टीम एबीएन, दारू। बिजली चोरी कर जलाने वालों के खिलाफ विद्युत विभाग के द्वारा मेढकुरी पंचायत के चोरहेत और घाघरा में कार्रवाई की गई। इस करवाई में दस घरों में बिजली चोरी करते हुए पाया गया। दस में से 4 ऐसे थे जिनका मुर्गी फार्म था जहां बिजली चोरी कर मुर्गी फार्म चला रहे थे।
इस संबंध में सहायक विद्युत अभियंता राजेश निरंजन टोप्पो ने दारू थाना में आवेदन देकर पारस सिंह, सुबोध सिंह, प्रमोद सिंह, मुकदेव सिंह, नंदकिशोर सिंह सभी चोरहेत निवासी और अनुज प्रसाद मेहता, प्रमोद महतो, निरंजन कुमार मेहता, प्रकाश मेहता, प्रदीप प्रसाद मेहता सभी घाघरा निवासी पर जुमार्ना के साथ मामला दर्ज कराया है। विद्युत अभियंता ने बताया कि विद्युत चोरी के खिलाफ आगे भी करवाई जारी रहेगी जिनका बिजली बिल बकाया है वे जल्द बिल जमा कर दे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक बार फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है। लालू यादव के खिलाफ गृह मंत्रालय ने सीबीआई के मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। दरअसल, रेलवे घोटाले मामले सीबीआई ने मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी। लालू यादव पर रेल मंत्री रहते हुए जमीन के बदले नौकरी देने के आरोप लगे हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची में एमएलए कैश कांड को लेकर कांग्रेस के तीन विधायकों पर प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) की गाज गिर गई है। दरअसल, कांग्रेस के तीनों विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को ईडी ने समन भेज पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है। ईडी इन तीनों से 13, 16 और 17 जनवरी को पूछताछ करेगी।
हावड़ा पुलिस ने तीनों विधायकों की थी गिरफ्तारी : रांची जोनल कार्यालय में ईडी ने तीनों विधायकों को बुलाया है। इन तीनों की गिरफ्तारी हावड़ा पुलिस ने 30 जुलाई 2022 में हुई थी। तीनों विधायकों के पास से पुलिस ने 48 लाख रुपये बरामद किए थे। साथ ही बता दें कि इन तीनों विधायकों की गिरफ्तारी के अगले दिन विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में 31 जुलाई को जीरो एफआईआर दर्ज करायी थी। पुलिस ने एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल पर लगभग दो माह पहले जांच शुरू की है।
विधायक ने एफआईआर में लगाया था आरोप : विधायक अनूप सिंह ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार गिराने के लिए भाजपा नेताओं के साथ मिलकर तीनों विधायकों ने साजिश रची थी। अनूप सिंह के मुताबिक सरकार गिराने के लिए इन साथी विधायकों के जरिए उन्हें 10 करोड़ रुपये और मंत्री पद का ऑफर दिया जा रहा था। कांग्रेस विधायक अनूप ने अपनी शिकायत में कहा था कि इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और विक्सल कोंगाड़ी उन्हें कोलकाता बुला रहे थे।
ईडी ने नौ घंटे अनूप से की थी पूछताछ : ईडी ने अनूप सिंह से नौ घंटे तक पूछताछ की थी। इसके अलावा एक शिकायतकर्ता के तौर पर उनका बयान भी दर्ज किया गया था। ईडी ने उनसे यह भी पूछा था कि झारखंड में सरकार गिराने के लिए उन्हें किसने 10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था और उससे उनका क्या संबंध था।
जमानत पर हैं कैशकांड के गिरफ्तार विधायक : पुलिस ने कैश कांड में तीनी विधायक को गिरफ्तार किया था। अभी तीनों विधायक जमानत पर चल रहे हैं। जल्द ही आने वाले दिनों में ईडी पूरे मामले को लेकर पूछताछ करेगी।
कैशकांड में गिरफ्तार तीनों विधायक अभी जमानत पर है : हावड़ा पुलिस की ओर से कैश के साथ गिरफ्तार किये गये तीनों विधायक फिलहाल जमानत पर हैं। अब ईडी पूरे मामले पर उनसे पूछताछ करेगी। इस मामले से संबंधित लोगों को किसी सूरत में नहीं छोड़ा जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आयकर दाता, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व बड़े लोग छोटे व मझोले किसान बनकर केन्द्र सरकार की आंखों में धूल झोंक कर पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है। ऐसे लोगों की संख्या जिले में 18898 है, जिनसे अब करीब 29 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। शासकीय आदेश के बाद कृषि विभाग ने इन अपात्र लोगों से वसूली शुरू कर करीब 10 लाख रुपये की वसूली भी कर ली है। शेष राशि कृषि विस्तार अधिकारी व राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वसूली करेंगे और शासकीय खजाना में जमा करेंगे।
केन्द्र सरकार ने देशभर के छोटे व मझोले किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए पीएम सम्मान निधि योजना लागू की है। इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों को साल में तीन किश्तों में 6000 रुपये दिया जाना है। इस योजना का लाभ छोटे व मझोले किसानों को दिया जाना था, लेकिन धमतरी जिले के 18894 आयकर दाता, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व बड़े किसान रुपये के लालच व शासकीय योजना का लाभ पाने इसके लिए आवेदन कर दिया, जबकि वे इस योजना के लिए अपात्र थे। अपात्र होकर स्वयं को इन लोगों ने छोटे व मझोले किसान बताकर पंजीकृत हुआ और योजनाओं का लाभ पा रहे थे, लेकिन केन्द्र सरकार ने इस योजना के पंजीकृत किसानों के जब केवायइसी अपडेट कराया, तो अपात्र किसानों की पुष्टि हो गई। इससे इन अपात्र लोगों में हड़कंप मच गया है।
1824 आयकर दाता
कृषि उप संचालक मोनेश कुमार साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अपात्र किसानाें की संख्या 17074 है, जिसमें कई वेतनभोगी व बड़े किसान शामिल है। वहीं 1824 आयकर दाता है। दोनों मिलाकर 18894 अपात्र किसान है, जो पीएम सम्मान निधि योजना के लिए पात्र नहीं थे और गलत ढंग से योजना का लाभ ले रहे थे। शासकीय आदेशानुसार इन अपात्र लोगों से कुल 28 करोड़ 80 लाख 24000 रुपये की वसूली करना है। कृषि विभाग पिछले कुछ समय में अपात्र किसानों से अब तक नौ लाख 92000 रुपये 121 अपात्र किसानाें से वसूली कर ली है। शासकीय योजना के राशि लौटाने वालों में 105 आयकरदाता और 16 अपात्र किसान है। इन अपात्र लोगों से राशि वसूली में तेजी लायी जायेगी। जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी और राजस्व अधिकारी भी अब इस राशि की वसूली करेंगे, इसके लिए शासन से आदेश जारी हुआ है।
योजना के लिए कौन है पात्र
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार के पीएम सम्मान निधि योजना के लिए पांच एकड़ से कम कृषि जमीन वाले छोटे व मझोले किसान पात्रता रखते हैं, इससे अधिक जमीन वाले किसान अपात्र है। वहीं पेंशनभोगी, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत, जनपद, जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि, आयकर दाताओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बावजूद धमतरी जिले में इनमें से कई लोगों ने इस योजना का लाभ सांठगांठ कर उठाया है, जिनसे अब वसूली की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। कैश कांड में ईडी ने कांग्रेस से निलंबित विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को सम्मन भेजा। इरफान अंसारी को 13 जनवरी जबकि राजेश कच्छप को 16 जनवरी और नमन विक्सल कोंगाड़ी को 17 जनवरी को ईडी ने रांची जोनल ऑफिस में बुलाया है।
ईडी ने इस मामले में तीनों को मनी लांड्रिंग का आरोपी बनाया है। कांग्रेस के तीनों निलंबित विधायकों को ईडी ने रांची जोनल ऑफिस बुलाया है। ईडी की ओर से भेजे गये नोटिस के अनुसार विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को क्रमश : 13 जनवरी, 16 जनवरी और 17 जनवरी को हाजिर होने को कहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को सभी पर्यटन और इको टूरिज्म एक्टिविटी पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को दिल्ली में जैन समाज के प्रतिनिधियों से मीटिंग की थी।
भूपेंद्र यादव ने मीटिंग के बाद कहा कि झारखंड के पारसनाथ पहाड़ पर स्थित जैनियों के पवित्र तीर्थस्थल सम्मेद शिखर की पवित्रता की रक्षा का आग्रह करने वाले जैन समुदाय के लोगों से मिला। उन्हें आश्वासन दिया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार सम्मेद शिखर सहित जैन समाज के सभी धार्मिक स्थलों पर उनके अधिकारों की रक्षा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार ने 2019 में किया नोटिफाई 2019 में केंद्र सरकार ने सम्मेद शिखर को इको सेंसिटिव जोन घोषित किया था। इसके बाद झारखंड सरकार ने एक संकल्प जारी कर जिला प्रशासन की अनुशंसा पर इसे पर्यटन स्थल घोषित किया। गिरिडीह जिला प्रशासन ने नागरिक सुविधाएं डेवलप करने के लिए 250 पन्नों का मास्टर प्लान भी बनाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने रामपुर की एक विशेष अदालत में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को कथित उत्पीड़न के आधार पर उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने से बुधवार को इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसए नज़ीर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि खान के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को स्थानांतरित करने के लिए अधिक ठोस कारणों की जरूरत है।
खान की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने उनके हवाले से कहा कि मुझे राज्य में न्याय नहीं मिलेगा। मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है...यह न्यायाधीश के बारे में नहीं... यह राज्य के बारे में है। राज्य में कहीं भी स्थिति ऐसी ही रहेगी। पीठ ने कहा कि हमें कोई मामला स्थानांतरित करने के लिए और ठोस कारण चाहिए होते हैं। बहरहाल, हम आपको इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की अनुमति देते हैं। समाजवादी पार्टी के नेता ने रामपुर में एक विशेष सुनवाई अदालत में उनके खिलाफ चल रहे कई आपराधिक मामलों को उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।
खान को हाल ही में आपत्तिजनक भाषण से संबंधित एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था और राज्य विधानसभा में एक विधायक के रूप में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में मंगलवार को छठी जेपीएससी में रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थियों के मेरिट को कंसीडर करते हुए उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किए जाने से संबंधित चंदन कुमार और गौतम कुमार की अपील याचिका की सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने जून 2021 में जेपीएससी द्वारा रिजर्व कैटेगरी वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किए जाने को सही ठहराया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उनका कैडर आवंटन उन्हीं की रिजर्व कैटेगरी में होना चाहिए था।
याचिकाकर्ता ने एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रार्थी को बताने को कहा है कि कैसे उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किया जाना अनुचित है। जेपीएससी ने बताया कि नियम के अनुसार ही उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किया गया है।
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