कानून व्यवस्था

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Published / 2023-01-03 18:52:40
अब परिवार के मुखिया की सहमति से बदल सकते हैं आधार का पता

  • आधार कार्ड को लेकर आई बड़ी खबर 
  • अब घर के मुखिया की सहमति के बिना नहीं होगा ये बदलाव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने अब निवासियों को यह सुविधा दी है कि वे अपने परिवार के मुखिया की सहमति से आनलाइन ढंग से आधार कार्ड में पते को अद्यतन कर सकते हैं। यूआईडीएआई ने मंगलवार को आधिकारिक बयान में कहा कि परिवार के मुखिया से संबंध को दर्शाने वाला कोई दस्तावेज जमा कर निवासी पते को आॅनलाइन अद्यतन कर सकते हैं। इस तरह के दस्तावेजों के रूप में राशन कार्ड, अंक-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र और पासपोर्ट आते हैं जिनपर मुखिया और उस व्यक्ति दोनों के नाम एवं संबंध अंकित हों। 

प्राधिकरण ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति के पास इस तरह का कोई दस्तावेज नहीं है तो वह परिवार के मुखिया की तरफ से एक निर्धारित प्रारूप में की गई स्व-घोषणा को जमा कर सकता है। बयान के मुताबिक, परिवार के मुखिया की सहमति से पते को आनलाइन ढंग से आधार में अद्यतन करने की सुविधा किसी निवासी के बच्चों, पत्नी या माता-पिता जैसे उन करीबी रिश्तेदारों के लिए काफी मददगार होगी जिनके पास अपने नाम पर सहयोगी दस्तावेज नहीं हैं। विभिन्न कारणों से लोग शहरों एवं कस्बों को बदलते रहते हैं, ऐसे में यह सुविधा लाखों लोगों के लिए मददगार होगी। आधार में दर्ज पते को अद्यतन करने की यह नई सुविधा पहले से जारी सुविधा से इतर है। पहले से ही पते के वैध दस्तावेजों के आधार पर अद्यतन करने की सुविधा देता रहा है। 

प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि 18 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को परिवार का मुखिया माना जा सकता है और वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना पता साझा कर सकता है। प्राधिकरण के माई आधार पोर्टल पर जाकर पते को आॅनलाइन अद्यतन किया जा सकता है। इसके लिए प्राधिकरण ने 50 रुपये का शुल्क भी निर्धारित किया है।

Published / 2023-01-03 14:36:57
झारखंड : निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की निलंबित महिला आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को मंगलवार (तीन जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट से एक महीने के लिए अंतरिम जमानत मिल गयी है। उन्हें यह जमानत मेडिकल ग्राउंड पर मिली है। सिंघल को गिरफ्तारी के सात माह 23 दिन बाद यह अंतरिम जमानत मिली है। 

बता दें कि 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पूजा सिंघल को 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर मनरेगा योजना में कथित अनियमितता करने का गंभीर आरोप है। उच्चतम न्यायालय ने पूजा सिंघल को अपनी बीमार बेटी की देखभाल के लिए एक महीना के लिए अंतरिम जमानत दी है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को सिंघल की मुख्य जमानत याचिका पर तीन सप्ताह में जवाब देने का भी निर्देश दिया। ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि याचिका गलत है और इसमें कोई दम नहीं है। कानून अधिकारी ने कहा कि मैं इस तरह की दलीलों का विरोध करने वाला आखिरी व्यक्ति होऊंगा। 

शीर्ष अदालत, जिसने अब निलंबित आईएएस अधिकारी की याचिका को 6 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तें भी लगायी हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि जब तक शहर में सुनवाई के लिए अदालत का मामला सूचीबद्ध नहीं हो जाता, तब तक वह रांची नहीं जायेंगी।

Published / 2022-12-27 09:29:47
रामगढ़ : आर्म्स एक्ट समेत सात धाराओं ने करायी ममता देवी की विधानसभा सदस्यता रद

टीम एबीएन, रामगढ़/रांची। कांग्रेस की रामगढ़ विधायक ममता देवी की विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गयी। स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो ने अदालत के फैसले के बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी है। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने सोमवार को अयोग्यता आदेश जारी कर दी।

जानकारी के अनुसार गोला गोलीकांड मामले में 13 दिसंबर को हजारीबाग जिला अदालत ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा ममता देवी को सुनाई थी। स्पीकर ने न्यायालय के आदेश की तिथि से उनकी सदस्यता को रद्द करने का आदेश जारी किया है। अब रामगढ़ सीट खाली हो गई है। वह कांग्रेस के सिंबल पर विधायक चुनी गई थीं। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत वह सजा की अवधि समाप्त होने के बाद छह साल की अवधि के लिए कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाती है। अब चुनाव आयोग छह महीने के भीतर उपचुनाव कराने की अधिसूचना जारी करेगा।

उल्लेखनीय है कि विशेष रूप से अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश -4 पवन कुमार की अदालत ने स्थानीय फायरब्रांड नेता राजीव जायसवाल के साथ अंतर्देशीय बिजली संयंत्र फायरिंग मामले में उसे दोषी ठहराया था। उन्हें आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 332, 326 और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था।

अगस्त 2016 में गोला में पावर प्लांट कंपनी के मुख्य गेट पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें चार लोग मारे गए थे। तत्कालीन बीडीओ दिनेश प्रसाद सूरी की शिकायत पर ममता और जायसवाल सहित कई अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

Published / 2022-12-25 20:52:46
आधार से लिंक नहीं कराने पर मार्च 2023 से पैन हो जायेगा निष्क्रिय

अजय दीप वाधवा

एबीएन बिजनेस डेस्क। पैन और आधार गत दिनों भारतीय आय कर विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है जो लोग अपने पैन कार्ड को अपने आधार के साथ लिंक नहीं करेंगे तो मार्च 2023 से उनका पैन निष्क्रिय हो जायेगा और कार्य नहीं करेगा। आज हम इस आलेख में इस विषय को विस्तार से समझेंगे।

भारतीय आय कर अधिनियम 1961 के अंर्तगत सभी पैन धारकों को अपने पैन को आधार से जोड़ना या लिंक करना आवश्यक है। इस संबंध में मई 2017 में एक अधिसूचना भी जारी की गई थी कि आसाम/ जम्मू कश्मीर /मेघालय के निवासी, अनिवासी भारतीय, भारतीय नागरिक जिनकी आयु 80 वर्ष से अधिक है और जो भारत के निवासी भारत के नागरिक नहीं हैं, उन सबको छोड़ कर हर पैन कार्ड धारकों को अपने पैन और आधार को लिंक करना आवश्यक है। जो पैन धारक ऐसा नहीं करेंगे उनका पैन एक निश्चित तिथि के बाद कार्य नहीं करेगा जो अब 1 अप्रैल 2023 के रुप में निर्धारित की गई है और अगर एक बार आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हुआ तो आपकी ऐसा हुआ तो बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

वैसे लोग पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाने के बाद अपना  आय कर रिटर्न जमा नहीं कर पायेंगे। उनके लंबित रिटर्न, अगर है, तो उसको भी आगे की कार्यवाही होने से रोक दिया जायेगा। इसके अलावा ऐसे निष्क्रिय पैन धारक अपने  बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान से लेन देन करने में समस्या झेलेंगे और उनका केवाईसी भी पूर्ण नहीं हो पायेगा। यह हम सबको ज्ञात है कि बैंक खाते को चलाते रखने के लिए और निवेश करने के लिए केवाईसी का होना अनिवार्य है। इसके अलावा अवैध पैन कार्ड धारकों पर आय कर विभाग भी कड़ी कार्यवाही कर सकता है।

पैन कार्ड को आधार से लिंक करवाना बहुत आसान है। इसके लिए दो तरीके आप घर बैठे अपना सकते हैं।  
1. पहला तरीके के अंतर्गत आप ई-फाइलिंग वेबसाइट के माध्यम से पैन कार्ड को आधार कार्ड से ऑनलाइन लिंक करें। इसके लिए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जायें, फॉर्म में अपना पैन और आधार नंबर दर्ज करें, अपने आधार कार्ड के अनुसार अपना नाम दर्ज करें (यदि आपके आधार कार्ड पर केवल आपकी जन्मतिथि का उल्लेख है, तो आपको बॉक्स में सही का चिह्न लगाना होगा) और इसके बाद वेरीफाई करने के लिए इमेज में दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करें और Link Aadhaar बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देगा कि आपका आधार आपके पैन के साथ जल्द ही सफलतापूर्वक जुड़ जायेगा। नेत्रहीन उपयोगकर्ता OTP के लिए अनुरोध कर सकते हैं जो कैप्चा कोड के बजाय रजिस्टर मोबाइल नंबर पर भेजा जायेगा।

2. दूसरा तरीके के अंर्तगत आप SMS भेजकर आधार को पैन से लिंक कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फ़ॉर्मेट में मैसेज लिखना होगा, जो इस प्रकार होगा - UIDPAN<12 डिजिट का आधार न०> <10 डिजिट का पैन न०> । इसे अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर से 567678 या 56161 पर SMS भेजें। उदाहरण के लिए अगर अगर आपका आधार नंबर 987654321012 है और आपका पैन ABCDE1234F है , तो आपको टाइप करना है UIDPAN 987654321012 ABCDE1234F और इस मैसेज को 567678 या 56161 पर भेजना है। इसके बाद पैन और आधार लिंक हो जायेगा।      

आइये, राष्ट्र हित में एक अच्छा नागरिक बनें और अपने पैन को आधार से तुरंत लिंक करवाएं, अगर ऐसा अभी तक नहीं किया है तो। (लेखक सीएमए, कॉस्ट अकाउंटेंट और कर सलाहकार विशेषज्ञ हैं)

Published / 2022-12-24 13:52:10
सरकारी शिक्षकों को छुट्टी लेने के लिए अब अपनानी होगी ये प्रक्रिया

  • शिक्षा सचिव ने संशोधन संबंधी आदेश किया जारी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सरकारी स्‍कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अब छुट्टी लेने से पहले नई प्रक्रिया का पालन करना होगा। छुट्टी लेने संबंधी पुरानी प्रक्रिया को खत्‍म कर दिया गया है। इसका पत्र शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने 23 दिसंबर को जारी कर दिया।
सचिव ने जारी आदेश में लिखा है कि विभागीय (पत्रांक- 2761, दिनांक- 7.12.2022) द्वारा विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था के सुदृढीकरण एवं शिक्षकों के अवकाश पर जाने के संदर्भ में अवकाश स्वीकृति से संबंधित कतिपय दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं।

उक्‍त निर्देश में कहा गया था कि किसी भी विद्यालय में शिक्षक के अवकाश पर जाने की सूचना पूर्व से विनिर्दिष्ट व्हाट्सएप पर देते हुए यथावश्यक संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा, ताकि विद्यालय में आवश्यक अतिरिक्त अनुश्रवण सुनिश्चित किया जा सके। विद्यालय में शिक्षण कार्य व मध्याह्न भोजन संबंधी कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।

इसे विलोपित करते ये निर्देश जारी किया गया है। उसके मुताबिक, किसी विद्यालय के शिक्षक अवकाश में जाने पर छुट्टी प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक से और एकल शिक्षक विद्यालय के शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक के अवकाश में जाने पर अवकाश प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से स्वीकृति कराना सुनिश्चित करेंगे, ताकि विद्यालय में आवश्यक अतिरिक्त अनुश्रवण का कार्य सुनिश्चित किया जा सके। विद्यालय में शिक्षण कार्य एवं मध्याह्न भोजन संबंधी कार्य सुचारु रूप से चलता रहे। 

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्‍य प्रवक्‍ता नसीम अहमद ने कहा कि बीते बुधवार को संगठन का शिष्‍टमंडल शिक्षा सचिव से मिला था। उन्‍होंने कहा था कि शिक्षकों के अवकाश स्वीकृति में उत्‍पन्‍न हुई भ्रांतियों को दूर किया जायेगा। एक संशोधन पत्र जल्द निर्गत कर दिया जायेगा। इसके तहत ही शुद्धि पत्र जारी किया गया है।

Published / 2022-12-22 23:22:50
सरकारी विभागों में 10 साल से कार्यरत कर्मियों की सेवा होगी नियमित

झारखंड हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट  ने राज्य सरकार के ट्रांसपोर्ट एवं अन्य विभागों में 10 साल से अधिक समय से कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मियों की सेवा नियमित  करने का आदेश दिया है। जस्टिस डॉ एसएन पाठक की कोर्ट ने गुरुवार को नरेंद्र कुमार तिवारी सहित 11 अन्य लोगों की अलग-अलग याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया।

राज्य सरकार के ट्रांसपोर्ट एवं अन्य विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर 10 साल से ज्यादा वक्त से काम करने वाले कर्मियों ने अपनी सेवा नियमित करने की राज्य सरकार से गुहार लगायी थी, लेकिन राज्य सरकार ने उनके आग्रह को नामंजूर कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वर्ष 2017 में हाई कोर्ट ने भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद सभी प्रार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने विभाग को केस रिमांड बैक कर दिया और गाइडलाइन फ्रेम कर ट्रांसपोर्ट विभाग में 10 साल से ज्यादा समय से काम कर रहे कर्मियों को नियमित करने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार की ओर से फिर से उनके आग्रह को खारिज कर दिया गया और इन्हें वर्ष 2018 में नौकरी से हटा दिया गया।
नौकरी से हटाये गये लोगों ने पुन: हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। 

कोर्ट ने सभी प्रार्थियों की याचिका को स्वीकार करते हुए उनकी सेवा को नियमित करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता विपुल पोद्दार ने पैरवी की।

Published / 2022-12-22 15:13:18
शीना बोरा हत्याकांड : आर्म्स एक्ट में सरकारी गवाह श्यामवर राय को मिली जमानत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुंबई के बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड के सरकारी गवाह श्यामवर राय को आर्म्स एक्ट मामले में गुरुवार को बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत दे दी है।

सरकारी गवाह श्यामवर राय शीना बोरा हत्या मामले के मुख्य आरोपित इंद्राणी मुखर्जी के ड्राइवर थे। जमानत की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज श्यामवर राय जेल से बाहर आ सकते हैं।

श्यामवर राय को आर्म्स एक्ट मामले में वर्ष 2015 में गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस की छानबीन में श्यामवर राय ने शीना बोरा मौत मामले की जानकारी दी थी। इससे यह मामला काफी गरमाया था। पुलिस ने इंद्राणी मुखर्जी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना और पति पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया था।

शीना बोरा हत्याकांड में पुलिस ने श्यामवर राय को सरकारी गवाह बनाया था। इस मामले में श्यामवर राय को पहले ही जमानत मिल गई थी। आज बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट से श्यामवर राय को आर्म्स एक्ट मामले भी जमानत मिल गई। शीना बोरा हत्या मामले में आरोपित इंद्राणी मुखर्जी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना और पीटर मुखर्जी को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

Published / 2022-12-21 22:54:31
कोडरमा : दहेज हत्या मामले में पति-सास को 12 वर्ष का सश्रम कारावास

  • दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की गला घोंटकर हत्या कर दी गयी थी
  • जिला जज द्वितीय की अदालत ने सुनायी सजा 
  • विवाह के बाद अपाची बाइक और एक लाख अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर कर रहे थे प्रताड़ित 
  • वर्ष 2019 में मृतका की हुई थी शादी 

टीम एबीएन, कोडरमा। दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत पूतोडीह, ऊपर टोला निवासी और मृतका कविता कुमारी के पति वरुण कुमार पिता लालमणि प्रसाद यादव और सास सरिता देवी पति लालमणि प्रसाद यादव धारा 304इ/34  में दोषी पाते हुए बुधवार को 12-12 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 

बताते चलें कि सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत गाजेडीह निवासी और मृतका कविता कुमारी के भाई निरंजन कुमार पिता सुरेंद्र प्रसाद यादव ने सतगावां थाना कांड संख्या 61/21 में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था, दर्ज मामले में उसने कहा था कि उसकी बहन कविता कुमारी का विवाह वर्ष 2019 में पूतोडीह सतगावां निवासी वरुण कुमार पिता लालमणि प्रसाद यादव के साथ हिन्दू रीति रिवाज के साथ हुआ था, विवाह के समय मैं अपने बहनोई को उपहार स्वरूप 3 लाख 51 हजार नगद, लगभग दो लाख का जेवर और फ्रिज, कूलर, टीवी, गोदरेज, पलंग व अन्य सामान दिया था। 

शादी के कुछ दिनों तक सब कुछ ठीकठाक रहा, उसके बाद मेरी बहन को उसके ससुराल वाले ससुर लालमणि प्रसाद यादव, सास सरिता देवी और बहनोई वरुण कुमार तीनों मिलकर मेरी बहन पर दबाव बनाते हुए एक लाख अतिरिक्त दहेज और अपाची बाइक की मांग करने लगे। इसकी सूचना मेरी बहन ने फोन पर दी, जिसके बाद मैं और मेरे पिता बहन के ससुराल गए और गरीबी का हवाला देते हुए अतिरिक्त दहेज देने से असमर्थ होने की बात कही, जिसके बाद मेरी बहन को अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर बराबर प्रताड़ित किया जाने लगा।

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