एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जेल में 3 दिसंबर को दिनदहाड़े अमन सिंह नामक कुख्यात अपराधी की हत्या से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जानना चाहा है कि चुस्त व्यवस्था होने के बावजूद जेल में आर्म्स कैसे पहुंच गया। सरकार को बताना है कि प्रशासन से कहां चूक हुई है।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट ने जेल आईजी को वर्चुअल मोड पर उपस्थित रहने का आदेश दिया है। इस मामले को लेकर 5 दिसंबर को सुनवाई होगी। खास बात है कि राज्य में पहली बार ऐसा हुआ है जब जेल के भीतर किसी अपराधी की गोली मारकर हत्या हुई है। इससे पहले जेल के भीतर कैदियों के बीच झड़प की कई घटनाएं सामने आती रही हैं।
साथ ही कोर्ट कैंपस में भी कई हत्याएं हो चुकी हैं। पूर्व की घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट पहले भी नाराजगी जता चुका है। हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर जिलों के सिविल कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की आए दिन समीक्षा होती रहती है। लेकिन जेल के भीतर इतनी सुरक्षा होने के बावजूद जिस तरीके से शूटर अमन सिंह की हत्या हुई है, उससे पूरा पुलिस महकमा सवालों के घेरे में है।
धनबाद में हुए फायरिंग कांड के बाद कई जेलों में औचक निरीक्षण किया गया है। आपको बता दें कि शूटर अमन सिंह मूल रुप से उत्तर प्रदेश के अंबेदकर नगर जिले का निवासी था। उसकी हत्या के बाद पुलिस ने बताया था कि अपराधी की पहचान हो गयी है। उसे अलग सेल में डाल दिया गया है। इस बीच आशीष रंजन उर्फ छोटू नामक शख्स का एक आडियो वायरल हुआ है।
उसका दावा है कि उसने जेल में अपने एक साथी की मदद से हत्याकांड को अंजाम दिलाया है। इस हत्याकांड के बाद डीजीपी ने सीआईडी के आईजी असीम विक्रांत मिंज को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है। दूसरी ओर जेल आईजी उमाशंकर सिंह ने जेल एआईजी हामिद अख्तर के नेतृत्व में एक टीम को धनबाद भेजा है। इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि जेल के भीतर आर्म्स कैसे पहुंचा।
टीम एबीएन, हजारीबाग। समाहरणालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम के मौके पर मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के तहत दिव्यांगजनो को लोकतंत्र में भागीदारी, शतप्रतिशत मतदाता सूची में शामिल करने सहित आगामी चुनावों में अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट करने की अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने की।
मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के तहत 3 दिसंबर अंतराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार हजारीबाग समाहरणालय भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी सह उपायुक्त नैंसी सहाय भी मौजूद रहीं। इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य हर मतदाताओ को मतदान प्रक्रिया से जोड़कर उन्हे मतदान के लिए प्रेरित करना था।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने अंतराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर शामिल होते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को समान अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस बार चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दिव्यांजनों के लिए विशेष ध्यान रखा गया है, साथ ही शत प्रतिशत चुनावी प्रक्रिया में हर नागरिको की भागीदारी सुनिश्चित हो इसके लिए इस बार दिव्यांगजनों तथा 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओ के लिए विशेष सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें उनके घरों में ही मतदान देने के व्यापक इंतजाम किए जायेंगे।
उन्होंने कहा ऐसे प्रावधान वोटिंग प्रतिशत में इजाफा होने के साथ साथ शत प्रतिशत चुनावी लोकभागीदारी भी सुनिश्चित होगी। उन्होने कोई कोई मतदाता छूटे नहीं एवं मतदान है सबका अधिकार के तर्ज पर गंभीरता पूर्वक कार्य करने की नसीहत दी।
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांग मतदाता शामिल हुए एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपनी समस्याओ को भी रखा। मौके पर मौजूद दिव्यांजनो एवं अतिवृद्ध जनों ने चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ पर आने वाली दिक्कतों से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से अवगत कराया।
इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं उपायुक्त ने उपस्थित सभी वृद्ध एवं दिव्यांगजन को कंबल, मफलर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया एवं चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित भी किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी सह उपायुक्त नैन्सी सहाय ने आगामी चुनावों में दिव्यांग मतदाताओं को अवश्य मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव आयोग वृद्ध सहित दिव्यांग मतदाताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए हर मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आलावा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, सहायक समाहर्ता सुलोचना मीणा, एसडीएम विधा भूषण कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देव प्रिया व अन्य उपस्थित रहें।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बीते बुधवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत जमशेदपुर में वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात की एवं उनके मतदाता प्रमाण पत्र से संबंधित जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि आज पूरे राज्य में वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी जिलों के निर्वाचन से संबंधित पदाधिकारी वहां के बुजुर्ग मतदाताओं से मिलेंगे और मतदाता सूची में नाम है या नहीं इसकी जानकारी लेंगें। साथ ही अगर कोई अपने वोटर कार्ड में किसी प्रकार का सुधार कराना चाहते हैं तो उनका फॉर्म भर कर वोटर आईडी कार्ड निर्गत करायेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बुजुर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि जितने भी वरिष्ठ नागरिक है उनके घर जाकर उनका निबंधन करना है। साथ ही जो बुजुर्ग मतदान केंद्र पर आने में सक्षम नहीं है फिर भी बूथ पर आकर वोट देना चाहते हैं तो उनके लिए व्यवस्था करनी है। इसके साथ-साथ जो घर पर ही वोट देना चाहते हैं, उनके लिए घर पर ही व्यवस्था करनी है।
उन्होंने कहा कि आप सब ने वर्षों से मतदान कर देश के निर्माण में अपना योगदान दिया है। आज आप अपने शरीर से असक्षम हैं। यह निर्वाचन प्रक्रिया में आपके महत्वपूर्ण योगदान के लिए बाधा न बने इस के लिए आयोग आपके लिए व्यवस्था कर रही है।
टीम एबीएन, लोहरदगा। अलग-अलग कांड के फरार आरोपी को सेन्हा थाना क्षेत्र के घाटा एवं दतरी ग्राम से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नियम संगत कारवाई करते हुए जेल भेजा गया। लोहरदगा जिला अंतर्गत सेन्हा थाना क्षेत्र के रास्ते पशु तस्करी मामला में पुलिस कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को जब्त किया था।
जिसके आलोक में कांड संख्या 77/23 दर्ज कर कार्रवाई करते हुए झलजमीरा पंचायत के घाटा निवासी को पशु तस्करी में अपनी वाहन से सहयोग करने के आरोप पर ट्रक मालिक स्वर्गीय एतवा उरांव का 60 वर्षीय पुत्र सोमा उरांव को गिरफ्तार किया गया।
जबकि दूसरा आरोपी मारपीट कर जख्मी करने के आरोप पर कांड संख्या 125/23 दर्ज कर पुलिस कारवाई के दौरान दतरी निवासी ठकरु उरांव का 45 वर्षीय पुत्र सोहन उरांव को गिरफ्तार कर मेडिकल जांचोपरांत दोनों आरोपियों को जेल भेजा।
इस संदर्भ में थाना प्रभारी अभिनव कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि अलग अलग मामला में फरार दोनों आरोपियों को घर से गिरफ्तार कर जांचोपरांत न्यायिक हिरासत लोहरदगा जेल भेजा गया है।
टीम एबीएन रांची। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) झारखंड के साहिबगंज में अवैध खनन मामले की जांच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने आठ लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि कार्रवाई शिकायतकर्ता विजय हांसदा को धमकी देने के मामले में इन लोगों पर कानून की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाये गये हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक पूरा मामला अवैध खनन से जुड़ा है। सीबीआई ने पंकज मिश्रा के अलावा पवित्र कुमार यादव, संजय यादव और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने इन लोगों पर कथित तौर पर साहिबगंज (झारखंड) में प्राकृतिक संपदा की चोरी के आरोप लगाये हैं।
नींबू पहाड़ इलाके में अवैध उत्खनन मामले पर आई रिपोर्ट्स के अनुसार उस इलाके से पत्थर का अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। पूरा मामला लगभग एक हजार करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इस पर नकेल कसने की आवाज उठाने वाले स्थानीय लोगों को धमकी दिये जाने की बातें भी सामने आ चुकी हैं। मुख्य गवाह बिजय हांसदा ने इस मामले में धमकी दिये जाने का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह अपनी गवाही से पलट चुका है। हांसदा की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। साहिबगंज अवैध खनन को लेकर मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही ईडी इस मामले में झारखंड पुलिस की भूमिका की जांच भी करेगी।
आरोप गवाहों को धमकी दिए जाने का लगा है। दो केंद्रीय एजेंसियों की जांच के बीच इस मामले में सियासी पेंच भी है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुख्य गवाह विजय हांसदा नींबू पहाड़ गांव के प्रधान हैं। आरोपियों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा जैसे हाईप्रोफाइल लोगों के नाम शामिल हैं। इन लोगों पर सत्ता का दुरुपयोग कर अवैध खनन कराने और आर्थिक लाभ कमाने के आरोप लगे हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) ने छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी) अधिनियम के तहत आदिवासी भूमि की खरीद-बिक्री के लिए पुलिस थाना सीमा के पुनर्निर्धारण की सिफारिश की है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
परिषद ने आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए 26 जनवरी 1950 तक राज्य में स्थापित जिलों और पुलिस थानों को अधिनियम के तहत विचार करने की सिफारिश की है।
परिषद के सदस्यों ने कहा कि 1950 में थाने की सीमा वर्तमान की तुलना में बड़ी हुआ करती थी। छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम की धारा-46 स्थानीय पुलिस थाना क्षेत्र के बाहर आदिवासी भूमि की बिक्री को प्रतिबंधित करती है।
एक आदिवासी अपनी भूमि को बिक्री, विनिमय, उपहार या वसीयत के माध्यम से अनुसूचित जनजाति के किसी अन्य सदस्य और अपने ही पुलिस थाना क्षेत्र के निवासियों को हस्तांतरित कर सकता है।
परिषद की 26वीं बैठक बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार परिषद की सिफारिश पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेगी।
सोरेन ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा- बैठक के दौरान आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पुलिस थाना सीमा की बाध्यता सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। कानून बनाये जाने के समय की तुलना में पुलिस थानों की स्थिति आज काफी बदल गई है। परिषद मौजूदा स्थिति के हिसाब से नियम बनाना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में राज्य में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार), अधिनियम के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की गयी। इसे पेसा अधिनियम के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस पर आगे और विस्तृत चर्चा की जरूरत है।
साल 1996 में अस्तित्व में आये पेसा अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन सुनिश्चित करना है। यह अधिनियम ग्राम सभाओं को विकास योजनाओं को मंजूरी देने और सामाजिक क्षेत्रों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अधिकार भी देता है।
दो दशक से अधिक समय पहले इस कानून को पारित किये जाने के बावजूद नियमों के अभाव में इसे लागू नहीं किया जा सकता है। झारखंड में 24 में से 13 जिले संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुरी रेल टेका (रोको) आंदोलन की अगुवाई करने वाले छह आंदोलनकारियों को आज शनिवार को रांची की रेलवे अदालत से जमानत मिल गयी।
20 सितंबर 2023 को टोटेमिक कुरमी/कुड़मी विकास मोर्चा के बैनर तले कुरमी/कुड़मी महतो समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर 12 घंटे तक रेल रोको आंदोलन चलाया गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी) के एक अधिकारी ने बताया कि दिवाली की रात पटाखे जलाने की इच्छा रखने वाले लोग रविवार रात 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए ऐसा कर सकते हैं।
जेएसपीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि इसी तरह की अनुमति गुरु पर्व, छठ, क्रिसमस और नव वर्ष पर दी जायेगी, लेकिन अवधि अलग हो सकती है। जेएसपीसीबी के सदस्य सचिव वाई के दास ने कहा कि गुरुपर्व पर इच्छुक लोग रात आठ बजे से 10 बजे तक पटाखे जला सकते हैं।
वहीं, छठ पर यह अवधि सुबह छह बजे से आठ बजे तक और क्रिसमस तथा नये साल पर रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक होगी। श्री दास ने कहा कि झारखंड के सभी जिलों के शहरी इलाकों में हवा की गुणवत्ता अच्छी से लेकर संतोषजनक श्रेणी में है।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में 125 डेसिबल से कम क्षमता वाले पटाखों की बिक्री की अनुमति दी गई है। जेएसपीसीबी ने अपने आदेश में कहा कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम, 1981 की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
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