कानून व्यवस्था

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Published / 2023-09-16 12:44:40
18 को होगी ईडी समन के खिलाफ हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई

जमीन घोटाले से जुड़ा है मामला

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उच्चतम न्यायालय ने कथित धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी समन के खिलाफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को 18 सितंबर के लिए स्थगित कर दी। 

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ को अवगत कराया गया कि सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश होंगे, जिसके बाद उन्होंने सुनवाई स्थगित कर दी। एक जूनियर वकील ने कहा कि मैं अनुरोध करता हूं कि मामले की सुनवाई सोमवार को की जाये। 

वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी इस मामले में बहस करेंगे। पीठ ने अनुरोध स्वीकार कर लिया। सोरेन ने रांची में ईडी के कार्यालय में 14 अगस्त को उपस्थित होने और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज कराने के लिए भेजे गए समन के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है। इससे पहले, सोरेन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कथित रक्षा भूमि घोटाला मामले में ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। 

ईडी ने राज्य में कथित अवैध खनन से जुड़े एक अन्य धनशोधन मामले में पिछले साल 17 नवंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन (48) से नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों की जांच कर रही है, जिसमें रक्षा भूमि से संबंधित एक सौदा भी शामिल है। 

इस मामले में कथित तौर पर माफिया, बिचौलियों और नौकरशाहों के एक समूह ने मिलीभगत करके जाली दस्तावेज बनाए थे। ईडी ने राज्य में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा भी शामिल हैं।

Published / 2023-09-16 12:35:28
रांची विवि की जमीन पर लाइब्रेरी बनेगी या नहीं, फैसला आज

टीम एबीएन, रांची। रांची विवि की मोरहाबादी स्थित जमीन पर बने छात्रावास (कंडम घोषित) को तोड़ कर स्कूली व साक्षरता विभाग ने लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव दिया है। विभाग की ओर से मशीन लगा कर जमीन को समतल किया जा रहा है। 

बताया जाता है कि दो वर्ष पूर्व ही उक्त जगह पर पांच हजार विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता वाली लाइब्रेरी बनाने को लेकर रांची विवि व स्कूली एवं साक्षरता विभाग के साथ सहमति बनी थी। 

इधर, विवि की जमीन पर शिक्षा विभाग द्वारा लाइब्रेरी के नाम पर कब्जा किये जाने की आशंका को लेकर कई विद्यार्थियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। 

आजसू ने भी इस बाबत रांची विवि के कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। स्कूली व साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव की समीक्षा करने के लिए 16 सितंबर को रांची विवि सिंडिकेट की आपात बैठक बुलायी गयी है। 

बैठक में विभाग को विवि की जमीन के हस्तांतरण करने या नहीं करने, पुस्तकालय के निर्माण पर विवि की क्या शर्त रहेगी आदि मुद्दों पर विचार किया जायेगा। बैठक कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में दिन के साढ़े 11 बजे से होगी।

Published / 2023-09-15 15:03:14
मुख्यमंत्री की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब 18 को

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दायर रिट पिटीशन पर सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की थी। जिसपर अब 18 सितंबर को सुनवाई होगी। न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस और न्यायाधीश बेला एम त्रिवेदी की पीठ में याचिका पर सुनवाई होगी। 

बताते चलें कि हेमंत सोरेन की ओर से 15 सितंबर को होनेवाले रिट पिटीशन की सुनवाई को टालने का अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने इस बिंदु पर अभी कोई फैसला नहीं किया है।

मुख्यमंत्री की ओर से दायर आवेदन में कहा गया है कि उनके वकील की तबीयत खराब है। इस कारण वह 15 सितंबर को निर्धारित सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। इसलिए अदालत सुनवाई की दूसरी तिथि निर्धारित करे।

Published / 2023-09-14 20:25:13
अब किसी भी उम्र की महिला बन सकती है मिस यूनिवर्स

ब्यूटी कॉन्टेस्ट से हटी उम्र की बाधा

एबीएन सोशल डेस्क। अब वह महिलाएं भी  मिस यूनिवर्स बनने का सपना पूरा कर सकती हैं जो अपनी उम्र के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाती थी। पूरी दुनिया की एक से बढ़कर एक महिलाओं को एक मंच पर लेकर आने वाले  वार्षिक इंटरनेशनल सौंदर्य प्रतियोगिता मिस यूनिवर्स में एक बार फिर बढ़ा बदलाव होने जा रहा है। 

मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के इतिहास में पहली बार उम्र में कोई पाबंदी नहीं होगी। न्यूयॉर्क फैशन वीक में टान्नर फ्लेचर के ब्यूटी पेजेंट शो के दौरान मिस यूनिवर्स 2022 आर बोनी गेब्रियल ने यह ऐलान किया है। 

मिस यूनिवर्स ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने के लिए  आयु सीमा हटा दी गई है। इससे पहले मिस यूनिवर्स उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच रखी गई थी। अब तक की सबसे उम्रदराज मिस यूनिवर्स का ताज पहनने वाली आर बोनी गेब्रियल खुद पिछले रिकॉर्ड को तोड़ चुकी हैं। 

2022 की विजेता वर्तमान में 29 वर्ष की थी, इससे पहले उनसे कम उम्र की लड़कियों के सिर पर ही ये ताज सजा था। हालांकि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगी। मिस यूनिवर्स विजेता ने न्यूयॉर्क फैशन वीक में कहा- उम्र किसी महिला की प्रतिस्पर्धा करने और महानता हासिल करने की क्षमता में बाधा नहीं है। 

मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के लिए ये है नियम

  • पहले मिस यूनिवर्स उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य थी। 
  • जो उम्मीदवार मिस यूनिवर्स प्रतियोगियता में भाग लेना चाहते हैं वो अपने राष्ट्रीय निदेशक के तहत आवेदन कर सकती हैं।  
  • मिस यूनिवर्स प्रतियोगियता में भाग लेना उम्मीदवार राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेता होना चाहिए। 
  • कंटेस्टेंट को अपनी महत्वाकांक्षा को स्पष्ट करने की क्षमता होनी चाहिए।

Published / 2023-09-13 21:59:59
झारखंड : प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों पर कार्रवाई

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। जिनमें  

  1. ज्योति वंदना कुजूर तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी विश्रामपुर नगर परिषद विश्रामपुर पलामू के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। 
  2. श्री शिव शंकर पांडे तत्कालीन अंचल अधिकारी सदर मेदिनी नगर पलामू के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। 
  3. नित निखिल सुरीन तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी लेस्लीगंज पलामू के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। 
  4. मोहम्मद परवेज तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किए जाने का निर्णय लिया है इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।

Published / 2023-09-07 19:30:10
हाईकोर्ट की पहल पर अब होगा रजरप्पा और टैगोर हिल का कायाकल्प

  • रवीन्द्रनाथ टैगोर के परिवार से जुड़े रजरप्पा मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

टीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। झारखंड में स्थित सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर प्रसिद्ध स्थानों में एक है। यहां बड़े से बड़े नेता और अभिनेना अपना मत्था टेकने के लिए यहां आते हैं। यह मंदिर नोबेल पुरस्कार विजेता कवि रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार से जुड़ा है। 

अब झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार से रजरप्पा मंदिर और टैगोर हिल का सौंदर्यीकरण करने का निर्देश दिया है। झारखंड हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। 

जिसमें पीठ ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मोरादाबादी क्षेत्र में 300 मीटर ऊंची पहाड़ी के ऊपर की संरचनाओं को प्राचीन स्मारक के रूप में स्वीकार नहीं करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का भी आदेश दिया।

एक अन्य जनहित याचिका में, अदालत ने सरकार को रामगढ़ जिले के रजरप्पा में 10 महाविद्याओं में से शुमार प्रतिष्ठित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के उचित रखरखाव का भी आदेश दिया। 

सोसाइटी फॉर प्रिजर्वेशन आफ ट्राइबल कल्चर एंड नेचुरल ब्यूटी ने जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट से एएसआई को टैगोर हिल पर संरचनाओं को प्राचीन स्मारकों के रूप में संरक्षित रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।

एएसआई ने पहले ठुकरा दिया था सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव

एएसआई ने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया था कि संरचनाएं 100 साल से अधिक पुरानी नहीं हैं और प्राचीन स्मारक की श्रेणी में आने के योग्य नहीं हैं। रवींद्रनाथ के बड़े भाई ज्योतिरींद्रनाथ टैगोर लेखक, समाज सुधारक, संगीतकार और चित्रकार थे। उन्होंने बचपन में रवीन्द्रनाथ को उनके व्यक्तित्व को आकार देने के लिए कई तरह से प्रेरित किया। 

ज्योतिरींद्रनाथ ने जगह खरीदी और एक घर तथा एक ब्रह्म मंदिर (ध्यान लगाने के लिए एक संरचना) का निर्माण किया। याचिकाकर्ता ने कहा कि इसी घर में ज्योतिरिंद्रनाथ ने बाल गंगाधर तिलक की गीता रहस्य का मराठी से बंगाली में अनुवाद किया था और याचिकाकर्ता ने कहा कि बाद में इसके ऊपर बने शांति धाम नाम के घर का उद्घाटन 1910 में किया गया।

चार मार्च, 1925 को ज्योतिरींद्रनाथ का वहीं निधन हो गया। हाल में पारित आदेश में झारखंड हाईकोर्ट ने एएसआई को पहाड़ी के ऊपर की संरचनाओं को प्राचीन स्मारक के रूप में स्वीकार नहीं करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा।

Published / 2023-09-06 18:16:53
झारखंड : कार्यपालक अभियंता पर दर्ज होगा पीई

  • मुख्यमंत्री हेमंत ने कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध पीई दर्ज करने की दी अनुमति

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री ने इस कड़ी में प्रथम श्रेणी के पदाधिकारी मनोज कुमार विद्यार्थी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, चाईबासा के विरूद्ध पीई दर्ज करने की अनुमति दिये जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया है।

मामले के सत्यापनकर्ता पुलिस निरीक्षक द्वारा समर्पित प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार आरोपी मनोज कुमार विद्यार्थी की गिरफ्तारी के उपरांत उनके घर की तलाशी में बरामद 9,05,200 रुपये के संबंध में आरोपी के द्वारा रिश्वत लेने एवं रिश्वत की रकम को अपने किराये के मकान में रखने के आरोप को प्रथम द्दष्टया सत्य पाया गया। आरोपी एवं आरोपी की पत्नी के नाम से पटना, रांची एवं उनके पैतृक गांव में करोड़ों की अचल संपत्ति होने का उल्लेख किया गया है।

मामले में गुप्त रूप से सत्यापन के क्रम में यह बात प्रकाश में आयी है कि आरोपी मनोज कुमार विद्यार्थी ने ठेकेदारों द्वारा किये गये कार्यों के बिल भुगतान करने के एवज में प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत लिया करते थे।

Published / 2023-09-04 20:47:24
हजारीबाग : पत्नी-बेटी के हत्यारे आनंद दांगी को मौत की सजा

टीम एबीएन, हजारीबाग। जिला व्यवहार न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश षष्टम कसिका एम प्रसाद की अदालत ने अपनी गर्भवती पत्नी और एक वर्षीय पुत्री की हत्या के दोषी पति आनंद कुमार दांगी को मौत की सजा सुनायी है। 

दोषी आनंद कुमार दांगी ने वर्ष 2018 में अपनी पत्नी अंगिरा कुमारी (जो घटना के समय गर्भवती थी) और अपने एक वर्षीय पुत्री की धारदार हथियार से हत्या कर शव को कुएं में फेंककर फरार हो गया था। 

घटना के बाद मृतक के पिता प्रीतम दांगी ने चौपारण थाना में मामला कांड संख्या 315-18 के तहत दर्ज कर अपने दामाद आनंद कुमार दांगी को आरोपी बनाया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने शव के साथ हथियार भी बरामद किया था। 

पुलिस जांच से खुलासा हुआ था कि आनंद कुमार दांगी का एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था। वह अपनी पत्नी और पुत्री को रास्ते से हटाने के लिए इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। 

कोर्ट ने गवाहों और प्रदत साक्ष्य के आधार पर पति आनंद दांगी को दोषी पाते हुए धारा 302 में फांसी की सजा सुनायी। एक अन्य धारा में भी उसे दोषी पाया गया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से पीपी भरत राम ने इस घटना को जघन्यतम अपराध की श्रेणी में रखते हुए कोर्ट से मौत की सजा देने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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