एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि 18 साल के कम आयु के मरीजों के लिए एंटीवायरल और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज़ की जरूरत नहीं है। केंद्र ने कहा कि कोविड संक्रमण की गंभीरता के बावजूद, और यदि स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है, तो उन्हें 10 से 14 दिनों में कम किया जाना चाहिए। ‘बच्चों और 18 साल से कम आयु के किशोरों में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए संशोधित व्यापक दिशानिर्देश’ में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि पांच साल और उससे कम उम्र के बच्चों के लिए मास्क लगाने का सुझाव नहीं दिया जाता। गाइडलाइंस में कहा गया कि 6-11 साल के बच्चे अपनी क्षमता के आधार पर अपनी सुरक्षा और अभिभावकों की उचित देखरेख में सही तरह से मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाइडलाइंस में यह भी कहा गया कि 12 साल से कम और उससे ज्यादा के बच्चों को बड़ों की तरह की मास्क पहनने के नियमों का पालन करना चाहिए। ओमिक्रॉन के चलते आई कोविड मामलों की नई लहर के मद्देनजर केंद्र के एक्सपर्ट्स ने इन दिशानिर्देशों में संशोधन किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ट्रेन में रिजर्वेशन टिकट पाने के लिए आपको काफी पहले टिकट बनवानी पड़ती है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि ऐन मौके पर किसी कारणवश आपको यात्रा रद्द करनी पड़ती है। ऐसे में लोग टिकट कैंसिल करवा लेते हैं, लेकिन अगर आपकी जगह किसी और व्यक्ति को यात्रा करनी है तो उसके लिए अलग टिकट बनवानी पड़ती है। लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? ऐसा मुमकिन है, क्योंकि आपकी टिकट पर आपकी जगह दूसरा व्यक्ति सफर कर सकता है। इसका मतलब ये कि आपके टिकट के पैसे बर्बाद नहीं होंगे, क्योंकि आप अपनी टिकट अपने परिवार के किसी सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, ये सुविधा रेलवे ने काफी समय से दी हुई है, लेकिन बहुत कम लोगों को इसके बारे में जानकारी है। आइए जानते हैं कैसे आप इस खास सुविधा का लाभ उठा सकते हैं? • आपको जानकारी होनी चाहिए कि रेलवे द्वारा ये सुविधा दी जाती है कि कोई भी यात्री अपनी कन्फर्म टिकट अपने परिजन जैसे- पिता, माता, भाई, बहन, बेटी, बेटा, पति या पत्नी के नाम पर आसानी से ट्रांसफर कर सकता है। ऐसा करने के लिए यात्री को ट्रेन खुलने के 24 घंटे पहले एक रिक्वेस्ट देनी पड़ती है, जिसके बाद टिकट पर यात्री का नाम काटकर दूसरे सदस्य का नाम डाल दिया जाता है। • वहीं ध्यान में रखने वाली बात ये है कि भारतीय रेलवे टिकटों के ट्रांसफर की सुविधा केवल एक बार ही देती है। • इसका मतलब ये कि अगर आपने टिकट एक बार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया, तो इसके बाद आप इसे बदल कर किसी दूसरे के नाम पर ट्रांसफर नहीं कर सकते। ट्रेन टिकट ट्रांसफर करने का तरीका : इसके लिए आप सबसे पहले टिकट का प्रिंट आउट निकालें। उसके बाद अपने निकटतम रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर, जिसके नाम पर टिकट ट्रांसफर करना है उसका आईडी प्रूफ जैसे आधार या वोटर आईडी कार्ड दिखाकर, काउंटर पर टिकट ट्रांसफर के लिए आवेदन करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्ज के भारी बोझ तले दबे कारोबारी विजय माल्या के लंदन स्थित आलीशान घर पर बैंक अब किसी भी समय उसे बेदखल कर कब्जा ले सकता है। भारत में करोड़ों रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए माल्या करीब पांच साल से ब्रिटेन में रह रहा है। माल्या (65) को इस आलीशान घर से बेदखल करने के आदेश पर रोक लगाने की अर्जी ब्रिटिश अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी थी। स्विस बैंक यूबीएस के साथ लंबे समय से जारी कानूनी विवाद में माल्या के इस घर को खाली कराने का आदेश दिया गया था। माल्या ने इस आदेश के अनुपालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया था लेकिन लंदन हाई कोर्ट के चांसरी डिविजन के न्यायाधीश मैथ्यू मार्श ने अपने फैसले में कहा कि माल्या परिवार को बकाया राशि के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देने का कोई आधार नहीं है। इसका मतलब है कि माल्या को इस संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है। कर्ज के भारी बोझ तले दबे कारोबारी विजय माल्या के लंदन स्थित आलीशान घर पर बैंक अब किसी भी समय उसे बेदखल कर कब्जा ले सकता है। भारत में करोड़ों रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए माल्या करीब पांच साल से ब्रिटेन में रह रहा है। माल्या (65) को इस आलीशान घर से बेदखल करने के आदेश पर रोक लगाने की अर्जी ब्रिटिश अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी थी। स्विस बैंक यूबीएस के साथ लंबे समय से जारी कानूनी विवाद में माल्या के इस घर को खाली कराने का आदेश दिया गया था। माल्या ने इस आदेश के अनुपालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया था लेकिन लंदन हाई कोर्ट के चांसरी डिविजन के न्यायाधीश मैथ्यू मार्श ने अपने फैसले में कहा कि माल्या परिवार को बकाया राशि के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देने का कोई आधार नहीं है। इसका मतलब है कि माल्या को इस संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर, ऐतिहासिक लाल किला 22 से 26 जनवरी तक सुरक्षा कारणों से बंद रहेगा। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को ट्विटर पर यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा, गणतंत्र दिवस के मद्देनजर, लाल किला सुरक्षा कारणों से 22 जनवरी 2022 से 26 जनवरी 2022 तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा। पुलिस ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है और जवान हमेशा मुस्तैद रहते हैं तथा आतंकवाद रोधी उपाय करते हैं, खासकर राष्ट्रीय महत्व के किसी भी कार्यक्रम से पहले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हाल में पंजाब में हुई चूक का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि बल ज्यादा मुस्तैद है ताकि राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की कोई घटना नहीं हो। गणतंत्र दिवस अब हर साल 24 के बजाय 23 जनवरी से मनाया जाएगा। इसमें स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को शामिल किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के मद्देनजर लागू किये गये रात्रि कर्फ्यू और रविवार के लॉकडाउन में नियमों का उल्लंघन करने वालों से पिछले सप्ताह 3.45 करोड़ वसूले गये। पुलिस महानिदेशक के कार्यालय की तरफ से आज यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि सात जनवरी से शनिवार तक लगाए गए लॉकडाउन में नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माने के तौर पर 3.45 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। विज्ञप्ति में कहा गया कि इस दौरान कुल 254 मामले दर्ज किये गये हैं और 96 लोग गिरफ्तार किये गये हैं। फेस मास्क नहीं पहनने पर कुल 1,64,329 लोगों पर जुर्माना लगाया गया, 1,910 पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया और 1,552 लोगों पर किसी वैध कारण के बिना सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होने के लिए जुर्माना लगाया गया। इनमें से चेन्नई के 43,417 लोगों से 86 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि नॉर्थ जोन में मास्क नहीं पहनने और लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर 40,148 लोगों से 83 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के निदेशक (विपणन) को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम (पीएसयू) महारत्न कंपनी के उत्पाद बेचने वाले डीलरों को छूट प्रदान करने की नीति के संभावित लाभार्थियों से कथित तौर पर 50 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने निदेशक ई एस रंगनाथन, बिचौलियों और व्यापारियों की संलिप्तता वाले कथित रिश्वत घोटाले का खुलासा किया और शनिवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने रंगनाथन के कार्यालय और आवास सहित आठ स्थानों पर छापे मारे। सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा, उक्त आरोपी (रंगनाथन) के परिसरों से छापेमारी के दौरान करीब 1.29 करोड़ नकद और सोने के आभूषण एवं अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि यह आरोप है कि रंगनाथन महारत्न पीएसयू द्वारा विपणन किए गए पेट्रो रसायन उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट के संभावित लाभार्थियों से रिश्वत ले रहे थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय बाजार में बिकने वाले वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अकसर चिंताएं जाहिर की जाती रही हैं। इन चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने आठ लोगों को ले जाने वाले मोटर वाहनों के लिए न्यूनतम छह एयरबैग अनिवार्य करने के लिए जीएसआर अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी दे दी है। गडकरी ने कहा, यह आखिरकार सभी सेगमेंट में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, भले ही वाहन की कीमत/वैरिएंट कुछ भी हो। मंत्रालय ने पहले ही 1 जुलाई 2019 से ड्राइवर एयरबैग और इस साल 1 जनवरी से फ्रंट को-पैसेंजर एयरबैग के फिटमेंट को लागू करना अनिवार्य कर दिया है। एम1 वाहन श्रेणी में, यह फैसला लिया गया है कि आगे और पीछे दोनों कंपार्टमेंट में बैठे लोगों के सामने और पीछे से होने वाले टक्करों के असर को कम करने के लिए चार अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य हैं। इसमें दो साइड/साइड टोरसो एयरबैग और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयरबैग शामिल होंगे जो कार के सभी यात्रियों को कवर करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में मोटर वाहनों को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत उन शीर्ष देशों में से एक है जहां हर साल चिंताजनक रूप से बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं। इन सड़क हादसों में बड़ी संख्या में मौतें और गंभीर चोटें आती हैं। जबकि यातायात उल्लंघन को दुर्घटनाओं के पीछे प्रमुख कारणों के रूप में जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा उपाय, विशेष रूप से छोटे एंट्री लेवल के वाहनों में भी बड़ी संख्या में मौतें का कारण होती हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्य सरकार के कर्मचारियों की प्रोन्नति पर रोक के आदेश को गैरकानूनी बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया है। जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने सरकार को चार सप्ताह में वैसे लोगों को पदोन्नति देकर कोर्ट को सूचित करने का भी निर्देश दिया है जिनकी अनुशंसा डीपीसी में हो गई है। इस आदेश से राज्य सरकार के करीब ढाई लाख कर्मी और रिटायर कर्मियों को लाभ होगा। अदालत ने कहा है कि प्रोन्नति पर रोक के आदेश को सरकारी आदेश नहीं माना जा सकता है। न तो यह राज्यपाल का आदेश और न ही प्रोन्नति पर रोक का कोई कारण बताया गया। यह आदेश एक विभाग के प्रधान सचिव की ओर से जारी किया गया है। इस आदेश पर प्रोन्नति लंबित नहीं रखी जा सकती है। यह आदेश उन रिटायर कर्मचारियों पर भी लागू होगा जिनकी पदोन्नति की सिफारिश डीपीसी ने कर दी है, लेकिन अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण वह बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो गए हैं। इस संबंध में इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, राम सागर तिवारी, रश्मि एक्का, राजकिशोर प्रसाद एवं अन्य ने याचिका दायर की थी। इन याचिकाओं में इंस्पेक्टर से डीएसपी और डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ के पद पर प्रोन्नति देने का आग्रह किया गया था। 20 दिसंबर को इस पर सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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