कानून व्यवस्था

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Published / 2022-11-18 21:13:56
जज हत्याकांड : हाई कोर्ट ने मांगी अपडेट रिपोर्ट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डा रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले की सुनवाई हुई। सीबीआई ने अदालत में प्रगति रिपोर्ट सौंपी। 
रिपोर्ट में सीबीआई ने अदालत को बताया गया कि इस मामले में व्हाट्एप चैट मंगाया गया है। इसके लिए भारत सरकार के मिनिस्ट्री आॅफ होम अफेयर्स में आवेदन दिया गया है। आवेदन अभी लंबित है। अदालत ने प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद सीबीआई को समय देते हुए अपडेट जानकारी पेश करने का निर्देश दिया। इससे पूर्व सुनवाई में सीबीआई ने अदालत को बताया था कि इस मामले में अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए इंटरपोल की मदद ली जायेगी। 
उल्लेखनीय है कि जज हत्या मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है। धनबाद सीबीआई की विशेष अदालत में छह अगस्त को दोषी राहुल वर्मा और लखन वर्मा को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही दोनों पर 25 -25 हजार का जुर्माना भी लगाया था।

Published / 2022-11-18 21:05:11
झारखंड : रिम्स प्रबंधन को हाई कोर्ट की फटकार

टीम एबीएन, रांची। रिम्स की बदहाली और रिम्स से जुड़े अन्य मामलों में शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने रिम्स प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा कि शर्म आनी चाहिए कि एक ट्रॉली लेने के लिए मोबाइल गिरवी रखना पड़ता है। झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने विभिन्न मामलों की सुनवाई एक साथ की। रिम्स से जुड़ी कई रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। 
सुनवाई के दौरान रिम्स की बदहाली पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। वहीं, नियुक्ति से जुड़े मामले पर अदालत कहा कि जांच के लिए कमेटी गठित होगी। इसके साथ कोर्ट ने रिम्स की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिम्स कोर्ट चला रहा। हाई कोर्ट के खंडपीठ में रिम्स में फोर्थ ग्रेड पर होने वाली नियुक्ति से संबंधित मामले में भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने विज्ञापन में की गई गलतियों की जांच कराने की बात कही। 
अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि विज्ञापन में झारखंड का नागरिक होने की शर्त लगाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। इस दौरान रिम्स ने माना कि अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 नवम्बर की तिथि निर्धारित की है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में अदालत में उक्त पदों पर चयनित हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी थी।

Published / 2022-11-17 23:13:13
ईडी आफिस से 9.15 घंटे बाद निकले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन लेने पहुंची थी ईडी दफ्तर 
9.15  घंटे की पूछताछ के बाद पत्नी कल्पना संग निकले बाहर
 

टीम एबीएन, रांची। एक हज़ार करोड़ से अधिक अवैध खनन घोटाले मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बुधवार को 9.15 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद रात 9.40 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी कार्यालय से बाहर निकले और सीएम आवास के लिए अपने काफिल के साथ रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि सीएम की पत्नी कल्पना सोरेन उन्हें लेने के लिए ईडी कार्यालय पहुंची थी। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार की दोपहर 11.55  बजे ईडी कार्यालय पहुंचे थे। ईसके बाद से इडी की टीम उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। ईडी ऑफिस के बाहर 200 संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी प्रकार की कोई गलत गतिविधि उत्पन्न ना हो सके। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पहुंचने के पहले रांची जिला प्रशासन ने ईडी ऑफिस समेत संवेदनशील जगहों पर धारा 144 लगा दिया था, ताकि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता शक्ति प्रदर्शन न कर सके। 

बताते चलें कि हेमंत सोरेन ने ईडी से 3 हफ्ते का समय मांगा था, लेकिन ईडी ने 3 हफ्ते का समय देने से इंकार कर दिया था। ईडी ने दोबारा समन जारी कर 17 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था।

Published / 2022-11-17 10:22:17
सेना में महिलाओं के लिए नेवी ने खोला यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम का दरवाजा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सेना में महिलाओं की एंट्री के लिए एक और बंद दरवाजा खोल दिया गया है, जो अब तक सिर्फ पुरुषों के लिए हुआ करता था। वो है नेवी यूनिवर्सिटी एंट्री स्किम। ये स्कीम अब तक सिर्फ पुरुषों के लिए थी। लेकिन अब इसके जरिए महिलाओं को भी इंडियन नेवी में जॉब मिल सकेगी। ये जानकारी केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी है। इस संबंध में एक याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र ने बताया कि नेवी यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम के जरिए नौसेना के कुछ ब्रांचों में जॉब के लिए अब महिलाएं भी अप्लाई कर सकती हैं। 
हाईकोर्ट में बताया गया कि नेवी के एग्जीक्यूटिव ब्रांच जेनरल सर्विस (एक्स) कैडर, आईटी, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल शाखाओं में यूनिवर्सिटी एंट्री स्किम के जरिए महिलाओं के लिए नौकरी का रास्ता साफ कर दिया गया है।

महिलाओं के साथ भेदभाव क्यों

सेना की भर्तियों में महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए अटॉर्नी कुश कालरा ने दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी। इसपर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि महिलाओं को भी पुरुषों के समान अवसर देने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाये हैं?

इसके जवाब में केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जेनरल चेतन शर्मा ने कहा कि याचिका में जो मुद्दा उठाया गया है, उसे पहले ही हल किया जा चुका है। सरकार ने महिलाओं को इंडियन नेवी यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम के जरिए नौसेना के आईटी, टेक्निकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल ब्रांच, एग्जीक्यूटिव ब्रांच जेनरल सर्विस कैडर में जाने की अनुमति दे दी है।

Published / 2022-11-15 22:58:44
सीएम हेमंत के समन के दिन में नहीं होगा बदलाव, बदलाव करने ईडी का इनकार

धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए 17 नवंबर को होना है पेश

टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) झारखंड में कथित अवैध खनन से जुड़े एक धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए 17 नवंबर को पेश होने से संबंधित समन में बदलाव करने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरने के अनुरोध पर राजी नहीं हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन ने ईडी से पेशी की तारीख 17 से घटाकर 16 करने का आग्रह किया था जिसपर जांच एजेंसी सहमत नहीं हुई है। शुरू में सोरेन (47) को ईडी ने तीन नवंबर को पेश होने का समन दिया था लेकिन वह सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्तता का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे। उन्होंने तब समन को तीन सप्ताह के लिए टालने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूछताछ तथा अपना बयान दर्ज कराने के लिए झारखंड की राजधानी रांची में ईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।

ईडी ने सोरेन के राजनीतिक सहायक पंकज मिश्रा तथा दो अन्य-स्थानीय बाहुबलियों बच्चू यादव एवं प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने कहा है कि उसने अवैध खनन से की गयी 100 करोड़ रुपये की कमाई की अबतक पहचान की है। पहला समन जारी होने के बाद सोरेन ने ईडी को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। सोरेन ने कहा था, ईडी ने एक साजिश के तहत मुझे समन जारी किया है। यदि मैंने अपराध किया है तो पूछताछ के वास्ते समन भेजने के बजाय आओ और मुझे गिरफ्तार करो। उन्होंने कहा था, मैं न डरा हुआ हूं और न हीं चिंतिंत बल्कि मैं मजबूत बनकर उभर रहा हूं। यदि झारखंड के लोग चाह लें तो विरोधियों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी।

ईडी ने अवैध खनन एवं जबरन वसूली की कथित घटनाओं से जुड़े मामले में साहिबगंज, बरहैत, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा में 8 जुलाई को मिश्रा एवं उसके कथित सहयोगियों के 19 स्थानों पर छापा मारा था जिसके बाद उसकी जांच शुरू हुई थी। ईडी ने आरोप लगाया था, पीएमएलए जांच में खुलासा हुआ था कि मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि होने के नाते झारखंड के साहिबगंज के बरहैत के विधायक मिश्रा का अवैध खनन धंधे तथा साहिबगंज एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में अंतर्देशीय नौका सेवा पर अपने साथियों की मदद से पूरा नियंत्रण था।

Published / 2022-11-11 19:24:58
पेंशनेबल सैलरी के आधार पर ही ईपीएफओ सब्सक्राइबर को पेंशन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्मचारी पेंशन (संशोधन) योजना 2014 को बरकरार रखने का आदेश दिया है। इस फैसले के साथ ही अदालत ने केरल उच्च न्यायालय के 2018 के उस आदेश को पलट दिया है जिसमें उच्च न्यायालय ने पेंशन के कैलकुलेशन के लिए 15,000 रुपए की पेंशनेबल सैलरी की सीमा को अनुचित माना था और निर्णय दिया था कि अंतिम 60 महीनों की औसत सैलरी (बेसिक सैलरी का 8.33 फीसदी) के आधार पर पेंशन का निर्धारण होना चाहिए, न कि अधिकतम 15,000 रुपये की पेंशनेबल सैलरी के आधार पर। कर्मचारी पेंशन (संशोधन) योजना 2014 के मुताबिक 1 सितंबर 2014 के बाद ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों के पेंशन के कैलकुलेशन के लिए पेंशनेबल सैलरी की सीमा मासिक 15,000 रुपये है। जबकि 1 सितंबर 2014 से पहले ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों के पेंशन के कैलकुलेशन के लिए पेंशनेबल सैलरी की सीमा मासिक 6,500 रुपये थी। कर्मचारी पेंशन स्कीम 1995 के अनुसार आपके एम्प्लॉयर द्वारा ईपीएफ में किए गए कॉन्ट्रीब्यूशन का एक निश्चित हिस्सा ईपीएस में जाता है। नियमों के मुताबिक आप अपनी बेसिक सैलरी प्लस डीए (अगर डीए नहीं है तो बेसिक सैलरी) का 12 फीसदी ईपीएफ में कॉन्ट्रीब्यूट करते हैं। जितनी रकम आप ईपीएफ में कॉन्ट्रीब्यूट करते हैं, उतनी ही रकम यानी 12 फीसदी की राशि एंप्लॉयर भी आपके ईपीएफ अकाउंट में कॉन्ट्रीब्यूट करता है। लेकिन एम्प्लॉयर के कॉन्ट्रीब्यूशन का एक हिस्सा ईपीएस में जाता है। यह हिस्सा बेसिक सैलरी का 8.33 फीसदी या अधिकतम 1,250 रुपये होता है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने एढर में शामिल होने के लिए 15,000 रुपये मासिक वेतन की सीमा को रद्द कर दिया। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने पेंशन योजना में शामिल होने के विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया है, उन्हें छह महीने के भीतर ऐसा करना होगा। पीठ ने कहा कि पात्र कर्मचारी जो अंतिम तारीख तक योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें एक अतिरिक्त मौका दिया जाना चाहिए क्योंकि केरल, राजस्थान और दिल्ली के उच्च न्यायालयों द्वारा पारित फैसलों में इस मुद्दे पर स्पष्टता का अभाव था। पीठ ने 2014 की योजना में इस शर्त को अमान्य करार दिया कि कर्मचारियों को 15,000 रुपये से अधिक के वेतन पर 1.16 प्रतिशत का अतिरिक्त योगदान देना होगा। हालांकि, अदालत ने कहा कि फैसले के इस हिस्से को छह महीने के लिए निलंबित रखा जाएगा ताकि अधिकारी कोष एकत्र कर सकें। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और केंद्र ने केरल, राजस्थान और दिल्ली के उच्च न्यायालयों के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 2014 की योजना को रद्द कर दिया गया था।

Published / 2022-11-10 22:56:34
अब हर भारतीय को 10 साल बाद अपडेट कराना होगा आधार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आधार कार्ड हर भारतीय के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। वहीं अब नई गाइडलाइंस जारी की गयी है, जिसके तहत अब हर भारतीय को आधार कार्ड को 10 साल बाद अपडेट कराना अनिवार्य होगा। सरकार ने आधार नियम में संशोधन किये हैं। इसके तहत आधार संख्या प्राप्त करने से 10 साल पूरा होने के बाद कम-से-कम एक बार संबंधित दस्तावेजों का अद्यतन (अपडेट) कराना जरूरी होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी गजट पत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार आधार अद्यतन होने से केंद्रीय पहचान डाटा भंडार (सीआईडीआर) में संबंधित जानकारी की निरंतर आधार पर सटीकता सुनिश्चित होगी। अधिसूचना में कहा गया है कि आधार धारक आधार के नामांकन की तारीख से हर 10 साल पूरे होने पर कम से कम एक बार पहचान और निवास प्रमाणपत्र वाले दस्तावेजों का अद्यतन करा सकते हैं। इससे सीआईडीआर में आधार से जुड़ी जानकारी की निरंतर आधार पर सटीकता सुनिश्चित होगी...। जानकारी अद्यतन करने को लेकर आधार (नामांकन और अद्यतन) विनियमन के प्रावधान में बदलाव किया गया है। आधार संख्या जारी करने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने पिछले महीने लोगों से आग्रह किया था कि अगर उन्हें आधार संख्या लिये 10 साल से अधिक हो गये हैं और उन्होंने संबंधित जानकारी का दोबारा अद्यतन नहीं कराया है, वे पहचान और निवास प्रमाण दस्तावेजों को अद्यतन कराएं। लोगों को जानकारी अद्यतन करने के लिये चीजें आसान बनाने को लेकर यूआईडीएआई ने नई विशेषता... दस्तावेज अद्यतन... जोड़ी है। इस सुविधा का उपयोग माई आधार पोर्टल और माई आधार ऐप के माध्यम से आॅनलाइन किया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति इस सुविधा का लाभ उठाने के लिये किसी भी आधार नामांकन केंद्र पर भी जा सकते हैं। नई सुविधा के जरिये आधार धारक पहचान प्रमाणपत्र (नाम और फोटो युक्त) और निवास प्रमाणपत्र (नाम और पता युक्त) दस्तावेज अद्यतन कर संबंधित जानकारी को फिर से सत्यापित कर सकते हैं। अब तक 134 करोड़ आधार नंबर जारी किये गये हैं, यूआईडीएआई के नवीनतम कदम के बाद कितने आधार धारकों को अपनी जानकारी अद्यतन करने की जरूरत होगी, यह फिलहाल पता नहीं चला है। कैसे करें आधार अपडेट : आॅनलाइन आधार अपडेट करने के लिए माई आधार पोर्टल पर जायें, या फिर आधार होल्डर, आधार सेंटर पर भी जाकर इसे अपडेट कर सकते हैं।

Published / 2022-11-10 12:26:52
झारखण्ड : श्रम मंत्री पर हाईकोर्ट ने लगाया 50 हजार जुर्माना, जानें क्यों?

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता पर झारखंड हाईकोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना लगाया है। मामला 2014 में हुए बीज घोटाले से जुड़ा है। जब इस मामले में आरोप पत्र दायर हुआ था तब सत्यानंद भोक्ता कृषि मंत्री हुआ करते थे। दरअसल, इस मामले की जांच को और ज्यादा बढ़ाने को लेकर मंत्री सत्यानंद भोक्ता की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, जिसे बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खारिज कर दिया और मंत्री को जुर्माने की राशि झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज के खाते में जमा करने का निर्देश दिया। दरअसल, बीज घोटाला का यह पूरा मामला साल 2004 से 2007 के बीच का है जब कुछ संस्थाओं से गेहूं, चना और दूसरे अनाज की बीज खरीद के नाम पर 46 करोड़ से ज्यादा रुपये का गबन का आरोप लगा था। इस मामले को लेकर विनित कच्छप की ओर एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। इसमें तत्कालीन कृषि मंत्री समेत विभाग के कई अधिकारियों पर घोटाले के आरोप लगे थे। इसको लेकर 2014 को तत्कालीन कृषि मंत्री सत्यानंद भोक्ता समेत अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। मंत्री सत्यानंद भोक्ता पर 50 हजार रुपये के जुर्माने पर विपक्षी भाजपा ने हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह पहला मौका है जब राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी का समन मिला है और दूसरे मंत्री पर कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। प्रतुल शाहदेव ने मंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि बीज घोटाला मामले को जांच के नाम पर लंबा खींचने की कोशिश हो रही थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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