टीम एबीएन, रांची। ईडी ने ने निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा की 82.77 करोड़ रुपये की संपत्ति स्थायी तौर पर जब्त कर ली है। ईडी की एजुकेटिंग अथॉरिटी ने बुधवार को संपत्ति के स्थायी जब्ती पर मुहर लगा दी है।
इससे पहले एक दिसंबर 2022 को ईडी ने मनरेगा घोटाले में संपत्तियों की जब्ती का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। प्रोविजनल अटैचमेंट आदेश को आरोपियों ने ईडी की एजुकेटिंग अथॉरिटी के समक्ष चुनौती दी थी। लेकिन अथॉरिटी ने ईडी के अस्थायी जब्ती आदेश को सही मानते हुए अब स्थायी तौर पर पूरी संपत्ति जब्त कर दी है।
ईडी की एजुकेटिंग अथॉरिटी ने पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के स्वामित्व वाले पल्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पल्स डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर और रांची स्थित दो भूखंडों को स्थायी तौर पर जब्त किया है। ईडी ने सभी की बाजार मूल्य 82.77 करोड़ आंका है।
एजुकेटिंग अथॉरिटी के बाद पूरी संपत्ति अब भारत सरकार की संपत्ति मानी जायेगी। अस्पताल, डायग्नोसिस सेंटर और दोनों भूखंडों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
टीम एबीएन, रांची। माननीय उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा है कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करे विश्वविद्यालयीय शिक्षकों को यूजीसी परिनियम, 2010 के प्रावधानों के अधीन एकेडमिक ग्रेड पे (एजीपी) का वास्तविक वित्तीय लाभ प्रोन्नति की तिथि से प्रदान किया जाए।
ध्यातव्य है कि 15 दिसंबर 2022 को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक अधिसूचना निर्गत की थी जिसमें कहा गया था कि एजीपी का वास्तविक वित्तीय लाभ अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से दी जाए।
इस संबंध में अवमाननावद की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर विनिर्दिष्ट शपथपत्र जमा करे।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नागमणि तिवारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि रिट पेटिशन में निर्गत न्यायादेश की पृष्ठभूमि में याचिकाकर्ताओं को प्रोन्नति की तिथि से ही वास्तविक वित्तीय लाभ मिलना चाहिए। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को दिसंबर, 2022 में निर्गत अधिसूचना को इस स्तर तक संशोधित करना चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। अपर प्रशासक के निर्देशानुसार आज सोमवार को रिलायंस मार्ट, डोरंडा के समीप 1 फूड वैन संचालक पर 10,000 रुपये का फाइन किया गया। 2 फूड वैन द्वारा जुर्माना नहीं देने पर सामान जब्त किया गया।
आपको बता दें कि पूर्व में भी बिरसा चौक से हवाई नगर में 2 फूड वैन पर बिना अनुज्ञप्ति फूड वैन संचालित किये जाने पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया था।
सभी फूड वैन संचालकों को 15 अप्रैल 2023 तक रांची नगर निगम से अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के लिए आम सूचना जारी की गई थी, लेकिन अब तक केवल 9 फूड वैन संचालकों ने ही आवेदन दिया है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के पूर्व डीसी आईएएस अधिकारी छवि रंजन को न्यायिक हिरासत में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। ईडी आईएएस छवि रंजन की अब रिमांड के लिए शनिवार को विशेष अदालत में आग्रह करेगी।
रांची में सेना के साथ अन्य विवादित जमीनों की खरीद बिक्री में फजीर्वाड़ा मामले में आईएएस छवि रंजन को गुरुवार को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद शुक्रवार को उन्हें ईडी कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद ईडी कोर्ट ने छवि रंजन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
कोर्ट में क्लोजिंग डे के कारण ईडी को आईएएस छवि रंजन का रिमांड नहीं मिल सका। शनिवार को ईडी छवि रंजन की रिमांड के लिए कोर्ट में आवेदन देगी। कोर्ट ले जाने से पहले ईडी ने अपने दफ्तर में ही छवि रंजन का मेडिकल जांच सदर अस्पताल के डॉक्टरों की देख रेख में कराया।
छवि रंजन का बीपी, शुगर, पल्स सभी सामान्य पाया गया। उनका कोविड टेस्ट भी नेगेटिव आया है। कोर्ट में पेशी के बाद जब छवि रंजन अदालत से बाहर निकल रहे थे, तब उनकी आंखों में आंसू साफ झलक रहे थे। हालांकि वे बार बार अपने आंसुओं को छुपाने की कोशिश कर रहे थे।
कड़ी सुरक्षा के बीच ईडी की टीम उन्हें अदालत से रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार ले कर चली गई। बता दें कि रांची में सेना की जमीन की खरीद बिक्री और कई अन्य विवादित जमीनों की खरीद बिक्री में फजीर्वाड़ा मामले में ईडी ने आईएएस अधिकारी छवि रंजन को गिरफ्तार किया था।
टीम एबीएन, रांची। अपर न्यायायुक्त एसएम शाहजाद की अदालत ने गुरुवार को आपसी विवाद में दोहरे हत्याकांड मामले में दोषी कांके निवासी सुमित मुंडा को उम्रकैद की सजा सुनायी है। साथ ही उसपर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आरोप है कि सुमित मुंडा ने घर में सो रहे तेतरू पाहन एवं लखिया देवी की हत्या धारदार हथियार से कर दी थी। मामले को लेकर 26 फरवरी 2021 को गोंदा थाना में कांड संख्या 14/21 दर्ज हुआ था। अभियोजन की ओर से 11 गवाहों की गवाही हुई थी। घटना को अंजाम आपसी विवाद को लेकर दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। सेना जमीन घोटाले में ईडी एक्शन में नजर आ रही है। आज ईडी फिर से छवि रंजन से पूछताछ करेगी। आज दूसरी बार छवि रंजन ईडी ऑफिस जायेंगे। आज छवि रंजन आश्रितों के डॉक्यूमेंट्स लेकर ईडी ऑफिस जायेंगे।
बताते चलें कि 24 अप्रैल को 9 घंटे छवि रंजन से पूछताछ की गयी थी। पूछताछ के बाद ईडी ने छवि रंजन को जमीन से जुड़ी जानकारी, कई दस्तावेज, उनकी व उनके आश्रितों की संपत्ति और बैंक खातों के विवरण के साथ आने का समन जारी किया था।
तीन आरोपियों से पूछताछ
आपको बता दें कि रांची में जमीन घोटाला मामले में 3 आरोपियों से पूछताछ हुई। हालांकि 5 आरोपियों को ईडी ने समन भेजा था, लेकिन 5 में से सिर्फ 3 ही ईडी कार्यालय पहुंचे। इनमें जमशेदपुर के श्याम सिंह और रवि सिंह भाटिया और रांची के प्रियरंजन सहाय शामिल हैं। जिनसे ईडी कार्यालय में पूछताछ हुई। फरार ठेकेदार विपिन सिंह और आरोपी शेखर कुशवाहा ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे।
ठिकानों पर छापेमारी
बता दें कि 26 अप्रैल को विपिन सिंह समेत अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी और विपिन सिंह उसी दिन से फरार चल रहा है। ईडी को कार्रवाई के दौरान पांचों के लगभग 50 खाते सील हुए थे। वहीं, 40 लाख की बरामदगी भी हुई थी। ऐसे में ईडी उन्हीं तथ्यों के आधार पर तीनों से पूछताछ की है।
सूत्रों से मिली जानकारी
वहीं, ईडी से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेना जमीन घोटाले में ईडी को तत्कालीन डीसी छवि रंजन और प्रेम प्रकाश की संलिप्तता के सीधे साक्ष्य मिले हैं। छवि रंजन के डीसी रहते ही बजरा, सेना जमीन व चेशायर होम रोड की जमीन का फर्जीवाड़ा हुआ।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दिल्ली, गाजियाबाद समेत 19 जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में सीबीआई को करीब 20 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है।
सीबीआई ने यह छापेमारी जलशक्ति मंत्रालय के तहत आने वाली वैपकोस वाटर एंड कंसल्टेंसी के पूर्व सीएमडी राजेंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में की है। गुप्ता के खिलाफ हाल में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए मामला दर्ज किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, सीबीआई ने उनके परिसरों की तलाशी ली, जहां संपत्ति और अन्य कीमती सामानों से संबंधित दस्तावेजों के अलावा 20 करोड़ रुपये नकद जब्त किये गये।
वाप्कोस जल शक्ति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। इसे पहले वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड के रूप में जाना जाता था।
टीम एबीएन, लोहरदगा। कार्यकारिणी समिति नेतरहाट विद्यालय समिति के सभापति डॉ संतोष उरांव ने नेतरहाट विद्यालय के प्राचार्य पद पर नियुक्ति हेतु बिना आम सहमति के विज्ञापन संख्या-01/2023 का प्रकाशन कर दिया था।
प्रकाशित विज्ञापन नियम विरुद्ध होने के कारण विद्यालय के प्राचार्य सह समिति के सदस्य सचिव डॉ संतोष कुमार सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में रिट याचिका संख्या-डब्ल्यूपी (सी)-1977/2023 दायर किया था।
दायर याचिका के संबंध मे आज दिनांक 02/05/2023 को माननीय न्यायाधीश श्री एसएन पाठक के कोर्ट में सुनावई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व महाधिवक्ता सह वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने कोर्ट को बताया कि दिनांक-27/03/2023 को सभापति द्वारा वाट्सअप के माध्यम से सूचना देकर एक बैठक बुलायी थी, बैठक मे प्राचार्य सह सदस्य सचिव को नहीं बुलाया गया।
बैठक में दो वरीय सदस्यों के मत के विपरीत जाकर बिना आम सहमति के सभापति ने नियुक्ति के लिए विज्ञापन का प्रसारण कर दिया। कोर्ट को बताया गया कि प्रकाशित विज्ञापन के संबंध में दोनों सदस्यों ने लिखित आपत्ति विभाग को दिया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी बताया कि बाई लॉ के अनुसार प्रोसिडिंग जारी करने का अधिकार सदस्य सचिव को है, जबकि ऐसा नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। वरिष्ठ अधिवक्ता के दलील सुनने के बाद कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभापति को निर्देश दिया है कि किन परिस्थितियों में बिना आम सहमति के विज्ञापन का प्रकाशन किया गया।
इसपर अपना स्पष्ट पक्ष कोर्ट के समक्ष रखे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस नियुक्ति के संबंध में अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के उपरांत ही लिया जायेगा। अंत में कोर्ट ने कहा कि सभापति को कोई भी फैसला स्वयं लेने का अधिकार नहीं है, भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभापति को सचेत रहने की जरूरत है।
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