टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी झारखंड की राजधानी रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन से कथित जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार मई को पूछताछ करेंगे। ईडी ने उन्हें समन भेजकर ऑफिस में तलब किया है। आईएएस छवि रंजन के अलावा रांची सदर रजिस्ट्रार वैभव मणि त्रिपाठी और रांची के बड़े कारोबारी विष्णु अग्रवाल को भी नए सिरे से समन जारी कर बुलाया है। वैभव मणि त्रिपाठी को एक मई और अग्रवाल को आठ मई को ईडी के रांची जोनल ऑफिस बुलाया गया है। सनद रहे कोलकाता से फर्जी कागजात बनाकर जमीन रजिस्ट्री के इस कथित मामले की जांच में ईडी को अब तक कई अहम दस्तावेज हाथ लग चुके हैं। ईडी ने सेना की जमीन समेत अन्य जमीन की रजिस्ट्री में गड़बड़ी के मामले में छवि रंजन से 24 अप्रैल को पूछताछ की थी।
अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता अमित शाह के बारे में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने के मामले में पेशी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस पर लगी रोक शुक्रवार को बढ़ा दी। गांधी ने रांची में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गयी आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया है। न्यायमूर्ति अंबुज नाथ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि इस संबंध में अदालत के अगले आदेश तक गांधी के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाये। उच्च न्यायालय ने तीन फरवरी को रांची में मजिस्ट्रेट की अदालत में राहुल गांधी की पेशी के नोटिस पर रोक लगा दी थी। उन्हें रांची में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य नवीन झा की शिकायत पर दर्ज मामले में मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था। श्री झा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले चाईबासा में दिये गये एक भाषण में भाजपा नेता अमित शाह के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था।
एबीएन बिजनेस डेस्क। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शेयर ब्रोकरों एवं क्लियरिंग सदस्यों को ग्राहकों के कोष पर एक मई से नई बैंक गारंटी लेने से रोक दिया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को एक परिपत्र में कहा कि शेयर ब्रोकरों एवं क्लियरिंग सदस्यों को अपनी सभी मौजूदा बैंक गारंटी सितंबर के अंत तक वापस लेने का भी निर्देश जारी किया गया है।
सेबी ने परिपत्र में कहा कि एक मई, 2023 से शेयर ब्रोकर एवं क्लियरिंग सदस्य ग्राहकों के पैसे से कोई भी बैंक गारंटी नहीं ले पाएंगे। ग्राहकों के कोष से अभी तक ली गयीं सभी बैंक गारंटी को 30 सितंबर, 2023 तक समेटना होगा।
मौजूदा समय में शेयर ब्रोकर एवं क्लियरिंग सदस्य ग्राहकों के पैसे को बैंकों के पास गिरवी रखते हैं। बैंक यह राशि अधिक लाभ के लिए क्लियरिंग निगमों को बैंक गारंटी के तौर पर जारी करते हैं। इस प्रक्रिया में ग्राहकों का पैसा बाजार जोखिमों के अधीन आ जाता है। हालांकि, यह प्रावधान शेयर ब्रोकरों एवं क्लियरिंग सदस्यों के स्वामित्व वाले कोष पर लागू नहीं होगा।
कारोबारी, जमीन माफियाओं के ठिकानों पर ईडी की दबिश टीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाला मामले में रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू हो चुका है। जमीन घोटाले को लेकर ईडी ने बुधवार को रांची में छवि रंजन के करीबी कारोबारी रवि कुमार भाटिया, श्याम सिंह, जमीन माफिया शेखर कुशवाहा, प्रिय रंजन सहाय और विपिन कुमार सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की, छापेमारी में कई तरह के कागजात ईडी ने जब्त किये हैं। सुबह 6.40 से शुरू हुई छापेमारी : बुधवार सुबह 6.40 बजे ईडी की टीम ने रांची और जमशेदपुर में छापेमारी शुरू की, ईडी की टीम रांची में शेखर कुशवाहा के सदर थाना क्षेत्र के गाड़ीगांव, प्रियरंजन सहाय के कोकर बैंक रोड, विपिन सिंह के मोरहाबादी सत्येंदू अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 402, जमशेदपुर में विष्ठुपर में रवि सिंह भाटिया के बरगोनिया टावर और श्याम सिंह के जुगसलाई स्थित ठिकाने पर दबिश दी। रांची के मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल रोड में छापेमारी के दौरान विपिन सिंह घर पर नहीं था, ऐसे में ईडी की टीम ने उसके फ्लैट को सील कर दिया। जानकारी मिली कि विपिन फिलहाल दिल्ली में है जिसके बाद उसे दिल्ली में ईडी की टीम ने पकड़ा और मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की। रेड के दौरान ईडी को छवि रंजन से जुड़ी कई जानकारियां हासिल हुई है। रांची के बजरा में खाता नंबर 140 की सात एकड़ जमीन की रजिस्ट्री रवि सिंह भाटिया और श्याम सिंह के नाम से चार अलग अलग डीड के जरिए हुई थी। भूमि की लगान रसीद महज रजिस्ट्री के एक दिन पहले निर्गत किया गया था। साल 1938 से 2021 तक की लगान रसीद एक ही दिन में तत्कालीन डीसी छवि रंजन के आदेश से जारी की गयी थ। इस मामले में भूमि के दावेदार चंदन कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें जमाबंदी के डीसी के आदेश को गलत बताते हुए जमाबंदी रद्द कर दी गयी थी। मामले में तत्कालीन कमिश्नर नितिन मदन कुलकर्णी ने भी छवि रंजन के आदेश को नियम विरूद्ध बताया था। खाता नंबर 140 के सारे कागजात भी रिकॉर्ड रूम से गायब है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में कई ठिकानों पर एक साथ ईडी और आयकर विभाग का छापा पड़ा है। राजधानी रांची के मोरहाबादी, खेलगांव, बूटी मोड़ और हिनू में ईडी और आयकर विभाग की टीम की छापेमारी जारी है।
मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने चेशायर होम स्थित 4.83 एकड़ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले में जमीन बिचौलिया शेखर कुशवाहा के घर छापा मारा। शेखर कुशवाहा का घर खेलगांव थानाक्षेत्र अंतर्गत गाड़ी गांव में है। जमीन घोटाले की जांच की आंच कई लोगों तक पहुंच रही है।
इस बीच आयकर विभाग की टीम भी रांची के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। दरअसल, मणिकरण पावर के ठिकानों पर देशभर में आयकर विभाग का छापा पड़ा है। इसी सिलसिले में रांची के मोरहाबादी, अशोक नगर, बूटी मोड़ और खेलगांव में छापेमारी हो रही है।
कुछ तस्वीरें भी सामने आयी है। एक तस्वीर विपिन सिंह नाम के शख्स के घर की है। आयकर विभाग ने मोरहाबादी में बोरेया रोड स्थित सत्येंदू अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-402 में छापा मारा। टीम ने सीआरपीएफ जवानों के साथ फ्लैट में दबिश दी।
टीम एबीएन, रांची। मोरहाबादी इलाके में सुबह से ईडी की छापेमारी चल रही है। बताया जाता है कि सरकारी दस्तावेज में जालसाजी करके जमीन खरीदने के मामले में ईडी एक ठेकेदार सहित 4 लोगों के आवास पर छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि नोएडा में विपिन सिंह को ट्रैक किया गया था, लेकिन उनका परिवार आज सुबह सभी सामान के साथ निकल गये हैं और ईडी के आने से पहले सुबह 6:30 बजे तक फ्लैट खाली था। उन्होंने प्रभात पांडेय (फ्लैट मालिक) को बुलाया है और फ्लैट 402 को सील कर दिया गया है। ईडी सूत्रों के मुताबिक राजधानी रांची के कई इलाके में ईडी की छापेमारी चल रही है।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अवैध भूमि सौदों में धनशोधन की जांच के सिलसिले में सोमवार को झारखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी छवि रंजन से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ईडी के सूत्रों ने कहा कि रंजन को एक मई को फिर से एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। 2011 बैच के आईएएस अधिकारी रंजन वर्तमान में राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वह राज्य की राजधानी के हिनू क्षेत्र स्थित ईडी कार्यालय में अपने आधिकारिक वाहन से सुबह करीब 10.30 बजे पहुंचे और रात 8.30 बजे निकले। सूत्रों ने कहा कि मामले के जांच अधिकारी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत आईएएस अधिकारी का बयान दर्ज किया। एजेंसी ने रंजन से 13 अप्रैल को भी पूछताछ की थी, जब इस मामले में उनके और झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में कुछ अन्य के परिसरों में छापे मारे गये थे। ईडी ने इन छापेमारी के बाद झारखंड सरकार के एक अधिकारी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया था। ईडी के सूत्रों ने कहा कि कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल सरकार के एक सहायक रजिस्ट्रार (आश्वस्ति) को भी दो मई को गवाही देने के लिए कहा गया है। संघीय एजेंसी रक्षा भूमि से संबंधित एक मामले सहित एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों की जांच कर रही है। सूत्रों ने कहा कि इस धोखाधड़ी के तहत गरीबों और दलितों की जमीनों को हड़प लिया गया। पीएमएलए के तहत अपनी जांच शुरू करने के लिए, संघीय एजेंसी ने रांची में अधिकारियों द्वारा दर्ज कुछ व्यक्तिगत पहचान दस्तावेजों की जालसाजी से संबंधित पुलिस प्राथमिकी का संज्ञान लिया। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने तलाशी के दौरान कई फर्जी मुहरें, जमीन के कागजात और रजिस्ट्री दस्तावेज बरामद किये हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची में हुए सेना के जमीन घोटाला सहित अन्य भूमि घोटाले मामले में रांची के पूर्व उपायुक्त रहे वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के निदेशक आईएएस अधिकारी छवि रंजन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ईडी के द्वारा आईएएस अधिकारी छवि रंजन को समन जारी कर 21 अप्रैल को सीडी दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
बता दें कि पिछले 13 अप्रैल को ईडी के द्वारा आईएएस अधिकारी छवि रंजन, बड़गाई अंचल के सीओ मनोज कुमार, कर्मचारी भानु प्रताप समेत 18 लोगों के 22 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी थी, छापेमारी के बाद ईडी ने 7 लोगों को 14 अप्रैल को हिरासत में लिया था। जिनको कोर्ट में पेश कर ईडी चार दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
जिन सात लोगों को ईडी के अधिकारियों द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उसमें बड़गाई के अंचल के सीआई भानु प्रताप, प्रदीप बागची, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम, इम्तियाज समेत अन्य लोग शामिल हैं। इसके साथ ही बता दें कि जमीन घोटाला मामले में कोलकाता के एडिशनल रजिस्ट्रार ऑफ इंश्योरेंस प्रदीप मिश्रा को भी ईडी ने तलब कर दो मई को रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित जोनल दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया है।
आईएएस छवि रंजन को समन जारी
पिछले 13 अप्रैल को आईएएस अधिकारी छवि रंजन समेत 18 लोगों के 22 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ की गयी छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों को कई जमीनों की फर्जी दस्तावेज के आधार पर खरीद-फरोख्त के प्रमाण मिले हैं। बरामद दस्तावेजों और रिमांड पर लिये गये आरोपियों से की गयी पूछताछ के के आधार पर ईडी ने आईएएस छवि रंजन को समन जारी किया है।
आईएएस छवि रंजन के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में संलिप्तता को लेकर ईडी के हाथ कई पुख्ता सबूत और दस्तावेज लगे हैं। बता दें कि सेना की जमीन घोटाला या अन्य जो जमीन के फर्जीवाड़े और घोटाले उसी दौरान हुई जब आईएएस अधिकारी छवि रंजन रांची के उपायुक्त थे। इन सभी घोटालों में आईएएस छवि रंजन की भूमिका संदिग्ध है।
कई और आईएएस अधिकारियों से कर चुकी है ईडी पूछताछ
ईडी द्वारा भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में समन जारी करते हुए पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाये जाने वाले कोई पहले आईएएस अधिकारी नहीं है छवि रंजन, इन से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव रहे आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का, साहेबगंज के उपायुक्त श्रीनिवास यादव और झारखंड की खान एवं उद्योग सचिव आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है।
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