करियर

View All
Published / 2021-09-05 12:19:10
Teachers day: इन एग्जाम को क्वालिफाई करके बन सकते हैं टीचर

एबीएन डेस्क। शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसरों ने ना केवल स्टूडेंट्स के लिए ज्ञान के दरवाजे खोले हैं, बल्कि टीचरों (Teachers) को भी कई तरह के अवसर मुहैया कराए हैं। टीचिंग बेहद गरिमामय प्रोफेशन है और टीचरों का स्‍थान हमेशा ही ऊंचा रहा है। एजुकेशनल सब्जेक्ट के अलावा योग, फिटनेस, स्पोर्ट्स जैसे फील्ड में प्रोफेशनल टीचर्स की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है। टीचरों को अब अच्छी सैलरी भी मिलने लगी है। अगर आप भी इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो यहां बताई जानकारी आपके काम आएगी। टीचिंग लाइन से संबंधित कोर्स टीचर बनने के इच्‍छुक उम्‍मीदवारों के लिए इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्‍तर पर कई कोर्स मौजूद हैं, जिनमें प्रमुख हैं: 1. बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) : टीचिंग क्षेत्र में आने के लिए युवाओं के बीच यह कोर्स काफी लोकप्रिय है। पहले यह कोर्स एक साल का था, जिसे 2015 से बढ़ाकर दो साल का कर दिया गया है। इस कोर्स को करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होता है। एग्जाम देने के लिए ग्रेजुएट होना जरूरी है। कई प्राइवेट कॉलेज एंट्रेंस टेस्ट के बिना भी सीधे एडमिशन तो देते हैं, मगर उन कॉलेजों से बीएड करना ज्यादा लाभदायक है जो एंट्रेंस प्रोसेस के तहत दाखिला देते हैं। हर साल बीएड कोर्स के लिए एंट्रेंस टेस्ट कंडक्‍ट किया जाता है। राज्यस्तरीय परीक्षाओं के अलावा इग्नू, काशी विद्यापीठ, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीएड पाठ्यक्रमों को काफी बेहतर माना जाता है। इस कोर्स को करने के बाद उम्मीदवार प्राइमरी, अपर प्राइमरी और हाई स्कूल में पढ़ाने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। 2. बीटीसी (बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट): यह कोर्स केवल उत्तर प्रदेश के उम्‍मीदवारों के लिए है और इसमें केवल राज्‍य के ही स्‍टूडेंट हिस्‍सा ले सकते हैं। यह भी दो साल का कोर्स है। इस कोर्स को करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होता है। इस परीक्षा के लिए जिले स्तर पर काउंसलिंग कराई जाती है। परीक्षा देने के लिए उम्मीदवारों का ग्रेजुएट होना जरूरी है। साथ ही इसके लिए आयु सीमा 18-30 साल तय की गई है। इस कोर्स को करने के बाद उम्‍मीदवार प्राइमरी और अपर प्राइमरी लेवल के टीचर बनने के योग्‍य हो जाते हैं। 3. एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग): यह कोर्स महानगरों में ज्यादा प्रचलित है। यह दो साल का होता है। इस कोर्स में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर या कई जगह प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जाता है। प्रवेश परीक्षा में करंट अफेयर्स, जनरल स्टडी, हिन्दी, रीजनिंग, टीचिंग एप्टीट्यूड और अंग्रेजी से सवाल पूछे जाते हैं। इस कोर्स को करने के बाद उम्‍मीदवार प्राइमरी टीचर बनने के लिए एलिजिबिल हो जाते हैं। 4. बीपीएड (बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन): फिजिकल एजुकेशन में रोजगार के काफी नए अवसर शिक्षकों को मिल रहे हैं। निजी और सरकारी स्कूल बड़े पैमाने पर फिजिकल टीचरों की बहाली कर रहे हैं। इस पाठ्यक्रम में शिक्षक बनने के लिए दो तरह के कोर्स कराए जाते हैं। जिन उम्मीदवारों ने ग्रेजुएट लेवल पर फिजिकल एजुकेशन एक सब्‍जेक्‍ट के रूप में पढ़ा है वे एक साल वाला बीपीएड कोर्स कर सकते हैं। वहीं, जिन्होंने 12वीं में फिजिकल एजुकेशन पढ़ी हो वे तीन साल वाला स्नातक कोर्स कर सकते हैं। इसके एंट्रेंस टेस्ट में फिजिकल फिटनेस टेस्ट के साथ-साथ लिखित परीक्षा भी देनी होती है। एंट्रेंस टेस्‍ट में पास होने के बाद इंटरव्‍यू भी क्‍वालिफाई करना जरूरी है। 5. जेबीटी (जूनियर टीचर ट्रेनिंग): जूनियर टीचर ट्रेनिंग कोर्स के लिए न्यूतम योग्यता 12वीं है और इस कोर्स में दाखिला कहीं मेरिट के आधार पर तो कहीं प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। इस कोर्स को करने के बाद उम्‍मीदवार प्राइमरी टीचर बनने के लिए एलिजिबिल हो जाते हैं। 6. डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) : डिप्लोमा इन एजुकेशन का यह दो वर्षीय कोर्स बिहार और मध्य प्रदेश में प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए कराया जाता है। इस कोर्स में 12वीं के अंकों के आधार पर एडमिशन होता है। इन संस्थानों में उपलब्ध हैं ये कोर्सेज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, (इग्नू) नई दिल्ली इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, नई दिल्ली बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू), वाराणसी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू), अलीगढ़ एमिटी यूनिवर्सिटी इन एग्‍जाम को क्‍वालिफाई करना जरूरी टीजीटी और पीजीटी यह टेस्ट स्टेट लेवल पर कराया जाता है। मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में यह एग्जाम फेमस है। टीजीटी के लिए ग्रेजुएट और बीएड होना जरूरी है और पीजीटी के लिए पोस्ट ग्रेजुएट और बीएड डिग्री होना जरूरी है। टीजीटी पास टीचर 6 से लेकर 10 तक के बच्चों को पढ़ाते हैं। पीजीटी पास करने के बाद टीचर सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं। टीईटी देश के कई राज्यों में इस एग्जाम को बीएड और डीएड करने वाले स्टूडेंट्स के लिए कराया जाता है। इस एग्जाम में वे स्टूडेंट भी हिस्सा ले सकते हैं, जिनके बीएड का रिजल्ट नहीं आया है। एग्जाम पास करने के बाद राज्य सरकार कुछ निश्चित सालों के लिए एक सर्टिफिकेट देती है। ये समय 5-7 साल का होता है। इस दौरान उम्‍मीदवार टीचर भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है। सीटीईटी केंद्रीय विद्यालय, दिल्ली के स्कूल, तिब्बती स्कूल और नवोदय विद्यालयों में टीचर बनने के लिए इस एग्जाम को पास करना होता है। ये एग्जाम सीबीएसई की ओर से आयोजित की जाती है, जिसमें ग्रेजुएट पास और बीएड डिग्री वाले स्टूडेंट ही हिस्सा ले सकते हैं। इस एग्जाम को पास करने के लिए उन्हें 60 % मार्क्स लाना जरूरी है। एग्जाम पास करने वाले उम्मीदवारों को 7 साल तक मान्य रहने वाला सर्टिफिकेट दिया जाता है। यूजीसी नेट कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी करने के लिए नेट का एग्जाम निकालना जरूरी है। नेट का पेपर एक साल में 2 बार दिसंबर और जून में होता है। नेट एग्‍जाम में तीन पेपर होते हैं। उम्मीदवार इंग्लिश और हिंदी किसी भी मीडियम से परीक्षा दे सकते हैं।

Published / 2021-09-03 07:46:19
दो बार बनी नियमावली, फिर हो रहा संशोधन, उम्मीदवार पूछ रहे कब होगा जेटेट

रांची। नियुक्ति वर्ष में पांच लाख युवाओं को रोजगार देने के वायदे से केवल पंचायत सचिव परीक्षा सहित अन्य उम्मीदवार ही नहीं ठगे गये हैं, बल्कि इस लिस्ट में राज्य के वैसे उम्मीदवार भी शामिल हैं जो झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षक बनने की पात्रता ले सकें इसके लिए ये उम्मीदवार पिछले पांच साल से इंतजार कर रहे हैं। इन उम्मीदवारों को भी सरकार से एक ही जवाब मिल रहा है कि नियमावली में संशोधन के बाद परीक्षा होगी। यानी अब तक जेटेट भी नियमावली की पेंच में फंसा हुआ है। राज्य में आरटीइ के लागू होने के बाद दो बार परीक्षा ली गयी है। पहली परीक्षा साल 2013 में हुई। वहीं दूसरी परीक्षा 2016 में हुई। दोनों ही परीक्षा दो अलग-अलग नियमावली से ली गयी। अब तक राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए दो बार नियमावली बन चुकी है। पहली नियमावली वर्ष 2012 में बनी। इसके बाद 2016 में दूसरी नियमावली बनी। तीसरी शिक्षक पात्रता परीक्षा लेने को लेकर साल 2019 में तीसरी बार नियमावली बनी। यह नियमावली बनते ही विवादों में आयी। फिर इसमें संशोधन शुरू हुआ, जो अब तक चल ही रहा है। नियमावली बनते और संशोधन होते एक साल से अधिक होने को हैं। राज्य में वर्ष 2019 में शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली बनायी गयी थी। नियमावली तैयार होने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने परीक्षा लेने संबंधित प्रस्ताव झारखंड एकेडमिक काउंसिल को भेजा था। काउंसिल ने नियमावली के कुछ बिंदुओं पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से दिशा-निर्देश मांगा था, जिसके बाद विभाग की ओर से इसमें संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गयी। यह संशोधन विषय के अंकों में एकरूपता नहीं होने की वजह से किया जा रहा है। वर्ष 2019 में बनायी गयी नियमावली में विभिन्न विषयों के अंकों में एकरूपता नहीं थी। कक्षा छह से आठ में सामान्य शिक्षक के लिए भाषा की 50 अंक की परीक्षा में 25 अंक की परीक्षा अंग्रेजी विषय से और 25 अंक की परीक्षा हिंदी/संस्कृत का लेने का प्रावधान है। जबकि उर्दू शिक्षक के लिए 30 अंक की अंग्रेजी व 20 अंक की उर्दू की परीक्षा लेने का प्रावधान है। अब उर्दू शिक्षक के लिए भी 25 अंक की उर्दू व 25 अंक की अंग्रेजी की परीक्षा ली जायेगी। इसी प्रकार कक्षा छह से आठ में विज्ञान शिक्षक नियुक्ति में भी विषयों के अंक निर्धारण में बदलाव किया जायेगा। विज्ञान शिक्षक के लिए ली जानेवाली परीक्षा में गणित के लिए 70 अंक निर्धारित किये गये हैं। वहीं भौतिकी, रसायन, वनस्पति शास्त्र व जीव विज्ञान के लिए 40-40 अंक निर्धारित किये गये हैं। अब इनमें भी बदलाव किया जायेगा एवं सभी विषयों के अंक में एकरूपता लायी जायेगी। शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से संशोधन का प्रारूप तैयार कर भेज दिया गया है। अभी उम्मीदवारों को इंतजार करना होगा। वहीं प्राथमिक शिक्षा निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार संसोधित नियमावली को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।

Published / 2021-09-01 15:53:14
एनआइटी : आदित्यपुर के 57 छात्रों को मिला 30 लाख से अधिक का पैकेज, विदेशी कंपनी ने गुंजन कुमार को दिया 35 लाख का आफर

सरायकेला। आदित्यपुर स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी के फाइनल ईयर के छात्रों ने इस साल फिर प्लेसमेंट के मामले में बाजी मारी है। संस्थान के फाइनल ईयर के अधिकांश छात्रों का प्लेसमेंट हो चुका है। जिनमें से 57 से भी अधिक छात्रों को 30 लाख से भी अधिक पैकेज की नौकरी प्राप्त हुई है। फाइनल ईयर के छात्रों ने इस साल भी ऐतिहासिक प्लेसमेंट प्राप्त कर कॉलेज का नाम रोशन किया है। फाइनल ईयर के छात्रों ने प्लेसमेंट के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्थान के निदेशक प्रोफेसर करुणेश शुक्ला ने बताया कि 31 अगस्त तक संस्थान में 70% प्लेसमेंट हो चुका है। जो अक्टूबर महीने तक 95% तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल कंप्यूटर साइंस के छात्र गुंजन कुमार को इस साल का सर्वाधिक पैकेजे प्राप्त हुआ है इसके तहत विदेशी कंपनी इन ट्यूट ने कंप्यूटर फाइनल ईयर के छात्र गुंजन कुमार को सलाना 35 लाख का पैकेज आॅफर किया है। साथ ही अब तक 230 छात्रों का सफलतापूर्वक देश-विदेश की नामी-गिरामी कंपनियों में चयन हो चुका है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। संस्थान के फाइनल ईयर के छात्रों का देश के नामी-गिरामी संस्थान में हायर स्टडी के लिए भी चयन हुआ है। जहां छात्रों ने आईआईएम अहमदाबाद, एक्सएलआरआई, आईआईटी में एमटेक, एमबीए, पीएचडी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कोर्स में अपना नामांकन सफलतापूर्वक करा लिया है। संस्थान के निदेशक करुणेश शुक्ला ने बताया कि संस्थान में बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ-साथ कोरोना गाइडलाइन अपनाते हुए लगातार आॅनलाइन क्लास चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही एमटेक और पीएचडी के छात्रों की आफलाइन पढ़ाई संस्थान में शुरू हो जाएगी।

Published / 2021-09-01 13:32:26
इसी सत्र से पत्रकारिता विभाग, रांची विश्वविद्यालय में शुरू होगी बैचलर इन जर्नलिज्म की पढ़ाई

रांची। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रांची विश्वविद्यालय में अब त्रिवर्षीय बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई भी होगी। रांची विश्वविद्यालय के बोर्ड आॅफ स्टडीज की मीटिंग में इस कोर्स को स्वीकृति प्रदान की गयी। 01 सितंबर को पत्रकारिता विभाग में आयोजित बोर्ड आफ स्टडीज की मीटिंग में इस के कोर्स के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी और प्रभारी कुलपति डॉ कामिनी कुमार से सहमति प्राप्ति के बाद इसी सत्र से बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढाई प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। अब तक विभाग में सिर्फ एमए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई हो रही थी। इस कोर्स के प्रारंभ होने पर अभी बारहवीं पास छात्र (साइंस, आर्र्ट्स, कॉमर्स किसी भी विषय के) पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय से ग्रेजुएशन कर सकते हैं। इस कोर्स में नामांकन के लिये अगले सप्ताह विभाग से नामांकन फार्म प्राप्त होने लगेगा। इस कोर्स को मूर्त रूप देने के लिये हुए बैठक में रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं पत्रकारिता विभाग के निदेशक डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, डीन ह्युमेनिटी डॉ बोनानी चटर्जी, पत्रकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ विष्णु चरण महतो, समन्वयक डॉ डीके सहाय, रांची विश्वविद्यालय के ओएसडी डॉ नीरज, विभागीय प्राध्यापक संकर्षण परिपूर्णन, संतोष उरांव, अमिटी स्कूल आॅफ कम्युनिकेशन के प्रोग्राम लीडर सुधीर कुमार, शामिल हुये। वहीं आइआइएमसी दिल्ली के प्राध्यापक डॉ राजेश कुमार भी आॅनलाइन इस बैठक में शामिल हुये। ज्ञात हो कि 1987 में स्थापित पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग रांची विश्वविद्यालय संयुक्त बिहार के समय ही पूरे राज्?य का पहला पत्रकारिता विभाग रहा है। इसी वर्ष 27 जनवरी को रांची विश्वविद्यालय के मोराबादी कैंपस में पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने इसके नवनिर्मित भव्य भवन और कैंपस का उद्घाटन किया था। नये भवन में आधुनिक लायब्रेरी, आॅडियो - वीडियो स्टूडियो, कंप्यूटर लैब, आधुनिक सुविधाओं से लैस आॅडिटोरियम एवं सुविधा संपन्न क्लासरूम उपलब्ध हैं।

Published / 2021-08-28 05:56:11
सीबीएसइ की तर्ज पर होगी झारखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा, सभी प्रश्न होंगे वस्तुनिष्ठ

रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल वर्ष 2022 की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव कर सकता है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव पर एक-दो दिनों में अंतिम निर्णय लेने की संभावना है। कोविड 19 के कारण राज्य में भी मैट्रिक और इंटर की परीक्षा सीबीएसइ की तर्ज में दो चरणों में ली जा सकती है। पहले चरण की परीक्षा दिसंबर और दूसरे चरण की परीक्षा मार्च में लेने की तैयारी है। कोविड 19 के कारण अगर दोनों परीक्षाएं नहीं हो सकीं, तो एक परीक्षा के आधार पर रिजल्ट जारी किया जा सकता है। ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों परीक्षा के विकल्प पर विचार हो रहा है। अगर दोनों परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन हुई तो दोनों का महत्व एक समान होगा। वहीं अगर एक परीक्षा ऑनलाइन व दूसरी ऑफलाइन हुई, तो ऑफलाइन परीक्षा के अंक का महत्व अधिक होगा। राज्य में कोविड 19 के के कारण वर्ष 2021 की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा नहीं हुई। दोनों परीक्षा का रिजल्ट वर्ष 2020 के कक्षा नौ व 11वीं के प्राप्तांक के आधार पर तैयार किया गया। इस वर्ष कक्षा नौ व 11वीं की परीक्षा भी नहीं हुई है। ऐसे में अगर कोविड 19 के संक्रमण के कारण वर्ष 2022 की भी परीक्षा नहीं हुई तो मैट्रिक, इंटर का रिजल्ट जारी करने में परेशानी हो सकती है। कक्षा नौ से 12वीं तक के सिलेबस में भी कटौती का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सिलेबस में 25 फीसदी तक कटौती की जा सकती है। वर्ष 2022 की परीक्षा 75 फीसदी सिलेबस के आधार पर ही ली जायेगी। कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पठन-पाठन अगस्त में शुरू हुआ है। चार माह तक पठन-पाठन बाधित रहा। इस कारण सिलेबस कम करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दोनों परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। 80 अंक की परीक्षा ली जायेगी। 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होगा। दोनों चरणों की परीक्षा 40-40 अंक की होगी। परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जा सकती है। परीक्षा ओएमआर शीट पर नहीं होने की स्थिति भी सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होती है, उन विषयों में ही आंतरिक मूल्यांकन किया जायेगा।

Published / 2021-08-25 12:15:07
रांची के CIP में होगी 51 पदों पर बहाली, 21 तक करें Apply

रांची। नौकरी खोजनेवाले स्टूडेंट्स और अन्य लोगों के लिए खुशखबरी है। रांची के केंद्रीय मनश्‍चिकित्‍सा संस्थान (CIP) में 51 पदों पर बहाली होगी। ये पद क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नर्सिंग ऑफिसर, असिस्टेंट साइकोलॉजिस्ट, फार्मासिस्ट , निड्ल वुमन, टेलर और कुक के हैं। योग्य कैडेट्स इसके लिए 21 सितंबर तक अप्लाई कर सकते हैं। आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा में उम्मीदवार को एक घंटे में 50 ऑब्जेक्टिक क्वेश्चन हल करने होंगे। सीआईपी की ओर से गठित कमेटी उम्मीदवारों का फिटनेस भी देखेगी। फॉर्म पूर तरह ऑनलाइन भरा जाएगा। इसे www.recruitment.cipdigitalacademy.in/ पर जाकर भरा जा सकता है। सीआईपी में 51 पदों में से 45 पद नर्सिंग अफसर के हैं। इनमें अनारक्षित के लिए 20, SC के लिए 7, ST के लिए तीन, OBC के लिए 11, EWSके लिए चार, PWD के लिए एक पद है। उम्मीदवार की आयु अनारक्षित पद के लिए 30, एससी-एसटी के लिए 35, ओबीसी के लिए 33 व निशक्त के लिए अलग-अलग उम्र सीमा निर्धारित की गई है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के पद पर भी नियुक्ति की जाएगी। यह पद अनारक्षित होगा।इसके लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 30 वर्ष है। असिस्टेंट साइकोलॉजिस्ट के पद के लिए उम्र सीमा भी 30 वर्ष रखी गई है। फार्मासिस्ट के 1 पद की नियुक्ति के लिए उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच होना चाहिए। यह पद अनारक्षित है। निडिल वूमेन के एक पद पर भी एक नियुक्ति सीआईपी में की जाएगी। यह पद एससी के लिए आरक्षित है। इसमें उम्र सीमा 30 वर्ष है। एक पद पर टेलर की नियुक्ति भी की जाएगी। इसके लिए उम्र सीमा 18 से 25 वर्ष है।

Published / 2021-08-25 09:59:31
जेपीएससी : 12 या 19 सितंबर को हो सकती है सिविल सेवा परीक्षा

रांची। झारखण्ड हाइकोर्ट में 7वीं से 10 वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में एज कट ऑफ को लेकर दायर याचिका ख़ारिज होने के बाद परीक्षा आयोजन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गयी है। हालांकि झारखंड लोक सेवा आयोग ने परीक्षा आयोजन को लेकर 12 सितंबर की तारीख को संभावित माना है। इसके साथ ही सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर जिला प्रमुख के साथ बैठक की गयी। इस बैठक में आयोग की ओर से कहा गया है कि संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 12 सितंबर को ही ली जानी है। अगर किसी कारण से यह परीक्षा 12 सितंबर को नहीं ली गयी तो इसे 19 सितंबर को भी ली जा सकती है। ऐसे में सभी जिला प्रमुख को परीक्षा केंद्र में तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है। 7वीं से 10 वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा कुल 252 पदों में नियुक्ति के लिए होगी, जिसमें उपसमाहर्ता के 44, पुलिस उपाधीक्षक के 40, जिला समादेष्टा के 16, कारा अधीक्षक के 02, सहायक नगर आयुक्त के 65, झारखंड शिक्षा सेवा के 41, अवर निबंधक राजस्व के 10, सहायक निबंधक कृषि के 06, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा के 02, नियोजन पदाधिकारी के 09 और प्रोबेशन पदाधिकारी के 17 पद हैं। आयोग की ओर से 8 फरवरी को विज्ञापन जारी किया था, जिसके बाद 15 फरवरी से 15 मार्च तक पहली बार प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन भराये गये। जारी विज्ञापन के मुताबिक 2 मई 2021 को प्रारंभिक परीक्षा लेने की बात कही गयी। इससे पहले पीटी परीक्षा के लिए आवेदन करने की तारीख को बढ़ाया गया। उम्मीदवारों को इसके लिए 21 मार्च तक का अवसर दिया गया। इसके बाद 26 मार्च को नोटिस जारी करते हुए उम्मीदवारों को आवेदन में हुई गलतियों में सुधार का मौका दिया गया। इसके लिए 5 अप्रैल तक का समय दिया गया। आयोग की ओर से 19 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की वजह से प्रारंभिक परीक्षा स्थगित करने की सूचना जारी की गयी। इस संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए पांच साल से अधिक आवेदन आये हैं।

Published / 2021-08-25 07:51:38
झारखण्ड : नियुक्तियों के लिए अभी और करना होगा इंतजार, विभिन्न सेवा संवर्गों की नियमावली फिर बदलेगी

रांची। सरकारी नौकरी की बाट जोह रहे झारखंड के युवाओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि सरकार ने राज्य कर्मचारी चयन आयोग की नियमावली में बदलाव कर दिया है और अब इसी अनुरूप सभी विभागों को भी विभिन्न सेवा शर्त संवर्ग नियमावली में बदलाव करना होगा। राज्य सरकार ने राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए पांच तरह की नियुक्ति संचालन नियमावली बनायी है। इसके बाद अब कार्मिक सचिव वंदना दादेल ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और सभी विभागाध्यक्षों इस बाबत पत्र लिखा है और विभिन्न सेवा संवर्गो के नियुक्ति, सेवा शर्त नियमावली में संशोधन करने का अनुरोध किया है। दरअसल,राज्य सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के तहत ली जाने वाली परीक्षाओं के संचालन लिए नये सिरे से नियमावली का गठन किया है, जिसकी अधिसूचना 12 अगस्त को जारी की गयी है। ऐसे में कार्मिक सचिव ने कहा है कि कार्मिक विभाग द्वारा गठित नई परीक्षा संचालन नियमावलियों के अनुरूप विभाग अंतर्गत विभिन्न सेवा, संवर्ग के रिक्त पदों से संबंधित नियुक्ति, सेवा शर्त नियमावलियों में आवशयक संशोधन करना अपेक्षित है। कार्मिक विभाग द्वारा संशोधित परीक्षा संचालन नियमावली तथा इसके बाद संबंधित पदों की नियुक्ति, सेवा शर्त नियमावली के अनुसार झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को रिक्तियों की अधियाचना भेजी जानी है। ऐसे में सभी विभाग विभिन्न पदों से संबंधित नियुक्ति, सेवा शर्त नियमावली में अपेक्षित संशोधन के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। इसके बाद ही रिक्त पदों की अधियाचना कर्मचारी चयन आयोग को की जायेगी। रिक्तियां मिलने के बाद ही आयोग नये सिरे से विज्ञापन जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगा। इन नियुक्ति नियमावली के अनुसार होगा संशोधन : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (मैट्रिक स्तर) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021 झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (इंटरमीडिएट,10 प्लस 2 स्तर) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (इंटरमीडिएट्र, 10 प्लस 2 कंप्यूटर ज्ञान एवं कंप्यूटर एवं हिंदी टंकण अर्हता धारक पद हेतू) संचालन संशोधन नियमावली 2021, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (स्नातक स्तर) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021 झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (स्नातक स्तर तकनीकी, विशिष्ट योग्यता वाले पद) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021। कैबिनेट से दोबारा लेनी होगी मंजूरी : कार्मिक विभाग के इस ताजा निर्देश के बाद सभी विभागों को विभिन्न सेवा संवर्गों में नियुक्ति नियमावली बदलनी होगी। राज्य में तीन दर्जन से अधिक नियुक्ति नियमावलियां है. पुलिस सेवा, स्वास्थ्य सेवा, सहकारिता सेवा, पशुपालन सेवा, शिक्षा सेवा सहित अन्य सभी सेवाओं में अब नये सिरे बदलाव होगा। नयी नियमावली के तहत संशोधन होगा। योग्यता में बदलाव किया जायेगा। मैट्रिक-इंटर की पढ़ाई झारखंड में करना भी अनिवार्य होगा। स्नातक स्तरीय विभिन्न पदों के लिए भी नियमावली बदलेगी। सभी विभाग नये सिरे से नियमावली तैयार कर विभागीय मंत्री, सीएम और इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी लेंगे। इसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ हो पाएगा।

Page 104 of 108

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse