कानून व्यवस्था

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Published / 2022-06-08 10:00:21
आचार संहिता उल्लंघन मामले में 6,000 जुर्माने के साथ लालू रिहा

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को आज पलामू जिला व्यवहार न्यायालय ने आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में छह हजार जुर्माना के साथ रिहा कर दिया। यादव ने एसके मुंडा की अदालत में हाजिर हुए यहां उन्हें आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में 6000 रुपए जुर्माने के साथ रिहा कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि 2009 में गढ़वा जिले के एक सभा में लालू यादव ने निर्धारित स्थल के अलावा अन्य स्थल पर हेलीकाप्टर उतरवा दिया था। इससे अफरातफरी मच गई थी और इसको लेकर उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में कोर्ट में हाजिर होने के लिए यादव झारखंड के डाल्टनगंज आए हुए थे।

Published / 2022-06-07 07:32:05
लालू ने अदालत से पासपोर्ट जारी करने का किया अनुरोध, इलाज के लिए जाना चाह रहे विदेश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सीबीआई की विशेष अदालत में अपील की है कि उनका पासपोर्ट नवीनीकृत करने के लिए जारी किया जाए क्योंकि संभावित किडनी प्रतिरोपण के लिए उन्हें विदेश यात्रा करने की आवश्यकता हो सकती है। प्रसाद के वकील ने सोमवार को यह जानकारी दी। झारखंड उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल को प्रसाद (73) को 139 करोड़ रुपये से अधिक के गबन से संबंधित डोरंडा कोषागार मामले में जमानत दी थी। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने प्रसाद को पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। प्रसाद के वकील प्रभात कुमार ने बताया, लालू प्रसाद ने अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए अपील की है। उन्होंने सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी दायर की है कि उनका पासपोर्ट नवीनीकरण कराने के लिए सौंप दिया जाए। अर्जी में कहा गया है कि नवीनीकरण के बाद पासपोर्ट को अदालत में जमा कर दिया जाएगा। कुमार ने कहा, उन्होंने (प्रसाद) अर्जी में कहा है कि यह किडनी की नाकामी का मामला है और उन्हें इलाज या प्रतिरोपण के लिए विदेश जाने की आवश्यकता हो सकती है। अर्जी में कहा गया है, अगर डॉक्टर से उपचार के लिए समय मिलता है तो पासपोर्ट जारी करने और इलाज के लिए वह विदेश जाने की अनुमति का अनुरोध करेंगे। कुमार ने कहा कि अर्जी पर 10 जून को सुनवाई होगी। प्रसाद किडनी की समस्या सहित कई बीमारियों से पीड़ित हैं। वह स्टेज-4 किडनी की बीमारी के मरीज हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रसाद की किडनी 20 प्रतिशत क्षमता से काम कर रही है। वकील ने कहा कि प्रसाद 2009 में चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक मामले के संबंध में डालटनगंज पहुंचे हैं। प्रसाद एक उम्मीदवार के प्रचार के लिए गढ़वा की चुनावी रैली में गए थे और हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थान से अलग किसी अन्य स्थान पर उतरा था। श्री कुमार ने कहा कि मामला बाद में रांची और फिर डालटनगंज स्थानांतरित कर दिया गया और प्रसाद को आठ जून को विशेष अदालत में पेश होना है।

Published / 2022-06-03 17:06:38
पूजा सिंघल केस : 4 जिलों के डीएमओ और 2 डीटीओ से एकसाथ पूछताछ

टीम एबीएन, रांची। आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण की जांच में एक बार फिर ईडी की टीम रेस हो गई है। यह पहली बार है जब इस मामले में ईडी दफ्तर में एक साथ आधा दर्जन से अधिक अधिकारी से पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को चार जिलों के डीएमओ, दो डीटीओ के साथ-साथ प्रेम प्रकाश और कई बिल्डर्स से एक साथ पूछताछ चल रही है। जब से पूजा सिंघल मामले की जांच का जिम्मा ईडी को मिला है तब से ईडी दफ्तर पर सबकी नजर है। यही वजह है कि बुधवार को ईडी दफ्तर पहुंचने वाला चाहे डीएमओ हो डीटीओ या फिर प्रेम प्रकाश सभी छुपते छुपाते पहुंचे। कुछ डीएमओ और डीटीओ स्कूटी में फूल हेलमेट पहने ईडी कार्यालय आये। सभी के पास कई फाइलें भी थीं। वहीं प्रेम प्रकाश ईडी दफ्तर पहुंचे और कुछ देर बाद वापस लौट गए। लेकिन लौटने के 1 घंटे बाद फिर से उन्हें ईडी दफ्तर बुलाया गया। बाद में प्रेम प्रकाश 12 बजे दोबारा ईडी दफ्तर पहुंचे। तब से उनसे भी पूछताछ जारी है। बता दें कि गुरुवार को ईडी ने खूंटी के डीएमओ मो नदीम शमी, चाईबासा के डीएमओ निशांत अभिषेक, सरायकेला के डीएमओ सन्नी कुमार और चतरा के डीएमओ गोपाल कुमार दास से पूछताछ की थी। शुक्रवार को भी लगभग आधा दर्जन डीएमओ से पूछताछ जारी है। जानकारी के अनुसार पलामू और पाकुड़ के डीटीओ को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। डीटीओ के द्वारा अवैध खनिज के परिवहन पर लगाम करने के लिए क्या कार्रवाई की गई, साथ ही मनी ट्रेल के पहलूओं पर इन अधिकारियों का बयान दर्ज कराया जा रहा है। इससे पहले ईडी ने पाकुड़, साहिबगंज, दुमका, हजारीबाग, रामगढ़, चतरा, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम के डीएमओ से पूछताछ कर चुकी है।

Published / 2022-05-31 16:45:25
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन 9 जून तक ED की रिमांड पर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 9 जून तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड में भेज दिया गया है। सोमवार को ईडी ने सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने के बाद आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। ईडी ने कोर्ट से सत्येंद्र जैन की कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी। कोर्ट ने 9 दिन की रिमांड स्वीकार करते हुए जैन को 9 जून तक के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया। ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल मेहता ने जज गीताजंलि की अदालत से कहा कि हम सत्येंद्र जैन की 14 दिन की रिमांड चाहते हैं। मेहता ने दलील दी कि जैन ने फरवरी 2015 से मई 2017 तक मंत्री रहते हुए अपने और परिवार के नाम आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसमें उनसे पूछताछ के लिए 14 दिन की कस्टडी जरूरी है। कोर्ट ने दलील सुनने के बाद जैन को 9 जून तक के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया। सत्येंद्र जैन के वकील ऋषिकेश कुमार ने अदालत के बाहर कहा, कोर्ट ने उनको 9 दिन की रिमांड पर भेजा है। सत्येंद्र जैन 9 जून को फिर से पेश होंगे। यह एक तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला है। इस मामले में कोई नया तथ्य सामने नहीं आया है और ED ने पुराने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। बता दें कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता स्थित कंपनी से जुड़े हवाला की लेन-देन के एक मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। सत्येंद्र जैन के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट नहीं: सीबीआई- इस बीच सीबीआई ने कहा है कि उन्होंने सत्येन्द्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले को बंद नहीं किया है। सीबीआई ने मंगलवार को कहा गया है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी गई है। इन रिपोर्ट में सच्चाई नहीं है, सीबीआई ने जैन के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। सीबीआई ने अगस्त 2017 में सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था और दिंसबर, 2018 में चार्जशीट दाखिल की थी।

Published / 2022-05-31 16:32:50
पूरे झारखंड मंत्रिमंडल को पूछताछ के लिए बुला सकती है ईडी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट ने झारखंड की राजनीति में उबाल ला दिया है। मंगलवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे दिल्ली से रांची पहुंचे। यहां मीडिया से बात के दौरान सांसद ने कहा कि दो-तीन दिन में झारखंड की राजनीति में तूफान आएगा। दुबे के इस बयान ने सियासी तपिश बढ़ाई ही थी कि उनका ट्वीट ने उबाल ला दिया। सांसद निशिकांद दुबे के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा कि ईडी पूरे मंत्रिमंडल को पूछताछ के लिए बुला सकती है। रांची में एयरपोर्ट परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में बहुत जल्दी राजनीतिक धमाका होगा, अपने ट्विटर के माध्यम से प्रत्येक दिन चर्चा में रहने वाले निशिकांत दुबे ने एक बार फिर राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया। सांसद ने कहा कि पूरा मंत्रिमंडल ही गलत तरीके से राज्य में काम कर रहा है। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि माइनिंग की बात करें, बालू की बात करें या उत्पाद विभाग की बात करें सभी करप्शन में डूबे हुए हैं। इसका परिणाम राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भुगतना पड़ेगा। वहीं जेएमएम की ओर से महुआ माजी के राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने और उनके नॉमिनेशन पर कहा कि हो सकता है कांग्रेस भी कोई बड़ा राजनीतिक धमाका कर सकती है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को ट्वीट किया कि झारखंड में डायरेक्टर ईडी ने माइनिंग पॉलिसी, शराब पॉलिसी, सभी विभागों की ट्रांसफर और पोस्टिंग पॉलिसी, स्मार्ट सिटी पॉलिसी, उद्योग नीति इत्यादि को समझने के लिए पूरे मंत्रिमंडल के सदस्यों को ससम्मान बुलाने का निर्णय किया है। इधर, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट ने सियासी गलियारे में हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस ने दुबे के ट्वीट की तीखी आलोचना की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने निशिकांत दुबे पर ईडी और सीबीआई के प्रतिनिधि के रूप में काम करने का आरोप लगाया है।

Published / 2022-05-31 11:33:44
निर्वाचन आयोग के नोटिस पर बोले बसंत सोरेन के अधिवक्ता- याचिका चुनाव समिति के समक्ष सुनवाई योग्य नहीं

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन के अधिवक्ता ने सोमवार को दावा किया कि खनन कंपनी में सहस्वामित्व के आधार पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक की आयोग्यता की मांग को लेकर उनके खिलाफ दायर याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। अधिवक्ता ने इस मामले की सुनवाई को लेकर निर्वाचन आयोग के न्यायिक क्षेत्राधिकार संबंधी सवाल उठाए। आयोग ने हाल ही में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9ए के तहत बसंत सोरेन को नोटिस दिया था, जो एक सरकारी अनुबंध के लिए एक विधायक की अयोग्यता से संबंधित है। इस तरह के मामलों की सुनवाई करते समय निर्वाचन आयोग एक अर्द्ध न्यायिक निकाय के रूप में कार्य करता है। दुमका से विधायक बसंत सोरेन को भेजे गए निर्वाचन आयोग के नोटिस का संबंध बोकारो जिले में स्थित एक खनन कंपनी में उनके कथित सहस्वामित्व से है। इस बाबत आरोप लगाये जा रहे थे कि यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9ए का उल्लंघन है। निर्वाचन आयोग के समक्ष सुनवाई के बाद बसंत सोरेन का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता सोनल कुमार सिंह ने संवाददाताओं से कहा, हमने यह कहते हुए अधिकार क्षेत्र पर प्रारंभिक आपत्ति जताई कि याचिका (एक विधायक के रूप में उनकी अयोग्यता की मांग की गई) सुनवाई योग्य नहीं है। अधिवक्ता ने कहा कि आयोग ने अधिकार क्षेत्र पर सुनवाई के लिए समय दिया है, मामले की सुनवाई अगली तारीख पर होगी जिस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

Published / 2022-05-26 09:06:52
पूजा सिंघल प्रकरण : प्रेम प्रकाश की जुबान खुली तो नपेंगे कई ब्यूरोक्रेट्स, 6 ठिकानों पर रेड

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सत्ता के गलियारे में ऊंची पहुंच रखने वाले प्रेम प्रकाश अब ईडी के रडार पर हैं। घर में हो रही छापेमारी की सूचना मिलने पर फरार होने की कोशिश करने वाले प्रेम प्रकाश को ईडी की टीम ने भागने का मौका नहीं दिया। बुधवार की शाम 7 बजे के करीब ईडी ने प्रेम प्रकाश से पूछताछ शुरू की जो रात के एक बजे तक चलती रही। वहीं आज भी ईडी की टीम लालपुर स्थित बिल्डर मनोज सिंह के घर पर रेड कर रही है। प्रेम प्रकाश से मामला जुड़ा है। प्रेम प्रकाश के ठिकानों से ईडी को करोड़ों रुपए के निवेश के दस्तावेज मिले हैं। दरअसल, वर्तमान समय में प्रेम प्रकाश झारखंड के सबसे बड़े पावर ब्रोकर माने जाते हैं। आईएएस हो या आईपीएस किसी भी अधिकारी का तबादला उनकी सहमति के बगैर नहीं होता था। बड़े-बड़े टेंडर को मैनेज करने के लिए भी झारखंड के कारोबारी प्रेम प्रकाश से संपर्क करते थे। जानकारी के अनुसार इसी की बदौलत प्रेम प्रकाश ने अकूत संपत्ति जमा की है। सीआरपीएफ की उपस्थिति में ईडी की टीम ने प्रेम प्रकाश से घंटों पूछताछ की। आज भी यह सिलसिला जारी रहेगा। प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर ईडी की रेड से झारखंड के आईएएस, आईपीएस, बड़े बिल्डर, शराब माफिया और दूसरे अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रेम प्रकाश की जुबान अगर खुलती है तब कई बड़े लोग फंसेंगे। प्रेम प्रकाश के अलग-अलग ठिकानों पर हर दिन बड़े अधिकारियों का आना जाना लगा रहता था। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने कई सीसीटीवी के डीवीआर भी जब्त किए हैं। पिछले एक महीने के दौरान प्रेम प्रकाश के कार्यालय और घर में क्या गतिविधियां थी इससे उसकी जानकारी मिल पाएगी। वहीं दूसरी तरफ प्रेम प्रकाश के मामले को लेकर ईडी के बाद इनकम टैक्स की टीम भी अलर्ट मोड में है, एक तरफ जहां आधी रात तक ईडी प्रेम प्रकाश के घर पर मिले कागजातों को खंगाल रही थी। वहीं दूसरी तरफ इनकम टैक्स की टीम रांची के लालपुर क्षेत्र में होटल लैंडमार्क समीप राज गर्ल्स हॉस्टल के पास बिल्डर मनोज सिंह पर दबिश दे रही थी। बताया जा रहा है कि बिल्डर मनोज सिंह प्रेम प्रकाश के करीबी हैं। पूरा मामला मनी लाउंड्रिंग में चल रहे ईडी की कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। ईडी की टीम आयकर के अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले में तह तक जाने की कोशिश में जुटी हुई है। बिल्डर मनोज सिंह को गृह सचिव के बहनोई निशित केसरी का करीबी भी बताया जा रहा है। आज सुबह भी इनकम टैक्स की कार्रवाई जारी है।

Published / 2022-05-25 14:51:26
अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे अलगाववादी नेता यासीन मलिक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने टेरर फंडिंग के दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा यासीन मलिक पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अवधि की सजा सुनायी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मलिक को दो अपराधों - आईपीसी की धारा 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और यूएपीए की धारा 17 (यूएपीए) (आतंकवादी गतिविधियों के लिए राशि जुटाना)- के लिए दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई। इससे पहले सजा सुनाने के के लिए कोर्ट रूम लाए गए यासीन मलिक ने कोर्ट से कहा, मैं कुछ नहीं कहूंगा, आपको जो सजा देनी है दे दीजिये। मैं भीख नहीं मांगूगा। आतंकवादी सरगना मलिक जनवरी 1990 में कश्मीर में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित भारतीय वायुसेना के चार अधिकारियों और जवानों की हत्या के मामले चर्चित हुआ था। उसके खिलाफ 2017 में आतंकवाद और विघटनकारी करतूतों में शामिल होने के आरोपों में मामला दायर किया गया था। मलिक ने 19 मई 2022 को एनआईए के मामलों की सुनवाई करने वाली पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में अपने जुर्म कबूल किये थे। अदालत ने इस मामले में सजा सुनाने के लिए आज दोपहर बाद का समय निर्धारित किया था। अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी : मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी और परिसर सुरक्षा कर्मियों के शिविर जैसा लग रहा था। सुरक्षा में पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बल के दस्ते भी तैनात किये गये थे। परिसर में मलिक को लाये जाने से पहले बम निस्तारण दस्ते और प्रशिक्षित कुत्तों से जांच करायी गयी थी। न्यायालय कक्ष में विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रवीण सिंह के करीब साढ़े पांच से पहुंचने से पहले मलिक को वहां लाया गया था। बुधवार को अदालती कारर्वाई के दौरान एनआईए ने मलिक को मृत्यु दंड दिये जाने की दलील दी थी। मलिक के मामले में फैसला अपराह्न साढ़े तीन बजे सुनाया जाना था लेकिन इसमें घंटे भर से अधिक देरी हुई। मौत के बदले मौत की सजा मिले- स्क्वाड्रन लीडर खन्ना की पत्नी : इस बीच, जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर में यासीन के घर मैसुमा इलाके में पथराव की छिटपुट घटनाओं की रिपोर्ट आयी हैं। स्क्वाड्रन लीडर खन्ना की पत्नी निर्मल खन्ना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह जेकेएलएफ के इस आतंकवादी को मौत की सजा चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके पति की हत्या के बावजूद 32 साल तक जीवित बचा है। उन्होंने सजा सुनाये जाने से पहले जम्मू में संवाददाताओं से कहा था, मैं अपने मामले में चाहूंगी कि मौत के बदले मौत की सजा मिले। जहां तक आतंकवादियों को धन पहुंचाने का मामला है तो मलिक को उसमें अदालत जो उचित समझे, सजा दे। 28 साल पहले ही हिंसा का रास्ता छोड़ चुका है मलिक- वकील : अदालत में उपस्थित वकील के अनुसार जेकेएलएफ सरगना मलिक के अधिवक्ता ने कहा कि उसके मुवक्किल ने 28 साल पहले ही हिंसा का रास्ता छोड़ चुका है और तब से किसी हिसंक वारदात में शामिल नहीं रहा है। मलिक के खिलाफ इस मामले में जांच एजेंसी ने मलिक, अलगाववादी कश्मीरी कार्यकर्ता फारुक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, मोहम्मद अहमद खांडे, राजा महरुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट्ट, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल रशीद शेख और नवल किशोर कपूर को आरोप पत्र में अभियुक्त बनाया था। इस मामले में इनके अलावा लश्करे तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन को भगोड़ा अभियुक्त घोषित किया गया था। यूएपीए के तहत हुए मामले दर्ज : इसी वर्ष मार्च में अदालत ने मलिक और अन्य के विरुद्ध गैर कानूनी गतिविधियां निवारक (यूएपीए) अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा चलाये जाने का आदेश दिया था। मलिक और अन्य के खिलाफ यूएपीए की धारा 16 (आतंकवाद में संलिप्तता), धारा 17 (आतंकवाद के लिए धन जुटाना), धारा 18 (आतंकवाद की साजिश) और धारा 20(आतंकवादी गिरोह या संगठन से नाता) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी( आपराधिक षडयंत्र) और 124 ए राजद्रोह के अभियोग लगाये गये थे। मलिक ने आरोप पत्र को सुनाये जाने के बाद कहा कि वह अपने विरुद्ध लगाये गये अभियोगों का प्रतिवाद नहीं करेंगे। एनआईए अदालत के न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद यासीन मलिक की वित्तीय स्थिति के बारे में हलफनामा मांगा था और एनआईए से 25 मई रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। अदालत ने कहा था कि इस मामले में 25 मई को सजा सुनायी जायेगी।

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