एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। मेटास एडवेंटिस्ट कॉलेज के बी.एससी. नर्सिंग चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने अपनी इंटर्नशिप के दौरान एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया तथा स्तनपान के महत्व पर आधारित एक जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के माध्यम से इस वर्ष की थीम के अनुरूप शिशुओं के लिए मातृ दुग्ध के महत्व पर प्रकाश डाला गया। नाटक का समापन "माँ का दूध: हर बच्चे का अधिकार" के प्रभावशाली संदेश के साथ किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं मिस स्नेहा पति एवं मिस रेचल मसीह विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहीं। उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम की अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं उपस्थित लोगों ने सराहना की।
टीम एबीएन, रांची। रांची में जेपीएससी गड़बड़ी को लेकर 12 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन पर बात की। उन्होंने मंच पर मौजूद छात्रों से बात की और हर संभव मदद करने की बात कही है। उन्होंने छात्रों से कहा, आपकी लड़ाई मेरी लड़ाई है। छात्रों की हक के लिए मैं खड़ा हूं।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने प्रस्तावित वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर दी है। मंच की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बैठक में सभी मांगों, तथ्यों और मुद्दों को केवल छात्र प्रतिनिधि ही प्रस्तुत करेंगे, जबकि पत्रकार एवं कानूनविद अभिभावक और मार्गदर्शक की भूमिका में उपस्थित रहेंगे।
मंच द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पत्रकार और कानूनविद केवल छात्रों के अभिभावक एवं मार्गदर्शक के रूप में प्रतिनिधिमंडल के साथ उपस्थित रहेंगे। बैठक के दौरान किसी भी विषय, तथ्य या मांग को प्रस्तुत करने का अधिकार केवल छात्र प्रतिनिधियों के पास होगा।
इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि पत्रकार एवं कानूनविद किसी भी प्रकार की बातचीत, बयान या तथ्य प्रस्तुत नहीं करेंगे। मीडिया से जुड़े अभिभावकों को बैठक स्थल के भीतर प्रवेश करते समय माइक, कैमरा, रिकॉर्डिंग डिवाइस अथवा किसी भी प्रकार का साउंड सिस्टम साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
एबीएन नॉलेज डेस्क। प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल वर्ष 2026 में भारत की सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड बनकर उभरी है, जबकि टाटा समूह और अमेजन क्रमश: दूसरे एवं तीसरे स्थान पर हैं। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2026 रिपोर्ट में दिया गया यह निष्कर्ष 34 बाजारों के 1.75 लाख से अधिक प्रतिभागियों और भारत में करीब 3,500 उत्तरदाताओं से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।
सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि भारत में 46 प्रतिशत कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, जबकि 32 प्रतिशत कर्मचारियों ने पिछले छह महीनों में नौकरी बदली है। आरईबीआर 2026 की सबसे पसंदीदा नियोक्ता कंपनियों की सूची में सैमसंग इंडिया चौथे स्थान पर, इंफोसिस पांचवें, रिलायंस इंडस्ट्रीज छठे, आईटीसी समूह सातवें, हिंदुस्तान यूनिलीवर आठवें, महिंद्रा एंड महिंद्रा नौवें और डेल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड दसवें स्थान पर हैं।
सर्वेक्षण के मुताबिक, काम एवं निजी जिंदगी के बीच संतुलन, समान अवसर, करियर में प्रगति, वेतन एवं लाभ और अच्छी प्रतिष्ठा भारतीय कर्मचारियों के लिए प्रमुख कारक हैं, जो नियोक्ता के चयन को प्रभावित करते हैं। रैंडस्टैड इंडिया के प्रबंध निदेशक नारायण अय्यर ने कहा, करीब आधे कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं।
ऐसे में कंपनियों के लिए केवल सतही लाभ से आगे बढ़कर व्यापक रणनीति को अपनाना जरूरी है। कर्मचारियों की अपेक्षाएं संगठनों की संरचनात्मक क्षमता से कहीं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के वैश्विक निवेश आकर्षित करने और अपनी आर्थिक उपस्थिति बढ़ाने के साथ वही संगठन प्रतिभा को आकर्षित करने और उसे बरकरार रखने में आगे रहेंगे, जो अपनी प्रतिभा रणनीतियों पर सक्रिय रूप से पुनर्विचार करेंगे। अय्यर ने कहा, भविष्य उन नियोक्ताओं का ही है जो कर्मचारियों की वृद्धि, लचीलेपन, निष्पक्षता, उद्देश्य और पुरस्कार के बीच संतुलन स्थापित कर सकें।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का कार्यबल अब संतुलित नियोक्ता के दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां कंपनियों को सार्थक कार्य, करियर वृद्धि, समावेशन, कल्याण, लचीलापन और प्रतिस्पर्धी वेतन एक साथ प्रदान करने की जरूरत है। सर्वेक्षण से पता चलता है कि प्रदर्शन की मान्यता, करियर में निरंतरता, विश्वसनीय वेतन और लाभ भारत में नौकरी सुरक्षा के प्रमुख आधार हैं।
हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षाएं लगभग समान हैं लेकिन डिजिटल क्षेत्र के पेशेवर प्रतिस्पर्धी वेतन को अधिक महत्व देते हैं और करियर वृद्धि के अवसर न होने पर उनके नौकरी छोड़ने की संभावना भी अधिक होती है।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने बुधवार को राजधानी रांची में तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे।
वहीं करीब 500 मीटर लंबे तिरंगे को हाथों में थामकर विद्यार्थियों ने शक्ति प्रदर्शन किया। भारत माता की जय और अपने अधिकारों के समर्थन में लगाये गये नारों से पूरा माहौल जोश और उत्साह से भर गया।
छात्रों का कहना है कि मौसम की चुनौती उनके आंदोलन के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। बारिश में भीगते हुए छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। तिरंगा यात्रा के दौरान छात्रों में उत्साह और एकजुटता साफ नजर आई। हाथों में तिरंगा और चेहरे पर संघर्ष का भाव लिए छात्र सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग करते दिखे।
जेपीएससी और जेएसएससी मामले को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलनरत हैं। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की है। छात्रों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए।
इधर, गुरुवार से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में छात्रों की यह तिरंगा यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है। विधानसभा सत्र से ठीक पहले छात्रों का यह शक्ति प्रदर्शन सरकार और राजनीतिक दलों के लिए एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। तिरंगा यात्रा के जरिए छात्रों ने यह संकेत देने की कोशिश की कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलन स्थल से लेकर सड़क तक छात्रों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।
छात्रों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना उनका अधिकार है और वे इसी रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे। बारिश के बीच निकली इस यात्रा में छात्रों का जोश देखते ही बन रहा था। कई छात्र तिरंगे के साथ देशभक्ति के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। खराब मौसम के बावजूद छात्रों की मौजूदगी ने आंदोलन को नयी ऊर्जा देने का काम किया।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाअभियान के तहत छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को भारी बारिश के बावजूद हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में डटे रहे। शाम के समय अल्बर्ट एक्का चौक तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गयी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए।
इसी दौरान देश के प्रख्यात इनोवेटर सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से सीधा संवाद किया। उन्होंने आंदोलन एवं श्री महतो के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके आग्रह पर देवेंद्र नाथ महतो ने जल ग्रहण किया। श्री महतो ने सोनम वांगचुक से आंदोलन को लेकर निरंतर मार्गदर्शन देने का आग्रह किया तथा उन्हें रांची स्थित धरना स्थल पर आने का भी आमंत्रण दिया।
देर शाम झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी धरना स्थल पहुंचे और छात्र आंदोलन को अपना नैतिक एवं सशरीर समर्थन दिया। उन्होंने आंदोलन की पूरी स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर देवेंद्र नाथ महतो ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ श्री मरांडी को आंदोलन की प्रमुख मांगों से संबंधित विस्तृत मांग-पत्र भी सौंपा।
देवेंद्र नाथ महतो ने घोषणा करते हुए कहा कि यदि सरकार शीघ्र छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आगामी 10 अगस्त को हजारों छात्र विधानसभा मार्च कर सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज करायेंगे।
एबीएन कैरियर डेस्क। एस.आर. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, पुंदाग में आज प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान डी.ए.वी. स्पोर्ट्स के अंतर्गत आयोजित क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
डी.ए.वी. स्पोर्ट्स क्लस्टर–2 के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित क्रिकेट, बैडमिंटन, नेटबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज, फुटबॉल, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, वूशु, बॉक्सिंग, हैंडबॉल तथा एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजय प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विद्यालय परिवार की ओर से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी समर्पण और उत्साह के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय और देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
सम्मान प्राप्त कर खिलाड़ियों ने विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।
प्राचार्य ने सभी विजेता खिलाड़ियों सहित वरिष्ठ खेल शिक्षक राजेश प्रसाद सिंहा तथा आशीष जायसवाल को भी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रगान के साथ सभा समाप्त हुई।
एबीएन कैरियर डेस्क (रांची)। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा, लालपुर इकाई के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा सोमवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर मेंटल हेल्थ असेसमेंट, स्क्रीनिंग एंड सपोर्ट सिस्टम्स (एआईएमएचएसएस- 2026) विषय पर एक सप्ताहीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
3 से 7 अगस्त तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विशेषज्ञ व्याख्यानों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-आॅन सेशन) के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के अनुप्रयोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. राजू पोद्दार, डीन (अनुसंधान एवं नवाचार), बीआईटी मेसरा ने किया।
मौके पर कार्यशाला की संयोजक डॉ. अमृता सरकार, बीआईटी मेसरा लालपुर इकाई के निदेशक (प्रोफेसर-इन-चार्ज) डॉ. विजय कुमार झा तथा डॉ. अमृता प्रियम भी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को नैतिक, नवाचारपूर्ण एवं अंतर्विषयक अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग, बीआईटी मेसरा लालपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. पार्थ सारथी बिष्णु ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न अनुप्रयोगों पर व्याख्यान दिया।
द्वितीय सत्र में सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ साइकियाट्री (सीआईपी), रांची के प्रोफेसर डॉ. निशांत गोयल ने युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों तथा मनोवैज्ञानिक कल्याण को बढ़ावा देने में डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर अपने विचार साझा किये।
कार्यशाला के आयोजन एवं समन्वय की जिम्मेदारी कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मानसी गुप्ता, डॉ. देवेश कुमार उपाध्याय एवं डॉ. नंदन बनर्जी द्वारा निभाई जा रही है। वहीं कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सफल संचालन शुभाशीष रॉय, राणा प्रताप मिश्रा तथा बसुदेव सिंह द्वारा किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जिससे यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मानसिक स्वास्थ्य समाधान, शोध, नवाचार तथा शैक्षणिक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा।
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