टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने झारखंड में जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के एक मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत 161 करोड़ रुपये से अधिक के 3 भूखंड कुर्क किये हैं। ईडी ने इस मामले में नया आरोपपत्र भी दायर किया है।
संघीय एजेंसी ने इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 2 बार पूछताछ के लिए बुलाया है, लेकिन वह उसके सामने पेश नहीं हुए और समझा जाता है कि उन्होंने ईडी की कार्रवाई के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
समझा जा रहा है कि सोरेन को अगले सप्ताह पेश होने के लिए नये सिरे से समन भेजा गया है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। रांची के चेशायर होम रोड, पुगरू और सिरम में स्थित इन तीन भूखंडों का व्यावसायिक मूल्य 161.64 करोड़ रुपये हैं।
ईडी ने एक बयान में बताया कि इन्हें धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। एजेंसी ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें 2011 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी छवि रंजन शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट ने एक बार फिर से सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है चाय 9 सितंबर? इसको लेकर ऐसा माना जा रहा है कि यह सीएम हेमंत सोरेन को ईडी द्वारा तीसरे समन के बारे में है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तीसरी बार समन जारी कर दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पायी है। लेकिन यह बताया जा रहा है कि सीएम को इस बार 09 सितंबर को ईडी के दफ्तर बुलाया गया है।
जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के द्वारा तीसरी बार समन जारी किये जाने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार 9 सितंबर को मुख्यमंत्री को ईडी दफ्तर आने के लिए समन दिया गया है। राज्य में परिवर्तन निदेशालय के द्वारा चल रही कार्रवाई को लेकर अक्सर ट्वीट करने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर ट्वीट किया है कि चाय 9 सितंबर।
निशिकांत के ट्वीट के साथ ही लोग यह मान कर चल रहे हैं कि मुख्यमंत्री को 9 सितंबर को ही बुलाया गया है। इससे पहले जब मुख्यमंत्री को दूसरा समन जारी किया गया था, उसे लेकर भी निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया था जो बिल्कुल सटीक निकला था।
ईडी ने रांची जमीन घोटाले में मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए पहली बार 14 अगस्त को बुलाया था, लेकिन मुख्यमंत्री पहले समन पर उपस्थित नहीं हुए। इस दौरान उन्होंने एक पत्र ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर देवव्रत झा को भेजा था, जिसमें उन्होंने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कानून की शरण में जाने की बात कही थी। वहीं ईडी से समन वापस लेने की मांग की थी।
जिसके बाद ईडी ने भी सीएम को जवाबी पत्र भेजते हुए दूसरा समन भेज दिया था, जिसमें उन्हें 24 अगस्त को आने को कहा गया था। लेकिन उस दिन भी सीएम उपस्थित नहीं हुए और उन्होंने इस मामले में राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
दूसरी तरफ जमीन घोटाले मामले में ईडी के दो-दो समन के विरुद्ध मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया तो ईडी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है।
मुख्यमंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय में ईडी के अधिकार को चुनौती दी है, जिसके खिलाफ ईडी ने भी केविएट फाइल कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि उनके बिना ईडी के पक्ष को जाने कोई भी आदेश पारित न किया जाये।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चारा घोटाला मामले में डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में 28 अगस्त को 124 अभियुक्तों पर रांची सीबीआई की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया, जिसमें 35 आरोपियों को बरी किया गया।
वहीं 53 आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन साल से कम और तीन साल तक की सजा हुई है। इसके साथ ही 36 आरोपियों को कोर्ट ने 3 साल से अधिक की सजा सुनायी है।
उनकी सजा की बिंदुओं पर कोर्ट शुक्रवार 1 सितंबर को अपना फैसला सुनायेगी। अब देखने वाली बात ये होगी कि 36 दोषियों में से सबसे ज्यादा सजा किसे होगी।
अविभाजित झारखंड और बिहार में बहुचर्चित चारा घोटाला हुआ था। संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव हुआ करते थे। उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान डोरंडा कोषागार से 36 करोड़ 59 लाख रुपये की अवैध तरीके से निकासी हुई थी।
यह निकासी साल 1990 से 1995 के दौरान हुई थी। इस मामले में सीबीआई की विशेष न्यायधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत में बहस पूरी हो चुकी है और अब उसपर फैसला आयेगा।
डोरंडा कोषागार मामले में 27 साल चली सुनवाई के दौरान कुल 617 गवाहों का बयान दर्ज कराया गया, जबकि 50 हजार से ज्यादा डॉक्यूमेंट और एविडेंस पेश किये गये।124 आरोपियों में से 38 लोक सेवक रहे हैं, जिनमें से आठ कोषागार पदाधिकारी हैं। 86 आपूर्तिकर्ता मामले में आरोपी हैं।
इन आरोपियों में 16 महिलाएं भी हैं। वहीं तीन साल से ज्यादा सजा पाने वाले में कई ऐसे आरोपी हैं। जिनकी उम्र 80 से 90 साल है। बिहार से अलग होने के बाद चारा घोटाला मामले में कुल 53 मुकदमे दर्ज किये गये।
जिसमें डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले पर जजमेंट होने के बाद चारा घोटाला से संबंधित सभी मुकदमों पर फैसला आ चुका है। शुक्रवार को 36 आरोपियों के सजा बिंदु पर फैसला सुनाये जाने के बाद इस मुकदमे का अंतिम केस होगा।
टीम एबीएन, साहिबगंज। करोड़ों के खनन घोटाले व ईडी के गवाह नींबू पहाड़ प्रधान विजय हांसदा को बरगलाने सहित अन्य मामले की करने जांच पड़ताल करने गुरुवार सुबह वनांचल एक्सप्रेस से सीबीआई की 7 सदस्यीय टीम साहिबगंज पहुंची है। सीबीआई इस आगमन पर होने वाले पूछताछ मे शहर कई नामचीन पत्थर व्यवसायी व कुछ अफसरों से सीबीआई कई मामले में पुछताछ कर सकती है।
गौरतलब है कि 1000 करोड़ अवैध खनन घोटाले के मामले में ईडी के गवाह के रूप मे विजय हांसदा का नाम आने के बाद जांच में एक अलग मोड़ आया है। इसके पूर्व ईडी की टीम बीते 2 दिसंबर को मंडलकारा पहुंच विजय हांसदा से घंटों पूछताछ की थी।
जहां उनका कहना था कि कुछ पुलिसकर्मियों की मौजूदगी मे सादा पेपर पर उनसे हस्ताक्षर कराये गये थे। जबकि रिकॉर्ड के हिसाब से अगर देखा जाये तो शपथ पत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी बात रखी थी, जिनका अधिवक्ता द्वारा सत्यापन किया गया था।
टीम एबीएन, रांची। ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 24 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से अबतक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है कि वह इडी कार्यालय पूछताछ के लिए जायेंगे या फिर दोबारा समय लेंगे। प्रोजेक्ट भवन में जब मीडिया ने उनसे पूछा कि कल क्या होगा।
तो उन्होंने इतना ही कहा : आप सब के साथ ही रहेंगे। इधर, सूत्रों ने बताया कि सीएम लगातार विधि-विशेषज्ञों से इस मुद्दे पर राय ले रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के भी बड़े अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं। हालांकि अभी तक सीएम की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
टीम एबीएन, रांची। देवघर में भी योगेंद्र तिवारी और उसके सहयोगियों के कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है।
देवघर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष मुन्नम संजय और पंडित बीएन झा पथ स्थित अभिषेक आनंद झा के आवास पर भी ईडी की रेड चल रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई शहरों में ईडी ने एक बार फिर से दबिश दी है। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रांची के हरमू के साथ-साथ दुमका और देवघर में भी एक साथ छापेमारी की जा रही है।
मिली सूचना के अनुसार छापेमारी शराब घोटाले को लेकर की गयी है। रांची में मंत्री रामेश्वर उरांव, तिवारी ब्रदर्स सहित कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार अहले सुबह ईडी की एक दर्जन से ज्यादा टीम रेड के लिए निकली है।
ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड के 32 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। मंत्री रामेश्वर उरांव के रांची स्थित आवास पर भी छापेमारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि रांची में कुल सात जगहों पर ईडी रेड कर रही है। जामताड़ा में भी छापेमारी चल रही है।
वहीं देवघर में कुल आठ जगहों पर छापेमारी की सूचना है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ वाले सिंडिकेट को लेकर ही झारखंड में छापेमारी चल रही है। दुमका में शराब व्यवसायी योगेंद्र तिवारी के कार्यालय, उनके करीबियों और उनके परिजनों के ठिकाने पर छापेमारी हुई है।
बता दें कि दुमका शहर में अलग-अलग पांच जगहों पर ईडी की छापेमारी चल रही है, जिसमें टाटा शोरूम चौक स्थित तनिष्क शोरूम, तिवारी ऑटोमोबाइल, कुम्हारपाड़ा स्थित पप्पू शर्मा और कुम्हार पाड़ा स्थित ठेका बाबा मंदिर के नजदीक अनिल सिंह के घर पर ईडी की कार्रवाई चल रही है।
तनिष्क शोरूम और तिवारी ऑटोमोबाइल शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी के करीबी का बताया जा रहा है, जबकि शेष दोनों पप्पू शर्मा और अनिल सिंह शराब कारोबारी के कर्मी हैं।
इसके अतिरिक्त गिलान पाड़ा स्थित कार्यालय में भी छापेमारी की सूचना है। ईडी की रेड के दौरान आसपास रहने वाले लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी है। इसे देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं। वहीं मिली जानकारी के अनुसार कोलकाता में छापेमारी की जा रही है।
वहीं देवघर में भी ईडी की छापेमारी चल रही है। देवघर में संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस नेता के आवास सहित कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है। बता दें कि देवघर में कांग्रेस के नेता और 20 सूत्री उपाध्यक्ष मुन्नम संजय के आवास पर ईडी की कार्रवाई चल रही है।
जमीन कारोबारी अभिषेक झा के आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची है और छापेमारी कर रही है। अभिषेक झा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित विनोदनंद झा के पोते हैं। पूर्व में मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट से वो चुनाव भी लड़ चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के करीबी और उनकी पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष के घर पर छापेमारी की है। ईडी ने शनिवार को कहा कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में एनसीपी के पूर्व कोषाध्यक्ष ईश्वरलाल जैन, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों के परिसरों पर छापेमारी की है।
इस दौरान तलाशी में 1.1 करोड़ रुपये नकद और करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य के 39 किलोग्राम सोने-हीरे के आभूषण जब्त किये हैं। ईडी सूत्रों ने बताया कि ये छापेमारी महाराष्ट्र के जलगांव, नासिक और ठाणे में जैन के 13 ठिकानों पर की गयी।
इस दौरान ईडी अधिकारियों ने मोबाइल फोन से ऐसे दस्तावेज बरामद किए हैं जो जैन के बेटे मनीष द्वारा नियंत्रित रियल्टी फर्म में लक्जमबर्ग इकाई से 50 मिलियन यूरो के एफडीआई प्रस्ताव का संकेत देते हैं। ईडी अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी में जलगांव में 2 बेनामी संपत्तियों के अलावा, राजमल लखीचंद समूह से संबंधित 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 60 संपत्तियों का विवरण भी इकट्ठा किया गया है।
ईडी के अधिकारियों ने कहा कि जैन द्वारा नियंत्रित 3 ज्वेलरी फर्मों के खातों की जांच के दौरान, उन्हें पता चला कि राजमल लखीचंद समूह से जुड़ी पार्टियों के माध्यम से फर्जी खरीद-बिक्री सौदों के जटिल जाल के माध्यम से ऋण दिये गये और प्रमोटरों ने उस पैसे को अचल संपत्तियों में निवेश किया है।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में सीबीआई की दिल्ली इकाई ने राजमल लखीचंद ज्वैलर्स, आरएल गोल्ड और मनराज ज्वैलर्स और इसके प्रमोटरों- ईश्वरलाल जैन, मनीष जैन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ तीन बैंक धोखाधड़ी के केस दर्ज की थीं।
आरोप है कि जैन ने कथित तौर पर भारतीय स्टेट बैंक से 353 करोड़ रुपये का ऋण लिया और उसका भुगतान नहीं किया। इन्हीं प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
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