टीम एबीएन, रांची। आईएएस पूजा सिंघल मामले में ईडी की कार्रवाई आज भी जारी है। ईडी द्वारा कई जिलों के माइनिंग ऑफिसर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जिसके तहत सोमवार को दुमका डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू ईडी दफ्तर पहुंचे जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पाकुड़ डीएमओ भी ईडी दफ्तर पहुंचे हैं।
टीम एबीएन, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की गिरफ्त में आई आईएएस पूजा सिंघल और उनके सीए सुमन कुमार की रिमांड कोर्ट ने चार दिन तक बढ़ा दी है। इससे पहले आईएएस पूजा सिंघल और उनके सीए सुमन कुमार की रिमांड अवधि सोमवार को खत्म हो गई थी। इसके बाद ईडी अधिकारियों ने दोनों को कोर्ट में पेश किया और आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग की। अदालत ने ईडी की मांग को स्वीकार कर लिया है और दोनों को चार दिन और रिमांड पर भेज दिया है।
टीम एबीएन, रांची। कांके रोड स्थित सरावगी बिल्डर्स के ठिकानों पर ईडी की टीम ने दबिश दी है। पूजा सिंघल से पूछताछ के बाद सरावगी बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स लिमिटेड के बारे में ईडी को जानकारी मिली थी। जिसके बाद बुधवार को ईडी की टीम ने छापेमारी की है। दरअसल, आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा ने मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित करोड़ों रुपये पल्स अस्पताल के लिए जमीन खरीदने में और निर्माण में खर्च किए थे। पूजा सिंघल के व्हाट्सएप चैट से कई बातों का खुलासा ईडी के समक्ष हुआ है। ईडी को जानकारी मिली है कि पल्स अस्पताल की जमीन की खरीद के लिए सरावगी बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स लिमिटेड को भारी रकम की भुगतान हुई थी। यही वजह है कि सरावगी बिल्डर्स के यहां ईडी ने दबिश दी है। अब ईडी यह जानकारी जुटा रही है कि सरावगी बिल्डर्स को चेक, आरटीजीएस या कैश से कितने का भुगतान किया गया था।
टीम एबीएन, रांची। आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले से घिरी आईएएस पूजा सिंघल को सस्पेंड कर दिया गया है। झारखंड सरकार ने पूजा सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसे लेकर विभाग की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। एऊ आॅफिस में उनका हेल्थ चेकअप करने आए डॉ आरके जायसवाल ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़कर 190/72 हो गया था।10 मिनट की काउंसिलिंग के बाद वो 162/100 हो गया। इसकी दवा उन्हें दी गई है। हालांकि जेल जाने के दौरान हुए हेल्थ चेकअप में वो पूरी तरह फिट थीं। जेल में भी उन्होंने तनाव और नींद की गोलियां ली हैं। बता दें कि खूंटी में मनरेगा घोटाले मामले में 16 घंटे की पूछताछ के बाद पूजा सिंघल को अरेस्ट कर लिया गया था। इसके बाद रात 10 बजे होटवार जेल भेज दिया गया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा कि वे (एजेंसी के अधिकारी) कोलकाता जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर सकते हैं। इस मामले में ईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को समन जारी किया है। ईडी ने जिक्र किया कि अतीत में किस प्रकार सीबीआई अधिकारियों को कोलकाता में घेराव किया गया था और अभिषेक बनर्जी राजनीतिक रूप से "प्रभावशाली" व्यक्ति हैं। इस पर न्यायालय ने कहा कि वह कह सकता है कि कोलकाता पुलिस सभी सहयोग करेगी और एजेंसी 72 घंटे पहले मांग करेगी तो राज्य इसके लिए बाध्य होगा। न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एक कथित कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने के अनुरोध वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वे मामले में जांच को नहीं रोक रहे हैं और ईडी कोलकाता आकर मामले में जांच कर सकता है। पीठ ने ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू से कहा, मान लीजिए... आपको जो भी दस्तावेज, जो भी रिकॉर्ड चाहिए, हर पृष्ठ उपलब्ध कराया जाएगा और आप कोलकाता आ सकते हैं। पीठ में न्यायमूर्ति एसआर भट्ट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया भी शामिल हैं। राजू ने कहा, आप जानते हैं... मुझे नहीं कहना चाहिए, ऐसे उदाहरण हैं जब सीबीआई अधिकारियों का भी घेराव किया गया था। सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कहा कि ईडी का कोलकाता में क्षेत्रीय कार्यालय है। उन्होंने कहा, मैं (याचिकाकर्ता) जांच को रोक नहीं रहा हूं। मैं कह रहा हूं कि कृपया आएं और मेरी जांच करें। विषय जांच का नहीं है, स्थान का है। मैं कह रहा हूं कि कृपया आएं और मेरी जांच करें। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूंगा, आप कोलकाता आइए। वे कहते हैं नहीं, हम नहीं आएंगे, आप दिल्ली आइए। पीठ ने एएसजी से कहा कि वह पश्चिम बंगाल सरकार को अदालत की ओर से यह अवगत कराये कि ईडी के अनुरोध पर, पुलिस बल मुहैया कराया जाए। मामले में अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय ने कअर पूजा सिंघल को लंबी पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई गिरफ्तारी हुई है। मनरेगा घोटाला मामले में पूछताछ के लिए झारखंड की खान सचिव पूजा सिंघल से आज यानी बुधवार को भी ईडी कार्यालय पहुंच थी। ईडी ने उन्हें रांची छोड़कर बाहर नहीं जाने को कहा है। इधर, झारखंड सरकार भी पूजा सिंघल के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईडी ने पूजा को समन जारी किया है, लिहाजा झारखंड सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। जल्द ही इसपर निर्णय होगा।
टीम एबीएन, पलामू। मेदिनीनगर के एक सत्र न्यायालय ने 13 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए मंगलवार को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और पचास हजार रुपये जुर्माना लगाया। अदालत में सुनाये अपने फैसले में कहा गया है कि यदि अर्थ दण्ड की राशि नहीं दी जाती है तो, सजा की अवधि एक वर्ष बढ़ जाएगी। अदालत ने कहा कि जुर्माने की राशि जमा होने पर उसकी आधी राशि यानी 25 हजार रुपये पीड़ित अलखदेव महतो को दिए जायेंगे। पलामू जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार की अदालत ने आज यह फैसला सुनाया। इस मामले में अलखदेव महतो ने तेरह वर्ष पूर्व एक जून 2009 को छत्तरपुर थाने में गोपाल महतो समेत ग्यारह लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह प्राथमिकी भूमि विवाद से जुड़ी हुई थी जिसमे वादी अलखदेव महतो ने पुलिस एवं अदालत को दिये अपने बयान में कहा था कि 25 मई 2009 को गोपाल महतो और उसके साथियों ने जान से मारने की नीयत से उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। इस घटना में गंभीर रुप से घायल होने वाले अलखदेव महतो का इलाज बिहार के गया में मगध चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में किया गया था। अन्य दस आरोपियों को संदेह के लाभ देते हुए अदालत ने रिहा करने के आदेश दिये।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की खनन सचिव पूजा सिंघल से मंगलवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई। खूंटी में मनरेगा राशि की कथित हेराफेरी से जुड़े धनशोधन मामले एवं अन्य आरोपों की जांच के सिलसिले में वह अपने पति के साथ यहां ईडी के सामने पेश हुईं थीं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। सिंघल को बुधवार को अगले दौर की पूछताछ के लिए फिर से पेश होने को कहा गया है। ईडी ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत वर्ष 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी सिंघल का बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने कहा कि सिंघल के व्यवसायी पति अभिषेक झा का बयान भी दर्ज किया गया। दंपति पूर्वाह्नन करीब 11 बजे एयरपोर्ट रोड स्थित हिनू इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे और रात करीब आठ बजे वहां से निकले। ईडी ने नौकरशाह, उनके पति, उनसे जुड़ी संस्थाओं और अन्य के खिलाफ 6 मई को झारखंड और कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी के बाद पूछताछ की है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने चार एसयूवी भी जब्त की हैं - जो धनशोधन रोधी कानून के तहत गिरफ्तार सीए सुमन कुमार या उससे जुड़े व्यक्तियों के नाम पर थीं। ईडी कार्यालय में दिन भर की पूछताछ के दौरान काफी व्यस्तता देखी गई। इस दौरान कुछ बक्सों के साथ कुछ कारें एजेंसी की इमारत में प्रवेश करती दिखी, जबकि बाहर कई मीडियाकर्मी खड़े थे। सिंघल एवं अन्य के खिलाफ यह मामला धनशोधन से जुड़ा है, जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी ने 17 जून 2020 को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। उससे पहले उसके खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद 2012 में एजेंसी द्वारा पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया था। सिन्हा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर 1 अप्रैल 2008 से 21 मार्च 2011 तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए कथित तौर पर जनता के पैसे की धोखाधड़ी करके उसे अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करने का आरोप है। सिन्हा ने ईडी को बताया कि उसने जिला प्रशासन को पांच प्रतिशत कमीशन (धोखाधड़ी में से) का भुगतान किया।
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