टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में चल रहे सत्याग्रह धरना का सातवां दिन रहा।
धरना के उपरांत अभ्यर्थियों ने सरकार एवं आयोग के विरुद्ध शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से प्रारंभ होकर अल्बर्ट एक्का चौक रांची तक पहुँचा, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए।
इस दौरान अभ्यर्थियों ने आयोग में व्यापक सुधार तथा परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की। आंदोलन का समर्थन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आयोग में संपूर्ण रिफॉर्म व पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व, कोचिंग संचालक का चोला ओढ़कर आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के अभ्यर्थी अब पूरी स्थिति से अवगत हैं और अपने अधिकार एवं न्यायपूर्ण नियुक्ति के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक प्रचार से बचने तथा आंदोलन की एकता बनाए रखने की अपील की। उल्लेखनीय है कि यह आंदोलन अभ्यर्थी राम अवतार महतो द्वारा प्रशासन को पूर्व में दी गई सूचनार्थ के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले संचालित जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के अंतर्गत अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन का छठा दिन गुरुवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में जारी रहा। दिनभर आंदोलन स्थल पर राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही तथा आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिलता रहा।
इस अवसर पर जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के अध्यक्ष दीनबंधु मंडल ने कहा कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा, जेएसएससी सीजीएल तथा टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आये हैं। उन्होंने इन सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मंच के महासचिव रामअवतार महतो ने कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द नहीं की जाती, अनियमितताओं के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती तथा जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के न्याय, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया की मांग का आंदोलन है और इसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जायेगा।
उन्होंने आगे घोषणा की कि 6 अगस्त 2026 को झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा घेराव किया जायेगा, जिसमें पूरे झारखंड से हजारों छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। उन्होंने राज्य के सभी अभ्यर्थियों एवं युवाओं से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इस आंदोलन में शामिल होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर/ रांची। झारखंड में अत्याधुनिक चालक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के सहयोग से स्थापित हो रहे आईडीटीआर को लेकर झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में मंगलवार को राज्य सरकार के परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।
परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच यह अत्यधिक चालक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान पीपीपी मॉडल पर संचालित होगा, जो जमशेदपुर के मनपीठा मौजा में 11.88 एकड़ भूमि पर स्थापित होगी। इस संस्थान के लिए राज्य सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध कराया जायेगा।
इस संस्थान के बिल्डिंग निर्माण पर कुल लागत 22.30 करोड़ की होगी, जिसमें परिवहन विभाग झारखंड सरकार द्वारा 3.21 करोड़, केंद्र सरकार द्वारा 17 करोड़ और टाटा मोटर्स के द्वारा 1.82 करोड़ का सहयोग दिया जा रहा है।
संस्थान के निर्माण का कार्य झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉपोर्रेशन लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है। इस संस्थान में 30 घंटे की कुल प्रशिक्षण अवधि होगी, जिसमें 15 घंटे प्रशिक्षणार्थियों की थ्योरी क्लास होगी और 15 घंटे का प्रैक्टिकल क्लास होगा।
इस संस्थान में 50 पुरुषों के लिए एवं 25 महिलाओं के लिए छात्रावास तथा मेस की सुविधा होगी। वाहन चालकों के प्रशिक्षण के लिए एलएमवी एवं एचएमवी ड्राइविंग सिम्युलेटर, प्राथमिक उपचार एवं दुर्घटना उपरांत प्रशिक्षण एवं रोजगारोन्मुख उद्योग आधारित चालक प्रशिक्षण दिया जायेगा।
झारखंड मंत्रालय में आयोजित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह के अलावा टाटा मोटर्स और राज्य सरकार के परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
एबीएन कैरियर डेस्क। आज दिन 27 जुलाई से नया सत्र की शुरूआत सभी स्नातकोत्तर और स्नातक के विद्यार्थियों का परिचय संस्थान के प्रभारी डॉ विजय कुमार झा और विभिन्न विभागों के शिक्षक सहायक कुलसचिव के द्वारा किया गया इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और निदेशक से सीधा संवाद कर आने वाले शैक्षणिक सत्र में सहयोग और अनुशासन के प्रति सजगता पर बाते कर एक दूसरे की समन्वय स्थापित करने का प्रथम प्रयास किया गया।
आज लालपुर का पूरा प्रांगण नव उत्साह और स्नातक की पढ़ाई करने के प्रति उत्सुकता से भरे थे परिचय के बाद छात्र छात्राओं के साथ जलपान कर उनके कॉलेज और उसके अनुशासन के प्रति डर को कम करने का सफल प्रयास किया गया।
आज के इस परिचय कार्यक्रम में सहायक कुलसचिव नरेन्द्र कुमार, स्नातकोत्तर विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ अमृता प्रियम, डॉ सोमनाथ मुखर्जी, स्नातक विभाग के डॉ मिलि दत्ता, डॉ पार्थो सारथी विष्णु, डॉ अनीश हैदर, डॉ संजय कुमार, डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव, डॉ मयंक, अनुपमा सहाय, डॉ चिन्तापल्ली, डॉ प्रदीप मुंडा, डॉ संदीप शाहदेव, डॉ प्रशांत कुमार सिंह , डॉ सोमित्रो श्री अजय कुमार, राणा मिश्रा, डॉ उमेश प्रशाद डॉ सिबा मित्रा, डॉ श्रावणी, सहित शिक्षकों और पुराने छात्र छात्राओं ने नए छात्र छात्राओं का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
टीम एबीएन, रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची के छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने आज कुलपति प्रो. राजीव मनोहर से मुलाकात कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार से संबंधित संयुक्त मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से लंबित छात्रहित के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
बैठक में विश्वविद्यालय में चल रहे पेन डाउन आंदोलन का शीघ्र समाधान कर नियमित पठन-पाठन एवं परीक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने, एनईटी, पीएचडी और जेआरएफ से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध निष्पादन, जिन विभागों में सीटों की कटौती की गयी है।
वहां आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापन, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने, विश्वविद्यालय के नियमों के विरुद्ध अन्य संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने, आॅनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाने तथा सूचना का अधिकार के अंतर्गत मांगी गई सूचनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गयी। वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन एवं छात्र संगठनों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने, छात्रहित एवं विश्वविद्यालय हित से जुड़े विषयों पर नियमित सामंजस्य बैठक आयोजित करने तथा विभिन्न समस्याओं का आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर सहमति बनी। बैठक में यह भी सहमति बनी कि विश्वविद्यालय द्वारा छात्र नेताओं पर दर्ज मामलों के संबंध में नियमानुसार उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी।
इस महत्वपूर्ण वार्ता में आजसू छात्र संघ के प्रदेश प्रभारी हरीश सिंह के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज सहदेव, विश्वविद्यालय प्रभारी रवि, जेसीएम के छात्र नेता कमलेश महतो, अरविंद बैठा, सचित रंजन, छात्र राजद के बबलू मंडल, एआईएसए के छात्र नेता शालीन गोप सहित विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलपति प्रो. राजीव मनोहर, कुलसचिव धनंजय द्विवेदी, प्रोक्टर अजय चौधरी, डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी छात्र संगठनों ने संयुक्त समिति बनाकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा तथा विश्वविद्यालय हित एवं छात्रहित से जुड़े सभी विषयों पर भविष्य में भी समन्वय एवं संवाद की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची के आजसू छात्र संघ, एआईएसए, छोटानागपुर छात्र संघ, हिंदू छात्र संघ, छात्र राजद एवं जेसीएम ओम वर्मा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सामने आ रहे विवाद, अनियमितताओं तथा हाल के दिनों में जेपीएससी परीक्षा से जुड़े कथित मेधा घोटाले की सीआईडी जांच एवं गिरफ्तारियों ने राज्य के युवाओं, अभिभावकों और आम जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुँचाया है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य गठन के बाद जिन संस्थाओं से निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की अपेक्षा थी, वे समय-समय पर विवादों के घेरे में आती रही हैं।
झारखंड राज्य का निर्माण लंबे जनसंघर्ष और बलिदान के बाद इस आशा के साथ हुआ था कि यहाँ के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी ही धरती पर निष्पक्ष अवसर प्राप्त होंगे। किंतु पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक, कथित सेटिंग, अनियमितताओं, परीक्षा एजेंसियों की भूमिका तथा भ्रष्टाचार के आरोपों ने इस विश्वास को कमजोर किया है।
इससे राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावित हुई है। हालिया घटनाक्रम ने यह प्रश्न भी खड़ा किया है कि जिन निजी एजेंसियों को परीक्षा संचालन का दायित्व सौंपा गया, उनका चयन किन मानकों के आधार पर किया गया? क्या उनकी पूर्व पृष्ठभूमि, कार्यशैली, वित्तीय एवं तकनीकी क्षमता तथा विश्वसनीयता का समुचित सत्यापन किया गया था?
यदि किसी एजेंसी के विरुद्ध पहले से प्रतिकूल तथ्य उपलब्ध थे, तो उसे जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि जेपीएससी, जेएसएससी तथा अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं में समय-समय पर लगे गंभीर आरोपों की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
जिन मामलों में जांच चल रही है, उनसे जुड़े व्यक्तियों को जांच पूरी होने तक संवेदनशील एवं उच्च प्रशासनिक दायित्वों से दूर रखा जाए। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसियों के चयन, अनुबंध और उनकी भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए पूर्ण पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
यदि किसी प्रस्तावित परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर और विश्वसनीय संदेह हो, तो सरकार पहले जांच पूरी कराए और उसके बाद ही परीक्षा आयोजित करने पर विचार करे, ताकि अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो सके।
झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अनियमितता या पक्षपात की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। राज्य सरकार का दायित्व है कि वह दोषियों को कानून के दायरे में लाए, निर्दोषों को न्याय दिलाए और ऐसी व्यवस्था स्थापित करे जिसमें योग्यता ही चयन का एकमात्र आधार बने।
झारखंड के युवाओं का विश्वास लौटाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था ही विकसित झारखंड की मजबूत नींव है। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने दी।
टीम एबीएन, रांची। एस.आर. डीएवी. पब्लिक स्कूल, पुंदाग में डीएवी स्पोर्ट्स क्लस्टर लेवल मीट–2026 का भव्य शुभारंभ उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल, बरियातू, गोविंदपुर, खूंटी, बचरा, चतरा, टंडवा तथा एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, दृढ़ संकल्प एवं खेल भावना का विकास करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवेन्द्र कुमार सिंह, जिला खेल पदाधिकारी, झारखंड थे।
विशिष्ट अतिथियों में शिवेन्द्र नाथ दुबे, कोषाध्यक्ष, झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन एवं संस्थापक महासचिव, झारखंड वुशु एसोसिएशन; एम. के. सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी, डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखंड ज़ोन-बी; बिपिन राय, सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी, डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखंड ज़ोन-जी सह प्राचार्य, डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल एवं प्रबंधक, एस.आर. डीएवी. पब्लिक स्कूल, पुंदाग; तथा प्रदीप कुमार झा, प्राचार्य, डीएवी पब्लिक स्कूल, गांधीनगर, आलोक कुमार दुबे, पासवा के अध्यक्ष तथा लाल किशोर नाथ शाहदेव, पासवा के उपाध्यक्ष ने उपस्थित रहकर उद्घाटन समारोह में चार चांद लगाए। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गये।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने सभी अतिथियों एवं विभिन्न विद्यालयों से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा टीम प्रबंधकों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भी सशक्त माध्यम है।
डीएवी. झारखंड, जोन - ब के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी एम के सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल बच्चों के चहुंमुखी विकास के माध्यम हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि पिछले ओलंपिक खेलों में डीएवी के चार खिलाड़ी पदक विजेता रहे थे,जिनमें नीरज चोपड़ा,मनु भाकर के नाम प्रमुख हैं।
साथ ही हॉकी की विजेता टीम में भी डीएवी. के कई खिलाड़ी शामिल थे। श्री विपिन राय, एआरओ, जोन - जी, प्राचार्य, डीएवी. हेहल, मैनेजर, एसआर डीएवी पुंदाग ने भी सभा को संबोधित करते हुए खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि खेलों से विद्यार्थियों का शारीरिक तथा मानसिक विकास तो होता है।
खिलाड़ियों ने खेल भावना एवं निष्पक्ष प्रतियोगिता की शपथ ली। डीएवी .स्पोर्ट्स ध्वज फहराए जाने के उपरांत मुख्य अतिथि श्री शिवेन्द्र कुमार सिंह ने प्रतियोगिता के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की तथा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं।
क्लस्टर लेवल मीट के अंतर्गत जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, वुशु, मुक्केबाज़ी, कुश्ती, भारोत्तोलन एवं हैंडबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागी खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे तथा जोनल स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्राप्त करेंगे।
तत्पश्चात उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के खेलों के लिए किया जाएगा। समारोह में विद्यालय परिवार, विभिन्न डीएवी.विद्यालयों के शिक्षक, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने आयोजन को सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। हुसैनाबाद स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय-2 में आयोजित अभिभावक गोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल उठाए। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई गई मारपीट और पेयजल संकट का मुद्दा उठा अभिभावकों ने कुछ दिन पहले 8वीं कक्षा के छात्र के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र किया, जिसकी खबर मीडिया में भी आई थी।
इसके साथ ही विद्यालय में पेयजल संकट और अन्य अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया। अभिभावकों का आरोप था कि इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रबंधन के जवाब से असंतुष्ट अभिभावक बैठक में अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिला। अधिकांश प्रश्नों पर गोलमोल जवाब दिए गए। अभिभावकों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में स्थिति और खराब हो सकती है।
अभिभावकों ने मांग की कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित शैक्षणिक गतिविधियां, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालय की पहचान सिर्फ परीक्षा परिणामों से नहीं, बल्कि सुरक्षित परिसर और अनुशासित माहौल से होती है।
टीसी लेकर छात्रों के जाने पर जताई चिंता कुछ अभिभावकों ने 10वीं के बाद बड़ी संख्या में छात्रों के टीसी लेकर जाने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि इसके कारणों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए ताकि छात्रों का विद्यालय पर विश्वास बना रहे।
बैठक के अंत में अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन समिति, नवोदय विद्यालय समिति और विभागीय अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा, पेयजल, छात्रावास और अन्य सुविधाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की अपील की। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि छात्रों के हित में विद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
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