एबीएन डेस्क। देश में इन दिनों कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में काफी तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी के मद्देनजर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भारतीय रेलवे ने नई गाइडलाइंस जारी की है। बीते दो वर्षों में कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने अपने कई नियमों में बदलाव किए थे, जिसे धीरे-धीरे वापस सामान्य किया जाने लगा था। वहीं कोरोना की तीसरी लहर के चलते रेलवे ने एक बार फिर नई गाइडलाइंस जारी की है। कोरोना वायरस ने लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन किए हैं। इस दौरान कई लोगों की जानें भी गईं, जिसके चलते सरकार इसे लेकर बेहद सख्त दिखाई दे रही है। सभी राज्य सरकारें भी अपने-अपने स्तर से पाबंदियां लगा रही हैं। कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में रेलवे ने भी बड़ा फैसला लिया है।, तो आइए जानते हैं क्या है ये नया नियम... • कोरोना के मामले देशभर में लगातार बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में रेलवे ने कुछ गाइडलाइंस जारी की है। दरअसल, दक्षिण रेलवे ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के लिए नया नियम निर्धारित किया है। • इस नियम के तहत रेल में ऐसे लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगाया है। लोकल ट्रेन में नो वैक्सीन नो एंट्री पॉलिसी लागू की गई है। • इतना ही नहीं, यदि किसी व्यक्ति ने कोरोना की केवल पहली डोज ली है, तब भी उन्हें ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। दोनो डोज अनिवार्य है। • अब यात्रा टिकट या मासिक सीजन टिकट जारी करने के दौरान यात्रियों को वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जिनके पास वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट नहीं होगा उनको टिकट नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि दक्षिण रेलवे के इस कदम को देखते हुए अन्य जगहों पर भी यह नियम लागू किया जा सकता है।
एबीएन डेस्क। ओडिशा सरकार ने तीन साल के लिए सरकारी नौकरियों में आवेदन करने की उम्र सीमा बढ़ा दी है। अब वहां सामान्य कैटिगरी के आवेदक 38 साल की उम्र तक गवर्नमेंट जॉब के लिए आने वाली वैकेंसी में एप्लाई कर सकेंगे। एसटी, एससी, एसईबीसी और महिला कैंडिडेट के लिए आयु सीमा 43 वर्ष तय की गई है। सोमवार को ओडिशा राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। सीएम नवीन पटनायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए आयु सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। यह राहत 2021 से 2023 के लिए आने वाली वैकेंसी के लिए दी गई है। ओडिशा के मुख्य सचिव एससी महापात्रा ने बताया कि कोविड-19 के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस दौरान कई आवेदकों की आयु समाप्त हो गई और उन्हें भर्ती परीक्षा में भाग लेने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले। इस कारण सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्य सचिव एससी महापात्रा ने कहा कि यह छूट कैलेंडर वर्ष 2021, 2022 और 2023 के दौरान आने वाले नौकरी के विज्ञापनों पर लागू रहेगी। इसके तहत जनरल कैटिगरी के आवेदक 38 वर्ष तक एप्लाई कर सकेंगे। रिजर्वेशन के दायरे में आने वाले एसटी, एससी, एसईबीसी और महिला कैंडिडेट के लिए 43 साल की ऊपरी उम्र सीमा तय की गई है। जनरल कैटिगरी के विकलांग कैंडिडेट के लिए आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 48 वर्ष कर दी गई है। रिजर्व कैटिगरी के विकलांग आवेदक के लिए आयु सीमा 53 वर्ष तय की गई है। मुख्य सचिव एससी महापात्रा ने मुताबिक मंत्रिमंडल ने इसके अलावा जिलों में 1,338.69 करोड़ रुपये की पांच मेगा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए टेंडर को भी मंजूरी दी है। मयूरभंज, संबलपुर और कटक जिले के इन परियोजनाओं के दो साल में पूरा होने की संभावना है। सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), भुवनेश्वर को 618.665 एकड़ सरकारी भूमि मुफ्त में देने का फैसला किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार रोजाना नए-नए कदम उठा रही है। इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, अब संक्रमण की चपेट में आए मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों को अपनी कोरोना जांच कराने की जरूरत नहीं है। संक्रमित के संपर्क में आए उन लोगों को ही कोरोना जांच कराने की सलाह दी गई है, जिनकी उम्र काफी ज्यादा है या फिर उन्हें गंभीर बीमारी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। हल्के लक्षणों के बाद उन्होंने अपना टेस्ट कराया था। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा कि मेरा स्वास्थ्य ठीक है, मैं होम क्वारंटीन हूं। केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उनमें भी कोरोना के हल्के लक्षण थे। इसके बाद उन्होंने अपनी जांच कराई थी। उन्होंने घर पर खुद को अलग कर लिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जिन पांच राज्यों में विधानसभा होने वाले हैं वहां जारी किये जाने वाले कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर नहीं होगी, क्योंकि वहां आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय मोदी की तस्वीर को टीके के प्रमाणपत्र से हटाने के लिए कोविन प्लेटफॉर्म पर जरूरी फिल्टर लगाएगा।चुनाव आयोग ने शनिवार को घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच सात चरणों में होंगे और मतगणना 10 मार्च को होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सरकारों, उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इन पांच चुनावी राज्यों में लोगों को जारी किये जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्रों से प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय कोविन प्लेटफॉर्म पर आवश्यक फिल्टर लगाएगा। मार्च 2021 में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग के सुझाव पर असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावों के दौरान भी इसी तरह के कदम उठाये थे।
एबीएन डेस्क। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने शनिवार को कहा कि निर्वाचन आयोग केंद्रीय बजट पेश किए जाने में दखल नहीं देना चाहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट पेश किए जाने की वार्षिक प्रक्रिया से पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर की स्थिति प्रभावित नहीं होगी। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा के दौरान चंद्रा ने कहा कि केंद्रीय बजट एक वार्षिक लेखाजोखा होता है जिसे संसद के समक्ष रखा जाता है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, निर्वाचन आयोग केंद्रीय बजट पेश किए जाने में दखल नहीं देना चाहेगा क्योंकि यह पूरे देश के लिए होता है और यह सिर्फ इन पांच राज्यों तक सीमित नहीं होता। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिये 10 फरवरी से लेकर सात मार्च तक सात चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में एक ही चरण में 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को मतदान होगा और इन सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना 10 मार्च को होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा के दौरान रेलने यात्रियों से श्रेणी के आधार पर 10 रुपये से 50 रुपये तक स्टेशन विकास शुल्क (एसडीएफ) लगाने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने कहा कि बुकिंग के दौरान ट्रेन टिकट में शुल्क जोड़े जाने की संभावना है। नए सिर से विकसित जा रहे स्टेशनों के चालू होने के बाद ही शुल्क लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट भी 10 रुपये महंगा होगा। यूजर फीस तीन कैटेगरी में होगी। सभी एसी क्लास के लिए 50 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपये और अनारक्षित क्लास के लिए 10 रुपये। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार उपनगरीय ट्रेन यात्रा के लिए कोई स्टेशन विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसमें कहा गया है कि इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट भी 10 रुपये महंगा होगा। स्टेशन विकास शुल्क (एसडीएफ) स्टेशनों पर चढ़ने व उतरने वाले यात्रियों से वसूला जाएगा। विकसित/पुनर्विकसित स्टेशनों के लिए श्रेणी-वार एसडीएफ निम्नानुसार लिया जाएगा। ऐसे स्टेशनों पर उतरने वाले यात्रियों से एसडीएफ की ऊपर बताई गई दर का 50 प्रतिशत लिया जाएगा। सर्कुलर में कहा गया है कि अगर दोनों ऐसे स्टेशनों पर चढ़ते/उतरते हैं तो उस स्थिति में एसडीएफ लागू दर का 1.5 गुना होगा। एसडीएफ ऐसे सभी स्टेशनों पर एक समान होगा और एक अलग शुल्क के रूप में लागू जीएसटी के साथ लिया जाएगा। इसके लिए निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि एसडीएफ लगाने से रेलवे को निरंतर राजस्व मिलेगा। निजी निवेशकों को लुभाने के लिए रेलवे को वित्तीय रूप से मजबूत बना देगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विदेश से भारत आने वालों के लिए केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इसके तहत ऐसे यात्रियों को कम से कम सात दिन तक अनिवार्य रूप से होम क्वारेंटाइन में रहना होगा। यह नियम 11 जनवरी से लागू होगा और अगले आदेश तक बरकरार रहेगा। बता दें कि भारत ने 19 देशों की सूची जारी की है। इनमें यूके समेत यूरोप के सभी देश, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, चीन, घाना, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिम्बॉब्वे, तंजानिया, हांगकांग, इस्राइल, कांगो, इथिओपिया, कजाकिस्तान, केन्या, नाइजीरिया, ट्यूनीशिया और जाम्बिया शामिल हैं। यहां से भारत आने वाले यात्रियों को कोरोना संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा, जिनमें फ्लाइट पकड़ने से पहले कोविड टेस्ट भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुक्रवार (7 जनवरी) को नई गाइडलाइंस जारी कीं। इसके तहत बताया गया कि नई गाइडलाइंस 11 जनवरी से लागू होंगी और अगला आदेश जारी होने तक बरकरार रहेंगी। ऐसे में विदेश से आने वाले सभी मुसाफिरों को सात दिन तक अनिवार्य होम क्वारेंटाइन में रहना होगा। वहीं, 8वें दिन आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा।
एबीएन डेस्क। देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के बाद कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन की गाइडलाइन में कुछ बदलाव किए हैं। पिछले 9 दिनों में देश में कोरोना के मामले 6 गुना से ज्यादा बढ़े हैं, ओमिक्रॉन का डबलिंग रेट 3 दिनों का है। देश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद यह फैसला लिया गया है। देश में कोरोना केसों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी से केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में 24 घंटे के अंदर डबलिंग रेट हो गया है। मुंबई और बंगाल में भी यही हाल है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार कोरोना की तीसरी लहर को लेकर काफी चिंतित है। सरकार को चिंता इस बात की है जिस तरह डेल्टा वैरिएंट ने दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले भारत में कहर बरपाया था, उसी तरह कहीं ओमिक्रॉन भी भारत में कहर न दिखा दे, क्योंकि अभी तक दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन से बने हालात उतनी चिंता का विषय नहीं है। सरकार के मन में चिंता यह भी है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट भारत में क्या असर डालेगा? और कोरोना के मामले बढ़ेंगे तो अस्पताल पर भी बोढ बढ़ेगा क्योंकि देश में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन को जारी किया है। इन गाइडलाइन्स को प्रभावी रूप से अमल में लाने को लेकर राज्यों को कंट्रोल रूम दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि मरीज की मॉनिटरिंग राज्य सही से कर पाएं।
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