एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीबीआई ने एक अस्पताल के प्रबंधक पर लगे जुर्माने के निपटान के लिए 12 लाख रुपये रिश्वत लेते समय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रवर्तन अधिकारी ऋषि राज को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने यहां कहा- आरोप है कि आरोपी (राज) ने दिल्ली के एक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का निरीक्षण किया और शिकायतकर्ता (उक्त अस्पताल में प्रबंधक के रूप में कार्यरत) को सूचित किया कि अस्पताल के रिकॉर्ड में बहुत सारी अनियमितताएं हैं, जिसके लिए अस्पताल पर (लगभग) 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा।
पुलिस ने बताया कि राज ने मामला निपटाने के लिए कथित तौर पर जुर्माने की 20 प्रतिशत राशि रिश्वत के रूप में देने के लिए कहा। प्रवक्ता ने कहा- जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया गया। आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में सोमवार को रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष अपना पहला आरोपपत्र दायर किया। ईडी ने इस मामले में अब तक आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
संघीय एजेंसी ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने मामले के संबंध में 74.39 करोड़ रुपये के वाणिज्यिक मूल्य वाले दो भूखंड भी धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किये हैं। इनमें से 4.55 एकड़ का एक भूखंड राज्य की राजधानी रांची के बरियातू क्षेत्र में स्थित है (वाणिज्यिक मूल्य 41.51 करोड़ रुपये), 7.16 एकड़ की दूसरी अचल संपत्ति शहर के बाजरा क्षेत्र (वाणिज्यिक मूल्य 32.87 करोड़ रुपये) में स्थित है।
ईडी ने कहा- इन भूखंडों का दाखिल खारिज भू राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भू-माफियाओं के पक्ष में फर्जी तरीके से किया गया है। पहला भूखंड पहले सेना के नाम पर था। उसने कहा कि अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) 12 जून को दायर किया गया।
एजेंसी ने 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रंजन सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पहले राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्य किया है। इस मामले में भू-राजस्व विभाग के एक पूर्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
धनशोधन का मामला रांची नगर निगम की एक शिकायत के आधार पर प्रदीप बागची के खिलाफ राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी से उपजा है। ईडी ने कहा कि कथित धोखाधड़ी भूमाफिया रैकेट से संबंधित है, जो झारखंड में सक्रिय है और जो कोलकाता और रांची में विरासत रिकॉर्ड की जालसाजी करता था।
एजेंसी का आरोप है कि फर्जी जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर इस तरह के भूखंड दूसरे लोगों को बेचे गये। ईडी ने कहा कि जांच के हिस्से के रूप में उसके द्वारा कुल 41 छापेमारी और पांच सर्वेक्षण किये गये और उसके अधिकारियों ने भू-राजस्व विभाग की जाली मुहर, भूमि के दस्तावेज, अपराध की आय के वितरण के रिकॉर्ड जब्त किये हैं।
उसने कहा किा साथ ही इस कथित जालसाजी को दर्शाने वाली कुछ तस्वीरों के अलावा, सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के सबूत आदि भी मिले हैं। एजेंसी ने कहा कि उसने प्रसाद के खिलाफ मिले सबूतों को झारखंड सरकार के साथ भी साझा किया है और रांची पुलिस ने उसके आधार पर राज्य सरकार के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भगवान जगन्नाथ की 20 जून को होने वाली वार्षिक रथयात्रा से पहले पुरी पुलिस ने 12वीं सदी के प्रसिद्ध मंदिर के आसपास ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा और इसका पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
पुरी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनुभवहीन लोगों द्वारा अनियंत्रित तरीके से ड्रोन का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है। हमने पहले भी नियम तोड़ने वाले कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि श्री मंदिर, श्री गुंडीचा मंदिर, देवी-देवता के रथों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से परामर्श जारी किया गया है।
परामर्श में कहा गया है कि ड्रोन नियमावली, 2021 के प्रावधानों के अनुसार श्री जगन्नाथ मंदिर को रेड जोन (निषिद्ध क्षेत्र) घोषित किया गया है और इसलिए किसी को भी मंदिर परिसर के ऊपर उपकरणों को उड़ाने की अनुमति नहीं है। इसमें कहा गया है कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी वैध यूआईएन (विशिष्ट पहचान संख्या) के बिना कोई संचालक ड्रोन नहीं उड़ायेगा।
आदेश के मुताबिक, किसी भी संपत्ति को नुकसान होने या किसी के घायल होने जैसी किसी भी घटना की जिम्मेदार ड्रोन संचालकों की होगी। इसमें कहा गया कि ड्रोन नियमों का किसी भी तरह का उल्लंघन दंडनीय है। पहले भी ड्रोन उड़ाने के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पुरी पुलिस ने एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया था।
टीम एबीएन, लोहरदगा। सात साल की अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले फूफा को लोहरदगा पॉस्को न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त पर आर्थिक दंड भी लगाया है। न्यायालय का फैसला आने पर पीड़ित परिवार के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरी बच्ची को न्याय मिला है।
परिजनों को न्याय मिला है। समाज का विश्वास बढ़ा है। महज तीन साल के अंदर न्यायालय ने मामले का त्वरित निष्पादन कर न्याय व्यवस्था पर तमाम लोगों के विश्वास को बढ़ा दिया है।
लोहरदगा सिविल कोर्ट परिसर स्थित स्पेशल पॉक्सो न्यायालाय, एडीजे-वन अखिलेश कुमार तिवारी ने सोमवार को स्पेशल पॉक्सो नंबर- 40/2020 और महिला थाना काण्ड संख्या 16/2020 के अभियुक्त 55 वर्षीय विनोद उरांव पिता स्व सोमा उरांव, बांडी बगडू, थाना बगडू, जिला लोहरदगा को धारा छह पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन का सजा सुनायी है। साथ में 25000/ रुपये की आर्थिक दंड भी सुनाया।
मामला 22 मई 2020 को सात वर्षीय नाबालिक बच्ची को खेलने के बहाने सुनसान टोंगरी की ओर ले जाकर अबोध के साथ कुकर्म कर रहा था। उसी दौरान बच्ची की ढूंढते हुए उसके परिजन मौके पर आ गए। वहां पहुंचे परिजनों ने घटना को अपने आखों से देख लिया। अभियुक्त पीड़िता का रिश्ते में फूफा लगता है। फिलहाल अभियुक्त लोहरदगा मंडल कारा में ही बंद है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नागालैंड सरकार ने 2020 में डॉग मीट पर बैन लगा दिया था। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में नागालैंड सरकार के उस नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया, जिसमें प्रदेश में कुत्ते के मांस यानी डॉग मीट की खरीद-बिक्री पर रोक लगायी गयी थी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 पर भी सवाल उठाये।
सरकार के किस नोटिफिकेशन पर विवाद
नागालैंड सरकार ने 4 जुलाई 2020 को डॉग मीट पर बैन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। यह नोटिफिकेशन राज्य के चीफ सेक्रेटरी की तरफ से जारी किया गया था और कुत्ते के मांस की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। नोटिफिकेशन में कॉमर्शियल और रेस्टोरेंट्स जैसी जगहों पर भी डॉग मीट की बिक्री प्रतिबंधित की गयी थी।
नागालैंड सरकार ने यह कदम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आफ इंडिया के साल 2014 के उस सर्कुलर के बाद उठाया था, जिसमें कहा गया था कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 में जिन जानवरों का जिक्र है, उसके अलावा किसी अन्य प्रजाति के जानवर का वध पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अधिनियम में क्या कहा गया है?
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 के नियम 2.5.1 (ए) में जानवर को भेड़ परिवार, बकरी परिवार, सुअर परिवार, मवेशी और कुक्कुट व मछली के रूप में परिभाषित किया गया है।
हाईकोर्ट ने क्या-क्या कहा
हाईकोर्ट में जस्टिस मारली वानकुंग की सिंगल जज की बेंच ने मामले पर सुनवाई करते कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 में डॉग यानी कुत्ते का नाम नहीं होना चौंकाने वाला नहीं है, क्योंकि पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में ही डॉग मीट खाया जाता है। इस स्थिति में लिस्ट में इसका नाम शामिल करना अकल्पनीय होता।
हाईकोर्ट ने कहा कि नागा इलाकों में आज भी कुत्ते के मांस चाव से खाया जाता है और यह सदियों से चला आ रहा है। हाईकोर्ट ने किताब और दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि नागालैंड के तमाम जनजातीय समूहों में सदियों से डॉग मीट के सेवन का जिक्र मिलता है।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी
सुनवाई के दौरान एनिमल्स एंड ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशनल/इंडिया की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि जिस तरीके से कुत्तों को तस्करी करके लाया जाता है वह चिंता का विषय है। कुत्तों के पैर बांध दिये जाते, मुंह पर भी रस्सी बांध दी जाती है और बोरी में भर दिया जाता है। कई-कई दिनों तक कोई खाना-पानी भी नहीं दिया जाता है। यह जानवरों से क्रूरता की श्रेणी में आता है।
हाईकोर्ट ने इस बात का संज्ञान लिया की संस्था की तरफ से कुत्तों के साथ बर्बरता की जो तस्वीरें साझा की गई थीं, उससे क्रूरता जाहिर हो रही है, लेकिन इससे डॉग मीट पर बैन को जायज नहीं ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि जानवरों के खिलाफ बर्बरता के मामले में आईपीसी का सहारा लिया जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। नामकुम थाना क्षेत्र में नौ जनवरी, 2023 को नामकुम बाजार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से पैसा लेकर जा रही महिला से पांच लाख रुपये लूट मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच माह बाद ओडिशा के गंजाम से ए अनिल पिता ए रामू को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने उसके पास से ढाई लाख रुपये नकद भी बरामद किये हैं। जानकारी के अनुसार, नौ जनवरी को बैंक से पैसे लेकर भूतपूर्व सैनिक प्रभात शंकर की पत्नी गीता देवी बाहर निकली। उसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने पैसे की थैली लूटकर फरार हो गये थे। एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के निर्देश पर टीम गठित की गयी थी।
अनुसंधान के क्रम में तकनीकी शाखा के सहयोग से मिले इनपुट के आधार पर पुअनि धीरज ने ओडिशा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार ए अनिल ने लूट में शामिल ओडिशा निवासी साथी की भी जानकारी दी जिसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वो फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।
टीम एबीएन, रांची। बरियातू रोड स्थित सेना के कब्जे वाली 4. 55 एकड़ जमीन की अवैध तरीके से खरीद बिक्री मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल और जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष को गुरुवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश दिनेश राय कोर्ट में पेश किया गया।
ईडी ने इन दोनों से पूछताछ के लिए 5 दिनों की रिमांड कोर्ट से मांगी थी। आज दोनों को पेशी के बाद कोर्ट ने जेल भेजने का दिया। रिमांड पर कल (शुक्रवार) बहस होगी।
इन दोनों की गिरफ्तारी बुधवार को देर रात कोलकाता से हुई थी। गिरफ्तारी से पहले ईडी ने उनसे पूछताछ की थी, लेकिन दोनों ने ईडी की टीम को संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।
दिलीप घोष ने ही बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीदारी की थी। इस मामले में ईडी ने दिलीप घोष को 10 मई को पूछताछ के लिए समन जारी किया था लेकिन वह ईडी के समक्ष हाजिर नहीं हुआ था, पेश नहीं होने का उसने कोई कारण भी नही बताया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एक बार फिर ईडी की कार्रवाई में तेजी आई है। ईडी ने साहिबगंज में 1000 करोड़ के खनन घोटाले में दाहू यादव, उसके भाई सुनील यादव और बेटे राहुल यादव के ठिकानों पर छापेमारी की। रविवार देर शाम करमापहाड़ और आसपास की पहाड़ियों पर यह छापेमारी की गयी। छापेमारी में 4 थानों की पुलिस शामिल थी।
साहिबगंज में हुए अवैध खनन और मनी लाउड्रिंग के आरोपियों में से एक दाहू यादव ईडी के मोस्ट वांटेड आरोपी के लिस्ट में शामिल है। दाहू यादव पूछताछ के लिए 18 जुलाई, 2022 को हाजिर हुआ था, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा है। उसके घर पर कुर्की-जब्ती तक की जा चुकी है। बावजूद इसके दाहू यादव अभी भी ईडी और पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
कौन है दाहू यादव?
हजारीबाग में फिर एक बार ईडी की छापोमारी देखने को मिली है। बालू कारोबारी संजय सिंह के मिशन रोड स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी जारी है। पांच सदस्यीय टीम कागजातों को खंगाल रही है। आपको बता दें कि संजय सिंह के पार्टनर जगनारायण सिंह के ठिकानों पर भी धनबाद में ईडी की रेड चल रही है। मामला बिहार के औरंगाबाद में सैंड माइनिंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
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