टीम एबीएन, रांची। चेक बाउंस मामले में झारखंड की राजधानी रांची के व्यवहार न्यायालय में बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल सशरीर हाजिर हुईं। 21 जून को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट की तरफ से बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल को सशरीर हाजिर होने का आदेश दिया गया था।
जिस आदेश पर सोमवार को अमीषा पटेल कोर्ट में हाजिर हुई और कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अमीषा पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। जिस पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट की तरफ से अगली सुनवाई का निर्देश दिया गया है।
अमीषा पटेल को रखना होगा अपना पक्ष
शिकायतकर्ता अजय कुमार सिंह के वकील ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को अपने पक्ष में बात रखने का हक होता है। उसी हक के आधार पर अभिनेत्री अमीषा पटेल ने खुद को निर्दोष बताया है। शिकायतकर्ता अजय कुमार सिंह की वकील स्मिता पांडेय ने बताया कि अजय कुमार सिंह की तरफ से जिस सबूत के आधार पर केस फाइल किया गया है।
उन सभी सबूतों के आधार पर अब आगे की ट्रायल चलेगी। जिसमें अभिनेत्री अमीषा पटेल को भी अपना पक्ष रखना होगा। फिलहाल, अगली तारीख की डेट तय नहीं की गयी है, लेकिन जल्द ही कोर्ट की तरफ से अगली तारीख तय की जायेगी। जिसमें दोनों ओर से पक्ष रखा जायेगा।
ढाई करोड़ रुपये के चेक बाउंस का है केस
मालूम हो कि अमीषा पटेल पर रांची के फिल्म निर्माता अजय सिंह ने ढाई करोड़ रुपये के चेक बाउंस का केस रांची में दर्ज कराया है। वर्ष 2018 में फिल्म देसी मैजिक बनाने के लिए अमीषा पटेल ने अजय सिंह से ढाई करोड़ रुपये लिये थे। लेकिन फिल्म में नुकसान होने की वजह से फिल्म निर्माता अजय कुमार सिंह को अपना पैसा वापस नहीं मिल पाया।
जिसके बाद अजय सिंह ने अमीषा पटेल से अपने पैसे की मांग की। जिस पर अभिनेत्री अमीषा पटेल ने अपने मुंबई आवास पर बुलाकर अजय सिंह को चेक दिया जो बाद में बाउंस हो गया।
इसी मामले में फिल्म निर्माता ने शिकायत दर्ज करायी है। शिकायत में अजय कुमार सिंह की तरफ से यह कहा गया है कि अमीषा पटेल ने उन्हें धोखा दिया है। वह पैसे वापस नहीं कर रही हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सरायकेला, जमशेदपुर। तबरेज अंसारी की मौत के मामले पर एडीजे वन अमित शेखर की अदालत ने आइपीसी की धारा 304 के तहत दोषी पाये गये 10 आरोपियों को 10-10 साल की सजा और 15-15 हजार जुर्माने की सजा सुनायी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 1 महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
इस मामले में इससे पूर्व दो आरोपी सत्यनारायण नायक और सुमंत महतो को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में मामले से रिहा किया गया है। सरायकेला में चोरी के आरोप में ग्रमीणों की भीड़ ने तबरेज अंसारी की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। मामले में कुल 36 लोगों ने गवाही दी थी। तबरेज अंसारी की पत्नी शाहिस्ता परवीन की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया था और फिर कार्रवाई हुई।
पत्नी इस सजा से नाखुश
फैसला आने के बाद पत्नी शाहिस्ता परवीन ने मीडिया से बातचीत के क्रम में कोर्ट के फैसले से खुद को असंतुष्ट बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला इन्हें मंजूर नहीं है। ऊपरी अदालत में जाकर इस फैसले को चुनौती देंगी। शाहिस्ता परवीन ने कहा कि वह चाहती हैं कि मामले के दोषियों को फांसी तक की सजा हो।
तबरेज अंसारी परिवार के वकील अलताभ अंसारी ने के अनुसार,जजमेंट में 304 पार्ट वन में 10 साल, 325 में तीन साल, 323 में 8 माह और 295 में एक साल की सजा सुनायी गयी है। चूंकि इसमें इंटेशन का एविडेंस नहीं पाया गया है, और मौत चार दिन बाद हुई है इसलिए मारने का इंटेशन साबित नहीं हुआ है।
मामले को लेकर उस समय इसे मॉब लिंचिंग के रूप में भी प्रचारित करने का प्रयास भी किया गया था। इस संबंध में मृतक तबरेज अंसारी की पत्नी शाहिस्ता परवीन की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया था।
जिन्हें सजा सुनायी गयी
प्रकाश मंडल उर्फ पप्पू मंडल, भीमसेन मंडल, कमल महतो, मदन नायक, अतुल महाली, महेश महाली, विक्रम मंडल, चामू नायक, प्रेमचंद महाली और सुनामो प्रधान को न्यायालय द्वारा 10 साल की सजा सुनायी गयी है।
क्या था मामला
सरायकेला थाना क्षेत्र के धातकीडीह गांव में 17 जून 2019 को एक घर में चोरी की नीयत से घुसे तबरेज अंसारी की भीड़ ने पिटाई कर दी थी। घायल अवस्था में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। वहां से तबरेज अंसारी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
सरायकेला मंडल कारा में उसकी तबीयत बिगड़ी थी एवं सदर अस्पताल लाये जाने के क्रम इलाज के दौरान तबरेज अंसारी की मौत हो गयी थी। इस संबंध में मृतक की पत्नी शाइस्ता परवीन की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस अनुसंधान के क्रम में कुल 13 लोगों को आरोपी बना कर गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मामले के एक आरोपी कुशल महाली का निधन हो चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात उच्च न्यायालय ने 2013 के बलात्कार मामले में आसाराम की पत्नी, बेटी और तीन महिला शिष्यों को नोटिस जारी किये। इस मामले में इन महिलाओं को बरी कर दिया गया था, जबकि आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी। न्यायमूर्ति ए वाई कोगजे और न्यायमूर्ति हसमुख सुथार की खंडपीठ ने आसाराम की पत्नी लक्ष्मीबेन और बेटी भारतीबेन समेत पांच महिलाओं को नोटिस जारी किये।
गांधीनगर की एक अदालत ने 2013 में एक पूर्व महिला अनुयायी द्वारा दायर बलात्कार मामले में 31 जनवरी को आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी। अहमदाबाद के पास मोटेरा में आसाराम के आश्रम में 2001 से 2007 के बीच महिला से कई बार बलात्कार किया गया था।
आसाराम की पत्नी लक्ष्मीबेन, बेटी भारती और चार अनुयायियों पर अपराध में सहायता करने और उकसाने का आरोप था। अदालत ने सबूत के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। राज्य के विधि विभाग ने छह मई 2023 को अभियोजन पक्ष को उनके बरी होने के खिलाफ अपील दायर करने का निर्देश दिया था।
बरी किये गये छह में से पांच लोगों के खिलाफ अपील दायर की गयी है। आसाराम (81) 2013 में राजस्थान में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक अन्य मामले में जोधपुर की जेल में बंद है।
टीम एबीएन, रांची। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अभी तक एनआइए दिनेश गोप से पूछताछ कर चुकी है लेकिन अब मनी लांड्रिंग मामले में इडी भी उनसे पूछताछ करेगी। मिली जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद दिनेश गोप से आज पूछताछ होगी।
इडी उससे रुपयों के लेनदेन से लेकर नेताओं और पुलिसवालों के उसकी साठगांठ पर भी पूछताछ कर सकती है। इससे पहले इडी दिनेश गोप को विदेशी हथियार बेचने के नाम पर ठगी करने वाले निवेश पूछताछ की जा चुकी है। वह अभी जेल में है।
21 मई को एनआइए ने दबोचा था
दरअसल, टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए ने पीएफआई चीफ दिनेश गोप को बीते 21 मई को गिरफ्तार किया था। दिनेश गोप नेपाल में वेष बदलकर रह रहा था। नेपाल से गिरफ्तार करने के बाद उसे दिल्ली लाया गया था। जहां से एनआईए की टीम उसे दिल्ली से रांच लेकर पहुंची थी और 22 मई को एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया था।
गिरफ्तारी के बाद दिनेश गोप को पूछताछ के लिए पहली बार 22 मई को रिमांड पर लिया था।इस दौरान दिनेश गोप की निशानदेही पर एनआईए ने भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बदामद किया था।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है ईडी की टीम
टेरर फंडिंग के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप पर शिकंजा कसा है। अब ईडी की टीम होटवार जेल में बंद दिनेश गोप से पूछताछ करेगी।
इसके साथ ही दिनेश गोप से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के मामले में बरामद कैश और अन्य लग्जरी गाड़ियों को लेकर धुर्वा थाने की पुलिस भी पीएलएफआई चीफ से पूछताछ करेगी।
शेल कंपनियों में भी किया है निवेश
जानकारी के अनुसार, दिनेश गोप ने आतंक दिखाकर वसूले गए पैसे का निवेश शेल कंपनियों में भी किया है। इन कंपनियों का संचालन उसकी दोनों पत्नियां करती थीं। शेल कंपनियों के नाम का भी खुलासा हो चुका है. नोटबंदी के बाद दिनेश गोप का एक सहयोगी भी गिरफ्तार किया गया था। उसने स्वीकार किया था कि वह दिनेश गोप के पुराने नोट को बदलने आया था।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के शहरी क्षेत्रों में एक अगस्त से जमीन और मकान की कीमत में ईजाफा होगा। बताया जा रहा है कि इस बार जमीन और मकान क कीमत में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके लिए निबंधन विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों के डीसी ( जिला निबंधक) को तैयारी करने को कहा गया है।
इसी के आलोक में राज्य के सभी जिला अवर निबंधन कार्यालयों में जमीन और फ्लैट की कीमत में बढ़ोत्तरी की तैयारी शुरू कर दी गयी है। बताते चलें कि निबंधन नियमावली के अनुसार राज्य के शहरी क्षेत्रों में हरेक दो साल पर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी हरेक दो साल पर जमीन और मकान की कीमत में वृद्धि की जाती है। इस साल शहरी क्षेत्र की बारी बारी है।
चडरी (रांची) और बैंकमोड़ (धनबाद) में सबसे महंगी
रांची में चड़री मौजा, धनबाद का बैंकमोड़ और खूंटी का खूंटी और तोरपा की जमीन सबसे महंगी होगी। यहां की जमीन और मकान की कीमत वर्तमान कीमत से 10 फीसदी महंगी हो जायेगी। इसी तरह जमशेदपुर, बोकारो, पलामू, गढ़वा, दुमका औरह देवघर समेत राज्य के अन्य शहरों में भी जमीन और फ्लैट की कीमत एक अगस्त से 10 फीसदी तक महंगी हो जायगी। यही कारण है कि जून के आखिरी हफ्ते से ही राज्य के निबंधन कार्यालयों पर दवाब बढ़ने लगा है। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने को निबंधन कार्यालयों में भीड़ लगने लगी है।
2022 में महंगी हुई थी ग्रामीण ईलाकों की जमीन
पिछले साल 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन व मकान की कीमत बढ़ी थी। इस बार शहरी क्षेत्र की जमीन व मकान की कीमत बढ़ेगी। बताया जा रहा है कि जमीन और मकान की कीमत बढ़ने का असर अगस्त महीने के रेवन्यू पर देखने को मिलता है।
एक से 10 अगस्त तक राज्य के निबंधन कार्यालयों में सन्नाट का महौल रहता है। धीरे-धीरे लोग यूज टू होते हैं और फिर दस्तावेजों के निबंधन में तेजी आ जाती सहै।
30 लाख के फ्लैट पर 21 हजार अधिक लगेगा शुल्क
फ्लैट की कीमत 10 प्रतिशत बढ़ायी गयी है। अगर किसी फ्लैट की वर्तमान कीमत 30 लाख है। इसमें तीन प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क कुल सात प्रतिशत देय होता था। 21 हजार सरकारी शुल्क लगता था। एक अगस्त से उसी फ्लैट की सरकारी मूल्य 33 लाख हो जायेगी। इसका रजिस्ट्री शुल्क 23,100 रुपये लगेगा।
प्रोपर्टी की रजिस्ट्री के लिए भीड़, सर्वर हो गया फेल
एक अगस्त से जमीन व मकान की कीमत बढ़ेगी। इसे लेकर लोग एक अगस्त से पहले प्रोपर्टी की रजिस्ट्री कराने को लेकर आपाधापी कर रहे हैं। रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर फेल रहने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।
11 से लेकर तीन बजे तक सर्वर डाउन रहता है। तीन बजे के बाद सर्वर चालू होता है, लेकिन गति काफी धीमी रहती है। एक तो मैन पावर की कमी, ऊपर से सर्वर की दिक्कत। इस वजह से डीड राइटर से लेकर क्रेता-विक्रेता दोनों परेशान हैं।
एक अगस्त से शहरी क्षेत्र में जमीन व मकान की सरकारी कीमत बढ़ेगी। मूल्यांकन कार्य चल रहा है। हर दो साल पर जमीन व मकान का मूल्यांकन किया जाता है। पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र की जमीन व मकान की कीमत बढ़ी थी। इस बार सिर्फ शहरी क्षेत्र में जमीन व मकान की कीमत बढ़ेगी। -बाल्मिकी साहू, जिला अवर निबंधक, खूंटी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने रांची के तीन सौ दुकानों को नोटिस जारी किया है। यह मामला आवासीय परिसर में शॉपिंग मॉल और दुकान खोलने से जुड़ी है, जिसमें बोर्ड ने हरमू और अरगोड़ा स्थित करीब 300 दुकानों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया है।
आवासीय परिसर में शॉपिंग मॉल और दुकान खोलने मामले में झारखंड राज्य आवास बोर्ड ओर से नोटिस जारी होते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। बोर्ड की ओर से यह पहली नोटिस है। वहीं तीसरे नोटिस के बाद बोर्ड की ओर से दुकानदारों को दुकान हटाने का आदेश दिया जायेगा।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। नक्सलियों के खिलाफ एनआईए ने शिकंजा कसा है। पलामू में टॉप नक्सली के ड्राइवर की तलाश में एनआईए की टीम ने कार्रवाई की है। यह छापेमारी पिपरा थाना क्षेत्र के लोहरसी के इलाके में की गई है।
एनआईए जिस ड्राइवर की तलाश में लोहरसी के इलाके में पहुंची थी, वह फरार है। लेकिन उनकी टीम को ड्राइवर के घर से अहम दस्तावेज हासिल हुए हैं। लोहरसी में नक्सली के ड्राइवर जुबैर अंसारी के पिता अनीश अंसारी के घर से कागजात बरामद हुए हैं। एनआईए की टीम जुबैर अंसारी का पास बुक अपने साथ ले गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पलामू के पांकी के इलाके में 2017-18 में हुए एक नक्सली घटना में यह छापेमारी की गयी है। एनआईए की टीम ने छापेमारी के लिए पलामू पुलिस से सहयोग मांगा। पलामू पुलिस की स्पेशल टीम उनकी मदद कर रही है।
एनआईए के अधिकारियों के विषय में पुलिस को अधिक जानकारी नहीं दी गयी है। लोहरसी में छापेमारी के बाद उनकी टीम किसी और इलाके में छापेमारी के लिए निकल गई है। मिली जानकारी के अनुसार जुबैर अंसारी टॉप नक्सली का ड्राइवर है और नक्सली हमले के दौरान वो दस्ते में भी शामिल था।
वो नक्सलियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था और कई तरह से मदद भी करता था। लातेहार के लुकईया हमले मे टॉप माओवादी रबिन्द्र गंझू के दस्ते का हाथ था, जुबैर अंसारी इसी दस्ते का ड्राइवर था। फिलहाल जुबैर अंसारी फरार है। जानकारी के अनुसार जुबैर अंसारी के बैंक खाते में नक्सलियों का पैसा आया था, इसकी जानकारी एनआईए को मिली थी।
टीम एबीएन, रांची। कांटाटोली-मेकॉन फ्लाई ओवर निर्माण कार्य के कारण (शनिवार) आज से सिरमटोली पटेल चौक मार्ग पर परिचालन पूर्णत: बंद रहेगा। ट्रैफिक एसपी कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार यह व्यवस्था पांच जुलाई तक लागू रहेगी।
इस दौरान सिर्फ सिरमटोली-पटेल चौक के बीच रहने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जायेगी। सिरमटोली चौक से पटेल चौक एवं पटेल चौक से सिरमटोली चौक की ओर आने-जाने वाले सभी प्रकार के वाहन रांची रेलवे स्टेशन होकर जायेंगे। इसको लेकर ट्रैफिक एसपी हारिस बिन जमां ने निर्देश जारी किया है।
फ्लाईओवर निर्माण कार्य करने वाली कंपनी ने ट्रैफिक एसपी को आवागमन बंद करने का अनुरोध किया था ताकि, ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से का कार्य किया जा सके।
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