एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चार सहकारी बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसमें ग्राहकों के अपने बैंक खातों से पैसा निकालने की सीमा लगाना शामिल है। इन बैंकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आरबीआई के अनुसार, साईबाबा जनता सहकारी बैंक, द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरी (पश्चिम बंगाल) और बहराइच के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के मुताबिक, साईबाबा जनता सहकारी बैंक के जमाकर्ता 20,000 रुपए से अधिक नहीं निकाल सकते है। जबकि सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक के लिए यह सीमा 50,000 रुपए है। इसी तरह, नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 10,000 रुपए कर दी गई है। आरबीआई ने बिजनौर स्थित यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर भी कई प्रतिबंध समेत ग्राहकों द्वारा धन निकासी पर रोक लगा दी है। केंद्रीय बैंक द्वारा चार सहकारी बैंकों को यह निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जारी किये गए है, जो छह महीने तक लागू रहेंगे। रिजर्व बैंक ने एक अन्य बयान में कहा कि उसने सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पर धोखाधड़ी से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन को लेकर 57.75 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि उन्हें शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में अरेस्ट किया गया है। इसके बाद उन्हें स्थानीय अदालत के सामने पेश करने के लिए ले जाया गया। एक दिन पहले ही उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ईडी की रेड पड़ी थी। इस छापे में करीब 20 करोड़ रुपये मिलने का दावा हुआ था। बताया जा रहा है कि मामले में मजिस्ट्रेट नीलम शशि कुजूर ने कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में सुनवाई की। हालांकि, पार्थ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि चूंकि यह एक विशेष मामला है, यह इस अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इसके बाद कोर्ट ने पार्थ को दो दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। अब पार्थ चटर्जी सोमवार को सुबह 10.30 बजे विशेष अदालत में पेश किया जायेगा। मेरे मुवक्किल के आवास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ : पार्थ के वकील- पार्थ चटर्जी के वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल के आवास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ और न ही उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई विशेष अनुमति ली गई क्योंकि वे एक लोक सेवक है। प्राथमिक अपराधों में जब भी बुलाया गया वे पेश हुए लेकिन इस बार समन नहीं आया। गौरतलब है कि ईडी के अधिकारियों ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में चटर्जी से शुक्रवार को रातभर पूछताछ की। एजेंसी के अधिकारियों ने चटर्जी से आवास पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से उनसे पूछताछ शुरू की थी, इसके बाद आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जब यह कथित घोटाला हुआ था, तब चटर्जी राज्य के शिक्षा मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले में कथित रूप में शामिल लोगों के खिलाफ धनशोधन संबंधी पहलू की जांच कर रहा है। पार्थ चटर्जी अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार 25 अप्रैल को और दूसरी बार 18 मई को पूछताछ की गई थी। पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्यमंत्री अधिकारी से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा उनकी बेटी स्कूल शिक्षक की अपनी नौकरी गंवा चुकी हैं। क्या बोले टीएमसी नेता : तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, हम हालात पर निकटता से नजर रख रहे हैं। हम उचित समय पर इस मामले पर बयान जारी करेंगे। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को विधानसभा के किसी सदस्य को गिरफ्तार करने से पहले अध्यक्ष को इसके बारे में सूचित करना चाहिए। उन्होंने कहा, ईडी या सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को किसी भी सांसद या विधायक को गिरफ्तार करते समय लोकसभा या विधानसभा के अध्यक्ष को सूचित करना होता है। यह संवैधानिक नियम है, लेकिन चटर्जी की गिरफ्तारी के बारे में ईडी से मुझे कोई सूचना नहीं मिली। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि ईडी ने चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में ले लिया जिनके एक परिसर से 21 करोड़ रुपये नकद राशि जब्त की गई थी। अफसर ने कहा, चटर्जी हमारे अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं कर रहे थे जो उनसे शुक्रवार सुबह से पूछताछ कर रहे थे। उन्हें दिन में एक अदालत में पेश किया जायेगा। मंत्री की करीबी सहयोगी के घर मिले 20 करोड़ रुपये : जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ईडी ने छापा मारा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान ईडी ने करीब 20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों का एक बड़ा पहाड़ देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्पिता के अलावा ईडी ने कई और ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस सूची में मंत्री पार्थ चैटर्जी, माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार, कल्याण मॉय गांगुली जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी जब्ती के बाद आरबीआई का एक ट्रक अर्पिता के घर पर पहुंचा है। ट्रक में कई सील बंद ट्रंक रखे गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की एक करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों पर छापेमारी में 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। ईडी ने एक बयान में कहा, इस धन के एसएससी घोटाले से जुड़े होने का संदेह है। नोट गिनने वाली मशीन के माध्यम से नकदी की गिनती के लिए जांच टीम बैंक अधिकारियों की मदद ले रही है। ईडी ने कहा कि अर्पिता मुखर्जी के परिसर से 20 से अधिक मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिसके उद्देश्य और उपयोग का पता लगाया जा रहा है। बयान में कहा गया कि ईडी ने चटर्जी के अलावा शिक्षा राज्य मंत्री परेश सी अधिकारी, विधायक माणिक भट्टाचार्य और अन्य के परिसरों पर छापा मारा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत ने निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के पति और पल्स अस्पताल के मालिक अभिषेक झा, सीए सुमन कुमार, जेई राम विनोद सिंह, राजेंद्र जैन, जय किशोर चौधरी और शशि प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया। ईडी की स्पेशल कोर्ट ने इन सभी आरोपियों के विरुद्ध समन जारी किया है, जिसके बाद इन लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी है। कोर्ट ने जिन आरोपियों के विरुद्ध समन जारी किया है, उन्हें 3 अगस्त तक कोर्ट के समक्ष उपस्थित होना है। मनरेगा घोटाले मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। ईडी की ओर से कोर्ट में करीब 5000 पन्नों में चार्जशीट दाखिल की गई है। जिसमें पूजा सिंघल से जुड़े नेक्सस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है, साथ ही इस केस से जुड़ कई अहम जानकारियां भी दी गई है। गौरतलब है कि ईडी ने 5 मई को पूजा सिंघल के 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद पूजा सिंघल और सीएम सुमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी ने छापेमारी के दौरान सुमन सिंह के आवास और कार्यालय से 19.31 करोड़ रुपए की बरामदगी भी हुई थी।
टीम एबीएन, बोकारो/रांची। झारखंड में बोकारो की एक अदालत में सोमवार को जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) योगेश कुमार सिंह की अदालत ने अभिमन्यु राठौर उर्फ मन्नत को एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के आरोप में 20 साल का सश्रम कारावास और 10000 रुपए जुर्माना के अलावा भारतीय दंड विधान की धारा में 10 साल का सश्रम कारावास 10000 रुपए जुर्माना और तीन साल का सश्रम कारावास का सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने बताया कि बालीडीह थाना क्षेत्र के एक युवती के साथ उक्त अभियुक्त छेड़खानी कर रहा था। बीच-बचाव करने आए उसके भाई और पिता पर अभियुक्त ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना 29 जून 2021 को घटी थी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को ईडी ने मंगलवार शाम गिरफ्तार किया। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए पंकज मिश्रा को अपने कार्यालय में बुलाया था। सुबह करीब 11 बजे पंकज मिश्रा प्रवर्तन निदेशाल के सवालों का जवाब देने के लिए पहुंचे। दिनभर ईडी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। शाम में इस बात की घोषणा हुई कि ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पिछले कई दिनों से ईडी अधिकारी उन्हें पूछताछ के लिए बुला रहे थे, लेकिन वह बीमारी का हवाला देकर नहीं आ रहे थे। मंगलवार को अंतत: उन्हें पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय आना पड़ा और उनकी गिरफ्तारी भी हो गई। पंकज मिश्रा के करीबी दाहू यादव और बच्चा यादव से भी ईडी के अधिकारी कई दिनों से पूछताछ कर रहे थे। सोमवार को ही ईडी कार्यालय के सूत्रों ने कहा था कि मंगलवार को पंकज मिश्रा से पहले पूछताछ होगी। इसके बाद पंकज मिश्रा को दाहू यादव और बच्चा यादव के सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। मंगलवार को ऐसा ही हुआ। तीनों के बयान के बाद अंतत: ईडी ने पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। दाहू यादव और बच्चा यादव ने ईडी को जानकारी दी है कि उनके अवैध खनन मामलों तथा अन्य काले धंधों में पंकज मिश्रा की हिस्सेदारी है। पंकज मिश्रा इन दोनों के माध्यम से अपना काला धन खपाने का काम करते थे। दोनों ने ईडी के समक्ष खुलासा कर दिया है कि पंकज मिश्रा ने करोड़ों की संपत्ति निवेश की है।
टीम एबीएन, रांची। स्वच्छता रैंकिंग में बार-बार नंबर-1 आ रहे मध्य प्रदेश के इंदौर की तर्ज पर अब झारखंड में भी साफ-सफाई को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। बाजारों में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम सख्ती के मूड में है। नगर विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों को शहरों को साफ और स्वच्छ बनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सभी मकान मालिकों और दुकानदारों को अपने घर और दुकानों में डस्टबिन रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही निर्देश का पालन नहीं करने पर 1000 रुपए तक जुर्माना का प्रावधान भी किया है। एक तरफ जहां शहरों में गंदगी फैलाने पर 50 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक के दंड का प्रावधान किया गया है तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी भवनों और चौक-चौराहों पर पोस्टर चिपकाने या किसी भी तरह के स्लोगन लिखने पर 1500 रुपए का जुर्माना लगेगा। चाट, फास्ट फुड का ठेला लगाने वाले दुकानदारों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने पर 75 रुपए की राशि का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही नगर विकास विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी या आम रास्ता पर कब्ज़ा करना, रास्ते में कचरा फेंकना और खुले में शौच या पेशाब करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। नगर विकास विभाग ने नगर निकायों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लोग कूड़ा, कूड़े वाली गाड़ी पर ही डालें। यदि किसी कारण कूड़े वाली गाड़ी समय पर नहीं आती है तो लोग सार्वजनिक कचरापेटी में ही कूड़ा डाले। किसी भी परिस्थिति में सड़क पर कचरा नहीं फेंका जाए। साथ ही नगर निकाय सफाई शुल्क का भुगतान, ट्रेड लाइसेंस और नगर निकाय होल्डिंग कर का भुगतान समय पर प्राप्त करने के लिए काम करें।
टीम एबीएन, रांची। निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर मंगलवार को ईडी की विशेष अदालत में सुनवाई की जाएगी। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान पूजा सिंघल की ओर से याचिका पर बहस के लिए समय देने का आग्रह किया गया। कोर्ट ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुये अगली तिथि यानी 19 जुलाई निर्धारित की थी। बता दें कि निलंबित आईएएस पूजा सिंघल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मई माह में ईडी की टीम ने उनके आवास सहित 25 ठिकानों पर छापा मारा था। इस छापेमारी में सीए सुमन कुमार के घर से 19 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किये थे। पूजा सिंघल के खिलाफ ECIR 03/2018 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पिछले दिनों विशेष अदालत में पूजा सिंघल की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, जिस पर 19 जुलाई को अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में कई जिलों के डीएमओ से भी पूछताछ हो चुकी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ने जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने पीएमएलए कोर्ट के जज प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत याचिका दाखिल की है। ईडी ने निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालिन कनीय अभियंता रामविनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जयकिशोर चौधरी, खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश के खिलाफ भी मनी लाउंड्रिंग की धारा 3, 4 और पीसी एक्ट की संगत धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल की है। 5 जुलाई को ईडी की टीम ने तकरीबन 200 पन्नों की चार्जशीट ईडी के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा के कोर्ट में दायर की। वहीं, ईडी ने तकरीबन पांच हजार पन्नों से अधिक का साक्ष्य भी कोर्ट में जमा कराया है। ईडी के अधिकारी दो बक्सों में कागजात लेकर कोर्ट पहुंचे थे। आरोप पत्र में छह से 25 मई तक ईडी की ओर से की गयी कार्रवाई की जिक्र है।
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