टीम एबीएन, पलामू। पलामू जिले में 150 साल पुराने एक मंदिर से चोरी हुई बहुमूल्य मूर्ति सोमवार को मामले के मुख्य आरोपी की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के बाद गढ़वा जिले से बरामद कर ली गयी।
अधिकारियों ने बताया कि 11 सितंबर की रात मेदिनीनगर में कोयल नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध मंदिर से "अष्टधातु" से बनी भगवान लड्डू गोपाल की मूर्ति और भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के चांदी के मुकुट चोरी हो गये थे।
उन्होंने कहा कि मंदिर के पुजारी सुनील कुमार चौबे के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक रेशमा रामेसन ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति मंदिर से मूर्ति और मुकुट चुराते हुए देखा गया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की मदद से मुख्य आरोपी दिलकश रोशन (30) को रविवार को दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि रोशन द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने मूर्ति बरामद कर ली, जिसे गढ़वा में एक डेंटल कॉलेज के मुख्य द्वार के पास जमीन में छिपाया गया था।
उपमंडल पुलिस अधिकारी सुरजीत कुमार ने कहा कि चोरी हुए मुकुट जब्त किये जाने के बाद मामले के सिलसिले में एक पखवाड़े पहले 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें रोशन का साथी मोहम्मद सोहेल और बिहार के सासाराम निवासी जौहरी उपेंद्र कुमार सेठ शामिल थे।
उन्होंने बताया कि सोहेल और रोशन ने जौहरी को मुकुट बेच दिये थे। पुलिस ने बताया कि रोशन ने चोरी की थी जबकि सोहेल मोटरसाइकिल पर उसका इंतजार कर रहा था।
टीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाला मामले में रांची पुलिस भी अपनी जांच को लेकर रेस है। सदर थाने में दर्ज मामले को लेकर पुलिस के द्वारा झारखंड के बड़े कारोबारी विष्णु अग्रवाल और बड़गाई अंचल के सीआई भानु से पूछताछ की गयी है।
विष्णु अग्रवाल से रिम्स में जबकि भानु से जेल में पूछताछ हुई है। जमीन घोटाला मामले में ईडी ने विष्णु अग्रवाल और भानु दोनों को ही गिरफ्तार किया है। विष्णु अग्रवाल जेल में बीमार होने के बाद वर्तमान में न्यायिक हिरासत में रिम्स में भर्ती हैं, जबकि भानु जेल में हैं।
रांची पुलिस से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रांची के सदर थाने की पुलिस ने रिम्स में भर्ती कारोबारी विष्णु अग्रवाल और जेल में बंद बड़गाईं अंचल के सीआई भानु प्रताप से पूछताछ की, मामले के अनुसंधानक ने दोनों से सेना की जमीन घोटाले को लेकर जरूरी पूछताछ की है। इस क्रम में सीआई भानु से उस भूखंड का म्युटेशन किये जाने के आधार को लेकर काफी देर तक गहरायी से पूछताछ की गयी।
साथ ही भानु के आवास से जब्त किये जमीन के कागजातों के बारे में भी पूछताछ की गयी। वहीं आईओ ने रिम्स में इलाज के लिए भर्ती कारोबारी विष्णु अग्रवाल से भी सेना की जमीन की खरीदारी किये जाने के संबंध में भी जानकारी ली।
पूछताछ के दौरान कारोबारी और सीआई से जमीन घोटाला के संबंध में कई अहम जानकारी मिली है। इस आधार पर पुलिस मामले में अब आगे की कार्रवाई करेगी। गौरतलब है कि सदर थाना में दर्ज मामले को लेकर ही पुलिस अपने स्तर से मामले का अनुसंधान कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय शूटर तारा शाहदेव के मामले में आखिर कार 14 साल बाद दोषियों को कोर्ट ने सजा सुना दी। लव जिहाद के इस चर्चित मामले में उइक कोर्ट ने धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के आरोप में दोषी साबित हुए।
रकीबुल उर्फ रंजीत कोहली को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, रकीबुल की मां कौशल रानी को दस साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा साजिश रचने के आरोपी हाईकोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार मुस्ताक अहमद को भी 15 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
लव जिहाद का ये मामला झारखंड में 2014 से सुर्खियों में बना हुआ था। राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी। पहले झारखंड पुलिस ने इस मामले में जांच की। बाद में हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसे सीबीआई ने 2015 में टेक ओवर कर लिया और 2017 में तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
सीबीआई की विशेष अदालत में तारा शाहदेव के मामले में तीनों आरोपी को 30 सितंबर को दोषी करार दिया था। जिसके बाद 5 अक्टूबर को सजा का ऐलान किया। सजा के ऐलान के बाद तारा शाहदेव ने कोर्ट का धन्यवाद जताया।
तारा शाहदेव का ये मामला 2014 का है। जब तारा शाहदेव राष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग प्रतियोगिता में खूब नाम कमा रही थी। शूटिंग में बेहतर प्रदर्शन कर सके इसके लिए होटवार में स्तिथ प्रैक्टिस हॉल खूब मेहनत करती थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात रंजीत कुमार उर्फ रकीबुल हसन से हुई। दोस्ती बढ़ी और बात रिश्ते तक पहुंच गई।
इसके बाद रंजीत सिंह कोहली और तारा शाहदेव की शादी 7 जुलाई 2014 को हुई थी। आरोप है कि रंजीत सिंह कोहली ने नेशनल शूटर तारा शाहदेव से धोखे से शादी की। शादी के कुछ दिन बाद तारा को पता चला कि रंजीत ने पहले ही धर्म बदल लिया है। रंजीत ने धर्म बदलकर अपना नाम रकीबुल हसन कर लिया। इसके बाद रकिबुल तारा पर लगातार धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगा।
रकिबुल तारा के साथ मारपीट करता, उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता। तारा शाहदेव के मुताबिक उसे कई बार पालतू कुत्ते से भी कटवाया गया था। मामला सामने आया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। झारखंड ऌउ के आदेश पर 2015 में उइक ने मामले को टेकओवर किया।
जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ साल 2018 में चार्जशीट दायर की गई थी। मामले में सीबीआई की ओर से कुल 26 गवाहों को पेश किया गया। इस मामले के एक गवाह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी रह चुके हैं।
सालों की जांच के बाद उइक कोर्ट ने रंजीत कोहली ऊर्फ रकिबुल, उनकी मां कौशल रानी और हाई कोर्ट के बर्खास्त रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद को दोषी करार पाया और इस मामले में सजा का ऐलान होने के साथ ही तारा शाहदेव का 8 सालों का इंतजार खत्म हो गया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इस संबंध में संकल्प जारी किया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। मेदिनीनगर नगर निगम के सिटी मैनेजर अनिल उरांव और पीएमसी राकेश कुमार को एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
अभी जांच चल रही है। सूचना आग की तरह फैली और निगम कार्यालय के सामने भीड़ उमड़ पड़ी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दो हजार रुपये के पुराने नोट को बदलवाने और जमा की आखिरी तारीख को बढ़ाकर सात अक्तूबर कर दिया गया है। अभी तक इसकी आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2023 थी। बता दें कि कुछ महीनों पहले रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने दो हजार रुपये के नोटों को वापस लेने का एलान किया था।
बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 19 मई, 2023 तक प्रचलन में में रहे 3.56 लाख करोड़ रुपये के 2000 के बैंक नोटों में से 3.42 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं।
29 सितंबर को कारोबार की समाप्ति के बाद केवल 0.14 लाख करोड़ रुपये ही चलन में रह गये हैं। इस प्रकार, 19 मई 2023 को प्रचलन में रहे 2000 बैंक नोटों का 96% अब बैंकों में वापस आ गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वंदे भारत ट्रेन के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग के नियम बदल दिए हैं। अन्य ट्रेनों में यात्रियों को आगमन समय के आधे घंटे पूर्व तक ही करंट टिकट मिलता है, लेकिन वंदे भारत में ठहराव वाले सभी स्टेशनों पर करंट टिकट की बुकिंग 15 मिनट पहले तक होती रहेगी।
रेलवे के आदेश के अनुसार, करंट टिकट बुक करने से ट्रेन में मांसाहारी खाना की उम्मीद नहीं है, क्योंकि रांची से ट्रेन के खुलते समय यात्रियों की संख्या के अनुसार नाश्ता-खाना का मेन्यू व सूची बन जाती है। ऐसे में सभी को मांसाहारी खाना परोसना संभव नहीं होगा। हालांकि, ट्रेन में पहले टिकट बुक करने वालों को मांसाहारी और शाकाहारी खाने का विकल्प देना होगा।
इधर, दक्षिण पूर्व जोन ने सभी स्टेशन से बुक होने वाली टिकट की संख्या पर रिपोर्ट बनाने का आदेश दिया है, ताकि यात्रियों के रुझान का पता चल सके। दूसरी ओर, वाणिज्य व कैटरिंग सुपरवाइजर से व्यवस्था पर नजर रखने के साथ सुविधाओं पर विचार लेने की तैयारी है।
मालूम हो कि टाटानगर स्टेशन से होकर वंदे भारत ट्रेन का परिचालन दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने 27 सितंबर से शुरू किया है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन को क्षमता के अनुरूप यात्री नहीं मिल रहे हैं, जबकि यात्री सुविधा, सफाई और सुरक्षा पर रेलवे वंदे भारत ट्रेन में दूसरी ट्रेनों से ज्यादा ध्यान दे रहा है।
टीम एबीएन, रांची। निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को जेल से बाहर निकलने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। मनरेगा घोटाला से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार जेल में बंद निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश सुधांशु धुलिया की बेंच में पूजा सिंघल की ओर से वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलील पेश की। उन्होंने पूजा सिंघल की खराब सेहत के अलावा अन्य बिंदुओं का हवाला देते हुए नियमित जमानत की गुहार लगायी।
इसका ईडी के अधिवक्ता ने विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश सुधांशु धुलिया की बेंच ने ईडी को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। यह जानकारी निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दी।
बता दें कि पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी। लेकिन सोमवार को हुई सुनवाई से स्पष्ट हो गया है कि पूजा सिंघल को अभी कम से कम 30 अक्टूबर तक तो जेल में रहना ही होगा।
इसी साल 3 जनवरी को बेटी के इलाज के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक माह की सशर्त अंतरिम जमानत दी थी। अवधि पूरी होने के बाद फरवरी में उन्होंने ईडी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अब वह नियमित जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं।
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