कानून व्यवस्था

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Published / 2024-01-30 20:14:53
झारखंड : कांके रोड में धारा 144 लागू, जानें कहां-कहां...

झारखंड में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और ईडी आफिस के 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राजभवन,मुख्यमंत्री आवास और ईडी आफिस के 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर दी गयी है। सदर एसडीओ ने आज यहां इस आशय का आदेश जारी किया है। 

आदेश के अनुसार इन स्थानों के 100 मीटर की परिधि में दिन के दस बजे से रात के दस बजे तक धारा 144 लागू रहेगा। आदेश में कहा गया है कि इन स्थानों पर संगठनों, दलों द्वारा धरना, प्रदर्शन, जुलूस और रैंक किये जाने की सूचना है। 

इस प्रकार के कार्यक्रमों से सरकारी काम-काज में व्यवधान उत्पन्न होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बाधित होने, विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने और लोक परिशांति भंग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनाती की गयी है।

Published / 2024-01-30 20:14:07
अब सीएम के दिल्ली आवास से नकदी और लग्जरी कार जब्त

हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद, ईडी ने जब्त की लग्जरी कार 

टीम एबीएन, रांची। ईडी ने सोमवार को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान झारखंड सीएम हेमंत सोरेन मौके पर नहीं मिले, लेकिन ईडी की टीम ने भारी मात्रा में बंगले से नकदी बरामद की है। 

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि हेमंत सोरेन के बंगले से 36 लाख रुपये नकद बरामद किये गये, साथ ही दो लग्जरी कार भी जब्त की गई हैं।  

दिल्ली स्थित बंगले से ईडी के हाथ लगे कुछ अहम दस्तावेज 

ईडी ने दक्षिणी दिल्ली स्थित हेमंत सोरेन के बंगले पर छापेमारी की और ईडी की टीम करीब 13 घंटे तक बंगले में मौजूद रही। ईडी की टीम झारखंड में जमीन घोटाले में हुई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए हेमंत सोरेन के बंगले पर पहुंची थी। 

ईडी ने बंगले से नकदी के साथ ही एक हरियाणा नंबर की बीएमडब्लू कार और एक अन्य कार के साथ ही कुछ अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमंत सोरेन ने ईडी को बताया है कि वह बुधवार को रांची स्थित आवास पर मिलेंगे।

Published / 2024-01-29 18:08:31
झारखंड : 31 को एक बजे सीएम हाउस पहुंचेगी ईडी!

हेमंत सोरेन ने ईडी को 31 जनवरी को एक बजे सीएम आवास बुलाया

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पूछताछ के लिए 31 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास आने के लिए कहा है। ईडी को राजधानी रांची में जमीन की खरीद-बिक्री में हुई अनियमितता के मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ करनी है। 

20 दिसंबर को एक बार हेमंत सोरेन से पूछताछ हो चुकी है। उस दिन की पूछताछ से ईडी की टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी। इसलिए उसने एक बार फिर सीएम को समन भेजा। हेमंत सोरेन को भेजे गए 10वें समन में कहा गया कि वे 29 से 31 जनवरी के बीच किस दिन पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगे, 28 जनवरी तक इसकी जानकारी दें। 

इसमें कहा गया था कि अगर आप नहीं आये, तो पूछताछ करने के लिए हम आयेंगे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय से ईडी कार्यालय को एक चिट्ठी भेजी गयी। इसमें कहा गया कि अभी वह व्यस्त हैं। बाद में समय बतायेंगे। 27 जनवरी को ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गये। 

इसके बाद 29 जनवरी को सुबह-सुबह ईडी की टीम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पहुंची। उस वक्त हेमंत सोरेन अपने आवास पर नहीं थे। ईडी की टीम झारखंड भवन भी पहुंची, लेकिन वहां भी उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हो पायी।

Published / 2024-01-23 22:17:17
इजहार से चार दिन और पूछताछ करेगी ईडी

रिमांड अवधि को कोर्ट से मिली मंजूरी, अगले 4 दिन इजहार अंसारी से पूछताछ करेगी ईडी

टीम एबीएन, रांची। कोयला कारोबारी इजहार अंसारी से ईडी अगले चार दिन और पूछताछ करेगी। 16 जनवरी को मिले 5 दिनों के रिमांड के बाद आज उसे पीएमएलए के प्रभात कुमार शर्मा के कोर्ट में पेश किया गया। 

जहां ईडी ने 6 दिनों की अतिरिक्त रिमांड की मांग की। हालांकि कोर्ट ने चार दिनों के रिमांड की मंजूरी दी है अब अगले 4 दिन इजहार अंसारी ईडी के तीखे सवालों का सामना करेगा।दरअसल, उसके ठिकानों से 13 लाख रुपये नकदी के अलावा विभिन्न शेल कंपनियों व काले धन के निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसका ईडी सत्यापन कर रही है। 

ईडी ने जहां छापेमारी की थी, उनमें हजारीबाग के लोहसिंघना थाना क्षेत्र के मिल्लत कालोनी स्थित आवास, रामगढ़ के कुजू ओपी क्षेत्र में इजहार की फैक्ट्री व एक अन्य ठिकाना शामिल रहा वहीं बताते चले की। इजहार पर तत्कालीन खान और भूतत्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल के सहयोग से अवैध तरीके से कोयले का आवंटन लेकर करोड़ों रुपये की काली कमाई का आरोप है। 

वही फर्जी कंपनियों के नाम पर कोयला उठाकर खुले बाजार में बेचते थे ईडी की यह छापेमारी कोल लिंकेज से संबंधित थी इजहार अंसारी पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियों के नाम पर रियायती दर पर कोयला उठाया और उसे खुले बाजार में बेचा। ईडी को उसके ठिकानों से विभिन्न फर्जी कंपनियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले थे, जिसके बारे में ईडी ने गत वर्ष उससे पूछताछ भी की थी।

Published / 2024-01-23 13:16:57
गुरुजी के खिलाफ कार्रवाई में हस्तक्षेप से दिल्ली हाइकोर्ट का इनकार

  • दिल्ली हाइकोर्ट ने शिबू सोरेन के खिलाफ लोकपाल की कार्रवाई में हस्तक्षेप से किया इनकार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत के आधार पर लोकपाल द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख शिबू सोरेन के खिलाफ शुरू की गयी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दलील दी थी कि सात साल की अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित कानून के तहत शिकायत नहीं की जा सकती, लेकिन अदालत ने कहा कि यह तर्क उच्च कार्यालयों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लाये गये अधिनियम के मूल उद्देश्य से ऊपर नहीं है। 

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि लोकपाल की कार्रवाई के साथ-साथ शिकायत को चुनौती देने वाली झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की याचिका समय पूर्व दाखिल की गयी। न्यायाधीश ने सोरेन की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अभी इसका वक्त नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह लोकपाल को तय करना है कि कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सामग्री है या नहीं।

अगस्त 2020 में की गयी शिकायत में झारखंड की गोड्डा सीट से भाजपा के लोकसभा सदस्य दुबे ने दावा किया कि शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने सरकारी खजाने का दुरुपयोग करके भारी संपत्ति अर्जित की और घोर भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। 

यह शिकायत मिलने के बाद लोकपाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सोरेन के खिलाफ प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है या नहीं। न्यायमूर्ति प्रसाद ने अपने 31 पृष्ठ के फैसले में वरिष्ठ नेता के इस आरोप को खारिज कर दिया कि यह मामला दुर्भावनापूर्ण है। 

उन्होंने कहा कि लोकपाल एक स्वतंत्र प्राधिकरण है और उसने सीबीआई द्वारा प्रदान की गयी सामग्री पर अभी तक गौर नहीं किया है। अदालत ने कहा कि लोकपाल के समक्ष कार्रवाई के दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित होने की आशंका संबंधी आरोप को स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

इसने स्पष्ट किया कि वह शिकायत के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है। इसने कहा कि उच्चतम के फैसले के अनुसार, भ्रष्टाचार ऐसी महामारी है जो न केवल संक्रामक है बल्कि यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो यह जंगल में आग की तरह फैल सकती है। 

उच्च न्यायालय ने 12 सितंबर, 2022 को लोकपाल की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और कहा था कि मामले पर विचार की आवश्यकता है। सोरेन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी थी कि उनके खिलाफ मामला पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित है। 

उन्होंने दलील दी थी कि शिकायत पर भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल द्वारा विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि आरोप शिकायत प्रस्तुत करने की तारीख से सात साल पहले के समय से संबंधित थे।

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 53 के तहत प्रावधानों के अनुसार, शिकायत में उल्लिखित अपराध किये जाने की तारीख से सात साल गुजरने के बाद शिकायत नहीं की जा सकती है। 

जवाब में, लोकपाल ने कहा कि कार्यवाही कानून के अनुसार की जा रही है और शिकायत अभी भी निर्णय के लिए खुली है क्योंकि कोई अंतिम दृष्टिकोण नहीं बनाया गया है और वह इस स्तर पर शिकायत के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकता।

Published / 2024-01-19 18:32:03
अब आधार कार्ड नहीं होगा ईपीएफओ का डेट ऑफ बर्थ प्रूफ

  • ईपीएफओ का बड़ा अपडेट, अब आधार कार्ड नहीं होगा डेट ऑफ बर्थ प्रूफ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अगर आप नौकरीपेशा में हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है। क्योंकि भविष्य निधि संगठन यानि ईपीएफओ ने बड़ा फैसला लिया है, जिसमें ईपीएफओ ने अब आधार कार्ड को डेट ऑफ बर्थ प्रूफ मानने से इनकार कर दिया है।

साथ ही वैलिड प्रूफ का नाम जोड़ते हुए सर्कुलर भी जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक अब आधार सिर्फ आईडेंटिफिकेशन टूर के रूप में ही एक्सेप्ट किया जायेगा। ईपीएफओ के इस बड़े बदलाव से शुरूआत में लोगों को परेशानी आना लाजमी है। क्योंकि अभी तक बर्थ ऑफ प्रूफ के  लिए आधार को ही वैलिड माना गया था।

जारी हुआ सर्कुलर

इस सर्कुलर के अनुसार ईपीएफओ से संबंधित कामकाज के दौरान जन्मतिथि या डेट ऑफ बर्थ में करेक्शन करने के लिए अब आधार कार्ड को वैलिड प्रूफ नहीं माना जायेगा।  साथ ही डेट ऑफ प्रूफ की लिस्ट से आधार को हटाया जा रहा है।

अभी तक जिसे कई लाभार्थियों द्वारा डेट ऑफ बर्थ प्रूफ माना जा रहा था। अब आधार को सिर्फ आइडेंटिटी वेरिफिकेशन टूल के रूप में ही मान्य किया जायेगा, न कि बर्थ प्रूफ। इसके लिए एक सर्कुलर 22 दिसंबर, 2023 को ही जारी कर दिया गया था।

जिसमें साफ कहा गया था कि आने वाले दिनों में ईपीएफओ डेट ऑफ प्रूफ की लिस्ट से आधार कार्ड को बाहर करने वाला है। इसे सिर्फ आइडेंटिफिकेशन टूल के रूप में ही मान्य किया जायेगा। हाल ही में एक और नोटिफिकेशन जारी किया गया है। आधार को डेट ऑफ प्रूफ की लिस्ट से हटा ही दिया गया है। साथ ही वैलिड डॅाक्यूमेंट्स की लिस्ट भी जारी की गयी है।

अब ये डॅाक्यूमेंट्स होंगे डेट ऑफ प्रूफ के लिए मान्य

किसी मान्यता प्राप्त सरकारी बोर्ड या यूनिवर्सिटी द्वारा जारी मार्कशीट
स्कूल  लिविंग सर्टिफिकेट या एसएलसी /स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी सर्टिफिकेट जिसमें नाम और जन्म तिथि शामिल हो।

ये होंगे मान्य

  • सर्विस रिकॉर्ड बेस्ड सर्टिफिकेट
  • पैन कार्ड
  • केंद्रीय/राज्य पेंशन पेमेंट ऑर्डर
  • सरकार द्वारा जारी डोमिसाइल सर्टिफिकेट
  • पासपोर्ट
  • सरकारी पेंशन
  • सिविल सर्जन द्वारा जारी मेडिकल
  • सर्टिफिकेट

Published / 2024-01-18 13:07:37
साहिबगंज डीसी को एक बार फिर ईडी का समन

  • साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव को ईडी ने फिर भेजा समन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दूसरा समन भेजा है। ईडी ने रामनिवास यादव को 19 जनवरी को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। 

इससे पहले डीसी रामनिवास यादव को 6 जनवरी को समन भेजकर 11 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय नहीं गये।

Published / 2024-01-06 23:15:03
अब टीवी देखने पर भी पाबंदी की तैयारी

  • टीवी देखना होगा महंगा, फेवरेट चैनल देखने के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जी एंटरटेनमेंट, वायाकॉम 18 और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया जैसे देश के टॉप ब्रॉडकास्टर्स ने आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। इन तमाम ब्रॉडकास्टर्स ने बढ़ते कंटेंट खर्चों की भरपाई के लिए टीवी चैनलों की कीमतों में इजाफा कर दिया है जिससे कंज्यूमर के मंथली बिल में इजाफा हो जायेगा। 

नेटवर्क18 और वायाकॉम18 की इंडियाकास्ट ने अपने चैनल्स की कीमत में 20-25 फीसदी का इजाफा कर दिया है। जी ने 9-10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। सोनी ने भी 10-11 फीसदी का इजाफा किया है। डिज्नी स्टार ने अभी तक अपने प्राइस का खुलासा नहीं किया है। 

ब्रॉडकास्टर्स ने कहा है कि नयी कीमत 1 फरवरी से लागू होगी। रेगुलेशन में कहा गया है कि वे रेफरेंस इंटरकनेक्ट आफर (आरआईओ) के पब्लिकेशन के 30 दिन बाद नई कीमत लागू कर सकते हैं। 2024 चुनावी वर्ष होने के कारण, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई कस्टमर्स की नाराजगी को रोकने के लिए ब्रॉडकास्टर रेट कार्ड की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहा है।

सबसे ज्यादा वायाकॉम18 में क्यों?

नवंबर 2022 में ट्राई द्वारा एनटीओ 3.0 के इंप्लीमेंटेशन के बाद ब्रॉडकास्टर्स ने दूसरी बार अपनी कीमतें बढ़ायी हैं। एनटीओ 2.0 के इंप्लीमेंटेशन पर गतिरोध के कारण फरवरी 2023 से पहले टीवी चैनल की कीमतें लगभग तीन साल तक फ्रीज थीं। 

फरवरी 2023 में कीमतों में बढ़ोतरी ब्रॉडकास्टर्स और केबल टीवी कंपनियों के बीच विवाद के बाद हुई, जिसकी वजह से ब्रॉडकास्टर्स ने केबल टीवी आपरेटर्स के लिए टीवी सिग्नल बंद कर दिये। ब्रॉडकास्टर्स को अपने चैनलों के लिए ला कार्टे यानी लिस्ट और बुके दोनों कीमतों की घोषणा करने की आवश्यकता होती है लेकिन अधिकांश कंज्यूमर ऐसे बुके को पसंद करते हैं जो सस्ता हो। 

उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि वायाकॉम18 की तरफ से ज्यादा इजाफा स्पोर्ट्स राइट्स में 34,000 करोड़ से अधिक के निवेश के कारण हुआ है जिसमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) डिजिटल राइट्स, बीसीसीआई मीडिया राइट्स, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका मीडिया राइट्स और ओलंपिक 2024 शामिल हैं।
ब्रॉडकास्टिंग फर्म के अधिकारी ने कहा कि वायाकॉम18 बीसीसीआई के जुड़ने के कारण सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में डबल डिजिट का ग्रोथ टारगेट बना रहा है। 

सोनी और जी ने महंगाई की वजह से इजाफा किया है। मीडिया रिपोर्ट में एक सूत्र के मुताबिक, डिज्नी ने अपने अभी तक प्राइस का अनाउंमेंट नहीं किया है। बीसीसीआई के मीडिया राइट्स खोने के बाद वह इस पर गहन मंथन कर रहा है।

डिज्नी स्टार ने 3 बिलियन डॉलर में आईसीसी मीडिया राइट्स हासिल किए हैं और डिजिटल राइट्स बरकरार रखते हुए टीवी अधिकार जी को सब-लाइसेंस दे दिए। जी को अभी भी डिज्नी स्टार के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का हिस्सा पूरा करना बाकी है, जो सब -लाइसेंसिंग डील को रोके हुए है। 

जानकारों की मानें तो जी की बुके कीमत का आईसीसी टीवी राइट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। डिज्नी स्टार की नयी कीमत देखना दिलचस्प होगा क्योंकि उन्होंने बीसीसीआई राइट्स खो दिये हैं और आईसीसी टीवी राइट्स अब उनकी जिम्मेदारी हैं।

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