कानून व्यवस्था

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Published / 2022-08-24 15:06:26
प्रेम प्रकाश के घर से मिले एक-47 मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित

टीम एबीएन, रांची। ईडी को प्रेम प्रकाश के घर से मिले एके 47 मामले में रांची पुलिस ने ईडी को पत्र लिखा है और बताया कि दोनों हथियार रांची जिला बल के आरक्षियों के हैं। रांची पुलिस ने ये भी बताया कि वहां हथियार पहुंचने के बारे में भी जानकारी दी है और उसे वापस मांगा है। इस बीच कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है।

Published / 2022-08-24 10:48:15
प्रेम प्रकाश के ठिकानों से दो AK-47 बरामद

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के करीबी माने जाने वाले प्रेम प्रकाश के घर हुई रेड के दौरान एके-47 रायफल मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के छापे के दौरान प्रेम प्रकाश के ठिकाने से दो AK-47 राइफल बरामद किया गया है। दोनों AK-47 राइफल आरोपी के रांची स्थित ठिकानों से मिले हैं। प्रेम प्रमाश के ठिकाने से AK-47 राइफल मिलने पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी भौंचक्का रह गई। दोनों रायफल को आलमीरा में बंद कर के रखा गया था। ईडी ने इससे पहले बीते 25 मई को भी प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित ऑफिस और वसुंधरा अपार्टमेंट में छापेमारी की थी। छापेमारी के क्रम में प्रेम प्रकाश के वसुंधरा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर – 802 में ईडी अधिकारियों को काफी कीमती सामान का पता लगा था। वहीं ईडी को प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित कार्यालय में भी छापेमारी के क्रम में विदेशी मूल का कछुआ मिला था। बुधवार को सासाराम के नगर थाना क्षेत्र के दो ठिकानों पर बुधवार सुबह से ही ईडी की छापामारी चल रही है। झारखंड में हुए मनरेगा घोटाला और अवैध माइनिंग के किंगपिन माने जाने वाले प्रेम प्रकाश उर्फ छोटू के सासाराम के बैंक कॉलोनी स्थित आवास पर ईडी की रेड से काफी गहमागहमी का माहौल है। प्रेम प्रकाश के मामा रतन श्रीवास्तव के गौरक्षणी मोहल्ले में स्थित आवास पर भी सुबह से छापामारी चल रही है।

Published / 2022-08-24 05:00:09
झारखंड के 11 ठिकानों पर छापामारी कर रही ईडी

टीम एबीएन, रांची। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध खनन से जुड़े लोगों के यहां छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में टीम प्रेम प्रकाश के दफ्तर भी पहुंची है। सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ भी साथ है। माना जा रहा है मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर यह छापामारी की जा रही है। इससे पहले आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण की जांच कर रही ईडी की टीम ने मई 2022 में प्रेम प्रकाश से पूछताछ की थी। ईडी ने बीते दो साल में प्रेम प्रकाश ने कहां-कहां से कमाई की, इसकी हिस्सेदारी किसे किसे दी, इस पर पूछताछ की थी। प्रेम प्रकाश झारखंड में सत्ता के गलियारे के चर्चित नाम हैं। ये सत्ता के गलियारे में पीपी के नाम से जाने जाते हैं। बताया जाता है कि प्रेम प्रकाश मिड डे मील के लिए अंडे की सप्लाई किया करते थे। इसके बाद उनकी करीबी कई आईएएस अधिकारियों से हो गई। वर्तमान सरकार में ट्रांसफर पोस्टिंग कराने वाले बड़े चेहरे के तौर पर प्रेम प्रकाश की पहचान है। कहा तो यहां तक जाता है कि सरकार की तरफ से होने वाले हर ट्रांसफर पोस्टिंग में उनकी सहमति होती है, बिना उनकी सहमति के कोई भी तबादला नहीं हो सकता है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रेम प्रकाश को लेकर कुछ दिन पहले कई ट्वीट किए थे। 25 मई 2022 को अपने ट्वीट में निशिकांत दुबे ने लिखा था कि प्रेम प्रकाश के यहां आख़िर ईडी पहुंच गया। प्रेम भइया झारखंड के खेल के शातिर खिलाड़ी हैं, नेता, अधिकारी सब इनके जेब में, अमित भैया के तो सर्वे सर्वा, ट्रांसफर पोस्टिंग बिना इनकी मर्जी के नहीं। आगे का इंतजार। वहीं, विधायक सरयू राय ने भी प्रेम प्रकाश की तस्वीर ट्विटर पर डालते हुए यह लिखा था कि यह शख्स कौन है, क्या आप सब इसे पहचानते है, इसकी सत्ता के गलियारों में खूब चलती है।

Published / 2022-08-23 10:46:11
आखिर सभी बीमारियों को कैसे ठीक कर सकते हो बाबा : सुप्रीम कोर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बाबा रामदेव की इलाज पद्धति और इस संदर्भ में किये गये उनके दावों से सुप्रीम कोर्ट नाराज है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाबा रामदेव अन्य चिकित्सा पद्धतियों का दुरुपयोग कैसे कर सकते हैं? अदालत यह जानना चाहती है कि वे कैसे गारंटी दे सकते हैं कि वह सभी बीमारियों को ठीक कर सकते हैं? इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बाबा रामदेव कि ओर से एलोपैथी के खिलाफ दिए गए विज्ञापन पर याचिका दायर की है, जिस पर अदालत ने टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है और 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। एलोपैथिक दवाइयों और वैक्सीनेशन के खिलाफ बाबा रामदेव की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा है कि बाबा रामदेव को क्या हुआ है? योग को लोकप्रिय बनाने के लिए हम उनकी इज्जत करते हैं पर उन्हें इलाज के दूसरे तरीकों पर यूं सवाल नहीं उठाना चाहिए। उन्हें दूसरों की आलोचना करने से बचना चाहिए। आईएमए ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि देश में टीकाकरण अभियान और आधुनिक दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी लगाई रामदेव को फटकार : इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट से भी बाबा रामदेव को फटकार लगी थी। कोर्ट ने कहा था कि वो एलोपैथी के खिलाफ बयान देकर लोगों को गुमराह न करें। रामदेव ने कहा था कि वैक्सीन लगने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को कोरोना वायरस हो गया, ये चिकित्या विज्ञान की असफलता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आपके बयान से दूसरे देशों के साथ हमारे संबंध प्रभावित हो सकते हैं। न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने कहा था कि जैसा मैंने शुरू में कहा था कि मेरी चिंता सिर्फ एक है। आपका स्वागत है कि आपके फॉलोअर्स हैं, आपका अपना अनुशासन है, आप जो कहते हैं, वो लोग मानते हैं। लेकिन आप लोगों को गुमराह न करें, वो न कहें तो आधिकारिक रूप से ज्यादा है। रामदेव पर आरोप है कि उन्हें कोरोना से हुई ज्यादा मौतों के लिए एलोपैथी को जिम्मेदार ठहराया।

Published / 2022-08-21 13:09:53
हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार लाये गये, ईडी ने शुरू की पूछताछ

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को ईडी रिमांड पर लेकर कोलकाता से रांची पहुंच चुकी है। वापस लाने के बाद राजीव कुमार का रांची सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया गया। मेडिकल जांच के बाद ईडी की टीम अधिवक्ता राजीव कुमार को अपने साथ रांची एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के जोनल कार्यालय लेकर पहुंची है, जहां उनसे पूछताछ शुरू हो गई है। कोलकाता से 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को ईडी की टीम रांची लेकर पहुंच गई। राजीव कुमार से 20 अगस्त से ही पूछताछ होनी थी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। क्योंकि कोलकाता पुलिस ने इस मामले में अड़ंगा लगा दिया था। जिसके बाद ईडी कोर्ट चली गई और फिर वहां से ईडी को राजीव कुमार को रांची लाने की इजाजत मिली। 31 जुलाई को झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार की कोलकाता से गिरफ्तारी हुई थी। आरोप था कि उनके खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका में राहत पहुंचाने के नाम पर अधिवक्ता ने पहले 10 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में एक करोड़ रुपये देने की बात तय हुई। पहली किस्त में 50 लाख रुपये लेने के लिए ही राजीव कुमार कोलकाता आये थे। जहां उन्हें 50 लाख रुपये कैश के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

Published / 2022-08-21 12:37:37
निलंबित अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह के विरुद्ध प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर जांच प्रतिवेदन देने के प्रस्ताव को सीएम का अनुमोदन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निलंबित अभियंता प्रमुख, पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड रास बिहारी सिंह के विरुद्ध प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। मालूम हो कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने रास बिहारी सिंह के विरुद्ध प्राप्त परिवाद के आलोक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज आईआर सं०-06/17 के सत्यापनकर्ता द्वारा आरोपी के विरुद्ध आय की तुलना में 199 प्रतिशत अधिक धन पाये जाने के आलोक में पीई दर्ज करने के बिन्दु पर मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (निगरानी), झारखण्ड, रांची को अनापत्ति संसूचित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस : पूर्व में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने अनिल कुमार सिंह, तत्कालीन अंचलाधिकारी, हेहल, रांची के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दी थी। वहीं अनुसूचित जनजाति, अनसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग, झारखण्ड, द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू थाना कांड संख्या 10/2021 के प्राथमिकी अभियुक्त मनोज कुमार, सहायक, जिला कल्याण कार्यालय, पलामू एवं सुभाष कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी, पलामू के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) की धारा-7 (ए) के तहत अभियोजन स्वीकृत्यादेश दिया गया है। साथ ही अरविन्द कुमार, तत्कालीन अध्यक्ष, झारखण्ड राज्य विद्युत नियामक आयोग, आरएन सिंह, सदस्य (अभियंत्रण), झारखण्ड राज्य विद्युत नियामक आयोग एवं गौरव बुधिया, प्रोपराईटर, मेसर्स बिहार फाउंडरी एण्ड कास्टिंग लिमिटेड के विरुद्ध निगरानी जांच की स्वीकृति दी है।

Published / 2022-08-20 15:22:59
पशु तस्करी मामला: टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल 24 तक हिरासत में

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पशु तस्करी मामले में टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बीच शनिवार को अनुब्रत मंडल को सीबीाई की विशेष अदालत में पेश किया गया और कोर्ट ने उन्हें 24 अगस्त के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने मंडल पर जांच में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया है। अनुब्रत मंडल को 10 दिनों की हिरासत के बाद शनिवार को आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट में शनिवार को सीबीआई ने यह दावा किया कि टीएमसी नेता अनब्रत मंडल अपने बॉडीगॉर्ड सहगल हुसैन के जरिए गाय तस्करी के माफिया एनामुल हक के संपर्क में बने हुए थे। मंडल को बहुत शक्तिशाली और अत्यधिक प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए सीबीआई ने टीएमसी नेता की हिरासत बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि वह जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। सीबीआई के वकील ने कहा कि 10 बार समन जारी होने के बावजूद मंडल का शुरू से ही असहयोगी रवैया रहा है। वकील ने यह भी दावा किया कि मंडल ने एक डॉक्टर पर पर्चे में पूरी तरह आराम करने की सलाह लिखने लिए भी दबाव डाला था। मंडल को 11 अगस्त को सीबीआई ने कथित पशु तस्करी घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बता दें, पशु तस्करी मामले में सीबीआई का टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल और उनके परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। मंडल और उनके परिवार के सदस्यों की 16.97 करोड़ की सावधि जमा की निकासी पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पाया गया कि मंडल ने कथित तौर पर अपने सहयोगियों को नकदी प्रदान कर इसे बैंक खातों में जमा कराया और बाद में अपने नाम पर सावधि जमा में तब्दील कर दिया।

Published / 2022-08-20 12:50:13
लंबित मामलों के निपटारे में हो रहा टेक्नोलॉजी का उपयोग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की अदालतों में करीब 5 करोड़ लंबित मामले पड़े हैं। इसके बारे में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि अगर कोई जज 50 मामलों का निपटारा करता है, तो 100 नए मुकदमे दायर कर दिए जाते हैं। क्योंकि लोग अब अधिक जागरूक हैं और विवादों को निपटाने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के कामकाज पर एक सेमिनार में रिजिजू ने कहा कि सरकार अदालतों में लंबित मामलों को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रही है। एक खबर के मुताबिक कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र पर नए सिरे से ध्यान देने के साथ मध्यस्थता पर प्रस्तावित कानून अदालतों में मुकदमों की संख्या को कम करने में मदद करेगा। रिजिजू ने यह भी कहा कि दूसरे देशों में लंबित मामलों और भारत के मामलों की संख्या में कोई तुलना नहीं होनी चाहिए क्योंकि हमारी समस्याएं अलग तरह की हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में कानून मंत्री रिजिजू ने कहा था कि देश भर की अदालतों में 4.83 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं। निचली अदालतों में 4 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट में 72,000 से अधिक मामले लंबित हैं। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ देश ऐसे भी हैं जिनकी आबादी 5 करोड़ तक नहीं है, जबकि भारत में लंबित मामलों की संख्या 5 करोड़ के करीब है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून मंत्रालय न्याय को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण को कोई भी मदद करने को तैयार है। गौरतलब है कि भारत में मध्यस्थता का भविष्य पर अपने भाषण में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने भी कहा था कि भारत में मध्यस्थता में सामाजिक परिवर्तन को उस तरीके से प्रभावित करने की क्षमता है, जो कानून नहीं कर सकता है।

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