टीम एबीएन, रांची। झारखंड एटीएस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकी संगठन आइएसआइएस से जुड़े आतंकी मो आरिज हसनैन और मो नसीम उर्फ मोहसिन को धर दबोचा। एटीएस टीम ने एक को हजारीबाग और दूसरे को गोड्डा से गिरफ्तार किया है। आरिज गोड्डा के रहमत नगर का रहनेवाला है, जबकि मो नसीम हजारीबाग के कटकमसांडी थाना क्षेत्र के महतो टोला का रहनेवाला है।
आरिज की निशानदेही पर मो नसीम को हजारीबाग के कटकमसांडी इलाके के पेलावल महतो टोला से गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला है कि दोनों आतंकी फिलिस्तीन जाकर मस्जिद अल-अक्सा को यहूदियों के कब्जे से मुक्त करवाना चाहते थे। इसके लिए दोनों जम्मू-कश्मीर से लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक के लोगों के संपर्क में थे। इतना ही नहीं दोनों आतंकी झारखंड के युवाओं को भड़काकर आइएसआइएस से जोड़ने की साजिश भी रच रहे थे।
गिरफ्तार आतंकियों के पास से एटीएस ने कई अहम दस्तावेज भी जब्त किये हैं। इन पर डार्क वेब के जरिये आइएसआइएस के आतंकियों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। आतंकवाद निरोधी दस्ते को इनपुट मिली थी कि हजारीबाग और गोड्डा जिले में आइएसआइएस मॉड्यूल को आपरेट किया जा रहा है।
सूचना पर हजारीबाग और गोड्डा में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आतंकी झारखंड के युवाओं को भड़का कर आइएसआइएस से जोड़ने की साजिश में शामिल थे। इन पर डार्क वेब के जरिये आईएसआईएस के आतंकियों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं।
मो आरिज हसनैन अपने पिता कैशर हसनैन के साथ टेलीग्राम पर किये गये चैट से पकड़ा गया। गोड्डा थाना क्षेत्र स्थित रहमतनगर निवासी आतंकी संगठन में सक्रिय रह कर सोशल मिडिया व अन्य माध्यमों से लोगों को संगठन से जोड़ता था। वहीं हजारीबाग जिले के पेलावल थाना क्षेत्र के महतो टोला निवासी मो नसीम पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के भी कई आतंकी संगठनों के सदस्यों के साथ संपर्क में था।
आरिज हसनैन सोशल मिडिया व अन्य माध्यमों से संगठन का प्रचार-प्रसार कर रहा है। भोले-भाले लोगों को गुमराह कर संगठन से जोड़ रहा है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। एटीएस थाना (दैनिकी सं-5) 2 नवंबर को दर्ज करते हुए जांच एवं सत्यापन के लिए एटीएस की एक टीम को गोड्डा गयी थी।
आरिज की गतिविधि पर संदेद के बाद उसे रांची लाकर गहन पूछताछ की गयी। उसने आतंकी संगठनों से जुड़े होने की बात बतायी। इसके मोबाईल के टेलीग्राम एप में एक संदिग्ध चैट पाया गया। जिसके बारे में पूछने पर इसके द्वारा बताया गया कि यह एक अन्य आतंकी मो नसीम नाम के एक व्यक्ति का है, वह भी आइएसआइएस से जुड़ा हुआ है।
पूछताछ में बताया कि यह सोशल मिडिया के माध्यम से विभिन्न आतंकी संगठनों का प्रतिबंधित वीडियो इत्यादि देखकर अपने साथियों में इसका प्रचार भी करता था। दोनों आतंकियों के खिलाफ आइपीसी ओर यूएपी के तहत प्राथमिकी कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सीएम हेमंत सोरेन ने बुधवार को भ्रष्टाचार के मामले में फंसे बालूमाथ के तत्कालीन बीडीओ अर्जुन राम के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी है।
बालूमाथ थाना कांड संख्या 09/2016, 06/07/2016 के अभियुक्त अर्जुन राम के विरूद्ध भारतीय दंड विधान 1880 की धारा 406,409,419,420, 34 के तहत अभियोजन की स्वीकृति के देते हुए जांच के आदेश दे दिये हैं। श्री राम पर के खिलाफ लातेहार के बालूमाथ थाना कांड संख्या 99/2016 दर्ज किया गया है। उनपर इंदिरा आवास योजना के तहत शौचालय निर्माण में अनियमितता का आरोप है।
अभियुक्त के खिलाफ अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आयी है कि इंदिरा आवास योजना के तहत शौचालय सामग्री, धुआं रहित चूल्हा एवं योजना बोर्ड की आपूर्ति का आदेश बिना किसी निविदा-कोटेशन के उन्होंने मेसर्स एके ट्रेडर्स, रांची को दे दिया। उसके एवज में 41,69,880 रुपये का भुगतान किया गया, जो सरकारी प्रावधान का उल्लंघन है।
इस प्रकार अर्जुन राम ने सरकारी पर पद का दुरूपयोग, अपराधिक षडयंत्र, घोखाधड़ी एवं प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए सुनियोजित ढंग से साजिश के तहत वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी राशि गबन करने का आरोप है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार जिलान्तर्गत बालूमाथ थाना कांड संख्या-09/2016 दिनांक- 06 जुलाई 2016 के अभियुक्त अर्जुन राम तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, बालूमाथ जिला लातेहार के विरूद्ध भारतीय दंड विधान 1880 की धारा 406/ 409/ 419/ 420/ 34 के तहत अभियोजन की स्वीकृत्यादेश दिया है।
अभियुक्त के विरुद्ध लातेहार जिलान्तर्गत बालूमाथ थाना, कांड संख्या- 99/2016 दर्ज किया गया है। अभियुक्त के खिलाफ अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई है कि अभियुक्त द्वारा इंदिरा आवास योजना के तहत शौचालय सामग्री, धुवां रहित चूल्हा एवं योजना बोर्ड की आपूर्ति का आदेश बिना किसी निविदा/कोटेशन के मेसर्स एके ट्रेडर्स, रांची को दिया गया।
उक्त आपूर्ति के विरूद्ध 41,69,880 रुपये का भुगतान किया गया, जो सरकारी प्रावधान का घोर उल्लंघन है। इस प्रकार अर्जुन राम तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बालूमाथ पर सरकारी पद का दुरूपयोग, अपराधिक षडयंत्र, घोखाधड़ी एवं प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए सुनियोजित ढंग से साजिश के तहत वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी राशि गबन करने का आरोप है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने निरसा के सीओ बाल किशोर महतो को निलंबित किया। बाल किशोर महतो, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-438/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम वर्तमान में अंचल अधिकारी निरसा को निलंबित किया है।
अवैध तरीके से दाखिल खारिज करने एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता चक्रधरपुर के न्यायालय में पारित आदेशों का अनुपालन नहीं करने का आरोप है। सुश्री प्रतिभा कुजूर, झा0प्र0से0, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सिमडेगा को आरोप मुक्त किया है।
टीम एबीएन, रांची। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में परिवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा छापेमारी की गयी है। मिली जानकारी के अनुसार रांची जेल के अंदर से ही ईडी के अधिकारियों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रची जा रही थी। एजेंसी ने इससे जुड़े कई साक्ष्य जेल के अंदर से जुटाये हैं।
झारखंड में जमीन, बालू, शराब और अवैध खनन जैसे घपले घोटाले की जांच कर रहे ईडी के अधिकारियों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गयी थी। सूचना के अनुसार ईडी के एक अफसर को धुर्वा थाने के द्वारा एसटी-एससी केस में आरोपित करने के बाद एक बार नये सिरे से एक गंभीर किस्म के आरोप में फंसाने की साजिश जेल से ही रची गयी थी।
जानकारी के अनुसार एक महिला को भी केस दर्ज कराने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन एजेंसी को एन मौके पर इसकी सूचना मिल गयी। इस मामले में ईडी के द्वारा कई अहम तथ्य और साक्ष्य जुटाये गये हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस साजिश में अवैध खनन और जमीन घोटाले में शामिल प्रेम प्रकाश, अमित अग्रवाल समेत कई दूसरे कैदियों की भूमिका थी। सूचना यह भी है कि जेल में बंद आरोपियों को जेल प्रशासन और बाहर से भी मदद पहुंचायी जा रही थी।
साजिश की सूचना मिलने पर ईडी की टीम रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार शुक्रवार की शाम पहुंची थी। सूचना के मुताबिक जेल गेट पर भी ईडी टीम को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा तब जाकर जेल का गेट खुला।
ईडी ने जेल में बंद आरोपियों के वार्ड को खंगाला लेकिन उस दौरान किसी के पास से मोबाइल नहीं मिला। आरोपियों से जेल के भीतर पूछताछ भी की गयी। इससे पहले ईडी ने जमीन घोटाले से जुड़े ईसीआईआर में कोर्ट से जेल में छापेमारी संबंधित वारंट हासिल किया था।
टीम एबीएन, रनिया। खूंटी जिले में बालू का अवैध खनन और तस्करी जारी है। बुधवार की देर रात खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने रनिया क्षेत्र के कोटांगेर में बालू के खिलाफ छापामारी अभियान चलाया। इसमें बालू लदे तीन हाइवा को पकड़ा गया।
हाइवा को जब्त कर थाना ले आया गया है। इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी नदीम सफी के आवेदन पर रनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। हाइवा के चालकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी के दौरान हाइवा को पकड़ा गया। जब चालक से चालान की मांग की गयी तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अभियान में रनिया थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार और सशस्त्र बल शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। कोयला नगरी धनबाद में ईडी की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। ईडी की टीम गुरुवार सुबह से कार्रवाई कर रही हैं। पूरा मामला बालू कारोबार से जुड़ा हुआ है।
बताया जाता है कि ईडी की टीम ने बालू कारोबारी कमलेश सिंह को हिरासत में लिया है। कमलेश सिंह के घर से ईडी की टीम को डायरी समेत पैसों से संबंधित लेन-देन के कई जानकारियां लिखित में मिली हैं।
ईडी की टीम बालू कारोबारी सुरेंद्र जिंदल, पूंज सिंह और बबन सिंह के घर भी छापेमारी कर रही हैं। सभी के ठिकानों पर एक-एक कागजात को खंगाल रही हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रतन टाटा की टाटा मोटर्स को बंगाल के सिंगूर विवाद में बड़ी जीत मिली है। सिंगूर प्लांट में हुई नुकसान की भरपाई के लिए अब बंगाल सरकार टाटा मोटर्स को 766 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी। इसके लिए एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम को निर्देश दिया है।
रतन टाटा की टाटा मोटर्स को पश्चिम बंगाल के सिंगूर जमीन विवाद में बड़ी जीत हासिल हुई है। हालांकि, इस जीत से वेस्ट बंगाल की सरकार ममता बनर्जी को तगड़ा झटका भी है। दरअसल, सिंगूर विवाद में जीत के बाद अब बंगाल सरकार टाटा मोटर्स को 766 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी।
सिंगूर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नुकसान की भरपाई के लिए बंगाल सरकार टाटा मोटर्स को 766 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी। मुआवजा देने का निर्देश पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम को दिया गया है।
टाटा मोटर्स ने शेयर बाजार को बताया कि तीन-सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया है। फैसले के मुताबिक, कंपनी प्रतिवादी पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (डब्ल्यूबीआईडीसी) से 765.78 करोड़ रुपये की राशि 11 परसेंट एनुअल इंटरेस्ट के साथ वसूलने की हकदार है।
ब्याज का कैलकुलेशन एक सितंबर, 2016 से मुआवजा चुकाने की तारीख तक हुआ है। टाटा मोटर्स ने सिंगूर प्लांट बंद होने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए डब्ल्यूबीआईडीसी से मुआवजा मांगा था। इसमें इन्वेस्टमेंट पर हुई नुकसान समेत अन्य मदों में दावा किया गया था।
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