एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बंगाल स्कूल भर्ती घोटाले केस में पहली गिरफ्तारी की। सीबीआई ने 2 बड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। सीबीआई ने नियुक्तियों के लिए गठित विशेष सलाहकार समिति के संयोजक शांति प्रसाद सिन्हा और राज्य स्कूल सेवा आयोग के सचिव अशोक साहा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को 23 जुलाई को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा मामले की सीबीआई जांच के आदेश के बाद शांति प्रसाद सिन्हा और अशोक साहा से कई बार पूछताछ की गई। बुधवार को भी घंटों पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को ईडी द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा की गई अवैध भर्तियों में मनी ट्रेल की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इधर, ईडी का दावा है कि उसने मुखर्जी के स्वामित्व वाले अपार्टमेंट से 49.80 करोड़ रुपये नकद, आभूषण और सोने की छड़ें बरामद की हैं। इन दोनों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप हैं।
टीम एबीएन, रांची। भारत के लोकपाल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन को आय से अधिक संपत्ति की शिकायत से जुड़े मामले में 25 अगस्त को लोकपाल के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी (न्यायिक सदस्य) और सदरूय महेंद्र सिंह एवं इंद्रजीत पी गौतम की पीठ ने इस मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया है। 4 अगस्त को ही चार प न्नों के आदेश में कहा गया है कि लोकपाल की विचाराधीन मामले में धारा 20 (3) के तहत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के खिलाफ कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि लोक सेवक के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रथम दृष्टया मामला है या नहीं। भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा- झारखंड के राज परिवार को आदरणीय लोकपाल महोदय ने अकूत भ्रष्टाचार और संपत्ति देखते हुए 25 अगस्त को बुलाया है। लगता है कि आज 9 अगस्त 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ों की तरह सोरेन परिवार झारखंड व गद्दी छोड़ो का नारा लग गया है। आज आदिवासी दिवस पर भ्रष्टाचार से आदिवासी को मुक्ति। सूत्रों के मुताबिक लोकपाल ने रजिस्ट्री को लोकपाल अधिनियम की धारा 20 (3) के तहत नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, ताकि वह व्यक्तिगत रूप से या अपने वकील के माध्यम से आरोपों का बचाव कर सके। इसके अलावा लोकपाल ने रजिस्ट्री को यह भी निर्देश दिया कि शिबू सोरेन को शिकायत की एक प्रति और सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रदान की जाए। बताया गया है कि शिबू सोरेन के खिलाफ 5 अगस्त 2020 को शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसमें यह आरोप लगाया था कि कि वह और उनके परिवार के सदस्य बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में शामिल है, उन्होंने झारखंड में सरकारी खाजने का दुरुपयोग कर आय से ज्ञात और घोषित श्रोतों तथा उनके नाम पर कई वाणिज्यिक एवं आवासीय संपत्तियों के अनुपात में बड़ी संपत्ति अर्जित की है। लोकपाल की पूर्ण पीठ ने 15 सितंबर 2020 को सीबीआई को मामले की प्रारंभिक जांच का निर्देश दिया था और 1 जुलाई को सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर जो भी संपत्तियां है, उनका विवरण संलग्न है। सीबीआई ने कुछ आयकर रिटर्न भी संलग्न किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कांग्रेस पार्टी के तीन विधायकों की जमानत याचिका पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में बुधवार को सुनवाई होने की उम्मीद है। विधायकों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने सोमवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में जमानत याचिकाएं पेश कीं और शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया। अदालत ने कहा कि याचिका बुधवार को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध की जाएगी। झारखंड से कांग्रेस विधायकों- इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी- को 30 जुलाई को हावड़ा जिले के पांचला में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर उनकी गाड़ी से 49 लाख रुपये नकद बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उच्च न्यायालय की एक अन्य एकल पीठ ने पिछले हफ्ते तीनों विधायकों के उस अनुरोध को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने का अनुरोध किया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क।।भारतीय रिजर्व बैंक ने कई नियमों के उल्लंघन के मामले में आठ सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया है। गुजरात के मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। रिजर्व बैंक के अनुसार, मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिज़र्व बैंक (सहकारी बैंक - जमा पर ब्याज दर) निर्देश, 2016 के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को बयान में कहा कि ऋण मानदंडों से संबंधित कुछ प्रावधानों के उल्लंघन के लिए महाराष्ट्र के इंदापुर शहरी सहकारी बैंक, इंदापुर पर सात लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, महाराष्ट्र के वरुद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, वरुद, मध्य प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, यवतमाल पर अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंडों में उल्लघंन को लेकर जुर्माना लगाया है। इसके अलावा कुछ केवाईसी प्रावधानों का पालन न करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा गुना के एक सहकारी बैंक तथा पणजी के गोवा राज्य सहकारी बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया है।
टीम एबीएन, रांची। जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी के आवास पर पश्चिम बंगाल सीआईडी छापामारी कर रही। सोमवार की सुबह सीआईडी की टीम स्थानीय पुलिस के साथ विधायक के आवास पर पहुंची और छापामारी की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि विधायक के कमरे की बारिकी से छानबीन की जा रही है। हालांकि सीआईडी को क्या हाथ लगी। इसकी जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि विधायक इरफान अंसारी अपने दो अन्य कांग्रेसी विधायक विधायकों के साथ पश्चिम बंगाल में कैश के साथ गिरफ्तार किए गए थे। इस कैशकांड की जांच में पश्चिम बंगाल की जांच में सीआईडी जामताड़ा कोर्ट रोड स्थित विधायक के आवास की जांच कर रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब आपको ट्रेन टिकट और होटल में कमरा बुक काफी सोच समझकर करना चाहिए। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अब बुकिंग रद्द करना आपकी जेब पर काफी भारी साबित होगा। इसका कारण है बुकिंग कैंसिल करने पर लगने वाले चार्ज पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का लागू होना। गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों के मुताबिक, बुकिंग कैंसिल करना एक प्रकार से डील से मुकरने जैसा है। डील कैंसिल करने पर जुर्माना भरना पड़ता है। यानी अब ग्राहक को जुर्माने पर टैक्स देना होगा। गौरतलब है कि काफी समय से इसे लेकर विवाद भी चल रहा था। अब वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंसिलेशन सेवा से जुड़ा है तो इस कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देना होगा। वित्त मंत्रालय के टैक्स रिसर्च यूनिट ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है। इसके मुताबिक ग्राहक ने बुकिंग करते समय जिस दर से जीएसटी अदा किया था, कैंसिल करने पर उसे उसी दर से कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देना होगा। अनुबंध पर सहमति सेवा आपूर्ति : टैक्स रिसर्च यूनिट ने तीन सर्कुलर जारी किए हैं। इनमें से एक में कॉन्ट्रेक्ट के उल्लंघन पर शुल्क लगाए जाने की व्याख्या की गई है। इसमें कहा गया है कि होटल, एंटरटेनमेंट और ट्रेन टिकटों की बुकिंग एक कॉन्ट्रेक्ट की तरह है जिसमें सर्विस प्रोवाइडर एक सर्विस देने का वादा करता है। जब ग्राहक इस कॉन्ट्रेक्ट का उल्लंघन करता है या बुकिंग कैंसल करता है तो सर्विस प्रोवाइडर कैंसिलेशन चार्ज के रूप में एक निश्चित राशि प्राप्त करता है। चूंकि कैंसिलेशन चार्ज कॉन्ट्रेक्ट के उल्लंघन के बदले में किया गया भुगतान है इसलिए इस पर जीएसटी लगेगा। कितना लगेगा टैक्स : टैक्स रिसर्च यूनिट द्वारा जारी सर्कुलर में बताया गया है कि फर्स्ट क्लास या एसी कोच टिकट के लिए कैंसिलेशन चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी देना होगा। यह टिकट पर लगाया जाने वाला रेट है। इसी प्रकार से हवाई यात्रा या होटल की बुकिंग को कैंसिल करने पर बुकिंग करते समय जिस दर से जीएसटी अदा किया था, कैंसिल करने पर उसे उसी दर से कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी समूह आईएसआईएस संदिग्ध को शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। बाटला हाउस से दबोचे गए संदिग्ध पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। आरोपी की पहचान बिहार राज्य के पटना निवासी मोहसिन अहमद के रूप में हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 25 जून को दर्ज आईएसआईएस की ऑनलाइन और ग्राउंड एक्टिविट से जुड़े एक मामले में शनिवार को मोहसिन अहमद को छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने रविवार को एक बयान में कहा कि आरोपी मोहसिन अहमद आईएसआईएस का कट्टर और सक्रिय सदस्य है। उस पर आईएस मॉड्यूल के तहत फंडिंग इकट्ठा करने का भी आरोप है। एनआईए ने बयान में यह भी कहा कि मोहसिन फंडिंग में इकट्ठा रकम को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए सीरिया और अन्य स्थानों पर भेज रहा था ताकि आईएसआईएस की गतिविधियों में कोई बाधा न आए। एनआईए ने यह भी बताया कि आईएसआईएस के लिए फंड जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहसिन अहमद ने सोशल मीडिया पर भी खूब टेरर प्रोपेगेंडा फैलाता था। इसके अलावा, मोहसिन युवाओं को गुमराह कर रहा था। करीब हफ्ते भर पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश के अलग-अलग 6 राज्यों में 13 जगहों पर छापेमारी की थी। इन जगहों में मध्य प्रदेश में भोपाल और रायसेन जिले; गुजरात में भरूच, सूरत, नवसारी और अहमदाबाद; बिहार में अररिया, कर्नाटक में भटकल और तुमकुर जिले; महाराष्ट्र में कोल्हापुर और नांदेड़ जिले और उत्तर प्रदेश के देवबंद का नाम शामिल था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 8वां वेतन आयोग को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। केंद्र की मोदी सरकार ने कंफर्म कर दिया है कि 8वां वेतन आयोग का लाभ अभी दिया जायेगा कि नहीं? सरकारी कर्मचारियों के कंफ्यूजन को दूर करते हुए राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि 8वां वेतन आयोग लाने को लेकर कोई भी मामला अभी विचाराधीन नहीं है और इसे लाने को लेकर कोई भी विचार नहीं किया जा रहा है। पंकज चौधरी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अभी ऐसा कोई भी विचार नहीं किया जा रहा है और न ही ऐसी कोई प्लानिंग है। सरकार केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को रिवाइज करने के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन पर विचार नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा- सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिए जाने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा के लिए एक और वेतन आयोग का गठन करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। 8वां वेतन आयोग लाने से नहीं किया इनकार : केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पे मैट्रिक्स की समीक्षा और संशोधन के लिए नई व्यवस्था पर काम होना चाहिए। हालाकि उन्होंने 8वां वेतन आयोग लाने से इनकार नहीं किया है। सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्था की जा रही है, ताकि कर्मचारियों के परफॉर्मेंस बेस पर सैलरी में इजाफा हो। इसके लिए सरकार नए पे मैट्रिक पेश कर सकती है।
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