कानून व्यवस्था

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Published / 2022-07-29 03:32:46
सीएम के प्रेस सलाहकार पिंटू के पत्थर खदान की जांच करने साहिबगंज पहुंची ईडी

टीम एबीएन, साहिबगंज/रांची। अवैध पत्थर खनन और परिवहन की जांच कर रही ईडी की टीम गुरुवार को चौथे दिन भी साहिबगंज में जमी हुई है। टीम सुबह ही मिर्जाचौकी पहुंची और ड्रोन कैमरे से खदानों का सर्वे शुरू किया। दुर्गम इलाका होने और नेटवर्क न होने से ईडी के अधिकारियों को थोड़ी परेशानी भी हो रही है। ईडी की टीम पकड़िया, दामिनभिट्ठा और सुंदरे मौजा की तस्वीर ड्रोन से ली गई है, ईडी के अधिकारी पैदल ही पहाड़ों के खाक छान रहे हैं। इन इलाकों में टिंकल भगत, पतरू सिंह, राजेश जायसवाल, अभिषेक प्रसाद की पत्थर खदान है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद का पत्थर खदान पकड़िया मौजा में है। ईडी की टीम सबसे पहले टिंकल भगत की पत्थर खदान में पहुंची और वहां की तस्वीरें ली। ईडी के अधिकारी टिंकल भगत के खदान के बाद पतरू सिंह के पत्थर खदान पहुंचे और ड्रोन से तस्वीर लेने के बाद जरूरत के अनुसार पत्थर खदानों की मापी करायी जाएगी। सूत्रों की मानें तो अभिषेक प्रसाद के पत्थर खदान में अभी पत्थर निकालने का काम शुरू नहीं हो पाया था। अभी उसकी साफ-सफाई ही कराई जा रही थी। ईडी की जांच-पड़ताल के बाद फिलहाल काम बंद है। ये वही पत्थर व्यवसायी हैं जिनके घर ईडी ने 8 जुलाई को छापा मारा था। ईडी की टीम ड्रोन कैमरा की सहायता से पहाड़ों पर अवैध खनन तक पहुंच रही है। पहाड़ में नेटवर्क की समस्या है इसलिए ईडी नए तरकीब से काम कर रही है। ईडी की टीम मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के माइंस तक पहुंच चुकी है, जल्द साफ सफाई कर मापी कराई जाएगी।

Published / 2022-07-28 17:30:50
जज उत्तम आनंद हत्याकांड : आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा दोषी करार

टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। जज उत्तम आनंद हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई चली। कोर्ट ने ठीक एक साल के बाद जज उत्तम आनंद मामले में अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को धारा 302 और 201 में दोषी करार दिया है। 6 अगस्त को अदालत सजा के बिंदु पर अपना फैसला देगी। 28 जुलाई 2021 को सुबह न्यायाधीश उत्तम आनंद को आॅटो ने टक्कर मार दी थी। जिसके बाद जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी, धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। पांच महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपित लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी जिनसे उनकी मौत हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हर दिन की तरह बुधवार को भी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान एक आॅटो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। बाद में वहां से गुजर रहे दूसरे आॅटो चालक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें उन्हें एक आॅटो टक्कर मारते दिख रहा है। उत्तम आनंद चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह महीने पहले ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम के पद पर ज्वाइन किया था। इससे पहले वे बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। वे चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। कुछ दिन पहले ही शूटर अभिनव सिंह और अमन का गुर्गा रवि ठाकुर की जमानत याचिका उन्होंने खारिज कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि रंजय सिंह हत्याकांड मामले में ही उनकी हत्या की गई है। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के करीबी माने जाने वाले रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 में धनबाद-गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर चाणक्य नगर के मुख्य दरवाजे पर शाम में लगभग 5:30 बजे कर दी गई थी। माना जा रहा है कि इसी के प्रतिशोध में 21 मार्च 2017 को डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की गई थी। नीरज सिंह की हत्या स्टील गेट के पास कोयला भवन जाने वाले मुख्य चौराहे पर धनबाद- गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर हुई थी। इस हत्याकांड में नीरज सिंह सहित चार लोगों की मौत हुई थी।

Published / 2022-07-28 17:27:01
17 वर्ष के युवा भी कर सकते हैं मतदाता सूची के लिए अग्रिम आवेदन : आयोग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चुनाव आयोग ने कहा है कि सत्रह वर्ष के अधिक उम्र के युवा अब अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं और अब इसके लिए उन्हें किसी वर्ष की एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के पूर्व अपेक्षित मानदंड की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं है। आयोग की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद पाण्डेय के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को इस तरह के प्रौद्योगिकी-सक्षम समाधान तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। निर्देश में कहा गया है कि युवाओं को न केवल एक जनवरी को बल्कि एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर के संदर्भ में भी अपने अग्रिम आवेदन दाखिल करने की सुविधा मिल सकेगी। अब निर्वाचक नामावली प्रत्येक तिमाही में अद्यतन की जाएगी और पात्र युवाओं को उस वर्ष की अगली तिमाही में पंजीकृत किया जा सकता है जिसमें उन्होंने 18 वर्ष की पात्रता आयु पूरी कर ली होगी। पंजीकरण करवाने के बाद उन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) जारी किया जाएगा। निर्वाचक नामावली, 2023 के वार्षिक पुनरीक्षण के चालू राउंड के लिए वर्ष 2023 के एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाला कोई भी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए निर्वाचक नामावली के प्रारूप प्रकाशन की तारीख से अग्रिम आवेदन जमा कर सकता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 14(ख) में विधिक संशोधनों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 में किए गए परिणामी संशोधनों के अनुसरण में, निर्वाचन आयोग ने विधानसभा / संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली को तैयार करने / उसका पुनरीक्षण करने के लिए आवश्यक परिवर्तन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्वाचन आयोग की अनुशंसा पर विधि एवं न्याय मंत्रालय ने हाल ही में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन किया है, जिसमें निर्वाचक नामावलियों में युवाओं के लिए पंजीकृत होने की पात्रता के लिए केवल एक जनवरी की पूर्ववर्ती सिर्फ एक अर्हक तिथि की पुरानी व्यवस्था के उलट चार अर्हक तिथियों अर्थात एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर का उपबंध किया गया है।

Published / 2022-07-27 17:14:53
ईडी ने जब्त किया खनन माफियाओं का 30 करोड़ का पानी का जहाज

टीम एबीएन, रांची। ईडी ने झारखंड में अवैध खनन माफिया पर कार्रवाई करते हुए पानी के जहाज को जब्त किया है, जिसकी मदद से अवैध खनन माफिया खनन कर पत्थरों को राज्य से बाहर ले जा रहे थे। जब्त जहाज की कीमत 30 करोड़ रुपये है और इसे पश्चिम बंगाल में रजिस्टर्ड करवाया गया था, लेकिन झारखंड में चलाने की किसी तरह की इजाजत नहीं थी। इस जहाज को पंकज मिश्रा के करीबी राजेश यादव उर्फ दाहू यादव के आदमी अवैध खनन को ट्रांस्पोर्ट के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी झारखंड सरकार के प्रदूषण विभाग की टीम के साथ साहेबगंज इलाके में 25 जुलाई से सर्वे और जांच कर रही थी; ताकि उस इलाके में चल रही अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसी जा सके। एजेंसी ने साहेबगंज के मौजा सिमारिया इलाके में माइन का पता लगाया, जहां से अवैध खनन किया जा रहा था। इसके अलावा मौजा डेंबा इलाके में सरकारी मंजूरी वाले इलाके से ज्यादा जगह को घेर कर अवैध खनन किया जा रहा था। इस अवैध खनन को बिष्णु यादव और उसके आदमी कर रहे थे। अभी तक की जांच के मुताबिक आरोपी 37.5 मिलियन क्यूबिक फीट अवैध खनन कर चुके हैं जिसकी कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने इलाके से अवैध तरीके से खनन में इस्तेमाल दो स्टोन क्रैशर जब्त किए हैं, जिसे बिष्णु यादव और पवित्रा यादव मां अम्बे स्टेन वर्क्स के नाम से इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा तीन ट्रक भी जब्त किए हैं जो इन पत्थरों को जहाज तक पहुंचा रहे थे। इन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज : इस मामले में झारखंड पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला पानी के जहाज के मालिक के खिलाफ दर्ज किया गया है जो अवैध खनन को अवैध तरीक से झारखंड से बाहर ले जाने के लिए जहाज का इस्तेमाल कर रहा था और दूसरा मामला अवैध खनन से जुड़ा है। इस छापेमारी के बाद 19 जुलाई को पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया, जो फिलहाल 1 अगस्त तक ईडी की हिरासत में हैं। पंकज मिश्रा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी हैं और उनके राजनीतिक प्रतिनिधि भी। इसके अलावा मिश्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य भी हैं।

Published / 2022-07-27 13:28:19
भोला की गिरफ्तारी से बढ़ी लालू की टेंशन

टीम एबीएन, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महासचिव एवं पूर्व विधायक भोला यादव की आज हुई गिरफ्तारी से पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें ब बढ़ सकती हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बुधवार को नई दिल्ली से पूर्व विधायक को गिरफ्तार करने से सबसे ज्यादा राजद अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजद अध्यक्ष के हनुमान कहे जाने वाले भोला यादव के पटना, दरभंगा और नई दिल्ली स्थित ठिकानों पर सीबीआई और आयकर विभाग की कार्रवाई से पार्टी में जहां खलबली मच गई है वहीं लालू परिवार की चिंता भी बढ़ सकती हैं। दरअसल राजद अध्यक्ष और श्री यादव का करीबी रिश्ता रहा है। पूर्व विधायक उस दौर से राजद अध्यक्ष के साथ हैं जब श्री लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल ने सीबीआई की कार्रवाई को लेकर आज कहा कि श्री यादव सिर्फ राजद अध्यक्ष के करीबी नहीं थे, उनके ओएसडी के पद पर भी थे। राजद अध्यक्ष जब रेल मंत्री के पद पर थे उस समय उनके सारे काम की जानकारी उन्हें (पूर्व विधायक) होती थी। जो बातें राजद अध्यक्ष के बारे में उनके परिवार को मालूम नहीं रहती थीं, वह पूर्व विधायक को जानकारी होती थी। जाहिर है जब मुखिया ही इस महापाप में शामिल रहे हैं तो उनके करीबी कैसे इससे बचे होंगे। अगर सीबीआई ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है, गिरफ्तार किया है तो निश्चित है उनके खिलाफ कुछ जानकारी मिली होगी।

Published / 2022-07-27 06:31:52
लालू के बेहद करीबी पूर्व विधायक भोला यादव को CBI ने किया गिरफ्तार

टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के सियासी गलियारे से आ रही है जहां लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी और राजद के पूर्व विधायक भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। भोला यादव की गिरफ्तारी केंद्रीय जांच एजेंसी CBI द्वारा दिल्ली में की गई है। CBI सूत्रों द्वारा औपचारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी गई है। जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने संबंधित मामले में सीबीआई द्वारा ये पहली गिरफ्तारी की गई है। भोला यादव की गिरफ्तारी दिल्ली में हुई है। इसके साथ ही बुधवार को देश के अलग-अलग चार लोकेशनों पर CBI द्वारा छापेमारी की जा रही है। भोला यादव की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के बाद बिहार के दरभंगा जिला स्थित उनके आवास पर छापेमारी की भी खबरें सामने आ रही हैं। भोला यादव लालू प्रसाद और उनके परिवार के बेहद खास हैं। 2004 से लेकर 2009 तक वो लालू यादव के ओएसडी के रूप में काम कर रहे थे। भोला यादव की गिरफ्तारी इसी आधार पर हुई है। भोला यादव लालू के सबसे करीबी नेताओ में से एक हैं। वो लालू प्रसाद के साथ घर से लेकर अस्पताल तक में देखे जाते हैं। लालू परिवार में भी भोला यादव की खास अहमियत है। भोला यादव 2015 में दरभंगा के बहादुरपुर के विधायक थे लेकिन 2020 के चुनाव में हायाघाट से उनको हार मिली थी। 53 साल के भोला यादव द्वारा निर्वाचन आयोग में घोषित एफिडेविट में कुल घोषित आय- 3.4 करोड़ रुपए है, उनकी चल संपत्ति 98.7 लाख, अचल संपत्ति 2.4 करोड़, कुल आय 13.50 लाख रुपए है। सीबीआई की टीम भोला यादव के अनीसाबाद पटना के फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित मकान में भी छापेमारी कर रही है।

Published / 2022-07-26 15:14:12
सीएम हेमंत के प्रेस सलाहकार अभिषेक (पिन्टू) को ईडी का समन, 1 अगस्त को होगी पूछताछ

टीम एबीएन, रांची। राज्य में अवैध खनन और टेंडर मैनेज कर अवैध कमाई करने और मनी लाउंड्रिंग के मामले की जांच कर रही ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस एडवाइजर अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ पिंटू को भी समन जारी किया है। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिंटू को ईडी ने मंगलवार को ही समन जारी किया है। जानकारी के अनुसार अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ पिंटू को एक अगस्त को ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सीएम के प्रेस सलाहकार को ईडी के नोटिस को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि ‘आखिर मुख्यमंत्री दरवाजे तक ईडी पहुंच गई। गीदड़ भभकी गायब पार्टी महासचिव विधायक प्रतिनिधि पंकज के बाद अब प्रेस सलाहकार पिंटू यानि शकुनि भी, वाह रे संसार...’

Published / 2022-07-26 08:53:11
ईडी कोर्ट में पेश होंगे पंकज मिश्रा, पूजा सिंघल की जमानत पर भी होनी है सुनवाई

टीम एबीएन, रांची। अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने पंकज मिश्रा को 6 दिनों के रिमांड पर लिया था। मंगलवार को 6 दिन की अवधि पूरी हो गई है। इसके बाद पंकज मिश्रा को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। पंकज मिश्रा की ईडी कोर्ट में पेशी मंगलवार को होगी। ईडी अधिकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंकज मिश्रा से पूछताछ के लिए अभी और समय चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि अदालत में पेश करने के बाद ईडी के अधिकारी पंकज मिश्रा की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए अदालत से आग्रह करेंगे। वहीं दूसरी तरफ मनी लांड्रिंग के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी। पिछली दो सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट की सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करने का समय लिया था। उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत याचिका दायर की है। बता दें कि निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल पिछले 25 मई से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।

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