कानून व्यवस्था

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Published / 2022-02-16 12:48:29
दोपहिया वाहन पर लेकर चल रहे हैं बच्चे, तो जान लें ये नियम...

एबीएन डेस्क। परिजन अपने बच्चों को पहले कैसे भी अपनी बाइक या स्कूटी पर बिठकर घुमा लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए अब नए नियम जारी किए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय दोपहिया वाहन चालकों के लिए नया नियम लेकर आया है। इसमें 4 साल से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन पर ले जाने के लिए नए सुरक्षा नियमों को लेकर अधिसूचित किया गया है। इस नए नियम में दोपहिया चालक को बच्चों के लिए हेलमेट और हार्नेस बेल्ट का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा और इसके साथ ही वाहन की गति को केवल 40 किमी प्रति घंटे तक सीमित रखना होगा। उल्लंघन करने पर जुर्माना : नए यातायात नियम का उल्लंघन करने पर 1000 का जुर्माना और तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले बच्चों के लिए अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए नियम को शामिल करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया गया है। यह नियम चार साल तक के बच्चों को कवर करता है। नए नियमों के अनुसार : • बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सेफ्टी हार्नेस हल्का, वाटरप्रूफ, कुशन वाला होना चाहिए • इसमें 30 किग्रा भार वहन करने की क्षमता होनी चाहिए। • यात्रा की पूरी अवधि के दौरान बच्चे को सुरक्षित करने के लिए वाहन चलाने वाले को बच्चे की सुरक्षा के लिए हार्नेस से बांधना होता है, जो कि दो पट्टियों के साथ आता है। • यात्रा के दौरान बच्चे को क्रैश हेलमेट या साइकिल हेलमेट भी पहनाना जरुरी होगा। • दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यह सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है कि बच्चों के साथ यात्रा करते समय वाहन की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक न हो। बता दें कि इससे पहले पिछले साल 2021 अक्तूबर में मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी कर नियम में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसमें वाहन चलाने वालों को बच्चों के लिए सेफ्टी हार्नेस और क्रैश हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया गया था।

Published / 2022-02-16 12:18:53
चारा घोटाला : लालू की चाल सफल, गवाहों की संख्या बढ़वाकर केस 25 साल खींच दिया, पढ़ें सजा पाने वालों का पूरा ब्यौरा

टीम एबीएन, रांची। डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले आरसी 47ए/96 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 75 अभियुक्तों को सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने दोषी करार चार महिला समेत 34 अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा के साथ दो लाख रुपये तक जुर्माना किया है। वहीं अदालत ने दोषी करार लालू प्रसाद, डॉ. आरके राणा समेत 41 अभियुक्तों की सजा के बिन्दु पर सुनवाई की तारीख 21 फरवरी निर्धारित की है। सजा के बिन्दु पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। जबकि ट्रायल फेस कर रहे छह महिला आरोपी समेत 24 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। मामले में कुल 10 महिला समेत 99 अभियुक्त मुकदमे का सामना कर रहे थे। अदालत ने तीन स्तरों में फैसला सुनाया। अदालत ने सबसे पहले अभियुक्तों का नाम पुकारा। इसके बाद पहले स्तर में 24 आरोपियों को बरी करनेवाले का नाम पढ़ा। दूसरे स्तर में तीन साल की सजा पानेवालों नाम पढ़ा गया। तीसरे स्तर में शेष बचे 41 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का निर्देश दिया। बता दें लालू प्रसाद चारा घोटाले के पांचवें मामले में भी दोषी पाए गए हैं। इससे पूर्व चारा घोटाले को अन्य चार मामलों में भी दोषी पाकर अदालत ने साढ़े तीन साल से लेकर 14 साल तक सजा सुनाई थी। वर्तमान में उन मामलों में आधी सजा काटने के बाद जमानत पर चल रहे हैं। अदालत ने लालू समेत 41 को दोषी पाकर भेजा जेल : लालू प्रसाद - बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. आरके राणा - पूर्व विधायक सह बेक जूलियस - पूर्व पशुपालन सचिव नित्या नंद कुमार सिंह - पूर्व बजट एवं लेखा पदाधिकारी, पटना महेंद्र प्रसाद - पूर्व ट्रेजरी अधिकारी, डोरंडा रांची देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव - सहायक आयुक्त, (कॉमर्शियल टैक्स) पटना राम सेवक साहू - स्क्रूटिनी क्लर्क डोरंडा कोषागार डॉ. राधा रमन सहाय - पूर्व आहरण एवं संवितरण अधिकारी, एएचडी, रांची डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद - पूर्व सहायक निदेशक(प्लानिंग), एएचडी, रांची डॉ जूनुल भेंगराज - पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, एएचडी, रांची डॉ बृज नंदन शर्मा - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, चाईबासा डॉ. राम प्रकाश राम - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, पलामू व जमशेदपुर डॉ. जसबंत सहाय - पूर्व सहायक निदेशक, चाईबासा डॉ. रवींद्र कुमार सिंह - पूर्व टीवीओएम चाईबासा डॉ. प्रभात कुमार सिन्हा - पूर्व टीवीओएम, डालटेनगंज डॉ. ललितेश्वर प्रसाद यादव - पूर्व मैनेजर, पीबीएफ-20, होटवार डॉ. कृष्ण बिहारी लाल - पूर्व मैनेजर, आरपीएफ होटवार डॉ. अजित कुमार सिन्हा - पूर्व सहायक फार्म मैनेजर, होटवार डॉ. चंदेर किशोर लाल - पूर्व सहायक प्रबंधक, होटवार डॉ. बिरसा उरांव - पूर्व सहायक फार्म मैनेजर, होटवार डॉ. शिव नंदन प्रसाद - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) जमशेदपुर डॉ. अर्जुन शर्मा - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) चाईबासा डॉ. मुकेश कुमार श्रीवास्तव - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) चाईबासा डॉ. बृज नंदन प्रसाद वर्मा - सहायक निदेशक, पोल्ट्री फार्म, होटवार डॉ. नलिन रंजन प्रसाद सिन्हा - पूर्व फार्म मैनेजर, होटवार डॉ. कमल किशोर शर्मा - पूर्व सहायक निदेशक(पोल्ट्री) खूंटी रवि नंदन कुमार सिन्हा - मेसर्स ए ट्रेडर्स पटना मो. सईद - मेसर्स एमएस इंटरप्राइजेज रांची जगमोहन लाल कक्कड़ - मेसर्स नवकेतन इंटरप्राइजेज रांची मोहिंदर सिंह बेदी - मेसर्स सेमेक्स क्रिजेनिक्स, दिल्ली दयानंद प्रसाद कश्यप - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची सुरेश कुमार दुबे - मेसर्स छोटानागपुर वेटरिनरी इंटरप्राइजेज, रांची उमेश दुबे - मसर्स जय भंडार एंड सप्लाइ, बिहार राजेश मेहरा - मेसर्स वीकेसी ट्रेडर्स, रांची डॉ. बिजयेश्वरी प्रसाद सिन्हा - मेसर्स एकता वेटेरिनरी वर्क, रांची त्रिपुरारी मोहन प्रसाद - मेसर्स बिहार सरजिको मेडिको एजेंसी, पटना बाल कृष्ण शर्मा - श्री गौरी एजेंसी, भागलपुर डॉ. अजित वर्मा - मेसर्स लिटल ओक फार्मास्युटिकल, कोलकाता रवि कुमार मेहरा - मेसर्स अरके इंटरप्राइजेज, रांची महेंद्र कुमार कुंदन - मेसर्स कृष्णा ट्रेडर्स, रांची राजेंद्र कुमार हरित - मेसर्स पूजा रोडलाइन, रांची अदालत ने 34 आरोपियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई, लेकिन अपील करने के लिए सभी को जमानत की सुविधा प्रदान की गई है। ध्रुव भगत - पूर्व एमएलए सह अध्यक्ष पीएसी जगदीश शर्मा - पूर्व विधायक सह पीएसी अध्यक्ष अधीप चंद्र चौधरी - पूर्व आयकर आयुक्त, रांची परमेश्वर प्रसाद यादव - प्रोगेसिव सहायक (सांख्यिकीविद्), रांची डॉ. गौरी शंकर प्रसाद - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, रांची डॉ. जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव - पूर्व प्रोजेक्ट अधिकारी, खूंटी सुरेंद्र कुमार सिंह - पूर्व टूरिंग वेटनरी अधिकारी, डालटेनगंज डॉ. शशि भूषण वर्मा - पूर्व टीवीओएम, लोहरदगा डॉ. शैलेंद्र कुमार सिन्हा - पूर्व टीबीओएम, चाईबासा डॉ. राकेश कुमार सिन्हा - पूर्व टूरिंग वेटनरी अधिकारी, जमशेदपुर डॉ. राजेंद्र बैठा - पूर्व सब-डिवीजनल पशुपालन पदाधिकारी, सरायकेला डॉ. रामाशिष सिंह - पूर्व प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. उमा कान्त यादव - पूर्व मैनेजर, सूअर विकास यूनिट-10, होटवार डॉ. राम किशोर शर्मा - चलंत पशुचिकित्सक, जमशेदपुर डॉ. राम नाथ राम - पूर्व सब-डिवीजनल, पशुपालन पदाधिकारी, चक्रधरपुर अशोक कुमार यादव - मेसर्स अशोक कुमार एंड ब्रदर्स रांची मो. तौहीद - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची अभय कुमार सिन्हा - मेसर्स पीएन इंटरप्राइजेज, रांची श्याम नंदन सिंह - मेसर्स श्याम इंडसट्रीज, रांची नंद किशोर प्रसाद - मेसर्स त्रिशुल इंटरप्राइजेज, रांची संदीप मल्लिक - मेसर्स हिन्दुस्तान लाइव स्टोक एजेंसी, दिल्ली सरस्वती चंद्र - मेसर्स एसआर इंटरप्राइजेज, पटना सुनिल कुमार सिन्हा - मेसर्स श्री बाबा केमिकल वर्क, पटना सुशील कुमार सिन्हा - मेसर्स समर्पन वेटेरिनरी इंटरप्राइजेज, पटना राकेश गांधी उर्फ सुनिल गांधी - मेसर्स मगध डिस्ट्रीब्यूर्टस,पटना शरद कुमार - मेसर्स मेडवेट रांची नयन रंजन - मेसर्स नयन फार्मा, पटना सुलेखा देवी - मेसर्स श्री शंकर मेडिकल एजेंसी मदन मोहन पाठक - मेसर्स स्वर्णरेखा मेडिकल एजेंसी, रांची संजय कुमार - मेसर्स हिन्दुस्तान फार्मास्युटिकल पटना मंजु बाला जायसवाल - मेसर्स आरके भगत रांची रबीन्द्र प्रसाद - मेसर्स मगध केमिकल कारपोरेशन, पटना राम नंदन सिंह - मेसर्स एग्रोवेट सेल्स एंड सर्विस, रांची राजन मेहता - मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली अदालत ने साक्ष्य के अभाव में जिन्हें बरी किया : 1. एनुल हक - एकाउंटेंट, डोरंडा कोषागार। 2. राजेंद्र पांडेय - एकाउंटेंट डोरंडा कोषागार। 3. साकेत बिहारी लाल - स्क्रूटिनी क्लर्क डोरंडा। 4. दीना नाथ सहाय - स्क्रूटिनी क्लर्क। 5. डॉ. कामेश्वर प्रसाद यादव - पूर्व सहायक पोल्ट्री अधिकारी, रांची। 6. सनाउल हक - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 7. मो. इकराम - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 8. मो. हुसैन - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 9. सैरूनिशा - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 10. कलशमणि कश्यप - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची 11. बलदेव साहू - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची। 12. रंजीत सिन्हा - मेसर्स आर कारपोरेशन, रांची। 13. अनिल कुमार सिन्हा - मेसर्स एमपी प्राइवेट लि. पटना। 14. निर्मला प्रसाद - मेसर्स मडिवेट, रांची। 15. कुमारी अनिता प्रसाद - मेसर्स मेडिवेट रांची। 16. रामावतार शर्मा - मेसर्स तिरूपति एजेंसी, पटना। 17. रामा शंकर सिंह - मेसर्स इंटर फार्मास्युटिकल, पटना। 18. बसंत कुमार सिन्हा - मेसर्स इंटर फार्मास्युटिकल, पटना। 19. सुनिल कुमार श्रीवास्तव - मेसर्स क्यू-मैक्स लेबोरेटरीज, नासिक। 20. चंचला सिन्हा - मेसर्स मगध केमिकल कारपोरेशन, पटना 21. प्रांति सिंह - मेसर्स अग्रोवेट इंडस्ट्रीज, रांची। 22. हरिश खन्ना - मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली मधु मेहता -मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली। जेल अधीक्षक तय करेंगे की लालू का इलाज रिम्स या जेल में रांची। चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद लालू प्रसाद, डॉ आरके राणा एवं डॉ केएम प्रसाद की ओर से खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अदालत में आवेदन दिया गया। अदालत ने दोपहर बाद दो बजे आवेदन पर सुनवाई करते हुए जेल अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार चिकित्सक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अर्थात् जेल प्रशासन अब तय करेगा कि लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजा जाए या जेल में ही उनका इलाज होगा। लालू को पांच में से पांचों केस में दोषी व सजा : 1. आरसी 20ए/96, चाईबासा ट्रेजरी का पहला केस : 37.70 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 30 सितंबर 2013 को कोर्ट ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराया। एक अक्तूबर 2013 को पांच साल जेल की सजा हुई। 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। 2. आरसी 64ए/96, देवघर ट्रेजरी केस : लगभग 90 लाख रुपये की अवैध निकासी मामले में 23 दिसंबर 2017 को दोषी करार। 6 जनवरी 2018 को लालू समेत 16 आरोपियों को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। लालू पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। 3. आरसी 68ए/96, चाईबासा ट्रेजरी का दूसरा केस : 33.61 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 24 जनवरी 2018 को लालू दोषी करार। इसी दिन उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई। 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 4. आरसी 38ए/96, दुमका ट्रेजरी केस : 3.31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 19 मार्च 2018 को लालू प्रसाद को दोषी पाया गया। 24 मार्च 2018 को लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेगी। यानी कुल 14 साल की सजा हुई। साथ में 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 5. आरसी 47ए/96, डोरंडा ट्रेजरी केस : 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 15 फरवरी 2022 को लालू प्रसाद दोषी करार। सजा के बिन्दु पर सुनवाई 21 फरवरी को होगी।

Published / 2022-02-15 06:54:29
लालू के लिए मंगल हुआ अमंगल, पूजा-पाठ "दही जतरा" के बावजूद 75 हुए दोषी करार, 21 को सुनाई जायेगी सजा

टीम एबीएन, रांची। डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद दोषी को चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में ट्रायल का सामना कर रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव दोषी करार द‍िए गए हैं। उन्हें 21 फरवरी की सुनाई जाएगी। आरके राणा, जगदीश शर्मा, ध्रुव भागत को भी सीबीआइ कोर्ट ने दोषी पाया है। वहीं इस मामले में 24 अभ‍ियुक्‍त बरी कर द‍िए गए हैं। इनमें राजेन्द्र पांडे, साकेत, दिनांनाथ सहाय, रामसेवक साहू, अईनुल हक, सनाउल हक, मो एकराम, मो हुसैन, शैरो निशा, कलसमनी कश्यप, बलदेव साहू, रंजीत सिन्हा, अनिल कुमार सिन्हा (सप्लायर), निर्मला प्रसाद, कुमारी अनिता प्रसाद, रामावतार शर्मा, श्रीमती चंचला सिंह, रमाशंकर सिन्हा, बसन्त, सुलिन श्रीवास्तव, हरीश खन्ना, मधु, डॉ कामेस्वर प्रसाद शाम‍िल हैं। उधर, सीबीआइ कोर्ट परिसर से यह महत्‍वपूर्ण खबर आ रही है कि चारा घोटाला मामले के कई अभ‍ियुक्‍त अभी तक अदालत नहीं पहुंच पाए हैं। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया है और कहा है कि किसी भी सूरत में आरोपितों को शाम तक कोर्ट आना ही होगा। देखना यह होगा कि यह आरोपित किस तरीके से शाम तक कोर्ट में लाए जा रहे हैं या पहुंच पा रहे हैं। रांची के मोराबादी स्थित गेस्ट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद यादव सीबीआइ कोर्ट में हाजिर होने पहुंच चुके हैं। उधर, सीबीआई कोर्ट मैं आज की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मालूम हो कि चारा घोटाला कि इस मामले में सीबीआई ने अभियुक्तों की जो सूची कोर्ट में सुपुर्द की है उसमें लालू प्रसाद यादव का नाम दूसरे नंबर पर दर्ज है। उधर, गेस्‍ट हाउस से म‍िली जानकारी के अनुसार, लालू यादव ने मोरहाबादी स्टेट गेस्ट हाउस में पहले पूजा-पाठ क‍िया। पूजा के बाद दही खाकर जतरा बनाया। इसके बाद अदालत के ल‍िए रवाना हुए। बताते चलें कि स्टेट गेस्ट हाउस से महज एक किलोमीटर की दूरी पर सीबीआइ अदालत है।

Published / 2022-02-15 06:34:45
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद दोषी करार

टीम एबीएन, रांची। बहुचर्चित चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले में कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को करार किया है। फैसला आने के कुछ ही घंटे में यह डिसीजन कोर्ट ने सुनाया है। आज सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनायी। सुबह दस बजे से कोर्ट में अभियुक्तों की पेशी शुरू हो गयी थी। दोपहर तक सभी अभियुक्तों को फैसला सुना दिया जाएगा। 11.50 बजे लालू यादव दोषी करार। 10.30 बजे चारा घोटाला मामले में न्यायाधीश एसके शशि की अदालत में सीबीआई कोर्ट में फैसले पर सुनवाई शुरू। सभी अभियुक्तों की हो रही है हाजिरी। 11.16 बजे लालू यादव पहुंचे कोर्ट। 10:58 बजे सीबीआई की विशेष कोर्ट के जज एसके शशि 11:30 बजे कोर्ट रूम में पहुंचेंगे। 10:58 बजे स्टेट गेस्ट हाउस कोर्ट कैंपस के लिए रवाना हुए लालू यादव। 10:18 बजे आरोपी आर के राणा पहुंचे सीबीआई कोर्ट। 10:16 बजे लालू के वकील प्रभात कुमार पहुंचे कोर्ट। चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में आज आना है फैसला। राजद सुप्रीमो लालू यादव ठीक 11:00 बजे स्टेट गेस्ट हाउस से व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में हाजिर होने के लिए निकलेंगे। लालू यादव के साथ राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, श्याम रजक, जयप्रकाश यादव और भोला यादव भी कोर्ट पहुंचेंगे। मीसा भारती के कोर्ट परिसर जाने को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार।

Published / 2022-02-15 02:50:22
देश में फिर 54 चीनी ऐप बैन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत सरकार ने फ्री फायर समेत 54 चीनी ऐप बैन कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया है। जून 2020 से अब तक भारत 200 से ज्यादा चीनी ऐप बैन कर चुका है। इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने जिन ऐप पर बैन लगाया है, उनमें चीन की दिग्गज टेक कंपनियों के ऐप भी शामिल हैं। इन कंपनियों में टेंसेंट, अलीबाबा और नेट ईज के नाम लिए जा सकते हैं। भारत सरकार के ताजा फैसले में जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें स्वीट सेल्फी एचडी, ब्यूटी कैमरा- सेल्फी कैमरा, इक्वेलाइजर एंड बास बूस्टर, कैमकार्ड फॉर सेल्सफोर्स एंट, आइसोलैंड2: एशेज ऑफ टाइम लाइट, विवा वीडियो एडिटर, टेंसेंट एक्सरीवर, ऑनम्योजी चेस, ऑनम्योजी एरीना, एपलॉक और ड्यूल स्पेस लाइट प्रमुख रूप से शामिल हैं। भारत में चीनी ऐप को बैन करने की शुरुआत जून 2020 में हुई जब टिकटॉक, अलीबाबा का यूसी और टेंसेंट के वीचैट समेत दर्जनों ऐप सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बैन कर दिए गए थे। तब से भारत ने पबजी समेत 200 से ज्यादा चीनी ऐप को बैन किया है। कई कंपनियों ने भारत सरकार की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की, लेकिन प्रतिबंध जारी रहा। भारत ऐप इंस्टोलेशन के मामले में सबसे बड़ा बाजार बताया जाता है। ऐप रैंकिंग प्लेटफॉर्म ऐप ऐनी के अनुसार पिछले साल भारत में 25 अरब डाउनलोड हुए। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की सुरक्षा का खतरा बताते हुए चीनी मूल के 54 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इसके बाद इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने औपचारिक तौर पर अधिसूचना जारी इन पर प्रतिबंध लगा दिया। ताजा फैसले में कुछ ऐसे भी ऐप है जिन्होंने पिछले प्रतिबंध के बाद खुद को नए रूप में पेश किया था।

Published / 2022-02-13 12:34:51
ड्राइविंग लाइसेंस : अब नहीं कटेगा आपका चालान...

टीम एबीएन, रांची। ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर चालान नही कटने को लेकर हम आपको बड़ी जानकारी देने जा रहे है। अगर आप भी स्कूटी, मोटरसाइकिल या गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके बहुत फायदे की है। दरअसल इस खबर का फायदा उन लोगों को होने वाला है जो ड्राइविंग करते है। दरअसल आपको ड्राइविंग लाइसेंस चालान से बचने के लिए साथ में लेकर चलने की जरुरत नहीं है। वाहन चालक यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा पूछे जाने पर डिजी-लॉकर प्लेटफॉर्म या एम-परिवहन मोबाइल ऐप में डिजिटल रूप में रखे इन दस्तावेजों को दिखा सकते हैं। डिजी-लॉकर में डॉक्यूमेंट सेव रखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अपने साथ अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की हार्ड कॉपी रखने की जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के अनुसार डिजी-लॉकर प्लेटफॉर्म या एम-परिवहन मोबाइल ऐप पर डिजिटल स्वरूप में रखे ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी का पंजीकरण प्रमाणपत्र मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत वैध दस्तावेज हैं। विभाग के अनुसार ये परिवहन विभाग द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के अनुरूप वैध रूप से मान्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य किसी रूप में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की सॉफ्ट कॉपी मूल रिकॉर्ड के रूप में स्वीकार्य नहीं होगी।

Published / 2022-02-12 03:08:56
आरोग्य सेतु यूजर्स अब एक जगह रख सकेंगे अपने स्वास्थ्य का पूरा रिकॉर्ड

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एक जगह पर रखने की सुविधा मिलेगी। सरकार ने अब आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) से नागरिकों को जोड़ने के लिए यह नई सुविधा दी है। इसके तहत जो भी लोग आरोग्य सेतु पर पहले से रजिस्टर होंगे, वे ऐप से ही 14 अंकों का अनोखा आभा नंबर ले सकेंगे। वे इस अकाउंट नंबर के जरिए अपने पुराने और नए मेडिकल रिकॉर्ड्स को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट पर अपलोड कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने हाल ही में अपने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का नाम बदलकर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) कर दिया था। इस कार्यक्रम को सभी नागरिकों तक डिजिटल स्वास्थ्य आईडी मुहैया कराने के मकसद से शुरू किया गया था। इस डिजिटल आईडी में स्वास्थ्य रिकॉर्ड की पूरी जानकारी मुहैया होगी। गौरतलब है कि सरकार ने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन योजना को 15 अगस्त 2020 को शुरू किया था। अब तक यह योजना पायलट आधार पर संचालित की जा रही थी। इस योजना के अंतर्गत एक लाख से अधिक स्वस्थ आईडी बन चुकी हैं। क्या होगा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का फायदा? आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत नागरिकों को जो हेल्थ आईडी कार्ड मिलेगा, वमाध्यम से व्यक्तियों की पहचान करके उनको प्रमाणित करने में एवं उनके स्वास्थ्य रिपोर्ट को कई प्रणालियों एवं हितधारकों तक पहुंचाया जाएगा। यह आईडी बनाने के लिए नागरिकों के कुछ बुनियादी विवरण एकत्रित किए जाएंगे। इस अभियान के अंतर्गत सभी नागरिकों के हेल्थ रिकॉर्ड का एक डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इस हेल्थ रिकॉर्ड को नागरिक जब चाहे जहां चाहे इस्तेमाल कर सकेगा। हेल्थ रिकॉर्ड में मरीज की चिकित्सा से संबंधित सभी जानकारी स्टोर की जाएगी जैसे कि परामर्श, टेस्ट की रिपोर्ट आदि।

Published / 2022-02-11 18:58:05
डोरंडा कोषागार : लालू फिर जाएंगे जेल या मिलेगा बेल? फैसला 15 को

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चर्चित चारा घोटाले से जुड़े पांच में से चार मामलों में दोषी करार दिए गए लालू यादव सजा की आधी अवधि जेल में काट लेने के बाद मेडिकल ग्राउंड पर जमानत पर हैं। लालू यादव को फिर से जेल जाना पड़ सकता है। चारा घोटाले से संबंधित डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में 15 फरवरी को फैसला आना है। डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ की अवैध निकासी के मामले में 15 फरवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत फैसला सुनाने वाली है। इस दौरान लालू यादव को कोर्ट में सशरीर उपस्थित रहना होगा। लालू के स्वास्थ्य और पहले के चारा घोटाला मामलों में आए फैसलों को देख आरजेडी के खेमे में, आरजेडी के समर्थकों में चिंता बढ़ गई है।आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के रांची में अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा मामला है चारा घोटाले के सबसे बड़े आरसी 47 ए/96 के ये मामले दरअसल 1990 से 1995 के बीच के हैं। लालू के स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने बताया कि अगर सजा होती है तो स्वास्थ्य को बड़ा ग्राउंड बनाया जाएगा। लालू यादव किडनी की परेशानी से जूझ रहे हैं। उन्हें चिकित्सकों ने 24 घंटे में महज 500 मिली लीटर लिक्विड लेने के लिए कहा है। अधिवक्ता प्रभात कुमार ने कहा कि अगर क्रिएटिनिन लेवल पांच से ऊपर जाता है तो उनको नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ेगा। हर रोज स्वास्थ्य का अपडेट एम्स को भेजा जाता है। प्रभात कुमार को उम्मीद है कि कोर्ट considerate रहेगा। हालांकि संशय इस बात को लेकर भी है कि इसके पहले तमाम मामलों में तीन साल से ज्यादा की सजा लालू को हुई है और लोअर कोर्ट से कभी भी राहत नही मिली है। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को लालू प्रसाद यादव के रांची आने की संभावना है।

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