टीम एबीएन, रांची। लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में ईडी ने शुक्रवार सुबह कडरू इलाके में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेलमंत्री लालू यादव के करीबी अबू दोजाना के ठिकाने पर छापा मारा है।
यह केस 14 साल पुराना है। उस वक्त लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि लालू ने रेल मंत्री (2004 से 2009) रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन लिखवा ली थी। सीबीआई ने इस मामले में 18 मई को केस दर्ज किया था।
सीबीआई के मुताबिक लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया और जब उनके परिवार ने जमीन का सौदा किया, तब उन्हें रेगुलर कर दिया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लालू के परिवारवालों के दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है।
बताया गया है कि जमीन के बदले नौकरी केस में ईडी ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले आईआरसीटीसी केस में भी ईडी की एक टीम लालू के करीबी अबु दुजाना के घर पहुंची थी। गौरतलब है कि जमीन के बदले नौकरी मामले में मंगलवार को सीबीआई की एक टीम ने लालू प्रसाद यादव से पूछताछ की थी।
सीबीआई की टीम ने लालू यादव से करीब पांच घंटे पूछताछ की। लंच से पहले दो घंटे से ज्यादा और इसके बाद करीब तीन घंटे तक टीम ने राजद सुप्रीमो से सवाल पूछे गए थे। वहीं, इसी मामले में सोमवार को लालू की पत्नी राबड़ी देवी से पटना स्थित उनके निवास में पूछताछ की गयी थी।
टीम एबीएन, रांची। जॉब के बदले जमीन मामले को लेकर इडी लगातार राजद सुप्रीमो के सभी संभावित लिंक पर अपनी पहुंच बना रही है। इस बाबत राबड़ी देवी से शुरू हुई पूछताछ लालू यादव की बेटियों के घर पर छापेमारी से होते हुए लालू यादव के करीबी और एक्स एमएलए अबू दोजाना के यहां छापेमारी तक जा पहुंची। इसके बाद खबर है कि अब ईडी ने अपना रुख मंगल टावर स्थित अबू दोजाना के सीए अजय कुमार नायक के कार्यालय की ओर किया है।
सुबह 10 बजे से ही हो रही पूछताछ
सुबह 10 बजे से सीए से पूछताछ की जा रही है। साथ ही कागजातों की भी गहनता से जांच की जा रही है। सूचना है कि इस छापेमारी की वजह सीए का लैंड फॉर जॉब मामले से लिंक जुड़ें होने के कारण है। वहीं आज की बड़ी खबर है कि रांची के मंगल टावर में ईडी की बड़ी रेड को अंजाम दिया गया साथ ही अभी छानबीन जारी है।
14 साल पुराना है लैंड फॉर जॉब घोटाला
वहीं बता दें कि 14 साल पुराने लैंड फॉर जॉब घोटाले को लेकर राजद सुप्रिमों कि मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। कुछ दिनों पहले राबड़ी देवी से पूछताछ हुई फिर लालू यादव को समन और पूछताछ अब ईडी की गाड़ी का रूख लालू यादव की बेटियों की ओर मुड़ गया है। जी हां लैंड फॉर जॉब घोटाले के मामले में में ईडी ने लालू यादव के परिवार के खिलाफ बहुत ही बड़ा एक्शन लिया है।
इनके ठिकानों पर हो रही जांच
बता दें केंद्रीय एजेंसी ने लालू यादव की बेटियों हेमा यादव, रागिनी यादव और चंदा यादव के घर समेत देशभर में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। वहीं इसके अलावा ईडी की टीम ने लालू प्रसाद यादव के करीबी नेता और राजद के पूर्व विधायक अबु दोजाना के ठिकाने पर भी तलाशी चल रही है। बता दें फिलहाल छापेमारी को लेकर ईडी की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी तक कुछ भी नहीं कहा गया है।
लालू ने दी थी जमीन के बदले नौकरी
मालूम हो कि राजद सुप्रीमो पर आरोप है कि लालू यादव ने अपने रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान जमीन के बदले लोगों को नौकरी दी थी। 14 साल पूरने इसी मामले को लेकर ईडी ने आज लालू की तीन बेटियों के यहां छापेमारी की है। वहीं दूसरी ओर लैंड फॉर जॉब स्कैम के इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रांची में भी लालू प्रसाद यादव के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सुरक्षा प्रभारी विमल कुमार से ईडी आज प्रेम प्रकाश के यहां एके 47 बरामदगी से जुड़े मामले में पूछताछ करेगी। ईडी ने 24 फरवरी को विमल को समन भेजकर तलब किया है। पवार ब्रोकर के नाम से चर्चित प्रेम प्रकाश को ईडी ने अगस्त महीने में गिरफ़्तार किया था।
इस दौरान ईडी ने प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित आवास से दो एके-47 और गोलियां बरामद की थीं। यह दोनों हथियार कांस्टेबल मुकेश कुमार और श्यामल होरो को जारी किये गये थे। दोनों सिपाहियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वे मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित जमीन के बदले नौकरी के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और 14 अन्य के खिलाफ समन जारी किया। सीबीआई की ओर से उनके खिलाफ दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को 15 मार्च के लिए समन जारी किया है।
नौकरी के बदले जमीन घोटाला क्या है?
क्या ये मामला 2017 के आईआरसीटीसी घोटाले से अलग है?
आईआरसीटीसी का मामला रेलवे भर्ती घोटाले से अलग है। आईआरसीटीसी घोटाले का आरोप भी 2004 में लालू के रेल मंत्री रहते होने की बात है। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह आईआरसीटीसी को सौंप दिया था। इस दौरान रांची और पुरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमिताएं किए जाने की बातें आई थीं।
ये टेंडर 2006 में एक प्राइवेट होटल सुजाता होटल को मिला था। आरोप है कि सुजाता होटल्स के मालिकों इसके बदले लालू यादव परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन दी, जो बेनामी संपत्ति थी। इस मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोग आरोपी हैं।
टीम एबीएन, रांची। ईडी की छापेमारी के दौरान झारखंड में ब्यूरोक्रेसी और राजनीति के गलियारे में ऊंची पहुंच रखने वाले ठेकेदार-कारोबारी प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर दो एके-47 राइफलों और 60 कारतूस की बरामदगी के मामले में सीएम हेमंत सोरेन के सुरक्षा प्रभारी डीएसपी विमल कुमार की मुश्किलों में इजाफा होने वाला है।
ईडी ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए 28 फरवरी को उन्हें ईडी दफ्तर में हाजिर होने को कहा है। बता दें कि बीते साल अगस्त महीने में प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित घर पर छापेमारी के दौरान राइफल और कारतूस बरामद हुआ था।
विमल कुमार की मुश्किलों में इजाफा : बाद में पता चला कि बरामद रायफलें दो पुलिस जवानों की थे। ये दोनों जवान सीएम सिक्योरिटी में तैनात थे, लेकिन अपने हथियार को उन्होंने ठेकेदार के घर पर छोड़ दिया था। ईडी ने ठेकेदार प्रेम प्रकाश को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वह रांची के जेल में बंद है। इसी प्रकरण में अब सीएम के सिक्योरिटी इंचार्ज से भी पूछताछ होगी।
रांची पुलिस ने इस मामले में प्रेस नोट जारी करके बताया था कि 23 अगस्त को जवानों ने बारिश में फंस जाने की वजह से प्रेम प्रकाश के मकान में एक अलमारी में हथियार और कारतूस रख दिये थे। प्रेम प्रकाश के घर का स्टाफ जवानों के परिचित है, इसलिए रात में दोनों अपने हथियार वहीं छोड़ दिया। जिसके बाद अगले दिन जब वो वापस अपना हथियार लेने पहुंचे तो पता वहां ईडी की छापामारी चल रही है। बाद में रांची पुलिस ने प्रेम प्रकाश के घर हथियार रखने वाले दोनों जवानों को सस्पेंड कर दिया था।
टीम एबीएन, रांची। ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के ठिकानों पर बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी जारी है। यह छापेमारी मंगलवार सुबह पांच बजे से शुरू हुआ है और बुधवार को भी जारी है। वीरेंद्र राम और आलोक रंजन फिलहाल ईडी की हिरासत में है। पूछताछ में ईडी के सामने वीरेंद्र राम ने कई बड़े व्यक्तियों के साथ अपने संबंधों का भी खुलासा किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वीरेंद्र राम के पास से एक पेन ड्राइव मिली है, जिसमें काफी डेटा रखा गया है। पेन ड्राइव में ठेकेदारों से पैसे लेने और कई नेताओं को पैसे पहुंचाने के सबूत हैं। माना जा रहा है कि वीरेंद्र राम के करीबी संबंधों के कारण कई राजनेता अब ईडी की रडार पर आ गये हैं।
ईडी ने मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के कुल 24 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान वीरेंद्र राम के जरिये बनायी गयी कंपनियों के अलावा 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला। छापामारी के दौरान 1.50 करोड़ रुपये के जेवरात और करीब 30 लाख रुपये नकद मिले हैं।
उल्लेखनीय है कि 2019 में एक कार्रवाई के दौरान वीरेंद्र राम के अधीनस्थ काम करने वाले एक इंजीनियर के पास से दो करोड़ 90 लाख रुपये मिले थे। बताया जा रहा है कि उस समय जब्त किये गये पैसे भी वीरेंद्र राम के ही थे। ईडी ने उसी समय वीरेंद्र राम पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार राम के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)की टीम ने छापा मारा है। ईडी की टीम ने कुल 24 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है।
सूत्रों के अनुसार ईडी ने वीरेंद्र राम के रांची, दिल्ली, सिरसा, सिवान, जमशेदपुर और आदित्यपुर स्थित ठिकानों पर छापामारी की है।
उल्लेखनीय है कि 2019 में एक कार्रवाई के दौरान वीरेंद्र राम के एक ठिकाने से 2 करोड़ 45 लाख रुपये मिले थे।
कहा जाता है कि उस समय जब्त किये गये पैसे भी श्री राम के ही थे। ईडी ने उसी समय श्री राम के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था।
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