कानून व्यवस्था

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Published / 2023-04-10 23:14:02
आम आदमी पार्टी बनी राष्ट्रीय पार्टी

  • टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी को चुनाव आयोग ने दिया बड़ा झटका, छिना राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। चुनाव आयोग ने टीएमसी से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया है। इसके साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) का भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीयवादी कांग्रेस से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छीन लिया गया है।

उधर, आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया गया है। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया था। कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने फैसले में चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय पार्टी के अनुरोध पर गौर करे।

Published / 2023-04-10 18:44:48
मनरेगा घोटाला : पूजा सिंघल के 5 केसों की एसीबी ने शुरू की जांच

टीम एबीएन, रांची। वरिष्ठ आइएएस अफसर पूजा सिंघल की मुश्किलों बढ़ गयी हैं। दरअसल, एसीबी यानी एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनके खिलाफ 5 और फाइलों की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले पूजा सिंघल के खिलाफ 11 केसों की जांच पूरी हो चुकी है। 

कुल मिलाकर एक बार फिर से पूजा सिंघल की तकलीफें बढ़ने वाली हैं। इससे पहले ईडी की विशेष न्यायालय ने आईएएस पूजा सिंघल के डिस्चार्ज एप्लीकेशन को खारिज करते हुए उन्हें तगड़ा झटका दिया था। 

ईडी की अदालत ने उनके डिस्चार्ज एप्लीकेशन को खारिज करते हुए ये स्पष्ट कर दिया है कि आरोपों का सामना पूजा सिंघल को करना पड़ेगा और ट्रायल फेस करना पड़ेगा क्योंकि उनके खिलाफ आरोपों को लेकर प्रथमदृष्टया पर्याप्त आधार मुकदमा चलाने के ईडी द्वारा न्यायालय के समक्ष पेश किये गये हैं। 

बता दें कि आज ईडी की विशेष अदालत में जस्टिस पीके शर्मा ने पूजा सिंघल के डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है। याचिका पर 25 मार्च को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 3 अप्रेल की तिथि फैसले के लिए तय की थी।  

बता दें कि बीती सुनवाई के दौरान पूजा सिंघल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दलील दी थी और खुद को पाक-साफ बताया था। मामले में पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा के सीए सुमन कुमार और खूंटी के तत्कालीन सहायक अभियंता शशि प्रकाश के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दायर किया जा चुका है। 

इनके खिलाफ अब मंगलवार यानी कल आरोप गठित किया जाएगा। मामले में राम विनोद प्रसाद सिन्हा के पहले से ही आरोप तय किए जा चुके हैं। वहीं, आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल दो माह की अंतरिम जमानत पर हैं। उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दी गई है।

Published / 2023-04-10 17:51:00
पूजा सिंघल के खिलाफ आरोप गठित, पीएमएलए की धारा 3-4 के तहत चलेगा ट्रायल

टीम एबीएन, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ ईडी कोर्ट ने आरोप गठन (चार्ज फ्रेम) कर दिया है। ईडी कोर्ट ने पीएमएलए (प्रीवेन्शन ऑफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट) की धारा 3 और 4 के तहत पूजा सिंघल के खिलाफ आरोप गठित किया है। अब पूजा सिंघल के खिलाफ ट्रायल शुरू किया का सकता है। पीएमएलए की धारा 3 और 4 के  तहत ही पूजा सिंघल को ट्रॉयल फेस करना होगा। बता दें कि दोनों पक्षों की ओर से बहस होने के बाद कोर्ट ने आरोप गठन के लिए 10 अप्रैल की तिथि निर्धारित की थी।

ईडी कोर्ट ने पहले खारिज किया था डिस्चार्ज पिटीशन 

इससे पहले ईडी की विशेष कोर्ट ने 3 अप्रैल को पूजा की डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था। बता दें कि रांची ईडी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की कोर्ट में मनरेगा घोटाला मामले में सुनवाई चल रही है। पूजा सिंघल फिलहाल प्रोविजनल बेल पर है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कई शर्तों के साथ 2 महीने की अंतरिम जमानत दी है।

Published / 2023-04-07 13:52:39
दाहू यादव के मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को

  • दाहू यादव की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट का ईडी को नोटिस

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार को 1000 करोड़ रुपये के अवैध खनन मामले से जुड़े पंकज मिश्रा के सहयोगी राजेश यादव उर्फ दाहू यादव की याचिका पर सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। दाहू यादव एवं अन्य के खिलाफ ईडी ने ईसीआईआर 4/2022 के तहत मामला दर्ज किया है।

दाहू यादव ने ईडी कोर्ट के गिरफ्तारी और कुर्की वारंट को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ईडी कोर्ट ने 30 अप्रैल को दाहू यादव और उसके भाई सुनील यादव की संपत्ति कुर्क करने के लिए वारंट जारी किया है। दाहू यादव पहली बार 18 जुलाई 2022 को ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर हुआ था। बाद में ईडी पंकज मिश्रा और उसे आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती थी। इसके लिए उसे समन भेजा गया, लेकिन दाहू यादव ईडी के समक्ष हाजिर नहीं हुआ।

Published / 2023-04-05 16:26:19
गोला केस में ममता देवी को हाई कोर्ट से मिली जमानत

टीम एबीएन, रांची। रामगढ़ की पूर्व विधायक ममता देवी की क्रिमिनल अपील पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने ममता देवी को जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। हाईकोर्ट ने उन्हें गोला गोली कांड में जमानत दी है। 

इससे पहले उन्हें एक और मामले में बेल मिल चुकी है, जिसके बाद अब ममता देवी के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो चुका है। वहीं इस केस के दूसरे दोषी राजीव जायसवाल को भी हाईकोर्ट ने बेल दे दी है। कोर्ट ने दोनों को जुर्माना की राशि जमा करने की शर्त पर बेल दी है। ममता देवी की याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस नवनीत कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता भोला नाथ ओझा ने पक्ष रखा। वहीं ममता देवी की ओर से अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने बहस की।

Published / 2023-04-05 13:30:56
कोरोना का टेंशन... अब हाइब्रिड मोड पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

  • कोविड-19 के बढ़ते मामलों से चिंतित सुप्रीम कोर्ट, वकीलों को दिया हाइब्रिड मोड पर सुनवाई का ऑप्शन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या पर गौर करते हुए बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए वकीलों की दलीलें सुनने का इच्छुक है।

प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की एक पीठ ने कहा कि अदालत वकीलों को हाईब्रिड मोड (परिसर में या ऑनलाइन माध्यम से) से पेश होने की अनुमति देने को तैयार है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हम आपकी दलीलें वीडिया कॉन्फ्रेंस के जरिये सुन सकते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 4,435 नये मामले आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,47,33,719 हो गयी है। 

पिछले 163 दिन में सामने आये ये सर्वाधिक दैनिक मामले हैं। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 23,091 पर पहुंच गयी है। मृतक संख्या भी बढ़कर 5,30,916 हो गयी है।

Published / 2023-04-04 19:57:12
पूजा सिंघल का डिस्चार्ज पिटिशन खारिज

अगली डेट में आरोप तय करेगी ईडी कोर्ट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मनी लांड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपी निलंबित आईएएस पूजा सिंघल पर संकट के काले बादल लगातार घिरे हुए हैं। अब ईडी की विशेष अदालत ने पूजा सिंघल के द्वारा फाइल किये गये डिस्चार्ज पिटिशन को खारिज कर दिया गया है। कोर्ट ने पूजा सिंघल के डिस्चार्ज पिटिशन को यह कहकर खारिज किया कि उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

आरोपी पूजा सिंघल ने डिस्चार्ज पिटिशन फाइल कर कोर्ट से अनुरोध किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय उनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा पायी है, इसलिए उन्हें इस आरोप से मुक्त किया जाये। 25 मार्च को भी पूजा सिंघल के डिस्चार्ज पिटिशन पर विशेष अदालत में सुनवाई हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसको लेकर सोमवार 3 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें पूजा सिंघल द्वारा फाइल डिस्चार्ज पिटिशन खारिज कर दिया गया। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने यह कहा कि खुद को निर्दोष साबित करने के लिए पूजा सिंघल के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

Published / 2023-04-03 19:32:15
राहुल गांधी को सूरत कोर्ट से मिली राहत

  • दो साल की सजा के खिलाफ सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को दी फौरी राहत, अब आगे क्या होगा? 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बीते महीने सूरत के सीजेएम कोर्ट ने मोदी सरनेम मानहानि केस में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। आज इस केस में कोर्ट से राहुल को जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कांग्रेस नेता की जमानत 13 अप्रैल तक बढ़ा दी है। 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मोदी सरनेम टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अदालत में अपील करने के लिए सोमवार को सूरत पहुंचे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी भाई राहुल के साथ सूरत आईं। सूरत कोर्ट ने राहुल को 13 अप्रैल तक जमानत दे दी। 

वहीं, उनकी सजा के  खिलाफ सुनवाई के लिए तीन मई की तारीख दे दी। राहुल के सूरत जाने पर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि ये लोग अपील के नाम पर हुड़दंग करने जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि यह राहुल गांधी के साथ उनकी एकजुटता है। 

मोदी उपनाम केस में अभी क्या हो रहा है?  

बीते महीने सूरत के सीजेएम कोर्ट ने मोदी सरनेम मानहानि केस में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने इस सजा को चुनौती देने के लिए राहुल को एक महीने का समय दिया था। सजा सुनाये जाने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता चली गयी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका तैयार की गयी है। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने आज सूरत कोर्ट में याचिका दाखिल की। 

मामला क्या है? 

2019 में मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में 23 मार्च को सूरत की सीजेएम कोर्ट ने धारा 504 के तहत राहुल को दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, कोर्ट ने फैसले पर अमल के लिए 30 दिन की मोहलत दे दी। इसके साथ ही उन्हें तुरंत जमानत भी दे दी थी। 

दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है? इसी को लेकर भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से समूचे मोदी समुदाय की मानहानि की है। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

कोर्ट के फैसले के बाद क्या हुआ? 

नियम के अनुसार, अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या इससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता चली जाती है। राहुल के साथ भी ऐसा ही हुआ। अगले ही दिन 24 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता जाने का आदेश जारी कर दिया। साज सुनाए जाने के 11 दिन बाद राहुल को सूरत कोर्ट ने 13 अप्रैल तक जमानत दे दी। राहुल के मामले अब तीन मई को सुनवाई होगी। 

आगे क्या होगा? 

सूरत कोर्ट में सुनवाई के बाद राहुल की सजा बरकरार रह सकती है या कम भी सकती है, या फिर उन्हें बरी भी किया जा सकता है। अगर सूरत कोर्ट से राहत नहीं मिलती तो राहुल के पास हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प भी होगा। सूरत कोर्ट अगर राहुल की सजा पर रोक नहीं लगाता तो भी राहुल ऊंची अदालतों में जा सकते हैं। 

सांसदी बहाल कराने के लिए राहुल के पास क्या विकल्प? 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता भी बहाल हो सकती है और वो बरी भी हो सकते हैं लेकिन ये सब कुछ ऊपरी अदालत में तय होगा। राहुल के पास अभी कुछ विकल्प बचे हैं, जैसे: 

सबसे पहले, राहुल गांधी को सजा के खिलाफ स्टे आर्डर लेने के लिए सूरत कोर्ट गए हैं। यदि वह अपनी संसद की सदस्यता बरकरार रखना चाहते हैं, तो वायनाड लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव होने से पहले राहुल गांधी को बरी होना होगा है; केवल उनकी सजा के खिलाफ रोक पर्याप्त नहीं होगी। 

वह 2024 का चुनाव तभी लड़ सकते हैं जब कोई ऊपरी अदालत उनकी सजा को रद्द कर दे, या यदि सूरत की निचली अदालत का फैसला पलट दिया जाए। अगर ऊपरी अदालत निचली अदालत से राहुल गांधी की दोषसिद्धि को रद्द नहीं करती है तो वह 2031 तक चुनाव नहीं लड़ सकते। 

यदि उन्हें सजा से स्थगन आदेश मिलता है, तो उन्हें लोकसभा सचिव को सूचित करना होगा और अनुरोध करना होगा कि वह संसद से अपनी अयोग्यता के नोटिस को रद्द कर दें। यदि लोकसभा राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता अयोग्यता की अधिसूचना को रद्द नहीं करती है, तो कांग्रेस नेता लोकसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ अदालत जा सकते हैं। 

13 अप्रैल को क्या होगा? 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी सजा को चुनौती देते हुए सूरत सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। अपील के साथ दो याचिकाएं लगाई हैं, पहली सजा के निलंबन के लिए, जो अनिवार्य रूप से नियमित जमानत के लिए है जबकि दूसरी याचिक दोषसिद्धि के निलंबन के लिए है। 

राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर सोमवार को न्यायालय ने रोक नहीं लगायी। हालांकि, अदालत ने शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी को राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका पर नोटिस जारी किया है। शिकायतकर्ता को 10 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है। अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर पी मोगेरा की अदालत दोषसिद्धि पर रोक लगाने की कांग्रेस नेता की याचिका पर 13 अप्रैल को सुनवाई करेगी। 

तीन मई को क्या होगा? 

तीन मई को दूसरे आवेदन यानी दोषसिद्धि के निलंबन की याचिका पर कोर्ट सुनवाई करेगा। यदि याचिका की अनुमति दी जाती है, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता बहाल हो जाएगी। इसके बाद ही लोकसभा सचिवालय राहुल की लोकसभा सदस्यता अयोग्यता की अधिसूचना को रद्द करेगी। 

मामले में क्या राजनीति हो रही है? 

मानहानि केस में कोर्ट की सजा के खिलाफ याचिका दायर करने जा रहे राहुल के साथ कांग्रेस नेताओं की बड़ी फौज भी सूरत पहुंची है। अब इसको लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे नौटंकी करार दिया और कहा कि ये सब लोग अपील के नाम पर हुड़दंग करने जा रहे हैं। 

संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर, कांग्रेस और राहुल से सवाल किया कि क्या ये न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है? वहीं कानून मंत्री और भाजपा नेता कानून मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी जो कर रहे हैं वह भी अपीलीय अदालत पर दबाव बनाने की बचकानी कोशिश है। देश की सभी अदालतें ऐसे हथकंडों से अछूती हैं। 

रिजिजू के बयान पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और  कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर कोई दबाव नहीं बना सकता। हम सूरत जा रहे हैं। कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है और राहुल गांधी हमारी पार्टी के बड़े नेता हैं। यह कोई राजनीतिक नाटक नहीं है। हम उनके साथ खड़े हैं...। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम अदालत के फैसले पर बहस नहीं कर सकते लेकिन हम केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ सकते हैं।

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