कानून व्यवस्था

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Published / 2024-12-07 20:18:07
अब मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी आलमगीर के खिलाफ चलेगा ट्रायल

सभी 12 आरोपियों के खिलाफ कर दिया गया चार्ज फ्रेम

टीम एबीएन, रांची। टेंडर घोटाला के जरिए करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोपी पूर्व मंत्री आलम गीर आलम और अन्य को शनिवार को रांची पीएमएलए (प्रीवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट ने इस केस से जुड़े बारह आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम (आरोप गठन) कर दिया है। 

इसके बाद अब सभी आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलेगा। पिछले दिनों कोर्ट ने आलमगीर आलम, वीरेंद्र राम, जहांगीर आलम और संजीव लाल की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी। इस केस में ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक शिव कुमार उर्फ काका जी बहस कर रहे हैं।

Published / 2024-12-04 19:45:38
झारखंड हाईकोर्ट से सीएम हेमन्त को मिली राहत

  • ईडी के समन की अवहेलना से जुड़े केस में निजी तौर पर हाजिर होने से छूट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बुधवार (4 दिसंबर) को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें ईडी के समन की अवहेलना से जुड़े केस में रांची की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने से छूट दे दी।

जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की बेंच ने इस पर ईडी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की गई है। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने से छूट की मांग वाली सोरेन की याचिका 25 नवंबर को खारिज कर दी थी और उन्हें 4 दिसंबर को पेश होने का आदेश दिया था।

इस आदेश के खिलाफ हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता पीयूष चित्रेश, दीपांकर रॉय और श्रेय मिश्रा ने बहस की। ईडी की ओर से सीजेएम कोर्ट में हेमंत सोरेन के खिलाफ 19 फरवरी, 2024 को शिकायतवाद दर्ज कराया गया था।

Published / 2024-11-29 19:32:15
अमेरिका में अडानी पर केस से भारत को कोई मतलब नहीं

  • अडानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही से भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका में प्रख्यात उद्योगपति गौतम अडानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है तथा इस बारे में अमेरिकी प्रशासन ने भारत सरकार को पहले कोई सूचना नहीं दी थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां नियमित ब्रीफिंग के दौरान अडानी पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा, यह निजी फर्मों और व्यक्तियों तथा अमेरिकी न्याय विभाग से जुड़ा एक कानूनी मामला है। ऐसे मामलों में स्थापित प्रक्रियाएं और कानूनी रास्ते हैं, जिसे लेकर हमारा मानना है कि उनका पालन किया जायेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया, इस मुद्दे पर भारत सरकार को पहले से सूचित नहीं किया गया था। समन/गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए किसी विदेशी सरकार द्वारा किया गया कोई भी अनुरोध आपसी कानूनी सहायता का हिस्सा है। ऐसे अनुरोधों की गुण-दोष के आधार पर जांच की जाती है। हमें इस मामले पर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई अनुरोध नहीं मिला है।

Published / 2024-11-27 20:10:55
ईसाइयों का आरक्षण खत्म होगा...!

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आरक्षण के लाभ के लिए धर्म परिवर्तन को संविधान के साथ धोखाधड़ी

न्यायमूर्ति महादेवन ने पीठ के लिए 21 पृष्ठ का फैसला लिखा

एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि बिना किसी वास्तविक आस्था के केवल आरक्षण का लाभ पाने के लिए किया गया धर्म परिवर्तन संविधान के साथ धोखाधड़ी है। न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति आर महादेवन ने सी सेल्वरानी की याचिका पर 26 नवंबर को यह फैसला सुनाया तथा मद्रास हाई कोर्ट के 24 जनवरी के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें इसाई धर्म अपना चुकी एक महिला को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया गया था। महिला ने बाद में आरक्षण के तहत रोजगार का लाभ प्राप्त करने के लिए हिंदू होने का दावा किया था। 

न्यायमूर्ति महादेवन ने पीठ के लिए 21 पृष्ठ का फैसला लिखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई व्यक्ति किसी अन्य धर्म को तभी अपनाता है, जब वह वास्तव में उसके सिद्धांतों, धर्म और आध्यात्मिक विचारों से प्रेरित होता है। उन्होंने कहा, अगर धर्म परिवर्तन का मुख्य मकसद दूसरे धर्म में वास्तविक आस्था होने के बजाय आरक्षण का लाभ प्राप्त करना है तो इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि ऐसी गलत मंशा रखने वाले लोगों को आरक्षण का लाभ देने से आरक्षण नीति के सामाजिक लोकाचार को ही क्षति पहुंचेगी। 

पीठ के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य से स्पष्टतया पता चलता है कि अपीलकर्ता ईसाई धर्म को मानती थी तथा नियमित रूप से गिरजाघर में जाकर सक्रिय रूप से इस धर्म का पालन करती थी। पीठ ने कहा, इसके बावजूद वह हिंदू होने का दावा करती है और नौकरी के लिए अनुसूचित जाति समुदाय का प्रमाण-पत्र मांगती है। पीठ ने कहा, इस तरह का दोहरा दावा अस्वीकार्य है और वह ईसाई धर्म अपनाने के बावजूद एक हिंदू के रूप में अपनी पहचान बनाये नहीं रख सकती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि महिला ईसाई धर्म में आस्था रखती है और महज नौकरी में आरक्षण का लाभ उठाने के उद्देश्य से वह हिंदुत्व का अब तक पालन करने का दावा करती है। ऐसे में महिला को अनुसूचित जाति का दर्जा प्रदान करना आरक्षण के मूल उद्देश्य के खिलाफ होगा और संविधान के साथ धोखाधड़ी होगी।

शीर्ष अदालत ने रेखांकित किया कि केवल आरक्षण का लाभ पाने के लिए अपनाये गये धर्म में वास्तविक आस्था के बिना धर्म परिवर्तन करना आरक्षण नीति के मौलिक सामाजिक उद्देश्यों को कमजोर करता है और महिला का कार्य हाशिये पर पड़े समुदायों के उत्थान के उद्देश्य से आरक्षण नीतियों की भावना के विपरीत है। हिंदू पिता और ईसाई माता की संतान सेल्वरानी को जन्म के कुछ समय बाद ही ईसाई धर्म की दीक्षा दी गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने हिंदू होने का दावा किया और 2015 में पुडुचेरी में उच्च श्रेणी लिपिक के पद पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र मांगा। 

सेल्वरानी के पिता वल्लुवन जाति से थे, जो अनुसूचित जाति में शामिल है और उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था, जिसकी पुष्टि दस्तावेजी साक्ष्यों से हो चुकी है। फैसले में कहा गया कि अपीलकर्ता ने ईसाई धर्म का पालन करना जारी रखा, जैसा कि नियमित रूप से गिरजाघर जाने से पता चलता है। इससे उनके हिंदू होने का दावा अस्वीकार्य हो जाता है। 

पीठ ने कहा कि ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्ति अपनी जातिगत पहचान खो देते हैं और अनुसूचित जाति के लाभ का दावा करने के लिए उन्हें पुन: धर्मांतरण तथा अपनी मूल जाति द्वारा स्वीकार किए जाने का ठोस सबूत देना होगा। फैसले में कहा गया कि अपीलकर्ता के पुन: हिंदू धर्म में धर्मांतरण या वल्लुवन जाति द्वारा धर्म स्वीकार करने का कोई ठोस सबूत नहीं है।

Published / 2024-11-26 20:13:35
चार को अदालत में सीएम हेमंत सोरेन को हाजिर होने का आदेश

हेमंत सोरेन को कोर्ट से नहीं मिली राहत, समन की अवहेलना मामले में 4 दिसंबर को अदालत में पेश होने का आदेश

टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन को समन की अवहेलना मामले में कोर्ट ने राहत नहीं दी है। हेमंत सोरेन को 4 दिसंबर को सशरीर अदालत में पेश होने के आदेश जारी किये गये हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज सार्थक शर्मा की अदालत ने यह आदेश दिया है। 

इस मामले में कोर्ट ने 11 नवंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि 8.8 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़ा मामले में पूछताछ के लिए ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 10 बार समन जारी किया था।

हेमंत सोरेन 20 जनवरी को आठवें समन पर ईडी के सामने पेश हुए। जांच एजेंसी ने कहा कि 8 समन पर उपस्थित नहीं होना समन की अवहेलना है। वहीं कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था।

Published / 2024-11-25 20:48:20
बढ़ सकती हैं अडाणी व अन्य सात की मुश्किलें

गौतम अदाणी व सात अन्य के खिलाफ प्रत्यर्पण की हो सकती है कोशिश

भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि पर 1997 में हस्ताक्षर किये गये थे

एबीएन सेंट्रल डेस्क (न्यूयॉर्क)। भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और सात अन्य के खिलाफ मामला काफी आगे बढ़ सकता है और इससे गिरफ्तारी वारंट जारी होने के साथ प्रत्यर्पण के प्रयास भी हो सकते हैं। करोड़ों डॉलर के रिश्वतखोरी मामले में अमेरिका में दीवानी और आपराधिक आरोप दायर किये जाने के बाद, यहां के एक प्रमुख अटॉर्नी ने यह बात कही। अमेरिकी न्याय विभाग ने भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति अदाणी तथा उनके भतीजे सागर अदाणी सहित सात अन्य पर महंगी सौर ऊर्जा खरीदने के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इसमें अधिकारियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। 

इन परियोजनाओं से समूह को 20 साल से अधिक समय में दो अरब डॉलर से अधिक लाभ होने का उम्मीद है। हालांकि, अदाणी समूह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिकी अभियोजकों द्वारा लगाये गये आरोप निराधार हैं और समूह सभी कानूनों का अनुपालन करता है। भारतीय-अमेरिकी वकील रवि बत्रा ने बृहस्पतिवार को पीटीआई-भाषा से कहा, अमेरिकी अटॉर्नी ब्रायन पीस को अदाणी और सात अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने और वहां भेजे जाने का अधिकार है, जहां वे रहते हैं। 

उन्होंने कहा, अगर उस देश के पास प्रत्यर्पण संधि है, जैसा कि भारत के पास है, तो संप्रभु राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, मूल देश को अमेरिका द्वारा प्रत्यर्पित व्यक्ति को सौंपना चाहिए। एक प्रक्रिया है जिसका मूल देश को अपने कानूनों के अनुरूप पालन करना चाहिए। भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि पर 1997 में हस्ताक्षर किए गए थे। न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी पीस ने 62 वर्षीय अदाणी, उनके भतीजे सागर (समूह की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक) और इसके पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनीत एस जैन के खिलाफ पांच मामलों में आपराधिक अभियोग की घोषणा की है। 

अभियोग में उन पर झूठे और भ्रामक बयानों के आधार पर अमेरिकी निवेशकों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों से धन प्राप्त करने की कई अरब डॉलर की योजना में उनकी भूमिका, प्रतिभूति और वायर धोखाधड़ी और वास्तविक प्रतिभूति धोखाधड़ी करने के षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है। अभियोग में एज्योर पॉवर ग्लोबल के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रंजीत गुप्ता और पूर्व मुख्य रणनीति एवं वाणिज्यिक अधिकारी रूपेश अग्रवाल तथा एक कनाडाई संस्थागत निवेशक के पूर्व कर्मचारी सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल और दीपक मल्होत्रा पर विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम का उल्लंघन करने की साजिश का आरोप लगाया गया है। 

बुधवार को पीस ने कहा था कि आरोपियों ने अरबों डॉलर के अनुबंध हासिल करने के लिए भारत के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई और अदाणी, सागर और जैन ने रिश्वत योजना के बारे में झूठ बोला क्योंकि वे अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) किसी कार्रवाई को प्रभावित करने, गैरकानूनी चूक करने या अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए विदेशी अधिकारियों को भुगतान करने पर प्रतिबंध लगाता है। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने गौतम और सागर अदाणी तथा एज्योर पावर के कार्यकारी कैबनेस पर संघीय प्रतिभूति कानूनों के धोखाधड़ी-रोधी प्रावधानों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है।

Published / 2024-11-22 20:18:48
झारखंड विधानसभा चुनाव : मतगणना को लेकर सुरक्षा पूरी

चुनाव अधिकारी के अलावा सभी वहनों का प्रवेश रहेगा वर्जित

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो/गढ़वा। झारखंड विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर बोकारो के चास कृषि बाजार और गढ़वा के बाजार समिति को मतगणना स्थल बनाया गया है। जहां पर शनिवार 23 नवंबर को मतगणना की जानी है। जिसको लेकर सारी तैयारी कर ली गयी है। बोकारो में चारों विधानसभा के लिए चार अलग-अलग मतगणना केंद्र बनाये गये हैं। 

बोकारो विधानसभा में 25 टेबल लगाये गये हैं जहां 25 राउंड गिनती की जायेगी। वहीं चंदनकियारी, बेरमो और गोमिया में 20-20 टेबल लगे हैं और 20-20 राउंड गिनती होगी। जिले के चारों विधानसभा के सभी टेबल पर तीन-तीन मतगणना कर्मी तैनात किये गये हैं। पोस्टल बैलेट के लिए अलग से हॉल का इंतजाम किया गया है। पोस्टल मतगणना के लिए 35 टेबल लगाये गये हैं। प्रत्येक टेबल पर चार-चार मतगणना कर्मी तैनात किये गये हैं। 

वज्रगृह की थ्री लेयर सुरक्षा है। सीआरपीएफ, सीएससी और जिला पुलिस बल को तैनात किया गया है। बोकारो डीसी विजया जाधव ने बताया कि मतगणना की सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है। विधानसभा सीट के हिसाब से मतगणना टेबल लगाये गये हैं। मतगणना कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है। 

वहीं गढ़वा जिले में आब्जर्वर के साथ-साथ शुक्रवार को डीसी और एसपी द्वारा मतगणना स्थल का जायजा लिया गया, जहां दोनों अधिकारियों ने बताया कि हमलोगों की तैयारी को आब्जर्वर ने संतोषजनक बताया। इस दौरान गढ़वा डीसी ने मीडिया से संवाद करते हुए लोगों से अपील की है कि जिस तरह आवाम के सहयोग से शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग संपन्न हुआ है, ठीक उसी तरह लोगों से सहयोग की जरूरत है। ताकि मतगणना के साथ गढ़वा में अंतिम चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।

Published / 2024-11-18 20:22:19
झारखंड चुनाव : आज थम गया दूसरे चरण के भोंपू का शोर

अंतिम चरण की 38 सीटों के लिए आज शाम थम गया चुनाव प्रचार का शोर, 20 नवंबर को होगा मतदान

टीम एबीएन, रांची। रविवार को निर्वाचन सदन, धुर्वा में पत्रकार वार्ता करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि दूसरे चरण के चुनाव प्रचार का कार्य सोमवार शाम थम गया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार की समाप्ति के साथ चुनाव कार्य को लेकर वहां गये (जो वहां के वोटर नहीं हैं) राजनीतिक लोगों को वहां से चले जाना होगा। 

ऐसे लोगों को कैंपेन की अवधि समाप्ति के बाद पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि 20 नवंबर को मतदान कराने के लिए पोलिंग पार्टियां 19 नवंबर को अपने-अपने मतदान केंद्रों पर जायेंगी। इस चरण के चुनाव में किसी भी बूथ पर हेलीड्रापिंग से मतदान कर्मियों को नहीं भेजा जायेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि निजी वाहन पर किसी तरह का बोर्ड, बैनर आदि लगा कर चलने पर कार्रवाई होगी। इसके लिए परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे चेकिंग करें और किसी भी वाहन पर बोर्ड, बैनर आदि मिलने पर मोटर ह्वैकिल नियमों के तहत यथोचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। 

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के 14,218 बूथों में से 48 बूथ को यूनिक बूथ के रूप में विकसित किया गया है। वहीं महिलाओं द्वारा संचालित मतदान केंद्रों की संख्या 239 है। 22 मतदान केंद्र दिव्यांगजनों द्वारा संचालित होंगे। जबकि, युवाओं के हाथों में 26 मतदान केंद्रों की व्यवस्था रहेगी।  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से लेकर अब तक 196 करोड़ से अधिक की अवैध सामग्री और नकदी की जब्ती की जा चुकी है। 

वहीं आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में अब तक 85 लोगों पर एफआइआर दर्ज किया गया है। बता दें कि इस चरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व डिप्टी सीएम सुदेश महतो, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, मंत्री इरफान अंसारी, हफीजुल हसन, दीपिका पांडेय सिंह और बेबी देवी जैसे दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला होगा।

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