कानून व्यवस्था

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Published / 2022-08-03 11:18:57
दुमका मनरेगा लोकपाल राजेंद्र साह पर दर्ज होगी प्राथमिकी

टीम एबीएन, दुमका/रांची। चार दिन पहले दुमका मनरेगा लोकपाल राजेंद्र प्रसाद साह और एक बिचौलिए के बीच रुपए के लेनदेन से संबंधित ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। ऑडियो में रानीश्वर प्रखंड मे संचालित मनरेगा योजनाओं में हुई गड़बड़ी की लीपापोती और रफा-दफा करने के बदले रुपये की लेनदेन की बात की जा रही है। वायरल ऑडियो सामने आने के बाद उपायुक्त ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव से मनरेगा लोकपाल के खिलाप एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी है। वायरल ऑडियो में बिचौलिया लोकपाल से कहता है कि आपने जो आठ हजार रुपये लिए उसके बावजूद मेरा बचाव नहीं किया। इसके साथ ही बिचौलिया यह भी कह रहा है कि एक तालाब में आप एक लाख रुपये मांग रहे हैं। इसमें हम कितना कमाएंगे। इसपर मनरेगा लोकपाल बिचौलिये को धमकी देते हुए कह रहा है कि मामला कोर्ट में चल जाएगा तो पांच लाख रुपये खर्च हो जाएगा। दुमका उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि मनरेगा लोकपाल के पद पर पदस्थापित राजेंद्र प्रसाद साह द्वारा कथित बिचौलिया विपद तरण घोष से अवैध राशि लेते हुए ऑडियो वायरल हुआ है। डीसी ने यह भी बताया है कि रानीश्वर बीडीओ से पाटजोड़ योजनाओं की जांच करवाई गई, जिन योजनाओं की जांच हुई है, उनमें पहाड़पुर में मुक्ख्तार मुर्मू का डोभा निर्माण, जिसकी लागत राशि 1,73,528 कुल व्यय 18,450 रुपये, नवग्राम में सूरज मुर्मू का डोभा निर्माण, जिसकी लागत राशि 1,73,528 और कुल व्यय 1,26,600 रुपये और ढोड्डा में रानी सोरेन का तालाब निर्माण, जिसकी लागत राशि 4,02,330 और कुल व्यय 2,70,000 शामिल है। जांच प्रतिवेदन के मुताबिक इन योजनाओं में बरती गई अनियमितता की लीपापोती को लेकर बिचौलिया द्वारा 8 हजार रुपये मनरेगा लोकपाल राजेंद्र प्रसाद साह को देने की पुष्टि हुई है। इस जांच के आधार पर रोजगार सेवक द्वारा रानीश्वर थाना में बिचौलिया विपद तरण घोष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। उपायुक्त ने विभागीय सचिव से चयन मुक्त और प्राथमिकी दर्ज करवाने की अनुमति मांग की है। उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के सचिव से मनरेगा लोकपाल को चयन मुक्त करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही राजेंद्र प्रसाद साह पर प्राथमिकी दर्ज करवाई की अनुमति भी मांग की है।

Published / 2022-08-03 02:51:20
पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर ईडी कोर्ट में सुनवाई आज

टीम एबीएन, रांची। मनरेगा घोटाला मामले में जेल में बंद निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर आज (3 अगस्त ) सुनवाई होगी। उनके अधिवक्ता ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत देने का आग्रह किया था, जिसके बाद 26 जुलाई की सुनवाई में ईडी ने अपना पक्ष रखने के लिए समय की मांग की थी। ईडी की मांग के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए आज की तिथि निर्धारित की थी। आपको बता दें कि पूजा सिंघल के आवास और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी के थी। इस दौरान उनके सीए सुमन कुमार के ठिकानों से 19 करोड़ से ज्यादा नकद बरामद किए गए थे। इस मामले में ईडी ने 11 मई को पूजा सिंघल को हिरासत में ले लिया था। निलंबित आईएएस पूजा सिंघल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मई माह में ईडी की टीम ने उनके आवास सहित 25 ठिकानों पर छापा मारा था। इस छापेमारी में सीए सुमन कुमार के घर से 19 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किये थे। पूजा सिंघल के खिलाफ ECIR 03/2018 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पिछले दिनों विशेष अदालत में पूजा सिंघल की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, जिस पर 19 जुलाई को अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में कई जिलों के डीएमओ से भी पूछताछ हो चुकी है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब तक के अपडेट्सः ईडी ने निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालिन कनीय अभियंता रामविनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जयकिशोर चौधरी, खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश के खिलाफ भी मनी लाउंड्रिंग की धारा 3, 4 और पीसी एक्ट की संगत धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल की है। 5 जुलाई को ईडी की टीम ने तकरीबन 200 पन्नों की चार्जशीट ईडी के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा के कोर्ट में दायर की। वहीं, ईडी ने तकरीबन पांच हजार पन्नों से अधिक का साक्ष्य भी कोर्ट में जमा कराया है। ईडी के अधिकारी दो बक्सों में कागजात लेकर कोर्ट पहुंचे थे। आरोप पत्र में छह से 25 मई तक ईडी की ओर से की गयी कार्रवाई की जिक्र है। इस आरोप पत्र में ईडी की ओर से कहा गया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और इसमें पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया जाएगा। आरोप पत्र के साथ ईडी ने जो दस्तावेज दिए हैं, वह पूजा सिंघल, सीए सुमन सिंह, अभिषेक झा और कुछ जिलों के खनन पदाधिकारियों से पूछताछ को बाद ईडी को हाथ लगे थे। ईडी के आरोप पत्र में बताया गया है कि चतरा, खूंटी और पलामू में डीसी रहते हुए उनके खातों में उनकी सैलरी से 1.43 करोड़ रुपये अधिक थे।

Published / 2022-08-02 08:24:53
नेशनल हेराल्ड के दफ्तर समेत 14 ठिकानों पर ED का छापा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने दिल्ली स्थित नेशनल हेराल्ड के दफ्तर में छापा मारा है। जानकारी के मुताबिक, ईडी के अधिकारी नेशनल हेराल्ड के दफ्तर में मौजूद हैं और तलाशी अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि इस मामले में पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी पूछताछ हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, नेशनल हेराल्ड मामले में देश भर में 14 लोकेशन पर छापेमारी की गई। इसमें नेशनल हेराल्ड का दफ्तर भी शामिल है। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी AJL का गठन किया था। इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषाओं में समाचार पत्रों को प्रकाशित करना था। तब AJL के अंतर्गत अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज समाचार पत्र प्रकाशित हुए। भले ही AJL के गठन में पंडित जवाहर लाल नेहरू की भूमिका थी, लेकिन इसपर मालिकाना हक कभी भी उनका नहीं रहा। क्योंकि, इस कंपनी को 5000 स्वतंत्रता सेनानी सपोर्ट कर रहे थे और वही इसके शेयर होल्डर भी थे। 90 के दशक में ये अखबार घाटे में आने लगे। साल 2008 तक AJL पर 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया। तब AJL ने फैसला किया कि अब समाचार पत्रों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। अखबारों का प्रकाशन बंद करने के बाद AJL प्रॉपर्टी बिजनेस में उतरी। 2010 में AJL के 1057 शेयरधारक थे। घाटा होने पर इसकी होल्डिंग यंग इंडिया लिमिटेड यानी YIL को ट्रांसफर कर दी गई। यंग इंडिया लिमिटेड की स्थापना उसी वर्ष यानी 2010 में हुई थी। इसमें तत्कालीन कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए। कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के पास रखी गई। शेष 24 फीसदी कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस (दोनों का निधन हो चुका है) के पास थी। शेयर ट्रांसफर होते ही AJL के शेयर होल्डर्स सामने आ गए। पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण, इलाहाबाद व मद्रास उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू सहित कई शेयरधारकों ने आरोप लगाया कि जब YIL ने AJL का "अधिग्रहण" किया था तब उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। यही नहीं, शेयर ट्रांसफर करने से पहले शेयर होल्डर्स से सहमति भी नहीं ली गई। बता दें कि शांति भूषण और मार्कंडेय काटजू के पिता के नाम पर AJL में शेयर था।

Published / 2022-08-02 08:01:50
ED के ज्यादातर सवालों पर चुप रहते हैं पार्थ चटर्जी, बोलते हैं- थक गया हूं...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार किए गए मंत्री पार्थ चटर्जी पूछताछ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। ईडी अधिकारी ने कहा, वह गिरफ्तारी के बाद से ही हमारे साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह अक्सर थकावट की शिकायत करते हैं और हमारे सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने बताया कि चटर्जी ने कथित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के संबंध में ईडी के ज्यादातर सवालों का जवाब नहीं दिया है। ईडी अधिकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए गए नेता चटर्जी पूछताछ के दौरान ज्यादातर वक्त चुप रहे। चटर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि वह "साजिश का शिकार" हुए हैं। उन्होंने खुद को निलंबित करने के टीएमसी के फैसले पर नाखुशी भी जताई थी। ईडी अधिकारी ने कहा, वह गिरफ्तारी के बाद से ही हमारे साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह अक्सर थकावट की शिकायत करते हैं और हमारे सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। हमने चटर्जी से उनके दावों के बारे में पूछा था कि छापे में बरामद नकदी उनकी नहीं है। हम इस धन के स्रोत के बारे में पता लगा रहे हैं।

Published / 2022-08-01 17:59:27
सीएम के सलाहकार अभिषेक पिंटू ने ईडी अधिकारियों से मांगा और समय

टीम एबीएन, रांची। अवैध खनन और गलत तरीके से लीज पट्टा आवंटित कराने के मामले को लेकर ईडी के अधिकारी राजधानी रांची सहित विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रहे हैं। इसी को लेकर राज्य के कई नामी-गिरामी चेहरों से पूछताछ हो रही है। इस कड़ी में कई लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं। इस कड़ी में ईडी ने मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक कुमार पिंटू को भी समन भेजकर सोमवार को बुलाया था, लेकिन सोमवार शाम तक पिंटू ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे। हालांकि कहा जा रहा है कि पिंटू ने पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर आने के लिए छह अगस्त का समय लिया है। बता दें कि झारखंड में अवैध खनन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी अभी तक मुख्यमंत्री के करीबी पंकज मिश्रा, आईएएस पूजा सिंघल आदि को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी के साथ इनकी पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों से पूछताछ कर रही है। इस कड़ी में ईडी ने समन जारी कर मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक कुमार पिंटू को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन अभिषेक कुमार पिंटू ईडी दफ्तर सोमवार को देर शाम तक नहीं पहुंचे। हालांकि अनुमान लगाया जा रहा था कि अभिषेक कुमार पिंटू ईडी दफ्तर पहुंचेंगे, जिसके बाद कई बड़ी शख्सियत के नाम सामने आ सकते हैं। ईडी के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया। हालांकि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि अभिषेक कुमार पिंटू ने 6 अगस्त का समय लिया है और यह उम्मीद जताई जा रही है अगली तारीख तक ईडी दफ्तर मैं अभिषेक कुमार पिंटू पहुंच सकते हैं।

Published / 2022-07-31 17:02:41
झारखंड कैश कांड : तीनों कांग्रेस विधायक 10 दिन की रिमांड पर, अब तक 5 लोग धराये

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल पुलिस ने शनिवार को हावड़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गाड़ी से भारी मात्रा में कैश बरामद किया था। इस गाड़ी में झारखंड के तीन कांग्रेस विधायक भी सवार थे। जिनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रविवार को पहले पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया, तो वहीं अब उन्हें हावड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने विधायकों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। भारी मात्रा में नकदी के साथ पकड़े गए झारखंड के तीनों विधायकों को पहले मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। बाद में इन लोगों को एक अदालत में पेश किया गया। हावड़ा जिला अदालत ने तीनों विधायकों को 10 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का निर्देश दिया।इससे पहले हावड़ा ग्रामीण की एसपी स्वाति भंगालिया ने बताया, गाड़ी से भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें झारखंड के तीन विधायक भी शामिल हैं। कैश का कोई कानूनी हिसाब नहीं था, इस वजह से उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उन्हें रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस आगे की जांच करेगी।वहीं झारखंड में बेरमो निर्वाचन क्षेत्र के विधायक जयमंगल सिंह ने एक शिकायत पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि पकड़े गए तीन विधायकों को गुवाहाटी जाना था। वहां पर वो असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से मिलते। सिंह ने आगे कहा कि हेमंत सोरेन सरकार को गिराने के लिए प्रति विधायक 10 करोड़ का ऑफर दिया गया था। इसके अलावा मंत्री पद का भी आश्वसन मिला था।

Published / 2022-07-31 12:12:26
आईएसआईएस : एनआईए की 6 राज्यों के 13 परिसरों में दबिश, आपत्तिजनक दस्तावेज-सामग्री बरामद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज आईएसआईएस की गतिविधियों से संबंधित मामले में 6 राज्यों में संदिग्धों के 13 परिसरों की तलाशी ली। एनआईए की तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। एनआईए की ये तलाशी आईएसआईएस माड्यूल केस (आरसी-26/2022/ एनआईए-डीएलआइ) के सिलसिले में हुई है। एनआईए के ट्विटर पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मध्य प्रदेश के भोपाल और रायसेन जिलों, गुजरात के भड़ौच, सूरत, नवसारी और अहमदाबाद जिलों, बिहार के अररिया जिले, कर्नाटक के भटकल और तुमकुर जिलों, महाराष्ट्र के नांदेड़ और कोल्हापुर जिलों और उत्तर प्रदेश के देवबंद में आईएसआईएस की गतिविधियों से संबंधित मामले में संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली है। एनआईए दिनांक 25.06.2022 को आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी और यूए (पी) एक्ट की धारा 18, 18बी, 38, 39 और 40 के तहत मामला दर्ज किया था। एनआईए की आज ली गई तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इस मामले की जांच आगे जारी है।

Published / 2022-07-30 15:07:46
एचईसी और अन्य बकायेदारों की बत्ती गुल करेगा जेबीवीएनएल

टीम एबीएन रांची। बकाया बिजली बिल वसूली को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम एक्शन में है। जेबीवीएनएल ने एचईसी सहित बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर बकाया बिजली बिल नहीं देने पर बिजली कनेक्शन काटने की धमकी दी है। रांची डिवीजन में फिलहाल 88 डिफॉल्टर हैं, ऐसे में अब बिजली बिल का भुगतान न करने पर इनकी बिजली आपूर्ति रोकी जा सकती है। बिजली बिल बकाया वसूली को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम एक्शन में है। इस कड़ी में वित्तीय कमी से जूझ रहे झारखंड बिजली वितरण निगम ने बड़े बकायदारों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा एचईसी सहित वैसे बकायादारों को नोटिस भेजा है जिनके ऊपर एक लाख से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। विभाग ने इसके लिए रांची सहित राज्य के अन्य जिलों में विशेष अभियान चलाकर राजस्व वसूली पर जोर दिया गया है। रांची प्रक्षेत्र के कार्यपालक अभियंता दिनेश्वर कुमार सिंह के अनुसार ऐसे उपभोक्ता जिन पर एक लाख से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है उन्हें चिन्हित कर नोटिस भेजा गया है। रांची डिवीजन में करीब 600 एचटी कन्ज्यूमर हैं जिसमें से 88 डिफॉल्टर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा नहीं करने पर लाइन काटने का स्पष्ट निर्देश जेई को दिया गया है। वित्तीय घाटे को कम करने के लिए जेबीवीएनएल ने राजस्व संग्रह पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसके तहत बड़े बकायादारों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की तैयारी की गई है। इस सूची का बड़ा बकायेदार एचईसी है, जिस पर बिजली विभाग का 160 करोड़ बकाया है। जेबीवीएनएल ने एचईसी को बिजली बिल जमा करने को कहा है। बिजली विभाग द्वारा नोटिस मिलने के बाद एचईसी से विभाग की बातचीत हुई है।

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