कानून व्यवस्था

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Published / 2024-04-14 13:45:01
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट किये, तो सीधे जेल

  • रामनवमी पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले जायेंगे सीधे जेल, गाइडलाइन जारी

टीम एबीएन, रांची। अगर कोई रामनवमी के दौरान सोशल मीडिया का फायदा उठाकर सांप्रदायिक तनाव या किसी अन्य तरह की अफवाह फैलाता है तो वह सीधे सलाखों के पीछे जायेगा, इसलिए जरूरी है कि पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की जांच करें और फिर उन पर विश्वास करें। प्रशासन ने इसे लेकर गाइडलाइन जारी की है।

जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल

त्योहारों के दौरान कई ऐसे तत्व होते हैं जो समाज में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश करते हैं ताकि माहौल खराब हो और किसी दूसरे पक्ष को फायदा मिले। रामनवमी त्योहार को देखते हुए पुलिस भी ऐसे तत्वों को बख्शने के मूड में नहीं है।

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी ऑपरेशन अमोल वेणुकांत होमकर ने बताया कि रामनवमी त्योहार को देखते हुए सबसे ज्यादा फोकस सोशल मीडिया पर रहेगा, इसके लिए सभी जिलों में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है, मॉनिटरिंग सेल बिल्कुल हाईटेक है। राज्य के विभिन्न जिलों से आने वाली सूचनाएं मुख्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष में एकत्र की जायेंगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और डीसी को अपने-अपने सोशल मीडिया सेल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को लोगों के साथ-साथ महावीरी अखाड़ों और अन्य शांति समितियों को साझा करने का निर्देश दिया गया है।

हाईटेक है सोशल मीडिया सेल

सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए जो मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है वह काफी हाईटेक है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई किसी अनजान सर्वर से मैसेज वायरल करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत मॉनिटरिंग सेल के जरिए साइबर टीम को दे दी जायेगी। सोशल मीडिया के अलग-अलग विंग के लिए अलग-अलग टीमें बनायी गयी हैं। व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जा रही है।

सत्यापन के लिए पुलिस को करें कॉल

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आईजी अमोल वेणुकांत होमकर ने बताया कि सोशल मीडिया को लेकर जिलों के डीसी और एसपी को एक दर्जन से अधिक निर्देश जारी किये गये हैं। उनसे शहर के प्रमुख चौराहों पर सोशल मीडिया से संबंधित साइन लगाने और हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने के निर्देश दिये गये हैं।

क्या बोले आइजी

आईजी अमोल होमकर के मुताबिक, समाज में अफवाह फैलाने के लिए कई तरह के मैसेज फैलाये जाते हैं। ऐसे में आम लोगों से अपील की गयी है कि वे तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या अपने स्थानीय थाने में फोन कर इसकी जानकारी दें, सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बारे में पुलिस से बात करें और पुलिस से पूछें कि क्या यह जानकारी सही है। इसी क्षण से सामाजिक तत्वों के खतरनाक मंसूबे विफल हो जायेंगे।

गाइडलाइंस भी की गयीं जारी

रामनवमी पर सोशल मीडिया के जरिए किसी भी तरह की कोई अफवाह न फैलायी जा सके, इसके लिए सभी जिलों में दिशा-निर्देश भी जारी किये गये हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों की जानकारी देने के लिए जिला स्तर पर फोन नंबर भी जारी किये गये हैं। गाइडलाइंस में आम लोगों से भी कहा गया है कि वे कभी भी कोई भड़काऊ संदेश प्रचारित न करें। 

अगर उनके मोबाइल पर कोई आपत्तिजनक मैसेज आता है तो वह इसकी सूचना पुलिस को अवश्य दें। गाइडलाइंस में यह भी बताया गया है कि मैसेज को एक जगह से दूसरी जगह भेजने वाला भी उतना ही दोषी है जितना मैसेज बनाने वाला भी, इसलिए इस सबमें सावधानी बरतें।

Published / 2024-04-09 21:28:50
जीएसटी घोटाले के आरोपी जुड़वा भाई अमित और सुमित गुप्ता कोलकाता से गिरफ्तार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जमशेदपुर की जीएसटी इंटेलीजेंस टीम ने 5000 करोड रुपये के जीएसटी घोटाले में शामिल दो जुड़वा भाइयों अमित गुप्ता और सुमित गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। गुप्ता बंधुओं की गिरफ्तारी कोलकाता से हुई है और उन्हें लेकर आज टीम जमशेदपुर पहुंची।

अमित गुप्ता और सुमित गुप्ता की मेडिकल जांच जीएसटी टीम ने एमजीएम अस्पताल में कराया और उसके बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया।  जीएसटी घोटाले में पहले ही दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गुप्ता बंधु साल्ट लेक कोलकाता में रहते थे और सीबीडीटी के अधीन काम करने वाली जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने उनको साल्ट लेक स्थित फ्लैट से पकड़ा है।

जीएसटी टीम के सूत्रों का कहना है कि यह कल 5000 करोड़ का जीएसटी घोटाला है जिसमें से 3000 करोड़ का घोटाला गुप्ता बंद होने किया है जबकि शुरुआती पूछताछ में करीब 300 करोड़ रुपये के घोटाले की बात इन दोनों जुड़वा भाइयों ने स्वीकार कर ली है।
जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम के अनुसार दोनों जुड़वा भाई चीन भागने की तैयारी में थे।

उनके भागने से पहले ही विभागीय टीम ने उनको पकड़ लिया। इस मामले में पहले ही शिव कुमार देवड़ा नामक व्यापारी को गिरफ्तार किया जा चुका है और उसने पूछताछ के दौरान गुप्ता बंधुओं का नाम लिया था। यह दोनों भाई एक ही अपार्टमेंट में रहते थे और अलग-अलग फ्लोर में ही रहकर अपना सिंडिकेट चलाते थे।

Published / 2024-04-09 13:28:53
लातेहार : 27 अप्रैल को होने वाले विशेष लोक आदालत को लेकर तैयारी शुरू

  • 20 प्रतशत से अधिक लंबित वादोें के निपटारा का लक्ष्य

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। झारखंड विधिक सेवा प्रधिकार के निर्देष पर 27 अप्रैल को व्यवहार न्यायालय लातेहार में विशेष लोक आदालत का आयोजन किया जायेगा। इसके लिए प्री लोक आदालत सिटिंग 21 अप्रैल से शुरू किया जायेगा। इस विशेष लोक आदालत में चेक बाउंस और बिजली से संबधित लंबित वादों का निपटारा किया जायेगा।

कुल लंबित वादों का 20 प्रतिषत स अधिक वादों का निपटारा का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए लातेहार व्यवहार न्यायालय में तैयारी शुरू कर दी यी है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक कर निपटारे योग्य वादों को चिन्हीत करने एवं दोनों पक्षों के लोगों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये, जिससे कि विशेष लोक आदालत को सफल बनाया जा सके।

मेडिएटर, पीएलवी संग सचिव की हुई बैठक
विशेष लोक आदालत की सफलता को लेकर जिला विधिक सेवा प्रधिकार परिसर में सचिव स्वाति विजय उपाध्याय के नेतृत्व में मेडिएटर एवं पारा लीगल वोलिएंटर की बैठक की गयी। इसमें लोक आदालत में ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा कैसे हो इसपर मंथन किया गया। कुल लंबित वादों का 20 प्रतिषत से ज्यादा वादों के निपटारा करने में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की गयी एवं विशेष लोक आदालत को सफल बनाने की अपील की गयी।

बैठक में अधिवक्ता अनिल कुमार ठाकुर, पंकज कुमार संजय कुमार, लाल अरविंद नाथ शाहदेव, सुनील कुमार, नवीन गुप्ता, बनवारी प्रसाद, वासुदेव पांडेय, देवेंद्र कुमार द्विवेदी, प्रदीप उपाध्याय, नरोत्तम पांडेय, मिथिलेश कुमार, सविता साहू, संतोष रंजन, अरविंद गुप्ता, कुमार अमित, विक्रांत सिंह, धीरेंद्र शुक्ला, प्रमोद कुमार पांडेय, अब्दुल सलाम, रमन कुमार महतो, स्वप्निल कुमार सिंह, कौशल किशोर पांडेय, आभाष कुमार, अशोक कुमार सिंह, रितु रानी, रजनीश भूषण और अमित कुमार गुप्ता, हरिओम पाण्डेय, कौशल पाण्डेय, उज्जवल पाण्डेय, श्याम किशोर पाण्डेय, बिपिन पाण्डेय, बदरू दोजा, सब्दर अली, प्रज्ञा सिंह, मनोज मिश्रा, आर्यन कुमार, आदि मौजूद थे।

Published / 2024-04-04 21:46:09
वोटर आइडी नहीं होने के बावजूद ऐसे दे सकेंगे वोट

  • चुनाव आयोग ने जारी की गाइडलाइन
  • देश में लोक सभा चुनाव 19 अप्रैल से सात चरणों में होंगे। 4 जून को चुनाव परिणाम की घोषणा होगी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में लोक सभा चुनाव 19 अप्रैल से सात चरणों में होंगे। 4 जून को चुनाव परिणाम की घोषणा होगी। अगर आप एक वास्तविक मतदाता है और किसी कारण से आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी आप वोट डाल सकते हैं। 

पिछले महीने जारी एक आदेश में, चुनाव आयोग ने कहा कि जो मतदाता अपना वोटर आईडी कार्ड प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से एक प्रस्तुत करना होगा।

दिखाना होगा इनमें से कोई एक डॉक्यूमेंट
अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो अपना वोट डालने के लिए चुनाव अधिकारी को आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड में से कोई एक दिखाना होगा।

इसके अलावा भारतीय पासपोर्ट, फोटो के साथ पेंशन दस्तावेज, केंद्र या राज्य सरकारों या कर्मचारियों को जारी किये गये फोटो के साथ सेवा आई-कार्ड, सांसदों, विधायकों और जारी किये गये आधिकारिक पहचान पत्र, और सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अद्वितीय विकलांगता आई-कार्ड भी स्वीकार किये जायेंगे।

  • स्पेलिंग की गलतियों पर ध्यान न दें अधिकारी : चुनाव आयोग

कोई भी वास्तविक मतदाता वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने राज्य चुनाव अधिकारियों से कहा है कि वे लिपिकीय या वर्तनी संबंधी त्रुटियों को नजरअंदाज करें, बशर्ते मतदाता की पहचान वोटर आई-कार्ड के माध्यम से स्थापित की जा सके।

इसमें यह भी कहा गया है कि किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड को पहचान के लिए स्वीकार किया जायेगा, बशर्ते कि वोटर का नाम उस मतदान केंद्र की मतदाता सूची में हो जहां वह आया है।

Published / 2024-04-02 23:37:57
झारखंड : राजधानी की खराब ट्रैफिक व्यवस्था और जाम सड़क पर हाइकोर्ट की नाराजगी

  • रांची में सड़क जाम और खराब ट्रैफिक पर हाईकोर्ट नाराज, एसपी को किया तलब

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में सड़क जाम और ट्रैफिक के खराब सिस्टम पर नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार यानी आज (2 अप्रैल) को एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस और रांची नगर निगम की भूमिका पर सवाल खड़े किये हैं और इस मामले में जवाब देने के लिए रांची के ट्रैफिक एसपी को बुधवार को सशरीर उपस्थित होने को कहा है।

शहर में जाम की समस्या क्यों बनी रहती है

अदालत ने रांची नगर निगम के अधिवक्ता से जानना चाहा कि शहर में जाम की समस्या क्यों बनी रहती है? ट्रैफिक सिग्नल खराब क्यों हैं? मेन रोड, कोकर एवं अन्य जगहों पर मल्टी स्टोरी पार्किंग की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं की गयी? ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस क्यों नहीं सस्पेंड किये जाते हैं?

ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की बढ़ायी गयी रकम

इस पर रांची नगर निगम की ओर से बताया गया कि पहले की तुलना में ट्रैफिक सिस्टम बेहतर हुआ है और ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की रकम भी बढ़ायी गयी है। शहर में फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से जाम की समस्या रहती है। दिसंबर 2024 तक फ्लाईओवर का काम पूरा होने के बाद लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

बुधवार को मांगा एसपी से कोर्ट ने जवाब

कोर्ट ने नगर निगम के जवाब पर असंतुष्टि जाहिर की और ट्रैफिक एसपी को इन सवालों पर जवाब बुधवार को देने को कहा है।

Published / 2024-03-29 20:11:08
लातेहार : वाहन चेकिंग में 21.95 लाख कैश बरामद

  • लातेहार में कार से 21.95 लाख कैश बरामद
  • वाहन जांच के दौरान पुलिस को मिली सफलता

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बारियातू (लातेहार)। लोकसभा चुनाव 2024 को निष्पक्ष व भयमुक्त बनाने को लेकर पुलिस प्रशासन संकल्पित है। इसी क्रम में शुक्रवार की सुबह अंतरजिला सीमा क्षेत्र (लातेहार-चतरा) के बारियातू थाना गेट के समीप चेकपोस्ट पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। ये जांच अभियान बालूमाथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आशुतोष कुमार सत्यम की मॉनिटरिंग में बारियातू थाना प्रभारी राजा दिलावर के नेतृत्व में किया जा रहा है। 

जांच अभियान के दौरान एक कार (जेएच 02बीएम-3719) से 21 लाख 95 हजार रुपये कैश बरामद किये गये। एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम ने जानकारी दी कि लातेहार पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर लोकसभा चुनाव-2024 में धनबल व नशे की रोकथाम को लेकर 22 मार्च से लगातार चेकपोस्ट पर जांच अभियान जारी है। 

शुक्रवार की सुबह सिमरिया से बालूमाथ की ओर जा रही एक कार की तलाशी ली गयी। इसमें रखे काले रंग के बैग से नकद 21 लाख 95 हजार रुपये बरामद किये गये। उन्होंने बताया कि इसे जब्त करते हुए इसकी सूचना वरीय पुलिस पदाधिकारी, अनुवीक्षण कमेटी व आयकर विभाग को दी गयी है। यह पैसा किसका है, किस काम का है। 

सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। अगर किसी व्यक्ति को 50 हजार रुपये से अधिक कैश ले जाना है, तो उसे अपने पहचान पत्र के अलावा पैसे निकालने से संबंधित पर्ची और पैसे कहां इस्तेमाल होंगे। इसका प्रमाण भी रखना होगा। मौके पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह बीडीओ नंदकुमार राम के अलावा सहायक अवर निरीक्षक द्वारिका नाथ पांडेय व सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

एसडीपीओ ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक लातेहार पुलिस ने कुल 26 लाख 11 हजार रुपये नकद बरामद किये हैं। इसके अलावा करीब तीन करोड़ 60 लाख रुपये मूल्य की अफीम, डोडा, नार्कोटिक्स ड्रग्स व गांजा आदि भी जब्त किया जा चुका है। कुल पांच हथियार (आग्नेयास्त्र) व 19 जिंदा कारतूस भी पुलिस ने बरामद किया है। आचार संहिता के बाद से यह जब्ती पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है।

Published / 2024-03-24 14:42:34
अब एक अप्रैल को होगी हेमन्त मामले की सुनवाई

  • हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में HC के इस फैसले को दी चुनौती
  • 1 अप्रैल को होगी सुनवाई

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा सत्र की कार्यवाही में शामिल नहीं होने पर हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, इसके लिए सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। 

जानकारी के मुताबिक हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि जेल में बंद जनप्रतिनिधियों को सत्र के दौरान शामिल होने की अनुमति मिलती है। हाई कोर्ट और ईडी कोर्ट में इससे संबंधित अदालतों के आदेश को पेश भी किया गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की और खारिज कर दी। 

याचिका में हेमंत सोरेन ने मांग करते हुए कहा, आने वाले दिनों में आहूत होने वाले विधानसभा के सत्र में उन्हें शामिल होने की अनुमति दी जाए। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने का आग्रह किया है। 

बता दें कि फरवरी में झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान हेमंत सोरेन ने ईडी कोर्ट से सदन में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन ईडी कोर्ट ने अनुमति नहीं दी, जिसके बाद हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट से भी पूर्व सीएम को सदन में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल पायी थी।

Published / 2024-03-22 15:00:56
चार अप्रैल तक जेल में ही रहेंगे हेमन्त सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की न्यायिक हिरासत बढ़ी, चार अप्रैल तक जेल में रहेंगे। मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की न्यायिक हिरासत बढ़ी, चार अप्रैल तक जेल में रहेंगे।

इससे पहले, 15 फरवरी को पीएमएलए कोर्ट ने सोरेन को 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में उनकी न्यायिक हिरासत 21 मार्च तक बढ़ा दी थी। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोरेन का गिरफ्तार कर लिया था। 

तब से सोरेन रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। ईडी ने सोरेन को 31 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कथित भूमि घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। 

इससे पहले उन्होंने ईडी की हिरासत में झारखंड के राज्यपाल को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। ईडी ने इससे पहले हेमंत सोरेन के ठिकानों पर छापा मारा था और दावा किया था कि उसने झामुमो प्रमुख के कब्जे से 36 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। 

साथ ही कथित तौर पर धोखाधड़ी से हासिल की गयी भूमि से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि पूर्व सीएम ने कथित तौर पर 8.5 एकड़ जमीन आपराधिक आय से हासिल की थी।

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