि शेष चार अन्य कॉलेजों में भी 50-50 सीटों की वृद्धि के लिए प्रस्ताव पर काम चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सीट बढ़ने से राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता में सुधार होगा और स्वास्थ्य सेवा को बल मिलेगा।

Published / 2025-10-17 19:36:20
बीआईटी ने सफलतापूर्वक मनाया कर्त्तव्य- 25

टीम एबीएन, रांची। बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, मेसरा, लालपुर यूनिट के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने 17 अक्टूबर को अपने लालपुर कैंपस में सस्टेनेबिलिटी और इनोवेटिव सोच पर फोकस करने वाला एक नया इवेंट कर्तव्य 25 सफलतापूर्वक होस्ट किया। टीम सस्टेनेबिलिटी द्वारा आर्गनाइज किये गये। 

इस इवेंट में स्टूडेंट्स को वेस्ट टू वर्थ : द सर्कुलर इकोनॉमी चैलेंज थीम के तहत इंडस्ट्रियल वेस्ट को कीमती प्रोडक्ट में बदलने का चैलेंज दिया गया। इस पहल ने युवा दिमागों को सस्टेनेबिलिटी के प्रैक्टिकल और एंटरप्रेन्योरियल पहलुओं को समझने के लिए एक डायनामिक प्लेटफॉर्म दिया। 

पार्टिसिपेंट्स को इंडस्ट्रियल बाय-प्रोडक्ट, जिन्हें आमतौर पर वेस्ट माना जाता है, को फिर से सोचने और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से इनोवेटिव, माकेर्टेबल सॉल्यूशन डिजाइन करने का काम दिया गया था। यह हैंड्स-आन चैलेंज रिसोर्स मैनेजमेंट, सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल प्रोसेस और ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप जैसे आज के जरूरी मुद्दों की उनकी समझ को गहरा करने के लिए डिजाइन किया गया था। 

टीम सस्टेनेबिलिटी के एक अध्यक्ष ने कहा, कर्त्तव्य 25 के साथ हमारा लक्ष्य सिद्धांत से आगे बढ़ना और कार्रवाई योग्य बदलाव को प्रेरित करना था। हम चाहते थे कि छात्र स्वयं अनुभव करें कि कैसे एक सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पर्यावरणीय समस्या को आर्थिक अवसर में बदल सकता है। प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया और सरलता वास्तव में उल्लेखनीय थी। 

इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के छात्रों की उत्साही भागीदारी देखी गई, जिन्होंने विभिन्न प्रकार के प्रोटोटाइप और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किये। उनके पीपीटी ने न केवल तकनीकी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि व्यवहार्य व्यावसायिक रणनीतियों की मजबूत समझ भी दिखाई, जिसने आज के बाजार में कचरे से धन उपक्रमों की क्षमता पर प्रकाश डाला।

संकाय सदस्य डॉ. सैयद अनीश हैदर, डॉ. अभय रंजन श्रीवास्तव, डॉ. उमेश प्रसाद, डॉ. सौमित्र चक्रवर्ती, डॉ. आशुतोष मिश्रा ने इस कार्यक्रम का मूल्यांकन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अनुभव स्टूडेंट्स के करियर के लिए बहुत कीमती हैं, जो उन्हें बिजनेस और एनवायरनमेंटल मैनेजमेंट में भविष्य के लीडर बनने के लिए जरूरी स्किल्स और माइंडसेट देते हैं। 

इस इवेंट को आर्गनाइजिंग टीम सस्टेनेबिलिटी की प्रेसिडेंट अंजलि जेन कुजूर, वाइस प्रेसिडेंट तंजील हक, सेक्रेटरी निशा मिंज और सीनियर एग्जीक्यूटिव मेंबर्स रक्षिता वर्मा, आदित्य वर्मा, सौरव सरकार की लीडरशिप में कोआर्डिनेट किया गया था। अपनी जबरदस्त सफलता के साथ, कर्त्तव्य 25 ने बीआइटी मेसरा के स्टूडेंट्स के बीच इनोवेशन और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी को बढ़ावा देने के लगातार कमिटमेंट में एक अहम योगदान के तौर पर खुद को मजबूती से स्थापित किया है। 

कड़े मुकाबले के बाद, विजेताओं की घोषणा की गयी : 

  • पहला इनाम: शिवांगी तिवारी, सृष्टिपुष्कर, अजलाई इकबाल, संपदा 
  • दूसरा इनाम: शांभवी सिंह सोंदरया सिंह, नेहा कुमारी 
  • तीसरा इनाम: मुस्कान, कृष्णवर्मा, अभिनीत गंभीर, नेहा कुमारी।

Published / 2025-10-15 18:27:11
बीआईटी मेसरा के 35वें दीक्षांत समारोह में 1400 से अधिक विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां और मेडल

बीआईटी मेसरा का 35वां दीक्षांत समारोह, इसरो प्रमुख की उपस्थिति में नयी पीढ़ी को मिली प्रेरणा 

एबीएन कैरियर डेस्क। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा में आज भव्यता और उत्साह के साथ 35वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में 1400 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां और मेडल प्रदान किये गये। मौके पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ वी नारायणन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 

अपने प्रेरक संबोधन में डॉ नारायणन ने छात्रों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बनाये रखने, सतत सीखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन के हर चरण में संवेदना, सहयोग और उद्देश्य की भावना को केंद्र में रखें। 

यही मूल्य सफलता की असली पहचान हैं। आप जिस ज्ञान और संस्कार के साथ इस संस्थान से निकल रहे हैं, वहीं आपके भविष्य की दिशा तय करेगा। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और संस्थान प्रार्थना के साथ हुई, जिसने समारोह को गरिमामय माहौल प्रदान किया। 

बीआईटी मेसरा के कुलाधिपति और सीके बिरला समूह के अध्यक्ष सीके बिरला ने कहा कि दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक यात्रा का अंत नहीं, बल्कि जिज्ञासा और नवाचार की आजीवन खोज की शुरुआत है। आज दुनिया को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो स्पष्ट सोचें, ईमानदारी से कार्य करें और उद्देश्यपूर्ण निर्माण करें। मुझे विश्वास है कि बीआईटी मेसरा के विद्यार्थी इस परिवर्तन की अगुवाई करेंगे। 

कुलपति प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संस्थान की शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग में हुई प्रगति की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि बीआईटी मेसरा में हम शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि दृष्टि, सत्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता के विकास का साधन मानते हैं। हमारे विद्यार्थी भविष्य में उद्योग, समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभायेंगे। 

समारोह में 1000 स्नातक, 320 स्नातकोत्तर, 75 पीएचडी और 65 डिप्लोमा विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गयीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया और मंच संचालन टीम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह संचालक ने संकाय, कर्मचारियों और दीक्षांत समारोह समिति के योगदान को स्वीकार करते हुए हार्दिक धन्यवाद दिया।

Published / 2025-10-13 20:43:49
डीएवी के लिए दौड़ : गांधीजी की भावना का उत्सव

टीम एबीएन, रांची। महात्मा गांधी की जयंती पर रांची के डीएवी संस्थानों डीएवी बरियातू, डीएवी कपिलदेव, डीएवी गांधीनगर, डीएवी नीरजा सहाय, डीएवी आनंद स्वामी (हेहल) और एसआर डीएवी पुंदाग ने एक साथ मिलकर डीएवी के लिए दौड़ नामक प्रेरणादायक आयोजन किया, जो फिटनेस, एकता और राष्ट्रपिता के शाश्वत दृष्टिकोण का प्रतीक था। 

लगभग 700 विद्यार्थियों और 150 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने इस शहरव्यापी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो डीएवी सीएमसी के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपनी उपस्थिति ने विद्यार्थियों में जोश भर दिया। 

ये रहे उपस्थित 

  • एमके सिन्हा; एआरओ जोन बी एवं प्राचार्य, डीएवी कपिल देव 
  • एसके मिश्रा; एआरओ जोन जे एवं प्राचार्य, डीएवी बरियातू 
  • डॉ तापस घोष; प्राचार्य, एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग 
  • मैडम किरण यादव; प्राचार्य, डीएवी नीरजा सहाय 
  • पीके झा; प्राचार्य, डीएवी गांधीनगर 

सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी एमके सिन्हा तथा एसके मिश्रा ने धावकों को संबोधित करते हुए उन्हें महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए योगदान देने के लिए कहा। 

उक्त कार्यक्रम के लिए एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के विद्यार्थियों के उत्साह को देखते हुए प्राचार्य डॉ तापस घोष ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उनमें नयी ऊर्जा का संचार करते हैं। 

इससे वे समूह में काम करना, अनुशासन, एकता, भाईचारा जैसी महत्वपूर्ण बातें सीखते हैं। उक्त दौड़ में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्वर्ण, रजत तथा ताम्र पदक देकर सम्मानित किया गया।

Published / 2025-10-13 20:38:42
जोएल, फिलिप और पीटर को अर्थशास्त्र का नोबेल

एबीएन कैरियर डेस्क। अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है। इस साल यह पुरस्कार जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को संयुक्त रूप से दिया गया है। यह पुरस्कार इनोवेशन ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ की अवधारणा को समझाने के लिए प्रदान किया गया। पिछले साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए रॉबिन्सन को दिया गया था। 

अर्थशास्त्र के नोबेल को बैंक आफ स्वीडन पुरस्कार के रूप में जाना जाता है। स्वीडन के सेंट्रल बैंक ने इसे 1968 में स्थापित किया था। यह पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी आफ साइंसेज द्वारा चुना जाता है। नोबेल का पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया और पांच नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की थी। 

दरअसल, तब से ये पुरस्कार कुल 96 विजेताओं को 56 बार प्रदान किया जा चुका है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वालों को नोबेल पुरस्कार दिया जाता है। इसे स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार 1901 में शुरू किया गया। नोबेल ने अपनी संपत्ति का उपयोग इन पुरस्कारों को स्थापित करने के लिए किया, जो उनके आविष्कार डायनामाइट से अर्जित धन से संचालित हैं। 

यह पुरस्कार उन लोगों को सम्मानित करता है, जिन्होंने मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया हो, चाहे वह वैज्ञानिक खोज, साहित्यिक कृति, या शांति स्थापना हो। फिजिक्स, केमिस्ट्री, मेडिसिन या फिजियोलॉजी, लिटरेचर, पीस और इकोनॉमिक्स में असाधारण काम करने वाले लोगों को ये पुरस्कार दिया जाता है।

Published / 2025-10-12 17:14:45
अब यूपीआई से स्कूल फी जमा करने की छूट

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, पेरेंट्स अब घर बैठे मिनटों में यूपीआई से दे सकेंगे स्कूल फीस 

एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्र सरकार ने देश के सभी स्कूलों में डिजिटल ट्रांसपेरेंसी और कैशलैस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों को पत्र जारी किया गया है। इसमें एनसीईआरटी, सीबीएसई, केवीएस, एनवीएस और अन्य शैक्षिक संस्थानों को स्कूल फीस के लिए डिजिटल पेमेंट मोड, खासकर यूपीआई अपनाने का निर्देश दिया गया है। 

सरकार का कहना है कि इससे न केवल फीस जमा करने में लगने वाली लंबी लाइनों की समस्या खत्म होगी, बल्कि स्कूल प्रशासन टेक्नोलॉजी के मामले में अपडेटेड रहेगा। 

स्कूलों में यूपीआई का महत्व 

अभी तक अधिकांश स्कूलों में फीस कैश के जरिए भरी जाती थी। इससे पेरेंट्स को अलग से समय निकालकर स्कूल आना पड़ता है। खासकर नये एडमिशन या एग्जाम के समय, फीस काउंटर पर लंबी लाइनें लग जाती हैं। 

कई बार फीस रिसिप्ट न मिलने या कैश की कमी जैसी समस्याओं के कारण परेशानी और बढ़ जाती थी। यूपीआई आधारित डिजिटल पेमेंट से पेरेंट्स घर बैठे ही फीस जमा कर सकते हैं, रिकॉर्ड हमेशा के लिए सुरक्षित रहता है और कैशलैस भुगतान संभव हो जाता है। 

यूपीआई से कैसे होगा बदलाव 

  1. डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: यूपीआई सिस्टम से डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। 
  2. स्कूल प्रशासन में सुधार: फीस कलेक्शन और रिकॉर्डिंग पूरी तरह डिजिटल हो जायेगा। 
  3. पेरेंट्स की डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी: धीरे-धीरे बच्चे और पेरेंट्स दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में दक्ष होंगे। 
  4. भविष्य की तैयारी: 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। 

सरकार का यह कदम बच्चों और पेरेंट्स दोनों के लिए सुविधाजनक और पारदर्शी फीस भुगतान सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही स्कूल प्रशासन भी टेक्नोलॉजी के माध्यम से बेहतर और सुचारू रूप से काम कर पायेगा।

Published / 2025-10-09 17:50:27
हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को साहित्य का नोबेल पुरस्कार

साहित्य के नोबल पुरस्कार का एलान, हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को मिला सम्मान 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। साहित्य में 2025 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो चुकी है। हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किए जायेंगे। स्वीडन की स्वीडिश एकेडमी ने गुरुवार (09 अक्तूबर) को इसका एलान किया है। साहित्य के नोबेल की घोषणा करते हुए स्वीडिश एकेडमी ने कहा कि उनका लेखन आतंक के बीच भी कला की ताकत दर्शाता है। 

हंगरी लेखक लास्जलो को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (10.3 करोड़ रुपये), सोने का मेडल और सर्टिफिकेट से नवाजा जायेगा। उनको इस पुरस्कार से 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में सम्मानित किया जायेगा। बता दें कि इससे पहले लास्जलो को साल 2015 में मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज और 2019 में नेशनल बुक अवॉर्ड फॉर ट्रांसलेटेड लिटरेचर भी मिल चुका है। 

स्वीडिश अकादमी की नोबेल समिति की ओर से 1901 से 2024 के बीच कुल 121 विजेताओं को 117 बार साहित्य पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। पिछले साल का नोबेल पुरस्कार दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग ने अपने काम के लिए जीता था, जिसके बारे में समिति ने कहा था कि यह ऐतिहासिक आघातों का सामना करता है और मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करता है। 

मालूम हो कि यह साहित्य पुरस्कार इस सप्ताह घोषित होने वाला चौथा पुरस्कार है, इससे पहले 2025 में चिकित्सा, भौतिकी और रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार दिये जा चुके हैं।

Published / 2025-10-08 07:08:23
डीएवी पुंदाग के खिलाड़ियों का नेशनल लेवल स्पोर्ट्स में शानदार प्रदर्शन

एबीएन कैरियर डेस्क। डी ए वी सीएमसी के तत्वाधान में आयोजित डीएवी.नेशनल स्पोर्ट्स के अंतर्गत नेशनल लेवल पर विभिन्न खेलों में स्वर्ण  पदक प्राप्त करके विद्यालय का मान बढ़ाने वाले पलक कुमारी (बॉक्सिंग), आकांक्षा कुमारी (ताइक्वांडो), प्रियांशु कुमार (जूडो), मनीषा कुमारी, तनु कुमारी, निधि कुमारी, अनन्या कुमारी ,दीक्षा कुमारी, शिल्पा कुमारी एवं आराध्या राज  (क्रिकेट)  को डीएवी सी एम सी, नई दिल्ली द्वारा प्रति खिलाड़ी 5100 रुपए की नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी खिलाड़ियों तथा खेल शिक्षक आशीष जायसवाल  को बधाई तथा शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि इन सभी खिलाड़ियों पर विद्यालय परिवार को बहुत गर्व है क्योंकि इन सबने क्लस्टर,जोनल तथा नेशनल स्तर पर विद्यालय का मान बढ़ाया है। 

ये खिलाड़ी आगे चल कर अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नाम कमा सकते हैं।उन्होंने सभी खिलाड़ियों को जोश तथा जज्बे के साथ अभ्यास करते रहने की सलाह दी।

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