टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई हिस्सों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को एसीबी की टीम ने राजधानी रांची में कार्रवाई की।
एसीबी की टीम ने रातु अंचल के सीओ प्रदीप कुमार, सीओ कार्यालय के कर्मचारी सुनील कुमार के साथ-साथ एक जमीन कारोबारी जफर अंसारी को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। एसीबी की कार्रवाई में रातू सीओ सहित तीन लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने के बाद पूरे अंचल में हड़कंप मचा हुआ है।
एक जमीन के म्यूटेशन से संबंधित मामले में रंगे हाथ 25000 घूस लेते हुए गिरफ्तार करने के बाद एसीबी की टीम प्रदीप कुमार को उनके आवास लेकर पहुंची। जहां एसीबी की टीम के द्वारा छापेमारी की गयी। साल 2021 से ही प्रदीप कुमार रातू अंचल के सीओ के पद पर कार्य कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार वह रातू अंचल के ही एक 39 डिसमिल जमीन से संबंधित मामले के सीओ प्रदीप कुमार और उनके कर्मचारी द्वारा 50, 000 रुपये रिश्वत के रूप में मांगे जाने को लेकर शिकायतकर्ता जिनका नाम रामसागर साव बतलाया जा रहा है। उनके ही द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो रांची में लिखित शिकायत की गयी थी।
इसी के आधार पर गुरुवार को एसीबी की टीम ने जाल बिछाते हुए रातू सीओ प्रदीप कुमार को उनके ही कार्यलय से रंगे हाथों 25,000 रुपये रिश्वत लेते हुई गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान वहां मौजूद सीओ कार्यालय के कर्मचारी सुनील कुमार और जमीन कारोबारी जफर अंसारी भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, वे भागने में सफल नहीं हो सके। एसीबी की टीम ने जमीन से संबंधित मामले में 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रातू सीओ सहित तीनो को गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायतकर्ता ने अपनी लगभग 39 डिसमिल का म्युटेशन के लिए रातू अंचल में आवेदन दिया था। हालांकि, उनका काम नहीं हो पा रहा था। इसके बाद वह सीओ कार्यालय के कर्मचारी सुनील कुमार से जाकर मिले। कर्मचारी द्वारा जमीन के म्युटेशन के लिए 50, 000 रुपए रुपये रिश्वत की मांग की गयी।
अंचल कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर पीड़ित रामसागर साव ने एसीबी में इसे लेकर शिकायत दर्ज करवायी। इसी के आधार पर गुरुवार को एसीबी की टीम ने 25000 रुपये रिश्वत लेते हुए रातू सीओ प्रदीप कुमार, कर्मचारी सुनील कुमार और जमीन दलाल जफर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है।
टीम एबीएन, रांची। इडी के अफसर को साजिश के तहत फंसाने के मामले में बुधवार को जेलर नसीम से पूछताछ हुई। जेल से इडी अफसरों के खिलाफ साजिश मामले में कौन कौन वीआइपी कैदी शामिल थे।
उसमें जेलर सहित अन्य जेलकर्मियों और अफसरों की क्या भूमिका थी, इस संबंध में जेलर नसीम से पूछताछ की गयी थी। जेलर नसीम ने इडी को बताया गया कि मोबाइल उसका था, लेकिन कॉल के लिए अफसरों का दबाब था।
इडी इस मामले में मोबाइल से गायब डेटा को रिकवर करेगी और उसका फॉरेंसिक जांच करायेगी। मंगलवार को जेल के बड़ा बाबू से हुई थी। बड़ा बाबू ने कहा था कि अफसरों के दबाव में काम किया। गुरुवार को अब जेल अधीक्षक हामिद अख्तर से इडी पूछताछ करेगी।
इडी जेल में बंद आरोपियों को जेल में सुविधाएं मुहैया कराना, गवाहों को प्रभावित करने से जुड़े मामले में जेल अधीक्षक हामिद अख्तर से गुरुवार को पूछताछ करेगी। इडी जांच में यह बात सामने आयी है कि प्रेम प्रकाश के प्रभाव में रांची जिले से दोनों जेल अधिकारियों को आर्म्स का लाइसेंस भी जारी हुआ था।
वहीं जेल के अलग-अलग लोगों को प्रेम प्रकाश ने उनकी जरूरतें पूरी करा, उनका इस्तेमाल भी किया। अब इडी इस मामले में मोबाइल से गायब डेटा को रिकवर करेगी। रिक्वर करने के बाद उसका फॉरेंसिक करायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड एटीएस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकी संगठन आइएसआइएस से जुड़े आतंकी मो आरिज हसनैन और मो नसीम उर्फ मोहसिन को धर दबोचा। एटीएस टीम ने एक को हजारीबाग और दूसरे को गोड्डा से गिरफ्तार किया है। आरिज गोड्डा के रहमत नगर का रहनेवाला है, जबकि मो नसीम हजारीबाग के कटकमसांडी थाना क्षेत्र के महतो टोला का रहनेवाला है।
आरिज की निशानदेही पर मो नसीम को हजारीबाग के कटकमसांडी इलाके के पेलावल महतो टोला से गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला है कि दोनों आतंकी फिलिस्तीन जाकर मस्जिद अल-अक्सा को यहूदियों के कब्जे से मुक्त करवाना चाहते थे। इसके लिए दोनों जम्मू-कश्मीर से लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक के लोगों के संपर्क में थे। इतना ही नहीं दोनों आतंकी झारखंड के युवाओं को भड़काकर आइएसआइएस से जोड़ने की साजिश भी रच रहे थे।
गिरफ्तार आतंकियों के पास से एटीएस ने कई अहम दस्तावेज भी जब्त किये हैं। इन पर डार्क वेब के जरिये आइएसआइएस के आतंकियों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। आतंकवाद निरोधी दस्ते को इनपुट मिली थी कि हजारीबाग और गोड्डा जिले में आइएसआइएस मॉड्यूल को आपरेट किया जा रहा है।
सूचना पर हजारीबाग और गोड्डा में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आतंकी झारखंड के युवाओं को भड़का कर आइएसआइएस से जोड़ने की साजिश में शामिल थे। इन पर डार्क वेब के जरिये आईएसआईएस के आतंकियों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं।
मो आरिज हसनैन अपने पिता कैशर हसनैन के साथ टेलीग्राम पर किये गये चैट से पकड़ा गया। गोड्डा थाना क्षेत्र स्थित रहमतनगर निवासी आतंकी संगठन में सक्रिय रह कर सोशल मिडिया व अन्य माध्यमों से लोगों को संगठन से जोड़ता था। वहीं हजारीबाग जिले के पेलावल थाना क्षेत्र के महतो टोला निवासी मो नसीम पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के भी कई आतंकी संगठनों के सदस्यों के साथ संपर्क में था।
आरिज हसनैन सोशल मिडिया व अन्य माध्यमों से संगठन का प्रचार-प्रसार कर रहा है। भोले-भाले लोगों को गुमराह कर संगठन से जोड़ रहा है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। एटीएस थाना (दैनिकी सं-5) 2 नवंबर को दर्ज करते हुए जांच एवं सत्यापन के लिए एटीएस की एक टीम को गोड्डा गयी थी।
आरिज की गतिविधि पर संदेद के बाद उसे रांची लाकर गहन पूछताछ की गयी। उसने आतंकी संगठनों से जुड़े होने की बात बतायी। इसके मोबाईल के टेलीग्राम एप में एक संदिग्ध चैट पाया गया। जिसके बारे में पूछने पर इसके द्वारा बताया गया कि यह एक अन्य आतंकी मो नसीम नाम के एक व्यक्ति का है, वह भी आइएसआइएस से जुड़ा हुआ है।
पूछताछ में बताया कि यह सोशल मिडिया के माध्यम से विभिन्न आतंकी संगठनों का प्रतिबंधित वीडियो इत्यादि देखकर अपने साथियों में इसका प्रचार भी करता था। दोनों आतंकियों के खिलाफ आइपीसी ओर यूएपी के तहत प्राथमिकी कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सीएम हेमंत सोरेन ने बुधवार को भ्रष्टाचार के मामले में फंसे बालूमाथ के तत्कालीन बीडीओ अर्जुन राम के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी है।
बालूमाथ थाना कांड संख्या 09/2016, 06/07/2016 के अभियुक्त अर्जुन राम के विरूद्ध भारतीय दंड विधान 1880 की धारा 406,409,419,420, 34 के तहत अभियोजन की स्वीकृति के देते हुए जांच के आदेश दे दिये हैं। श्री राम पर के खिलाफ लातेहार के बालूमाथ थाना कांड संख्या 99/2016 दर्ज किया गया है। उनपर इंदिरा आवास योजना के तहत शौचालय निर्माण में अनियमितता का आरोप है।
अभियुक्त के खिलाफ अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आयी है कि इंदिरा आवास योजना के तहत शौचालय सामग्री, धुआं रहित चूल्हा एवं योजना बोर्ड की आपूर्ति का आदेश बिना किसी निविदा-कोटेशन के उन्होंने मेसर्स एके ट्रेडर्स, रांची को दे दिया। उसके एवज में 41,69,880 रुपये का भुगतान किया गया, जो सरकारी प्रावधान का उल्लंघन है।
इस प्रकार अर्जुन राम ने सरकारी पर पद का दुरूपयोग, अपराधिक षडयंत्र, घोखाधड़ी एवं प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए सुनियोजित ढंग से साजिश के तहत वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी राशि गबन करने का आरोप है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार जिलान्तर्गत बालूमाथ थाना कांड संख्या-09/2016 दिनांक- 06 जुलाई 2016 के अभियुक्त अर्जुन राम तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, बालूमाथ जिला लातेहार के विरूद्ध भारतीय दंड विधान 1880 की धारा 406/ 409/ 419/ 420/ 34 के तहत अभियोजन की स्वीकृत्यादेश दिया है।
अभियुक्त के विरुद्ध लातेहार जिलान्तर्गत बालूमाथ थाना, कांड संख्या- 99/2016 दर्ज किया गया है। अभियुक्त के खिलाफ अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई है कि अभियुक्त द्वारा इंदिरा आवास योजना के तहत शौचालय सामग्री, धुवां रहित चूल्हा एवं योजना बोर्ड की आपूर्ति का आदेश बिना किसी निविदा/कोटेशन के मेसर्स एके ट्रेडर्स, रांची को दिया गया।
उक्त आपूर्ति के विरूद्ध 41,69,880 रुपये का भुगतान किया गया, जो सरकारी प्रावधान का घोर उल्लंघन है। इस प्रकार अर्जुन राम तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बालूमाथ पर सरकारी पद का दुरूपयोग, अपराधिक षडयंत्र, घोखाधड़ी एवं प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए सुनियोजित ढंग से साजिश के तहत वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी राशि गबन करने का आरोप है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने निरसा के सीओ बाल किशोर महतो को निलंबित किया। बाल किशोर महतो, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-438/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम वर्तमान में अंचल अधिकारी निरसा को निलंबित किया है।
अवैध तरीके से दाखिल खारिज करने एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता चक्रधरपुर के न्यायालय में पारित आदेशों का अनुपालन नहीं करने का आरोप है। सुश्री प्रतिभा कुजूर, झा0प्र0से0, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सिमडेगा को आरोप मुक्त किया है।
टीम एबीएन, रांची। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में परिवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा छापेमारी की गयी है। मिली जानकारी के अनुसार रांची जेल के अंदर से ही ईडी के अधिकारियों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रची जा रही थी। एजेंसी ने इससे जुड़े कई साक्ष्य जेल के अंदर से जुटाये हैं।
झारखंड में जमीन, बालू, शराब और अवैध खनन जैसे घपले घोटाले की जांच कर रहे ईडी के अधिकारियों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गयी थी। सूचना के अनुसार ईडी के एक अफसर को धुर्वा थाने के द्वारा एसटी-एससी केस में आरोपित करने के बाद एक बार नये सिरे से एक गंभीर किस्म के आरोप में फंसाने की साजिश जेल से ही रची गयी थी।
जानकारी के अनुसार एक महिला को भी केस दर्ज कराने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन एजेंसी को एन मौके पर इसकी सूचना मिल गयी। इस मामले में ईडी के द्वारा कई अहम तथ्य और साक्ष्य जुटाये गये हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस साजिश में अवैध खनन और जमीन घोटाले में शामिल प्रेम प्रकाश, अमित अग्रवाल समेत कई दूसरे कैदियों की भूमिका थी। सूचना यह भी है कि जेल में बंद आरोपियों को जेल प्रशासन और बाहर से भी मदद पहुंचायी जा रही थी।
साजिश की सूचना मिलने पर ईडी की टीम रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार शुक्रवार की शाम पहुंची थी। सूचना के मुताबिक जेल गेट पर भी ईडी टीम को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा तब जाकर जेल का गेट खुला।
ईडी ने जेल में बंद आरोपियों के वार्ड को खंगाला लेकिन उस दौरान किसी के पास से मोबाइल नहीं मिला। आरोपियों से जेल के भीतर पूछताछ भी की गयी। इससे पहले ईडी ने जमीन घोटाले से जुड़े ईसीआईआर में कोर्ट से जेल में छापेमारी संबंधित वारंट हासिल किया था।
टीम एबीएन, रनिया। खूंटी जिले में बालू का अवैध खनन और तस्करी जारी है। बुधवार की देर रात खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने रनिया क्षेत्र के कोटांगेर में बालू के खिलाफ छापामारी अभियान चलाया। इसमें बालू लदे तीन हाइवा को पकड़ा गया।
हाइवा को जब्त कर थाना ले आया गया है। इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी नदीम सफी के आवेदन पर रनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। हाइवा के चालकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी के दौरान हाइवा को पकड़ा गया। जब चालक से चालान की मांग की गयी तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अभियान में रनिया थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार और सशस्त्र बल शामिल थे।
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