टीम एबीएन, रांची। झारखंड में लोकसभा चुनाव का दूसरा चरण (देश में पांचवां चरण) 20 मई को होगा। 3 सीटों में राज्य में चुनाव होंगे। इस चरण की 3 सीटों पर चतरा, कोडरमा और हजारीबाग में 20 मई को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। जिसे लेकर चुनावी शोर थम गया है।
बीते शुक्रवार को इन सीटों पर दलों और प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार चरम पर था। वहीं, शनिवार को शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम गया। इसलिए विभिन्न दल और प्रत्याशी शनिवार को भी अपना पूरा जोर लगाये। शाम 5 बजे से उनका डोर टू डोर जनसंपर्क अभियान शुरू हुआ। तीनों सीटों पर कुल 54 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 2 महिलाएं तथा 23 निर्दलीय हैं। चतरा में 22, हजारीबाग में 17 तथा कोडरमा में 15 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
चतरा सीट से इस बार भाजपा ने कालीचरण सिंह को प्रत्याशी बनाया है। वहीं इंडिया गठबंधन की तरफ से कांग्रेस ने केएन त्रिपाठी को टिकट दिया है। कोडरमा सीट से इस बार भी भाजपा ने अन्नपूर्णा देवी को मैदान में उतारा है।
वहीं इंडिया गठबंधन की ओर से भाकपा माले ने बगोदर विधायक विनोद सिंह को प्रत्याशी बनाया है। हजारीबाग में भाजपा से हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल को मैदान में उतारा है। जबकि इंडिया गठबंधन ने इस सीट पर मांडू के विधायक जेपी भाई पटेल को टिकट दिया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार (17 मई) को भी कोई राहत नहीं मिली। हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर अब 21 मई को सुनवाई होगी।
लोकसभा चुनाव के लिए हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी है। उनकी जमानत पर इसके पहले 13 मई को सुनवाई हुई थी। उस दिन जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने उनकी याचिका पर सुनवाई की थी।
संजीव खन्ना ने सुनवाई की तारीख 20 मई तय की थी, लेकिन हेमंत सोरेन के वकील कपिल सिब्बल के आग्रह पर 17 मई की तारीख मुकर्रर की थी। 17 मई को सुनवाई शुरू हुई, तो कपिल सिब्बल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली जमानत के आधार पर प्रचार करने के लिए रिहाई देने की मांग की थी।
हेमंत सोरेन के वकील की दलीलों का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील ने विरोध किया। साथ ही कहा कि जवाब दाखिल करने के लिए उसे समय की जरूरत है। इसके बाद जस्टिस खन्ना ने अगली सुनवाई की तारीख 21 मई तय कर दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। आलम को बुधवार (15 मई) को लगातार दूसरे दिन पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। लगातार दो दिन चली पूछताछ के बाद आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया गया है।
मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ईडी कार्यालय की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गयी। डॉक्टरों ने उनकी जांच की और आलम को पूरी तरह फिट बताया। कहा कि ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है, उसके लिए दवा दे दी है। आलमगीर आलम से मिलने के लिए उनकी मां और बेटी ईडी दफ्तर पहुंचीं थीं।
आलमगीर आलम की गिरफ्तारी से पहले उनके आप्त सचिव संजीव लाल और निजी सहायक जहांगीर को गिरफ्तार किया गया था। उनके आवास से नोटों के ढेर मिले थे। इसके बाद आलमगीर आलम को ईडी की ओर से समन जारी किया गया था। 14 मई को तय समय पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और झारखंड के मंत्री ईडी दफ्तर पहुंचे। कागजी कार्रवाई के बाद उनसे पूछताछ शुरू हुई।
टीम एबीएन, रांची। ईडी के समन पर झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ईडी के दफ्तर पहुंच एजेंसी के सवालों का सामना कर रहे है। टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने मंत्री को समन जारी करते हुए मंगलवार को पूछताछ के लिए तलब किया था।
झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीए और उनके दूसरे सहयोगियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद बरामद 35 करोड़ रुपये मामले में मंत्री आलमगीर से ईडी पूछताछ कर रही है। इस मामले में मंत्री के पीए संजीव लाल, संजीव के नौकर जहांगीर आलम को ईडी ने 7 मई को गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तरी के बाद जहांगीर ने ईडी के सामने खुलासा किया था कि बरामद करोड़ों रुपये पीए संजीव लाल के हैं। जबकि संजीव लाल ने बताया कि पूरे पैसे विभाग में टेंडर देने के बदले मिले कमीशन का है और कमीशन का पैसा अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक जाता था।
इसी के बाद मंत्री आलमगीर आलम ईडी की रडार पर आ गए। जिसके बाद ईडी ने शनिवार को मंत्री को समन जारी करते हुए 14 मई को 35 करोड़ की बरामदगी और टेंडर घोटाले में पूछताछ के लिए तलब किया। मंत्री आलमगीर आलम ईडी के द्वारा समन दिए जाने के बाद तय समय पर ईडी दफ्तर पहुंचे।
ईडी अधिकारियों ने 50 आये ज्यादा सवाल भी मंत्री के लिए तैयार किया हुआ था, मसलन वीरेंद्र राम से लेकर संजीव लाल से जो करोड़ों की रकम बरामद हुए हैं उसके बारे में मंत्री को क्या जानकारी। विभाग में चल रहे करोड़ों के कमीशन के खेल में मंत्री की क्या भूमिका थी।
संजीव और जहांगीर के पास मिले पैसे कहां पहुंचाये जाने थे। ऐसे कई सवालों का जबाब मंत्री आलमगीर आलम को देना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार अगर जरूरत हुई तो संजीव लाल और जहांगीर आलम के सामने बिठा कर मंत्री से पूछताछ की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को पीएमएलए कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सोमवार (13 मई) को पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की जमानत याचिका खारिज कर दी।
बड़गाई अंचल की 8.5 एकड़ जमीन मामले में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने पीएमएलए कोर्ट से जमानत मांगी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल बड़गाईं अंचल की जमीन से जुड़े मनी लाउंडरिंग मामले में जेल में बंद हैं।
उनका दावा है कि उन्हें झूठे मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फंसाया है। जिस कथित जमीन घोटाले के मामले में उनको गिरफ्तार किया गया है, उस जमीन से उनका कोई वास्ता नहीं है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस (आप्त सचिव) संजीव लाल सस्पेंड कर दिये गये हैं। पिछले दिनों करोड़ों की कैश बरामदगी मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
न्यायिक हिरासत में जाने की सूचना के बाद सरकार की ओर से उन्हें सस्पेंड करने की कार्रवाई की जा रही थी। इस संदर्भ में आज आदेश जारी कर दिया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की सहमति के बाद संजीव लाल को सस्पेंड कर दिया गया।
कैश बरामदगी मामले में ईडी के हत्थे चढ़े संजीव लाल झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। आज शुक्रवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका में त्रुटि दूर किये बिना सुनवाई के लिए मेंशन करने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर पूर्व में लगाये गये 125000 के जुमार्ने को आज न्यायालय ने माफ कर दिया।
प्रार्थी की ओर से आज अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने श्री मुंडा पर लगाये गये जुर्माना की राशि माफ करने का आग्रह उच्च न्यायालय से किया था। जिसे न्यायालय ने मान लिया। वहीं न्यायालय ने रांची में भाजपा के सचिवालय मार्च मामले में धुर्वा थाने में दर्ज एफआईआर मामले में अर्जुन मुंडा सहित 27 आरोपियों पर पीड़क कार्रवाई पर रोक 25 जुलाई तक जारी रखी है।
टीम एबीएन, रांची। ईडी की टीम बुधवार को प्रोजेक्ट भवन पहुंची। टीम के साथ झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस (आप्त सचिव) संजीव लाल भी हैं। उनके कमरे को ईडी के अधिकारी खंगाल रहे हैं। इस दौरान 500 नोटों के कई बंडल मिले हैं।
बताया जा रहा है कि करीब दो लाख रुपये ईडी ने बरामद किये हैं। बता दें कि करोड़ों की कैश बरामदगी मामले में ईडी की टीम ने संजीव लाल व सहायक जहांगीर आलम को छह मई को ही देर रात गिरफ्तार कर लिया था। छापेमारी में ईडी को 35 करोड़ रुपये कैश मिले थे। फिलहाल, संजीव व जहांगीर 13 मई तक ईडी की रिमांड पर हैं।
बताया जाता है कि मंत्री के पीएस संजीव लाल के निर्देश पर ही कमीशन की रकम जहांगीर आलम के घर रखी जाती थी। छह मई को ईडी की रेड में कुल 35 करोड़ कैश बरामद हुए थे।
जहांगीर के घर से 32.20 करोड़ रुपये, संजीव लाल के पार्टनर मुन्ना सिंह के ठिकाने से 2.93 करोड़ एवं संजीव लाल के पास से 10.50 लाख रुपये बरामद किये गये थे। छापेमारी के क्रम में संजीव लाल के पास दो गाड़ियां मिलीं। इनका रजिस्ट्रेशन जहांगीर के नाम पर कराया गया है।
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