कानून व्यवस्था

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Published / 2025-07-01 18:43:57
नयी शिक्षा नीति के बाद आज से नयी खेल नीति भी लागू

नई खेल नीति को मोदी कैबिनेट ने दी हरी झंडी, बैठक में लिए गए 4 बड़े फैसले 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 1 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें देश के विकास और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिये गये। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने एंप्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव योजना, रिसर्च एंड डेवलपमेंट एवं इनोवेशन स्कीम, नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी और परमाकुड़ी-रामनाथपुरम हाईवे के चौड़ीकरण को मंजूरी दी है। 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने परमाकुड़ी से रामनाथपुरम तक के नेशनल हाईवे को चार लेन करने की योजना को हरी झंडी दी है। यह लंबे समय से तमिलनाडु के कोस्टल इलाके के लोगों की बड़ी मांग थी। इस परियोजना से पंबन ब्रिज की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इस 46.7 किलोमीटर लंबे हाईवे के निर्माण की कुल लागत लगभग 1,853 करोड़ रुपये अनुमानित है। 

केंद्रीय मंत्री ने एंप्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआई) योजना के बारे में बताया कि इस योजना का उद्देश्य दो वर्षों में देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा नये रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। इसके लिए 99,446 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। 

इस योजना को दो भागों में बांटा गया है : 

  1. पहला हिस्सा : पहली बार नौकरी करने वालों को दो किस्तों में एक महीने का वेतन (?15,000 तक) दिया जाएगा। 
  2. दूसरा हिस्सा : नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार देने पर दो साल तक हर महीने ?3,000 तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा। 

रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन स्कीम की जानकारी 

अश्विनी वैष्णव ने रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन स्कीम के बारे में भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (एएनआरएफ) को मंजूरी दे दी थी। एएनआरएफ ने इजरायल, अमेरिका, सिंगापुर और जर्मनी जैसे देशों के शोध कार्यक्रमों का गहन अध्ययन किया और उससे मिली सीख के आधार पर नई योजना तैयार की गयी है, जो देश में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी। 

राष्ट्रीय खेल नीति 2025 की मुख्य विशेषताएं 

नई राष्ट्रीय खेल नीति (एनएसपी) 2025, जो खेल नीति-2001 की जगह लेगी, भारत को खेल के क्षेत्र में विश्व स्तरीय महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखती है। इस नीति का उद्देश्य ओलंपिक 2036 और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में देश की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करना है। एनएसपी-2025 तैयार करने में केंद्रीय मंत्रालयों, नीति आयोग, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय खेल संघों, खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और आम जनता की राय शामिल की गयी है। इस नीति के पांच मुख्य स्तंभ हैं। 

  1. वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन : यह नीति खेल संरचना को जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मजबूत बनाने पर केंद्रित है। प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण, कोचिंग और खिलाड़ी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही खेल विज्ञान, चिकित्सा और तकनीकी उन्नति को बढ़ावा दिया जायेगा। कोच, अधिकारी और अन्य स्टाफ को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। 
  2. खेल के माध्यम से आर्थिक विकास : एनएसपी-2025 खेल पर्यटन को बढ़ावा देने, बड़े खेल आयोजनों के आयोजन और खेल उपकरणों के निर्माण एवं स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने की योजना बनाती है। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी, कॉपोर्रेट सामाजिक जिम्मेदारी और अन्य वित्तीय मॉडल के जरिये निजी निवेश को आकर्षित किया जायेगा। 
  3. सामाजिक समावेशन और विकास : इस नीति के तहत महिलाओं, कमजोर वर्गों, जनजातीय समुदायों और दिव्यांगों को खेलों में सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए प्रेरित किया जायेगा। साथ ही पारंपरिक और स्थानीय खेलों के संरक्षण और प्रचार पर भी जोर दिया जायेगा। खेल को शिक्षा से जोड़कर इसे एक स्थायी कैरियर विकल्प बनाया जायेगा। 
  4. खेल को जन आंदोलन बनाना : राष्ट्रीय स्तर पर खेल को जन आंदोलन का रूप देने के लिए फिटनेस अभियान चलाने, स्कूलों और कार्यस्थलों में फिटनेस इंडेक्स लागू करने तथा खेल सुविधाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने की योजना है।
  5. शिक्षा में खेल का समावेश : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत खेल को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने और खेल शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेल शिक्षा को बढ़ावा मिले।

Published / 2025-06-29 12:27:47
एक जुलाई से बदल रहे हैं कई नियम क़ानून

  • रेल किराये से लेकर पैन कार्ड तक... 1 जुलाई से होने जा रहे बड़े बदलाव, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। देशभर में 1 जुलाई 2025 से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिनका सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और खर्चों पर पड़ेगा। इनमें पैन कार्ड से लेकर बैंकिंग, रेलवे टिकट बुकिंग, गैस सिलेंडर की कीमत और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम शामिल हैं। इन नए प्रावधानों के लागू होते ही आपकी जेब पर बोझ बढ़ सकता है या कुछ मामलों में राहत भी मिल सकती है।

रेलवे टिकट का बढ़ेगा किराया 

रेलवे मंत्रालय 1 जुलाई 2025 से मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में एसी और नॉन-एसी क्लास का किराया बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नॉन-एसी (स्लीपर, सेकंड सीटिंग आदि) श्रेणियों में 1 पैसा और सभी एसी क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया बढ़ाया जा सकता है। 

500 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए सेकंड क्लास ट्रेन टिकट की कीमतों और एमएसटी में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगर 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करनी है, तो फिर यात्री को प्रति किलोमीटर आधा पैसा देना होगा। 

पैन कार्ड नियमों में बदलाव

  1. आधार कार्ड अनिवार्य : अब 1 जुलाई से नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने पर आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। यह नियम सीबीडीटी द्वारा लागू किया गया है। यदि आपके पास पहले से पैन और आधार दोनों हैं, तो इन्हें लिंक करना भी जरूरी है। इसके लिए 31 दिसंबर, 2025 तक का समय दिया गया है। 
  2. क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान का नया सिस्टम :भारत बिल पेमेंट सिस्टम (बीबीपीएस) प्रणाली अनिवार्य : भारतीय रिजर्व बैंक ने आदेश दिया है कि सभी क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान अब भारत बिल पेमेंट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इससे बिल डेस्क, फोनपे, क्रीड जैसे एप्स पर असर पड़ सकता है। अभी केवल आठ बैंकों ने बीबीपीएस पर यह सुविधा शुरू की है।
    बैंकिंग नियमों में बदलाव
  3. आईसीआईसीआई बैंक एटीएम निकासी शुल्क : दूसरे बैंक के एटीएम से 3 बार से ज्यादा निकासी करने पर ₹23 प्रति वित्तीय ट्रांजैक्शन और ₹8.5 प्रति गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन लगेगा।

एचडीएफसी बैंक- ऑनलाइन गेमिंग पर शुल्क 

गेमिंग ऐप पर हर महीने ₹10,000 से ज्यादा खर्च करने पर 1 फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

वॉलेट ट्रांसफर शुल्क

पेटीएम जैसे थर्ड पार्टी वॉलेट में ₹10,000 से अधिक ट्रांसफर पर 1 फीसदी शुल्क लगेगा।

पुराने वाहनों पर फ्यूल प्रतिबंध

दिल्ली में बड़ा बदलाव: 1 जुलाई से 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को फ्यूल नहीं मिलेगा। यह नियम सीक्यूएम (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) द्वारा लागू किया गया है।

जीएसटी रिटर्न दाखिल की प्रक्रिया में बदलाव

जुलाई 2025 से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में देरी या गलतियों पर सख्त कार्रवाई होगी।  वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने जीएसटीआर-3B फॉर्म को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अब जुलाई 2025 से यह फॉर्म नॉन-एडिटेबल (असंशोधित) होगा, यानी इसमें टैक्स विवरण जीएसटीआर-1, 1A से स्वतः भर जाएगा और करदाता अब उसे खुद संशोधित नहीं कर सकेंगे। यह बदलाव कर व्यवस्था में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। 

घरेलू गैस की कीमतों में हो सकता है बदलाव

अगले महीने एलपीजी सिलेंडर की दरों में बदलाव हो सकता है। यह प्रक्रिया सरकार की ओर से हर महीने की शुरुआत में की जाती है।  अभी एक जून को 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की गई थी। वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर यानी 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में 1 अगस्त 2024 से कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Published / 2025-06-27 19:56:56
आर्केस्ट्रा समूहों के नियमन व निगरानी पर दो हफ्ते में जवाब दे सरकार : पटना हाई कोर्ट

  • हाई कोर्ट ने नाबालिग बच्चियों की ट्रैफिकिंग को बताया गंभीर, राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई और दो हफ्ते में हलफनामा देने के निर्देश 
  • बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की याचिका पर जारी किया नोटिस 
  • जेआरसी के सहयोगी संगठनों ने प्रशासन के साथ मिलकर रोहतास, सारण व गोपालगंज जिलों में आर्केस्ट्रा समूहों पर मारे गये छापों में बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया  

टीम एबीएन, पटना। बिहार में आर्केस्ट्रा समूहों में ट्रैफिकिंग के जरिए लायी गयी नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण व उत्पीड़न को रोकने के लिए पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर आर्केस्ट्रा व अन्य डांस ग्रुपों के नियमन के बाबत दो हफ्ते में जवाब देने को कहा है। बिहार में आर्केस्ट्रा समूहों में बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चियों के शोषण के मद्देनजर बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 418 जिलों में काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) ने अपनी याचिका में हाई कोर्ट से इसकी रोकथाम के लिए तत्काल एक राज्यस्तरीय समन्वय तंत्र बनाने की अपील की थी। पटना हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार व न्यायमूर्ति पार्थ सारथी ने 18 साल से कम उम्र की बच्चियों की ट्रैफिकिंग को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करने और दो हफ्ते में हलफनामा देने के आदेश दिये। 

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने एक अंतरिम आवेदन में हाई कोर्ट से बच्चियों के शोषण को रोकने के लिए राज्य सरकार को सभी हितधारकों के साथ मिलकर एक समग्र और समन्वित कार्ययोजना बनाने और आर्केस्ट्रा समूहों के नियमन व निरीक्षण और पीड़ितों के बिहार पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, 2014 (2019 में संशोधित) के प्रावधानों के अनुसार मुआवजे व पुनर्वास का निर्देश देने का अनुरोध किया था। इस अंतरिम आवेदन पर विचार करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि इसे स्वीकार किया जाता है और राज्य सरकार को तत्काल कार्रवाई और दो हफ्ते में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया जाता है। 

जेआरसी ने अपने सहयोगी संगठन एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) की मदद से रोहतास में एक आर्केस्ट्रा समूह से 44 नाबालिग बच्चियों व सारण एवं गोपालगंज में सहयोगी संगठनों की मदद से पुलिस की कार्रवाई में सैकड़ों नाबालिग बच्चियों को छुड़ाये जाने के बाद अपने अंतरिम आवेदन में आर्केस्ट्रा ग्रुपों में नाबालिग बच्चियों के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की मांग की थी। 

साथ ही, इन बच्चियों को मुक्त कराये जाने के बाद उनके फिर से उसी धंधे में धकेल दिये जाने को रोकने के लिए इनके पुनर्वास के उपाय करने की मांग की गई थी। आवेदन में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद किसी भी चरण में पीड़ित बच्चे के लिए अंतरिम मुआवजे की मांग की गयी है— चाहे आरोपी दोषी ठहराया गया हो, बरी कर दिया गया हो, उसकी पहचान न हो पायी हो या वह फरार हो। साथ ही यह भी अपील की गयी है कि मुआवजे का आदेश देते समय विशेष अदालतें पीड़ित को हुए हर तरह के नुकसान और आघात से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करें। 

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की विधिक सलाहकार रचना त्यागी ने हाई कोर्ट के नोटिस जारी करने का स्वागत करते हुए कहा कि यह कमजोर और मजबूर बच्चियों की सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बेहद अहम कदम है। उन्होंने कहा, आर्केस्ट्रा ग्रुप बच्चियों की ट्रैफिकिंग और उनके शोषण का औजार बन चुके हैं।

इसकी रोकथाम, इन आर्केस्ट्रा समूहों के नियमन व निगरानी और पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास के लिए समग्र योजना की जरूरत अर्से से महसूस की जा रही थी। हमें पूरी उम्मीद है कि हाई कोर्ट के इस नोटिस के बाद राज्य सरकार इन पीड़ित बच्चियों की सुरक्षा, संरक्षण और इन आर्केस्ट्रा समूहों में बच्चियों के शोषण को रोकने के लिए कड़े कदम उठायेगी। इस खबर से संबंधित अधिक जानकारी के लिए  जितेंद्र परमार (8595950825) संपर्क करें।

Published / 2025-06-17 22:12:09
15 से बदल जायेंगे एसबीआई क्रेडिट कार्ड के नियम

एसबीआई क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बड़ा झटका! 15 जुलाई से बदल जायेंगे ये नियम 

एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप एसबीआई कार्ड का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। 15 जुलाई 2025 से एसबीआई कार्ड से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनमें खासतौर पर मिनिमम अमाउंट ड्यू और फ्री इंश्योरेंस कवर को लेकर बदलाव शामिल हैं। 

अब मिनिमम अमाउंट ड्यू में जुड़ेगा ज्यादा पैसा 

एसबीआई कार्ड ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी है कि अब क्रेडिट कार्ड बिल का मिनिमम अमाउंट ड्यू पहले से अधिक होगा। पहले जहां यह सिर्फ कुल बकाया का 2%-5% होता था, अब इसमें कई अन्य चार्ज भी जोड़े जायेंगे। 

नया फॉर्मूला कुछ ऐसा होगा 

  • कुल बकाया राशि का 2% 
  • 100% जीएसटी 
  • 100% ईएमआई बैलेंस 
  • 100% फीस और अन्य चार्जेस 
  • 100% फाइनेंस चार्ज 
  • ओवरलिमिट अमाउंट (यदि लागू हो) 

इसका मतलब यह है कि अब सिर्फ थोड़ी सी रकम भरकर बिल टालना आसान नहीं रहेगा। जितना अधिक खर्च होगा, उतना ही अधिक मिनिमम भुगतान करना पड़ेगा। 

क्या होता है मिनिमम अमाउंट ड्यू? 

यह वह न्यूनतम राशि होती है जो आपको हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड बिल पर चुकानी होती है, ताकि आपका खाता एक्टिव बना रहे और लेट पेमेंट चार्ज न लगे। हालांकि, ध्यान रखें कि सिर्फ मिनिमम अमाउंट देने से ब्याज जारी रहता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि पूरा बिल समय पर चुका दें। 

फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस भी होगा बंद 

एसबीआई कार्ड के कुछ प्रीमियम क्रेडिट कार्ड धारकों को अब एक और झटका लगने वाला है। 15 जुलाई 2025 से इन कार्ड्स पर मिलने वाला फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर बंद किया जा रहा है: 

  • एसबीआई कार्ड एलीट 
  • एसबीआई कार्ड माइल्स एलीट 
  • एसबीआई कार्ड माइल्स प्राइम 

पहले इन कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये तक का फ्री इंश्योरेंस कवर मिलता था, जो अब बंद हो जायेगा। इसके अलावा, एसबीआई कार्ड प्राइम और एसबीआई कार्ड पल्स पर मिलने वाला 50 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस भी खत्म कर दिया जायेगा।

Published / 2025-06-11 20:50:11
खबरदार...पब्लिक प्लेस पर सिगरेट पीने पर 1000 जुर्माना

झारखंड में पब्लिक प्लेस पर सिगरेट पीने वाले सावधान! लगेगा 1000 रुपए जुर्माना 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आज से सार्वजनिक स्थान यानी पब्लिक प्लेस में सिगरेट पीते पकड़े जाने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगेगा। क्योंकि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण विनियमन) (झारखंड संशोधन) विधेयक, 2021 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह जानकारी राजभवन सचिवालय ने दी है। 

इस संशोधन विधेयक को करीब चार साल पहले हेमंत सरकार ने विधानसभा से पारित कराया था। इस संशोधन विधेयक के स्वीकृत होने से पहले तक राज्य में पब्लिक प्लेस में सिगरेट पीने पर 200 रुपए जुर्माना का प्रावधान था जो अब पांच गुणा बढ़कर 1000 रुपये हो गया है। 

जब यह संशोधन विधेयक सदन में आया था, तब तत्कालीन आजसू विधायक लंबोदर महतो ने संशोधन प्रस्ताव के जरिए पब्लिक प्लेस में सिगरेट पीने पर जुर्माने की राशि 1000 रुपये की जगह 10 हजार रुपये करने की मांग की थी। संशोधन विधेयक पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर भी जुर्माना लगेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि 21 वर्ष से कम आयु के उपभोक्ताओं को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध होगा। 

बता दें कि जिस दिन झारखंड विधानसभा से यह बिल पास हुआ था उससे एक माह पूर्व झारखंड कैबिनेट ने राज्य में हुक्का बार पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार ने स्पष्ट किया था कि नियमों का उल्लंघन करनेवालों को जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा।

Published / 2025-06-10 21:57:11
हजारीबाग : फरार तीन बांग्लादेशी बंगाल से गिरफ्तार

हजारीबाग डिटेंशन सेंटर से फरार हुए 3 बांग्लादेशी को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार  

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। हजारीबाग डिटेंशन सेंटर से फरार 3 बांग्लादेशी नागरिकों को हजारीबाग पुलिस के द्वारा डिटेन कर लिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने तीनों के पकड़े जाने की पुष्टि की है। तीनों फरार नागरिकों को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया है। दोपहर तक सभी फरार बांग्लादेशी को हजारीबाग लाया जा सकता है। 

जानकारी हो कि बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले 3 बांग्लादेशी नागरिक हजारीबाग डिटेंशन सेंटर से सोमवार की सुबह फरार हो गये थे, जिसे हजारीबाग पुलिस ने पकड़ लिया है। तीनों को दोपहर तक हजारीबाग लाने की तैयारी चल रही है। इस बात की पुष्टि पुलिस मुख्यालय ने की है। तीनों विदेशी नागरिक अपनी सजा भी काट चुके थे। इनमें रीना खान उर्फ फिना देवी, अख्तर खुशी और नजमुल हैं। 

रीना खान को जामताड़ा जेल से 4 फरवरी 2022 को, अख्तर खुशी को 28 सितंबर 2024 और नजमुल को एक मार्च 2025 को हजारीबाग के डिटेंशन केंद्र में शिफ्ट किया गया था। घटना ने हजारीबाग में डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। पुलिस की अलग-अलग टीम ने इन तीनों फरार बांग्लादेशियों को पकड़ लिया है। 

पुलिस ने यह कामयाबी 24 घंटे के अंदर हासिल की है। बांग्लादेशियों की फरार होने की खबर पूरे राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में थी। सेंटर की जांच करने के लिए हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह भी पहुंचे थे। इन्होंने कहा था कि पूरे मामले की जांच की जा रही है बहुत जल्दी सभी बांग्लादेशी पकड़े जायेंगे।

Published / 2025-06-07 14:33:37
अब विनय चौबे की भी जांची जायेगी सम्पत्ति

आईएएस विनय चौबे पर दर्ज होगा नया केस

आय से अधिक संपत्ति जांचने का आदेश

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार में पूर्व उत्पाद सचिव रहे विनय कुमार चौबे की मुश्किलें और बढ़ेंगी। शराब घोटाले में गिरफ्तार विनय कुमार चौबे के खिलाफ अब आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर, आगे की जांच की जायेगी। इस संबंध में राज्य सरकार के मंत्रिमंडल, निगरानी व सचिवालय विभाग ने शुक्रवार को एसीबी को प्रीलिमिनरी इंक्वायरी (पीई) दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।

झारखंड के पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के खिलाफ अब आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर संपत्ति के साथ साथ पद के दुरूपयोग की विस्तृत जांच की जायेगी। इस संबंध में राज्य सरकार के मंत्रिमंडल, निगरानी और सचिवालय विभाग ने शुक्रवार को एसीबी को प्रीलिमिनरी इंक्वायरी (पीई) दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।

शराब घोटाले में विनय कुमार चौबे की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो ने मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से पत्राचार किया था। शुक्रवार की देर शाम राज्य सरकार ने इससे संबंधित आदेश एसीबी को सौंप दिया है।

Published / 2025-06-04 20:33:37
अब मिनिमम बैलेंस के नाम पर नहीं कटेगा पैसा!

खाताधारकों को बड़ी राहत, अब नहीं देना होगा मिनिमम बैलेंस का चार्ज 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकारी क्षेत्र के प्रमुख बैंक केनरा बैंक ने खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने घोषणा की है कि अब सेविंग्स अकाउंट, एनआरआई सेविंग्स अकाउंट और सैलरी अकाउंट में मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है। बैंक की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह नया नियम 1 जून 2025 से प्रभावी होगा यानी अब इन खातों में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर कोई चार्ज नहीं लिया जायेगा। 

इससे पहले ग्राहकों को तय न्यूनतम राशि न रखने पर हर महीने जुर्माना चुकाना पड़ता था। इस नियम को फिलहाल केनरा बैंक की तरफ से ही शुरू किया गया है। इस पहल से लाखों खाताधारकों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासतौर पर वे लोग जो मासिक मिनिमम बैलेंस बनाए रखना मुश्किल समझते थे।

अन्य बैंकों में अभी जारी है नियम 

हालांकि, यह सुविधा फिलहाल सिर्फ केनरा बैंक ने शुरू की है। अन्य बैंकों में अभी शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मिनिमम बैलेंस नियम लागू हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर केनरा बैंक की यह पहल सफल रही, तो अन्य बैंक भी भविष्य में इस दिशा में कदम उठा सकते हैं।

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